नरेंद्र मोदी और अमित शाह की ओछी राजनीति का एक और नमूना देखिए। पश्च���म बंगाल से ट्रकों में भर कर भाजयुमो के कुछ लड़कों को झारखण्ड भेजा जा रहा है और वहाँ चल रहे छात्रों के अहिंसक आंदोलन को अलग रंग देने का प्रयास हो रहा है।
इन्हे लगता है कि अगर झारखण्ड के आंदोलन में फ़र्��़ी भीड़ भेज कर उसे बड़ा दिखाया गया, तो उनके खिलाफ जो जन आक्रोश पैदा हुआ था वो नगण्य हो जाएग।
मोदी जी, भारत की जनता को मूर्ख समझना और बनाना बंद कीजिए। पिछले महीने जो हुआ, वह सिर्फ ट्रेलर था - युवाओं और छात्रों को अच्छी तरह पता है कि उनके भविष्य को आपने और आपकी सरकार की विफल नीतियों ने ही नष्ट किया है। इसलिए, झारखंड के नौजवानों की आड़ में अपना उल्लू सीधा करना बंद कीजिए। अब इस देश में आपकी इन साज़िश���ं के लिए कोई जगह नहीं है।
भाजपा ने रचा हेमंत सरकार को बदनाम करने का राजनीतिक षड्यंत्र :
भाजपा ने विवादित रही TDPL के जरिए झारखंड की भर्त��� परीक्षा व्यवस्था को कमजोर करने की साजिश रची :
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर CID की त्वरित कार्रवाई, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई..
झारखंड के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार को राजनीतिक रूप से बदनाम करने के उद्देश्य से एक सुनियोजित साजिश रची गई। JPSC और JSSC से जुड़ी विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं की कड़ियों को जोड़ने पर यह गंभीर सवाल खड़ा होता है कि आखिर लखनऊ, उत्तर प्रदेश में विवादों और जांच के घेरे में रही टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) जैसी एजेंसी को झारखंड की महत्वपूर्ण भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने की परिस्थितियां क्या थीं।
भाजपा नेताओं ने ऐसी विवादित एजेंसी को झारखंड की भर्ती प्रक्रिया तक पहुंचने का रास्���ा देकर हेमंत सरकार को बदनाम करने और राज्य के युवाओं को दिगभ्रमित करने का षड़यंत्र रचा है। इसकी परत दर परत आगे की जांच में उभरते जाएगी और भाजपा का घिनौना चेहरा बेनकाब होता जाएगा। सब सामने आएगा इस पूरी साजिश के पीछे कौन लोग थे।
युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, हेमंत सोरेन सरकार की प्राथमिकता झारखंड के युवाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। लेकिन परीक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की सेंधमारी, OMR शीट में कथित हेरफेर या डेटा से छेड़छाड़ की कोशिश युवाओं के अधिकारों पर सीधा हमला है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई ने साफ किया सरकार का रुख..
जैसे ही परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी की जानकारी सामने आई, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच एजेंसियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। CID और पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई, संबंधित ठिकानों की जांच, डिजिटल एवं अन्य साक्ष्यों का संकलन तथा संदिग्ध लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई यह स्पष्ट करती है कि सरकार किसी भी प्रकार की अनियमितता पर पर्दा डालने के पक्ष में नहीं है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रभावित परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। हेमंत सोरेन सरकार परीक्षा माफिया या किसी भी निजी एजेंसी को युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं देगी।
यूपी के विवादित रिकॉर्ड की भ��� हो निष्पक्ष जांच, TDPL को लेकर उत्तर प्रदेश में वर्ष 2018 से 2021 के बीच आयोजित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के संदर्भ में उठे विवादों और जांच का रिकॉर्ड भी सामने आना चाहिए। यदि वहां इस एजेंसी की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठे थे, तो झारखंड में उसे परीक्षा व्यवस्था से जोड़ने के निर्णय की भी गहन जांच आवश्यक है।
दोषियों के साथ-साथ साजिश के सूत्रधार भी सामने आएं..
