गाजियाबाद कलेक्ट्रेट पर बढ़ती महंगाई पेपर लीक फर्जी एनकाउंटर को लेकर धरना प्रदर्शन
ठाकुर विक्की सिंह महानगर अध्यक्ष समाजवादी युवजन सभा गाजियाबाद
@yadavakhilesh
@anjanaomkashyap पेपर लीक पेट्रोल महंगा सीएनजी महंगी डीजल महंगा गैस महंगी इस पर क्यों नहीं बोलते हैं आप लोग
यह दो कौड़ी के के यूट्यूब पर कोचिंग वाले गरीब बच्चों को यूट्यूब पर मुफ्त पढ़ाई तो करवा रहे हैं मोदी सरकार की तरह और योगी सरकार की तरह बच्चों का भविष्य हिंदू मुस्लिम धर्म जाति .....
‘काला चश्मा’ लगाकर आनेवाले
अपने सच्चे मुक़दमे हटवानेवाले
झूठे-फ़र्ज़ी मुक़दमे लगवानेवाले
घमंड में रावण तक को हरानेवाले
नमस्ते का भी संबंध न निभानेवाले
बुलडोज़र से घर-दुकां ढहानेवाले
बिजली-पानी के लिए सतानेवाले
पत्रकार पर अपशब्द बरसानेवाले
‘हाता नहीं भाता’ नीति चलानेवाले
वनस्पति-खोज में विदेश जानेवाले
अपना झूठा महाप्रचार करवानेवाले
अधिवक्ताओं पे लाठी चलवानेवाले
मणिकर्णिका का घाट तुड़वानेवाले
सत्ता सजातीय पे कृपा बरसानेवाले
सांप्रदायिकता का विष फैलानेवाले
‘पीडीए’ पर घोर जुल्म करवानेवाले
आरक्षण पे अपनी कैंची चलानेवाले
शिक्षकों से भूसे का दान जुटानेवाले
झूठे आश्वासन पे शासन चलानेवाले
सबकी माँगों पर केवल टरकानेवाले
आशा-आंगनबाड़ी को भटकानेवाले
शिक्षामित्रों का मानदेय घटवानेवाले
संतो तक पर झूठे आरोप लगानेवाले
फ़र्ज़ी एनकाउंटर का राज चलानेवाले
अब हैं जानेवाले लौटकर न आनेवाले!
भाजपा ‘प्रभु राम’ का नाम अपने राजनीतिक स्वार्थ सिद्धी के लिए करती रही है। कल जिस प्रकार भाजपा सरकार ने हाथ में ‘श्रीरामचरितमानस’ लिए हुए अधिवक्ता पर अति निंदनीय हिंसक लाठीचार्ज किया वो भाजपा की सनातन विरोधी सोच को दर्शाता है। इससे सांस्कृतिक-संविधान रूपी हमारे इस महाकाव्य और महा-मर्यादा ग्रंथ का महा-अपमान हुआ है।
इस लाठीचार्ज में घायल हुए एवं धार्मिक रूप से मर्माहत हुए अधिवक्ता महोदय को हमारे जन-प्रतिनिधियों ने ‘श्रीरामचरितमानस’ की एक नई प्रति देकर उनका कुशलक्षेम पूछा और निर्मम-निर्दयी ‘अधर्मी भाजपा राज’ के विरुध्द सदैव साथ देने के आश्वासन के साथ ही सहयोग व समर्थन देने की बात कही। ऐसे सहृदय और स्वतः सक्रिय कार्यकर्ता ही हमारी शक्ति हैं, इस भेंट में सम्मिलित हर एक कार्यकर्ता को इस सकारात्मक मानवीय शिष्टाचार व ‘धर्म का सम्मान’ करनेवाले सद्कर्म के लिए हार्दिक बधाई और धन्यवाद!
