🚨 24 घंटे से अधिक बीत जाने के बाद भी हमारे साथियों के साथ हुई पुलिस बर्बरता के खिलाफ FIR दर्ज नहीं की गई। इसके विरोध में प्रदर्शन कर रहे NSUI के साथियों के साथ पुलिस द्वारा फिर बर्बरता की जा रही है। NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @VinodJakharIN जी के कपड़े तक फाड़ दिए गए।
Rahul Gandhi wanted digital readable voter list and he is demanding it for the last 15 months
It is now DONE ✅
Now Rahul Gandhi should demand the CCTV footages of polling booths which he already did in August 2025 during Vote Chori campaign
That time, GK said he won't provide any footage
Atp, it's right time to demand it again
CC : @RahulGandhi
What a powerful edit is this 🔥
Exactly this way, Rahul Gandhi's protests should be labelled "Satyagraha 2.0"
Top notch social media outreach by Telangana Minister Ponguleti Reddy and his team 🗿
Whenever democracy faces its greatest threat, JanNayak Shri @RahulGandhi stands as its greatest defender.
Just as Mahatma Gandhi Ji broke colonial rule through Satyagraha, Shri @RahulGandhi now leads the nation's fight against the authoritarian politics of the @BJP4India. He stands as an unyielding shield for our Constitution, defending democracy and upholding the rights of every Indian.
The fight is for India..!!
The spirit is Satyagraha..!!
The saviour is Rahul Gandhi..!!
#Satyagraha
अपनी मां के नाम पर सैकड़ों बार मंच से रोने वाले ने एक पीड़ित मां के साथ ऐसा सुलूक किया है।
अंकिता भंडारी के बुजुर्ग मां बाप को हिरासत में लेकर मोदी सरकार ने घोर पाप किया है।
अंकिता की हत्या सिर्फ इसलिए की गई थी कि उसने किसी नरभक्षी को सेवा देने से इनकार कर दिया था।
इस सरकार का अत्याचार अब घिनौने स्तर पर पहुंच गया है।
निर्भया कांड पर दिल्ली-देश में उबाल था।२४ घंटे में अपराधी पकड़े गए पीड़िता को इलाज के लिए सिंगापुर भेजा गया।शव को लेने पीएम सीएम आधी रात को हवाई अड्डे पर थे।फिर भी जनता ने चुनाव में सज़ा दी।वहीं चार साल से अंकिता भंडारी के माता पिता न्याय के लिए भटक रहे हैं।ये संवेदनहीनता क्यों ?
राष्ट्रपति महोदया,
19 साल की अंकिता भंडारी ने एक VIP के लिए अपनी गरिमा से समझौता करने से इनकार किया, जिसके कारण उसकी हत्या कर दी गई। चार साल बाद भी CBI की धीमी जांच के चलते यह सवाल बना हुआ है कि वो VIP कौन था।
अंकिता के परिवार समेत कई लोग मानते हैं कि दुष्यंत गौतम इस मामले से जुड़े हुए हैं। ऐसे में उनकी सिक्किम के राज्यपाल के पद पर नियुक्ति से मैं स्तब्ध हूं। राज्यपाल के पद पर रहते हुए उनके खिलाफ कोई आपराधिक कार्यवाही नहीं हो सकती।
दुष्यंत गौतम की नियुक्ति की सलाह देकर प्रधानमंत्री मोदी ने साबित किया है कि महिलाओं की सुरक्षा की उन्हें बिल्कुल परवाह ही नहीं है।
मैं आपसे अपील करता हूं कि सरकार को इस नियुक्ति पर पुनर्विचार करने और जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को पदभार न देने की सलाह दें।
अंकिता के माता-पिता की न्याय की उम्मीद मत टूटने दीजिए।
राघोपुर में नाव पलटने से 13 बच्चों की जान गई। अगर एंबुलेंस और अस्पताल में ऑक्सीजन होती, तो कई बच्चों को बचाया जा सकता था।
कोरोना में हज़ारों लोगों की मौत ऑक्सीजन की कमी से हुई थी। क्या सीखा गया?
कितनी असंवेदनशील सरकार है!
Narendra Modi is crossing all limits of brutality.
These are Ankita Bhandhari’s parents. Ankita was a girl who was murdered by the same system. Now they’re not sparing her parents either.
पंजाब में नशे के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाना अब जानलेवा हो गया है। और यह भगवंत मान की AAP सरकार के राज में हो रहा है।
मानसा: 'नशा रोको, रोज़गार दो' अभियान चलाने वाले परविंदर सिंह झोटा को दिनदहाड़े गोली मार दी गई जो एक फ़ेसबुक लाइव पर साफ़ दिखी।
संगरूर - मुख्यमंत्री का अपना ज़िला: मज़दूर गुलज़ार सिंह ने मंत्री के सामने गाँव में नशे का सवाल उठाया। परिवार का आरोप है कि उसके बाद उन पर माफ़ी माँगने का दबाव डाला गया। उन्होंने अपनी जान दे दी।
संगरूर: नशे के ख़िलाफ़ बोलने वाले मोहनजीत सिंह पर हिरासत में यातना के आरोप - मामला अब हाईकोर्ट में है।
और झोटा की कहानी में एक बात और है। जब उन्होंने शिकायत की, तो FIR हुई और पुलिस ने बाद में झोटा को भी बुक कर दिया।
जिस सरकार में शिकायत करने वाला भी मुलज़िम बन जाए, वहाँ नशे के सौदागर बेख़ौफ़ क्यों न हों?