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का स्पष्ट ��िर्देश है कि जांच निष्पक्ष हो और दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाए। केवल परीक्षा से जुड़े कर्मचारियों या एजेंसी के लोगों पर कार्रवाई कर पूरे मामले का पटाक्षेप नहीं किया जा सकता। जांच की अंतिम कड़ी उन लोगों तक पहुंचनी चाहिए, जिन्होंने भर्ती परीक्षा की व्यवस्था में सेंधमारी की योजना बनाई, उसे संरक्षण दिया या उससे राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की।
यदि जांच में राजनीतिक साजिश के आरोप सही साबित होते हैं, तो भाजपा को झारखंड के युवाओं से जवाब देना होगा कि उनके भविष्य को राजनीतिक हथियार बनाने की कोशिश क्यों की गई।
युवाओं का विश्वास टूटने नहीं दिया जाएगा, झारखंड के युवाओं ने लंबे संघर्ष के बाद अपने राज्य में रोजगार और सम्मान की उम्मीद बनाई है। कोई भी राजनीतिक दल या भर्ती माफिया इस उम्मीद को तोड़ने की कोशिश करेगा तो सरकार और जनता मिलकर उसका जवाब देंगे। हेमंत सोरेन सरकार का संकल्प स्पष्ट है—भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीकी रूप से मजबूत बनाया जाएगा; दोषियों को कठोर सजा दिलाई जाएगी और परीक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की राजनीतिक या आपराधिक सेंधमारी को स्वीकार नहीं किया जाएगा। झारखंड के युवाओं का भविष्य किसी राजनीतिक षड्यंत्र का शिकार नहीं बनने दिया जाएगा।
@JmmJharkhand
पेपर लीक करने वालों का सम्मान तो यहां हुआ है महोदय ‼️‼️
फर्जी डिग्रीधारियों ने ही तो देश का बेड़ा गर्क किया है और ऐसे ही माफियाओं से झारखण्ड समेत देश का युवा लड़ रहा है।
आज के छात्र आंदोलन के दौरान संयम, संवेदनशीलता और पूरी जिम्मेदारी के साथ स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन और पुलिस के सभी अधिकारियों एवं जवानों का मैं धन्यवाद करता हूं।
मेरे प्यारे युवा साथियों,
आपने अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ उठाई। लोकतंत्र में अपनी बात रखने का आपका अधिकार है और आपकी आवाज़ का सम्मान करना सरकार की जिम्मेदारी है।
सरकार ने आपकी बात सुनी है। हमारे सरकार के वरिष्ठ मंत्रीगण आपसे लगातार संवाद करते रहे हैं और मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि आपकी मांगों पर पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई होगी।
पिछले कुछ दिनों में आपने देखा है कि दोषी चाहे कोई भी हो, सरकार ने किसी को भी बख्शा नहीं है। हमारा स्पष्ट उद्देश्य है कि व्यवस्था में ऐसी कमियां दूर ह���ं, जिससे भविष्य में किसी भी छात्र को परेशानी न उठानी पड़े।
हम परीक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम, सुरक्षित और जवाबदेह बनाना चाहते हैं। इस बदलाव में आपकी भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है।
हमारा प्रयास है कि झारखंड केवल समस्याओं की चर्चा न करे, बल्कि यहाँ से समाधान की एक नई मिसाल कायम करे।
मैं यह भी समझता हूं कि आपके शांतिपूर्ण आंदोलन के बीच विपक्ष के कुछ लोगों ने राजनीतिक लाभ के लिए माहौल बिगाड़ने और छात्रों को भटकाने की कोशिश की। आप सभी से अपील है कि आप ऐसे किसी भी राजनीतिक नैरेटिव के बहकावे में न आएं।
आप झारखंड का भविष्य ��ैं। आपकी आवाज़ को नजरअंदाज करना नहीं, उसे सुनना और आपकी समस्याओं का समाधान करना हमारी जिम्मेदारी है।
मैं अपनी बात दोहराऊंगा कि आइए, संवाद और विश्वास के साथ मिलकर इस मुद्दे का समाधान करें।
प��रशासन ने सहयोग किया, लेकिन अराजक तत्वों ने छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन को हिंसक रूप देने की कोशिश की।
छात्रों की आवाज़ दबनी नहीं चाहिए, लेकिन आंदोलन की आड़ में हिंसा और उपद्रव भी स्वीकार्य नहीं है।
परीक्षा घोटालों में CBI पर भरोसा क्यों नहीं?
2015 से अब तक 152 पेपर लीक के मामले सामने आए हैं।
2015 के बाद से कम से कम 17 परीक्षा घोटालों की जांच CBI को सौंपी गई। लेकिन इन मामलों में CBI की अपनी जांच के आधार पर दोषसिद्धि का रिकॉर्ड शून्य है।
CBI ने NEET-UG 2024, UGC-NET 2024, SSC CGL 2017, JEE Main 2021, WB SSC 2016, HP Police Constable 2022, Army CEE 2017, Karnataka PSI 2021 समेत कम से कम नौ अन्य परीक्षा घोटालों की जांच की है।
NEET-UG 2024 में CBI 90 दिनों की चार्जशीट दाखिल करने की समयसीमा चूक गई, जिसके चलते एक प्रमुख आरोपी को डिफॉल्ट बेल मिल गई।
UGC-NET 2024 में CBI ने कथित पेपर लीक की जांच के बाद क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की और कहा कि जिस स्क्रीनशॉट को लीक का सबूत बताया गया था, वह छेड़छाड़ किया हुआ था। जुलाई 2026 में बहुप्रचारित ���ास्ट-ट्रैक कोर्ट की पहली सुनवाई में CBI का वकील तक मौजूद नहीं था।
और 2015 के बाद के इन तमाम मामलों में सिर्फ एक दोषसिद्धि हुई है Haryana Judicial Services 2017 मामले में। लेकिन इस मामले में जांच CBI ने नहीं, बल्कि चंडीगढ़ SIT ने की थी। दिल्ली की अदालत ��े अगस्त 2024 में फैसला सुनाया।
जब परीक्षा व्यवस्था पर लाखों छात्रों का भविष्य निर्भर हो, तो सवाल सिर्फ जांच का नहीं नतीजे का है।
जिस एजेंसी का परीक्षा घोटालों में दोषसिद्धि का रिकॉर्ड शून्य हो, क्या उसे ही फिर जिम्मेदारी सौंपना सही विकल्प है?
