प्रश्न तुम्हारा यथार्थ है,
सामने तुम्हारे पार्थ है।
द्युत-क्रीड़ा सिखलाते हैं,
जो धर्मराज कहलाते हैं।।
रसपूर्णा के संरक्षण हेतु,
बल्लभ बनते भीमसेन।
ज्ञानवान जो धेनु - साथ,
रूपशील के अश्व हाथ ।।
उत्तर का फिर प्रश्नचिन्ह,
द्रौपदी हेतु क्यूँ मौन चिन्ह ?
(अज्ञात-पूर्ण का एक अंश)
अब लग रहा है सरकार विपक्ष से इस बात पर प्रतिस्पर्धा कर रही कि कौन ज्यादा नीचे गिर सकता है..
आक् थू😡
#IITBombayProtest
चाणक्यों को दंड दे रहे धनानंद पनपाते हो
धिक्कार है पूरी व्यवस्था पर!
चाणक्यों को दंड दे रहे धनानंद पनपाते हैं
#IITBombayProtest की घटना से पता चल रहा है कि आपकी योग्यता नहीं है दबाव झेलने की तो आप नकल करो
सीट बर्बाद करो बाद में अयोग्य कर्मचारी बनकर देश के विनाश में योगदान दो
सरकारी तंत्र आपके साथ है। हद है क्या ही कहें आक् थू
IIT बॉम्बे के छात्र प्रो. सूर्यनारायण दुल्ला के समर्थन में खुलकर खड़े हैं।
लेकिन इसकी चर्चा शायद उतनी नहीं होगी, जितनी ‘डफली गैंग’ के हर शोर को मिलती है।
यही है चुनिंदा नैरेटिव और चुनिंदा कवरेज का खेल।
आज प्रथम पूज्य विघ्नविनायक भगवान श्रीगणेश के पावन पूजन-पर्व पर, भगवान राघवेंद्र सरकार के गुण-स्तवन का यह प्रथम पुष्प उन्हीं के श्रीचरणों में सादर समर्पित है। यह प्रभु श्रीराम की ही अनुकम्पा है कि उनकी मर्यादा, करुणा और लोकमंगल की कथा को विश्व-मंच तक पहुँचाने के लिए उन्होंने मुझ जैसे अकिंचन के शब्दों को भी निमित्त बनने का सौभाग्य प्रदान किया। 🙏
नमित मल्होत्रा एवं नितेश तिवारी के निर्देशन तथा हंस जिमर और ए.आर. रहमान जैसे विश्वस्तरीय संगीतकारों के अलावा फिल्म जगत के नामचीन कलाकारों के साथ मिल रहा अनुभव निश्चित ही मेरे लिए प्रभु श्रीराम की कथा को वैश्विक पटल तक पहुँचाने का एक अविस्मरणीय सौभाग्य है।
बहुत आभार रघुकुलनंदन❤️🚩🙏
@malhotra_namit@niteshtiwari22
#ArijitSingh @shreyaghoshal #RanbirKapoor @Sai_Pallavi92@arrahman@HansZimmer
@ujjwalhoon@DrKumarVishwas इसलिए हमारी रामत्व के प्रति आस्था से प्रार्थना ही कर सकते हैं कि सब शुभ हो ।
क्यूँकि हमारा हमारे आराध्य के प्रति जो लगाव है उसे और किसी मूवी के द्वारा मैच करना तो कठिन कार्य है। हाँ प्रयास के तौर पर सराहना व्यक्ति और कार्य दोनों को ऊर्जावान रखता है।
@ujjwalhoon@DrKumarVishwas हाँ हम इसमें हमेशा भगवान श्रीकृष्ण,श्रीराम और भगवान नारायण की स्तुति के रुप में सुनते पढ़ते आये हैं।मगर शब्दों के अर्थ भी आध्यात्मिक और दार्शनिक दृष्टिकोण में भिन्न हो सकते हैं जैसे कि मैंने बताया जहाँ तक मेरा दृष्टिकोण है।
बाकि रामायण को रामायण होना भी एक तप है।कई उदाहरण हैं
अद्भुत पुस्तक...❤️ अविस्मरणीय संसार 🪷 आदरणीय @DrKumarVishwas सर जी🙏🏻 मैं आपको social media के जरिए सुनता हूँ सिखाता हूँ कुछ लिखने की प्रेरणा।
प्रणाम🙏🏻❣️😍
कौन कहता है नहीं,
अस्तित्व कोई भी,
तुम्हारा,
प्रीत के सुरभित क्षणों के,
तुम मेरे मधुमास हो।
नेह के कुछ बंध-क्षण में,
जब हाथ थामें,
हाथ हैं।
तो चंद्र के चंचल क्षितिज में,
पास बैठे प्राण तुम।
-अवनीश मिश्र
#बज़्म_काव्य_मंच
#बज़्म_काव्य_मंच
में आज 10/9/2026
का दैनिक विषय - #अस्तित्व
कवितायें, कहानियाँ, शेर, ग़ज़ल,
गीत, नज़्म कुछ भी लिखा जा सकता है ।।
#बज़्म 👈 लगाना अनिवार्य है ।।
आदरणीय @DrKumarVishwas सर जी 🙏🏻❣️ जब शब्दों के प्रयोग के साथ कविताओं का उपजना एक नवांकुर के मन में बंद हो जाता है तो हमारी चेतना को अपकी कविता मार्गदर्शित करती हैं।
बहुत दिनों से लिखने का प्रयास आज सफल हुआ।
आपकी कविता सुनकर आपके इस विद्यार्थी ने जो भी लिखा है आपको📜
प्रणाम🙏🏻❣️