A priest named Vijay Pandit attempted to rape a 10-year-old Dalit girl inside a temple. When action was taken against the accused under the POCSO Act, the entire Brahmin community surrounded the police station in support of the accused.
This is a shameful situation where Brahmins are supporting the POCSO accused based on their caste. The incident took place in Saharanpur, Uttar Pradesh.
Best wishes on Emperor Asoka. India’s best period was the Mauryan empire under Emperor Asoka
Indias national flag has blue Asoka Chakra in central theme
Indias national emblem is four lions capital at Sarnath built by him
Emperor Asoka rejuvenated Buddhism
India is proud of King Asoka Legacy
आज LPG गैस (Strait of Hormuz) के रास्ते से भारत आया है, इसपे अंधभक्तों का कहना है मोदी है तो मुमकिन है. उन्हें यह वीडियो देखना चाहिए।
ईरान प्रतिनिधि का कहना है 🇮🇷 :-
हमने देखा कि ज़्यादातर भारतीयों ने हमारे प्रति सहानुभूति दिखाई। उन्होंने अमेरिका के युद्ध की निंदा की और बच्चों पर हुए हमलों के खिलाफ आवाज़ उठाई।
हमने ईरान को बताया कि जिन भारतीयों ने हमारा समर्थन किया, उन्हें गैस की ज़रूरत है। इसलिए सरकार ने इसकी अनुमति दे दी।
अब बोलो भक्तों किसके चलते ईंधन भारत आया है..?
"तुम चमार हो तुम सिर्फ पानी भरने लायक हो; पानी भरो"
घटना UP के अलीगढ की है।
ये दर्द exclusive नहीं बन पाता है, क्योंकि ये तो सदियों से आम है!
और उनका एक दर्द, उफ्फ! पूरी मीडिया तांडव करने लगती है!
यांचा प्रॉब्लेम काय आहे तो लक्षात घ्या
सावरकर पेन्शन वर होता आणि बाजीराव पेन्शनवर होता
वाजपेयी इंग्रजांचा खबरी होता
दुसरा बाजीरावाला जवळजवळ इंग्रजकडून 50 लाख वर्षाला पेन्शन होती
निपुत्रिक असल्यामुळे , बाजीरावाने तीन पोरं दत्तक घेतली होती
त्यातल्या पहिल्या पोराने इंग्रजकडे तीच पेन्शन मागितली आणि त्यांनी ती नाकारली
अर्ध्यापेक्षा जास्त पेशव्यांनी इंग्रजांबरोबर संधान करून आपलीच लोक बुडवली
पहिल्या अँग्लो मराठा मध्ये तर राघोजीने इंग्रजांना घेऊन पेशव्यांवर आक्रमण केलं होतं
दुसऱ्या अँग्लो मराठा वॉर मध्ये बाजीरावाने पुणे परत मिळवण्यासाठी इंग्रज आणले होते कारण होळकरांच्या भीतीने आपल्या बायका सोडून हा पळून गेला होता त्याच्यावर ना त्याला पळपुटा बाजीराव हे नाव मिळालं होतं
आता टिपू हा इंग्रजांच्या विरोधात लढताना आपल्या हातात तलवार ठेवून देणार ती तलवार जवळजवळ 100 मिलियन डॉलर पेक्षा जे हजार करोड रुपये च्या वर ती विकली गेली
त्याला इंग्रज पण मानतात.
मुस्लिम होता पण बहादुरपणाने यांच्या विरोधात लढत होता मग आता यांच्या पोटदुखीला थारा नसणार ना !!
यांच्याकडे एक पण थोर पुरुष नाही जो इंग्रजांनी विरोधात लढला प्रत्येक जणांनी इंग्रजाचे बूट चाटले
पुण्याच्या सर परशुराम SP कॉलेजमध्ये असणारे प्राध्यापक विक्रम संपद यांनी भरपूर वर्ष रिसर्च करून पुस्तक लिहिले
वाचून घ्या
NCERT class 12 textbook for history blatantly denies Aryan migration and deliberately misrepresents a genetic study that actually *proves* Aryan migration. Oh, the audacity!!
मैंने पहले दिन से कहा था कि #UGCRegulations एक साज़िश और झोल है. घालमेल करके पहले दलितों पिछड़ों को ख़ुशफ़हमी में डाला, उधर सवर्णों से विरोध करवाया; इधर कोर्ट से रुकवा दिया. इससे बड़ा मज़ाक़ और क्या हो सकता है.
इंदिरा जयसिंह के इस बयान को पढ़ें ताकि साज़िश, झोल और असली खेल को समझ सकें "हमारी बात सुने बिना नियमों पर रोक लगाना उचित नहीं है। ऐसा नहीं हो सकता कि आप कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा करें और फिर रोक लगाने के लिए अदालत में आए."
शर्मनाक!
1990 में मंडल कमीशन के खिलाफ 5000 लोगों के आंदोलन को मनुवादी प्रिंट मीडिया ने देशव्यापी आंदोलन बताया था.
2026 में 500 लोगों के द्वारा यूजीसी एक्ट के खिलाफ सोशल मीडिया पर REEL आंदोलन को मीडिया बड़ा आंदोलन बता रहा है.
असल में यूजीसी एक्ट के खिलाफ रील बनाकर आंदोलन का माहौल बनाया जा रहा. यूजीसी एक्ट के खिलाफ मीडिया भ्रामक खबरे चला रहा है.
यूजीसी एक्ट में प्रावधान है जांच समिति में यूनिवर्सिटी के उप कुलपति और डिपार्टमेंटल हेड भी होंगे.
देश के 95% यूनिवर्सिटी में उप कुलपति सवर्ण हैं. 90% यूनिवर्सिटीज में डिपार्टमेंटल हेड भी सवर्ण हैं. अब बताओ आरोप लगने से क्या सवर्ण अपने ही लोगों को फंसा देंगे. सवर्ण अपने बच्चों को इंसानियत सिखाते नही, और बात अधिकार की करते हैं.
तस्वीर महाराष्ट्र के पालघर ज़िले के आदिवासी बच्चों की है। कौन कहता है कि आदिवासी पढ़ना नहीं चाहते? सच्चाई तो यह है कि सरकार और सिस्टम ही पढ़ाई के रास्ते बंद कर देते हैं, फिर भी इन बच्चों का संघर्ष जारी रहता है।
चित्पावन ब्राह्मण कितने नीच प्रवृत्ति के है इसका यह सबूत देखो।
अंग्रेजों के खास व्यक्ति विनायक सावरकरने संन्यस्त खड्ग नाटक में बुद्ध को,भिक्खू संघ को और शाक्यों को बदनाम किया है।
सावरकर के समग्र साहित्य पर पाबंदी होनी चाहिए।फडणवीस का जाहिर धिक्कार।
@narendramodi
Exposing Nitin Gadkari propaganda built around infrastructure on social media
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Biggest headache for Modi govt which will mark their downfall in 2029