@HemantSorenJMM
युवा आंदोलन को बदनाम करने के लिए भाजपा की गंदी साजिश बेनकाब हो चुकी है।
वीडियो में दिख रहा है कि कथित QR Code माफिया किस तरह छात्रों के बीच घुसकर माहौल बिगाड़ने और अपने आकाओं के इशारे पर हिंसा भड़काने का काम कर रहा है।
छात्रों के हक की लड़ाई को राजनीतिक षड्यंत्र मत।
भाजपा को क्या महंगा पड़ेगा यह बाद में पता चलेगा....
बिहार की घटना को झारखंड की घटना बताने वाली, Delulu @BJP4India यह बताए कि यूपी की TDPL के साथ BJP का क्या संबंध है?
क्या कारण है इस फर्जी कंपनी को बचाने के लिए भाजपा सरकार सुप्रीम कोर्ट तक चले गयी थी?
भाजपा की राजनीति को समझिए
झारखंड में जिस TDPL एजेंसी पर परीक्षाओं में गड़बड़ी का आरोप है। जिसकी जांच CID कर रही है और अब तक आयोग के अध्यक्ष सहित एजेंसी के डायरेक्टर सहित 20 लोग गिरफ़्तार हो चुके हैं।
उसी TDPL एजेंसी पर UP ( उत्तरप्रदेश) के विधानसभा और विधानपरिषद में नियुक्तियों में खेल करने का आरोप लगा।
मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा। कोर्ट ने मामले की CBI से जांच करने का आदेश दे दिया।
लेकिन आश्चर्य यह है UP की भाजपा सरकार कोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट चली गई ताकि मामले की CBI जांच नहीं हो पाए।
और भाजपा के लोग यहां CBI जांच की मांग कर रहे हैं।
मैं Tejnarayan pandit (कुम्हार _प्रजापति, श्रेणी EBC)JSSC CGL selected हूं, ��ुझे अभय तिवारी का रिश्तेदार बता कर मेरी छवि को धूमिल किया जा रहा है।। कृपया कर तथ्यों को जॉच ले
@ABPNews
@aajtak
@ndtvindia
@TheLallantop
@The_FollowUp
@ANI
मैं Tejnarayan pandit (कुम्हार _प्रजापति, श्रेणी EBC)JSSC CGL selected हूं, मुझे अभय तिवारी का रिश्तेदार बता कर मेरी छवि को धूमिल किया जा रहा है।। कृपया कर तथ्यों को जॉ�� ले
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मैं Tejnarayan pandit हूं जो कुम्हार _प्रजापति (EBC श्रेणी) से आता हूं ।अभय तिवारी न तो मेरा कोई रिश्तेदार है और न ही उससे मेरा दूर _दूर तक उससे कोई सं���ंध नहीं है।
कृपा मेरी छवि धूमिल नहीं करे, इससे मैं मानसिक रूप प्रताड़ित हो रहा हूं
@aajtak
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@Lallntop1
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युवा आंदोलन को बदनाम करने के लिए भाजपा की गंदी साजिश बेनकाब हो चुकी है।
वीडियो में दिख रहा है कि कथित QR Code माफिया किस तरह छात्रों के बीच घुसकर माहौल बिगाड़ने और अपने आकाओं के इशारे पर हिंसा भड़काने का काम कर रहा है।
छात्रों के हक की लड़ाई को राजनीतिक षड्यंत्र मत बनाइए। 🙏🏻
मैं Tejnarayan pandit हूं जो कुम्हार _प्रजापति (EBC श्रेणी) से आता हूं ।अभय तिवारी न तो मेरा कोई रिश्तेदार है और न ही उससे मेरा दूर _दूर तक उससे कोई संबंध नहीं है।
कृपा मेरी छवि धूमिल नहीं करे, इससे मैं मानसिक रूप प्रताड़ित हो रहा हूं
@aajtak@ndtvindia@Lallntop1@ABPNews
धन्यवाद माननीय मंत्री @kumarsudivya सर आपने छात्रों के भविष्य के लिए परीक्षा प्रणाली में सुधार की बात कही.. आगे भविष्य में परीक्षाओं में धांधली ना हो छात्रों का भविष्य उज्जवल हो 🙏 आपके द्वारा बताया गया परीक्षा reform का हम सभी स्वागत करते है @JmmJharkhand@HemantSorenJMM