CM भगवंत मान जवाब दें: नशे के ख़िलाफ़ लड़ने वालों की हिफ़ाज़त कौन करेगा?
पंजाब के युवाओं का भविष्य तबाह करने वाले इस नशे के साम्राज्य को ख़त्म किए बिना कांग्रेस चैन से नहीं बैठेगी।
अंकिता भंडारी के लिए न्याय मांगने पर कोई ख़बर नहीं दिखानी है,
तो Anime में घुस गए!
और,
भारत में हिंदू-मुस्लिम की नफ़रत और महिलाओं से बदतमीज़ी करने वाले,
शेख हसीना के लिए मरने-मारने की बात कर रहे हैं 👏
अंकिता भंडारी केस में बीजेपी लीडर विनोद आर्य के बेटे पुलकित आर्य को उम्र क़ैद की सजा हुई।
जांच के दौरान दो व्यक्तियों के फ़ोन कभी नहीं मिले।
1. पुलकित आर्य
2. अंकिता भंडारी
अंकिता भंडारी की डुप्लीकेट सिम बनवा कर पुलिस ने साल भर की कॉल डिटेल, वॉट्सएप मेसेज निकलवा लिए।
लेकिन पुलकित आर्य के मामले में ऐसा नहीं किया गया!
क्यों?
क्योंकि पुलकित आर्य की कॉल डिटेल्स और मेसेज से पता चल जाता कि कौन कौन VIP इसमें शामिल था।
ये भी पता चल जाता कि क्या मामला सिर्फ अंकिता के शोषण का था या और भी युवतियों को मजबूर किया जाता था।
इसीलिए उत्तराखंड में इस मामले में रोष है।
इसीलिए अंकिता के माता पिता आंदोलित हैं।
पुलिस ने तो VIP के नाम उजागर नहीं किए। लेकिन जब बीजेपी के अपने नेताओं ने पिछले साल दुष्यंत गौतम का नाम उजागर कर दिया, तो पूरे उत्तराखंड में जनता सड़कों पर उतर आई।
तब जनवरी 2026 में CBI जांच की घोषणा की गई।
लेकिन दस महीने हो गए, जांच आगे नहीं बढ़ी।
अंकिता के पिता को पहली बार CBI ने पिछले हफ़्ते 9 अक्टूबर को संपर्क किया!
और फिर 12 अक्टूबर को दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बना कर जाँच के दायरे से बाहर कर दिया। राज्यपाल को संवैधानिक immunity होती है। कोई CBI या SIT उनसे पूछताछ नहीं कर सकती है।
राज्यपाल बनाने के लिए गृह मंत्रालय और IB ने दुष्यंत गौतम को चुपचाप क्लीन चिट भी दे दी!
ऐसा क्यों किया, यही सवाल अंकिता के माता पिता राष्ट्रपति जी पूछना चाहते हैं।
@gurdeepsappal ji
किसी को 2012 याद है?
निर्भया, दामिनी, रोज़ नये नाम देकर चौबीसों घंटे चिल्लाने वाला मीडिया,
ब्लैक एंड व्हाइट में भावुक रोष दिखाने वाली भाजपा,
और हर गली-नुक्कड़ से लेकर रामलीला मैदान तक अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ़ दहाड़े मार के रोते हुए कच्छाधारी बेनामी निकम्मे,
याद हैं?
लोगों को उत्तेजित कर चुनाव पर असर डाला गया, सरकार बदल गई।
और उसके बाद?
उन्नाव, हाथरस, मणिपुर, उज्जैन !!
बृजभूषण, प्रज्वल, सेंगर, दुष्यंत गौतम !!
नाम और शहर क्रमशः नहीं हैं, पर आपको कौनसा फ़र्क़ पड़ता है?
फ़ोन चलाते हुए अगला मीम देखकर आसपास हिंदू मुस्लिम करने से ज़्यादा दुनिया में fun कुछ है ही नहीं।
है ना, सड़े हुए फुरसतिये नाकारे W Uncle ??
लंबा साहित्य लिखने की ज़रूरत भी नहीं, और W Uncles में उसे समझने की अक़्ल भी नहीं।
तो सीधी हिंदी में सिर्फ़ इतना समझ लें, कि,
देश के युवा, छात्र, किसान, व्यापारी, कर्मचारी, स्त्री-पुरुष, जात-पात, कोई कुछ भी हो,,
संघियों की विकृत मानसिकता ने इस देश में जिस किसी का भी अहित किया, अन्याय किया, उसके लिए हम न्याय लेकर रहेंगे।
चाहे वो इस देश के आख़िरी छोर की मिट्टी में पनप रहे आख़िरी पेड़ का आख़िरी झुरमुट ही क्यों ना हो, उसे कुचलने के लिए इन बेनामी, धर्म के दुश्मन, स्वार्थी नराधमों को सज़ा ज़रूर मिलेगी।
तमाम W अंकलों को सलाह है कि जितना ज़हर समाज में उगला है, उतना परोपकार कर के दिखाएँ, नहीं तो अपने सीवर का ढक्कन बंद रखें।
ये देश अब नफ़रत, झूठ, अपराध और नहीं सहेगा।
जब देश में लोग सो रहे थे, तब मोदी सरकार ने पुलिस भेजकर अंकिता भंडारी के माता-पिता को हिरासत में ले लिया.
अंकिता के माता पिता की एक ही डिमांड है - दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल ना बनाया जाए.
लेकिन सरकार सुनने वाली कहां है.