भाजपा से संबद्ध सभी सच्चे धर्म प्रेमी लोगों और समस्त संत समाज से हम ये अपील करते हैं कि वो भाजपा के धार्मिक पाखंड का भंडाफोड़ करने के लिए आगे आएं और ‘अधर्मी भाजपा’ का मुखौटा उतार दें। अब धर्म-हित और देश-हित में वो समय आ गया है कि ये सच सबके सामने आना ही चाहिए कि भाजपाई अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए धर्म का आवरण धारण करके समाज में विभेद उत्पन्न करते हैं और साम्प्रदायिकता फैलाते हैं। इससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ता है और अशांति आती है। अशांत समाज कभी विकसित नहीं हो सकता है। इसीलिए ये भाजपाइयों का देश-विरोधी कृत्य है। इसके कारण समाज में आपसी मनमुटाव पैदा होता है और विभाजन भी। ये भाजपाई लोग धर्म के बहाने परस्पर अविश्वास और भय को जन्म देकर अपना उल्लू सीधा करते हैं। इसीलिए आइए, देश को अंदर से खोखला करनेवाले इन ‘अधर्मी भाजपाइयों और उनके अदृश्य भूमिगत संगी-साथियों’ का काला चिट्ठा, हम सब मिलकर खोल दें।
भाजपा हटाएं, धर्म बचाएं-देश बचाएं!
धर्म कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!
#अधर्मी_भाजपा
भाजपा और उसके संगी-साथी पराजय स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं और अब उनमें ये डर बैठ गया है कि देश की 95% आबादी से बना पीडीए समाज जब भाजपा की करतूतों के ख़िलाफ़ एक साथ खड़ा हो जाएगा तो उनका क्या होगा। उनकी रातों की नींद और दिन का चैन छिन गया है। वो सदैव की तरह भूमिगत होकर बिलबिला रहे हैं। इन नकारात्मक लोगों ने आज़ादी से पहले भी देश से ग़द्दारी की और अंडरग्राउंड रहकर देश को ग़ुलाम बनानेवालों की ग़ुलामी की, स्वतंत्रता सेनानियों के ख़िलाफ़ चंद पैसों और वज़ीफ़े के लालच में मुख़बिरी का तुच्छ काम किया। इन्होंने पहले भी देश को धोखा देकर अकूत दौलत इकट्ठा की और अब भी कर रहे हैं। न इन्होंने तब हिसाब दिया था और न अब दे रहे हैं। देश और समाज के लिए एक गिरोह के रूप में ये एक विशाल ‘विषग्रंथी’ है।
भाजपाइयों का जैसा संस्कार है, वैसा ही उनका शब्दकोश है और वैसी ही अभिव्यक्ति। भाजपाइयों की वर्चस्ववादी सोच पीडीए को सदैव अपशब्दों से संबोधित करती आई है, इसमें कुछ नया नहीं है। भाजपा ने अपनी पार्टी के आधिकारिक हैंडल से जो अपमानजनक बात पोस्ट की है वो राजनीतिक नैतिक पतन का ऐसा दस्तावेज़ है जो देश के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज़ हो गया है। भाजपाइयों की घृणित मानसिकता से इसके अतिरिक्त कुछ और अपेक्षा भी नहीं की जानी चाहिए।
ऐसे विषैली मानसिकता वाले लोगों को देखकर तो आस्तीन का साँप भी ख़ुद को डसकर आत्महत्या कर लेता है।
दरअसल जब-जब पीडीए समाज के किसी भी व्यक्ति का ऐसा अपमान होता है, पीडीए एकता और संकल्प उतना ही दृढ़ होकर उभरता है। पीडीए की एकता और एकजुटता को इससे और भी बल मिला है।
