अलवर नगर निगम चुनाव व रामगढ़ विधानसभा उपचुनाव में भी जोड़ी ने खूब ताकत झोंकी थी।
राजा के महल 'फूल बाग' को अलवर कांग्रेस का दफ़्तर जरूर बना रखा है इस जोड़ी ने!आजादी के 80 साल बाद भी लोकतंत्र प्रेमी महलों मे क्यों ढोक लगाएं?
रमेश खींची ने ये स्वीकार नहीं किया था!अब भाजपा से mla हैं
REET 2021 मामले मे किस नेता/अधिकारी का क्या बिगड़ा है,जो इनके फर्क पड़ेगा।@GovindDotasra जी के घर ED रेड हुई थी,उसकी रिपोर्ट तक का भी पता चला क्या?
राजीव गाँधी स्टडी सर्कल हैड गर्ग जी @BhajanlalBjp जी संग 24 मे प्रचार कर ही रहे थे,जारौली भी मौज मे हैं।
भूल जाओ '#मोदी_गारंटी ' को।
हैरानी की बात है कि,प्रदेश कांग्रेस के पास रैली में जाने के लिए पैसा नहीं है,इस मजबूरी के चलते कार्यकर्ताओं को अपने खर्चे पर ही जाना पड़ेगा!
इतना सा खर्चा तो लाल डायरी में नामित कोई भी कर सकता है।
जिस तरह कैबिनेट मंत्री डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने अपने भाई के लिए दिन-रात एक दिया था,उसी तरह पूर्व मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने अपने बेटे-बहू की एक साथ सियासी लॉन्चिंग के लिए कर रखा है।
दोनों में से कोई प्रधान/प्रमुख बनता है तो नॉर्मल है,नही तो ugc roll बैक वाले मुद्दे को और हवा मिलेगी।
राज्यसभा सांसद डॉ. सतीश पूनिया जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
मैं ईश्वर से आपके स्वस्थ, खुशहाल एवं दीर्घायु जीवन की कामना करता हूँ।
@DrSatishPoonia
@ashokgehlot51@AmitShah@BhajanlalBjp माननीय, CM रहते आपने क्या-क्या किया था, इतने जल्दी क्यों भूल रहे हो, जनता तो आपको अगले 10 साल तक तो भूलने वाली है नहीं।
इस जमाने में रोजगार से बड़ी कोई समस्या नहीं है और आपने रोजगार देने वाली संस्थाओं में कटारा केसरी जारौली जैसे लोगों को फिट करने से भी गुरेज नही किया।
आराम करो!
@ashokgehlot51@SoniaGandhi सोनिया गाँधीजी ने जिन नेताओं पर आँख बंद करके भरोसा किया है,जनता के न चाहने पर भी बड़े पद दिए हैं,उनमें से एक आप हैं।
जनता सिरे से खारिज करके भाजपा को प्रचंड बहुमत देती गई और वे धोखे से आपको थोपती गई। फिर भी आपने ही महज एक साल और cm बने रहने के लिए अध्यक्ष जैसे पद ठोकर मार दी।
The suspension of Congress MLA @SukhpalKhaira ji for the remainder of the Assembly term is a disturbing attack on democratic values and the voice of the people of Punjab.
Before targeting the Opposition, @BhagwantMann must answer for Punjab’s fiscal mismanagement, the growing drug menace, rising gun violence, resentment among government employees, and other pressing issues.
We remain firmly committed to the people of Punjab. No suspension, threat, or act of intimidation will deter our MLAs from raising Punjab’s concerns.
@PargatSOfficial@Partap_Sbajwa@CHARANJITCHANNI@RajaBrar_INC@Sukhjinder_INC@VijayIndrSingla@INCPunjab@INCIndia
जब नौकरी के लिए जाति प्रमाण पत्र जरूरी है, कानूनी दस्तावेजों में जाति का इंद्राज जरूरी है, सदियों से जाति ही मान-सम्मान/शोषण का आधार रही है तो,जातिगणना कराने से कौनसा पहाड़ टूट जाएगा?
हर हाल मे जातिगणना होनी चाहिए,ताकि लोगों को उनकी आबादी अनुपात मे हक मिले!
दुकान बंद हों तो,हो।
"जाति जनगणना से ये समाज को बांटना चाहते हैं, गृह युद्ध होगा"
◆ बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा
#DhirendraKrishnaShastri | Dhirendra Krishna Shastri
सरपंच पद के लिए किसी पार्टी चिह्न की आवश्यकता ही नहीं होती तो,इसमें RLP का नाम घसीटना कहाँ उचित है।
मंत्री झाबर सिंह खर्रा व पूर्व मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने तो अपने पूरे कुनबे को ही मैदान मे उतार रखा है, दो-पांच शब्द उनके लिए ही लिख देते।
नागौर सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के संयोजक हनुमान बेनीवाल का पैतृक गांव बरणगांव में सरपंच पद का चुनाव रोचक हो गया है। यहां पर हनुमान बेनीवाल की 2 भाभियां सरपंच की कुर्सी के लिए चुनाव मैदान में आमने-सामने हैं।
यह है जन के मन को जीतना..."7वीं बार निर्विरोध सरपंच चुनी गई पूर्व कैबिनेट मंत्री हेमाराम चौधरी की धर्मपत्नी भीखी देवी"
पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी की धर्मपत्नी भीखी देवी को वीरेंद्र नगर ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने लगातार सातवीं बार निर्विरोध सरपंच चुना है। विशेष बात यह है कि इस ग्राम पंचायत का नाम उनके स्वर्गीय पुत्र वीरेंद्र चौधरी के नाम पर रखा गया है।
यह केवल एक राजनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि ग्रामीणों के साथ वर्षों से बने आत्मीय संबंधों, प्रेम, समर्पण और विश्वास का प्रतीक है।
हेमाराम चौधरी भले ही सक्रिय राजनीति से दूर हो गए हों, लेकिन गाँव के लोगों के मन में उनके प्रति सम्मान, स्नेह और समर्पण का भाव आज भी पहले जैसा ही बना हुआ है।
यही वास्तविक जनसेवा की पहचान है कि व्यक्ति राजनीति में सक्रिय रहे या न रहे, लेकिन जनता के दिलों में उसका स्थान सदैव बना रहता है।
मोदी गारंटी को @BhajanlalBjp जी ने 3 साल से ठंडे बस्ते मे क्यों डाल रखा है?
उपचुनावों मे @GovindDotasra जी झुंझुनू जैसी पडौसी सीट पर भी प्रचार करने क्यों नही गए?बेनिवाल जी के पीछे ही क्यों पड़े रहे? जबकि साफ़ मालूम था कि,खींवसर मे क्या लेना देना है।ऐसे सवाल सबको कुरेद रहे हैं।
राजस्थान पंचायती राज चुनाव का पहला चरण हो चुका है और दुसरा चरण का मतदान 28 अक्टूबर को होने जा रहा है।
राजस्थान कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष की निंद क्यों नहीं खुल रही है।
अभी तक एक जगह पर भी प्रचार करने क्यों नहीं गया है?
किसका दबाव है इतना,? कही RAS घोटाले में नाम तो नहीं आ रहा है कहीं भजनलाल से सैटिंग कर ले।