आज भाजपा ने एक ऐसी लकीर खींच दी है कि भाजपा में शामिल पीडीए समाज के सांसद, विधायक, पार्षद, पदाधिकारी और सामान्य सदस्य तक का राजनीतिक भविष्य शून्य हो गया है। अब वो किस मुँह से अपने-अपने समाजों के सामने जाएंगे। पीडीए ने तो 2024 के आम चुनाव में ही भाजपा में शामिल ऐसे नेताओं का चुनावी बहिष्कार करके उन्हें हार का और बाहर का रास्ता दिखा दिया था, अब तो पीडीए समाज के बीच उनकी हमेशा के लिए मानसिक नाकाबंदी हो जाएगी। भाजपा की ये गहरी चाल है कि वो पीडीए समाज के अपने सभी नेताओं की सियासत की नींव खोद दे और उनकी राजनीति हमेशा के लिए ख़त्म कर दे।
भाजपा का भ्रष्टाचार और आपसी मतभेद ही उसे अंतिम चरण में ले आया है, जहाँ ये खलनायक आपस की गैंगवार में एक-दूसरे का काला चिट्ठा खोलकर, एक-दूसरे को ही ख़त्म कर देंगे। इतिहास गवाह है कि जैसे ही नकारात्मक शक्तियां हारने लगती हैं वो टूटने लगती हैं, इनके साथ भी ऐसा ही होना शुरू हो गया है और आख़िरकार ये होगा भी क्योंकि इन जैसे अवांछित लोगों के लिए इतिहास अपनी चाल नहीं बदलेगा।
देखना ये है कि ये दग़ाबाज़ लोग देश छोड़कर भागते हैं या अपने काले अतीत को दोहराते हुए भूमिगत होते हैं, डरपोकों के पास वैसे भी ज़्यादा विकल्प नहीं होते हैं।
महिला पुलिस के साथ अभद्रता करनेवाले भाजपाई क्या किसी महिला का संरक्षण करेंगे और क्या उन्हें आरक्षण देंगे।
विपक्ष के एक वरिष्ठ सांसद वयोवृद्ध श्री नरेश उत्तम पटेल जी के आवास पर जूते से वर्चस्ववादियों द्वारा प्रहार सिर्फ़ इसलिए किया गया है क्योंकि वो ‘पीडीए’ समाज से आते हैं। ये प्रहार-अपमान संपूर्ण ‘पीडीए समाज’ का अपमान है।
आज सरदार पटेल जी की आत्मा बहुत दुखी होगी।
‘5 बड़ा या 7’ वाले प्रदेश के भाजपाई अध्यक्ष अपने समुदाय के अपमान पर कुछ बोलेंगे या सत्ता सुख के लालच में अपमान का घूँट पीकर रह जाएंगे।
भाजपाई हार की हताशा से अपना आपा खो बैठे हैं।
घोर निंदनीय!
नोएडा में वेतन बढ़ाने को लेकर उग्र हुए आंदोलन का कारण भाजपा सरकार की वो एकतरफ़ा नीति है जो पूंजीपतियों का पोषण करती है लेकिन सामान्य काम करनेवाले कर्मचारियों और वेतनभोगी श्रमिकों-मज़दूरों का शोषण।
भाजपाई चंदादायी पूँजीपतियों के एटीएम में तो पैसे भरते जा रहे हैं, लेकिन श्रमिकों-मज़दूरों के वेतन के लिए इनके एटीएम खाली हैं।
बेतहाशा महंगाई के इस दौर में कम वेतन में घर चलाना कितना मुश्किल है, ये एक परिवारवाला ही समझ सकता है।
वेतनभोगी कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!
महामानव अपनी रैली की लत के चक्कर में देश भर में कुकुरमुत्ते के जैसे उड़ान एयरपोर्ट खोल दिए! ऐसा ही एक एयरपोर्ट 448 करोड़ से कुशीनगर में बनाया गया। वहां अब बकरी🐐 चरती है!
यात्री विमान के जगह अब सिर्फ नेताओं के कुछ जहाज आते जाते है!
पूरी रिपोर्ट देखिए
देखो भाजपा का भ्रष्ट प्रबंध
7 में से 6 नये एयरपोर्ट बंद!
उप्र के बाक़ी हवाई अड्डों का क्या हाल है ‘घास हटवाकर’ ये भी तो देख लिया जाए।
भाजपा में अरबों का निर्माण सिर्फ़ अपनों को ठेके बाँटकर, कमाई को बाँटने के लिए होता है। इन्हें न तो कोई हवाई अड्डा चलाना है, न उड़ान योजना में कोई हवाई जहाज़ उड़ाना है, इन्हें तो बस कमाना है।
#चित्रकूट
#कुशीनगर
#आजमगढ़