नुपुर शर्मा को भाजपा ने साइड किया
काजल हिंदुस्तानी को जेल भेजा गया
कंगना रनौत के खिलाफ भाजपा का नोटिस
मतलब जो भी सत्य कहेगा उसे साइड किया जाएगा?
मतलब, भाजपा कायर है
मतलब, भाजपा निकम्मी है
मतलब, भाजपा स्वार्थी है
मतलब, हिंदू इस्तेमाल के लिए हैं?
कौन कौन मेरे बातों से सहमत हैं?
हत्यारी मुस्लिम भीड़
अल्ला हू अकबर बोलती हुईं आई...
एक व्यक्ति की पकड़कऱ सामूहिक हत्या की
उसके हाथ पैर बाँध दिए, और पेट्रोल डाल दिया
तभी भीड़ से एक व्यक्ति निकला
मरे हुए व्यक्ति को नंगा करके उसका लिंग चेक किया.. और चिल्लाया
हा हा हा.. हिन्दू है हिन्दू.. फिर सब हँसने लगे✍️
#Bangladesh #HindusUnderAttack
नेता अगर चुनाव जीतने के लिये दंगे करा सकता है,
डॉक्टर अगर कमाने के लिये किडनी बेच सकता है,
ठेकेदार घटिया निर्माण करा कर अपना काम चला सकता है,
मीडिया वाले पैसा कमाने के लिए बिक सकते हैं,
फिल्मी अभिनेता और डायरेक्टर मूवी चलाने के लिए कंट्रोवर्सी कर सकते हैं,
अधिकारी पैसा कमाने के लिए भ्रष्टाचार कर सकते हैं ,
तो फिर विधार्थी पढाई क्यों कर रहा है ?
उसे भी नौकरी पाने के लिए कोई अराजक रास्ता अपना लेना चाहिए ।
@Sudanshutrivedi इसमें किसी का भी कसूर नहीं यह आम जनता पूरी तरह से आजादी चाहती है जो मर्जी जिस मर्जी को मारपीट बलात्कार करें कुछ भी करें पूरी तरह से लोगों को आजादी चाहिए कानून का कोई डर नहीं क्योंकि कानून तो है ही नहीं हमारे देश में तो किसी भी नेता या पार्टी को दोष देना गलत है जनता यही सब चाहती ह
तस्लीमा नसरीन को सत्य घटनाओं पर आधारित जिस 'लज्जा' उपन्यास के कारण अपने वतन से निर्वासित होना पड़ा, उसका यह अंश जरूर पढ़ें……
बेटियों के बलात्कारियों से जब माँ ने कहा "अब्दुल अली, एक-एक करके करो,,, नहीं तो वो मर जाएंगी "
यह सच्ची घटना घटित हुई थी 8 अक्टूबर 2001 को बांग्लादेश में।
अनिल चंद्र और उनका परिवार 2 बेटियों 14 वर्षीय पूर्णिमा व 6 वर्षीय छोटी बेटी के साथ बांग्लादेश के सिराजगंज में रहता था। उनके पास जीने, खाने और रहने के लिए पर्याप्त जमीन थी।
बस एक गलती उनसे हो गयी, और ये गलती थी कि एक हिंदू होकर 14 साल व 6 साल की बेटी के साथ बांग्लादेश में रहना!!
एक क़ाफिर के पास इतनी जमीन कैसे रह सकती है..? यही सवाल था बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिद ज़िया के पार्टी से सम्बंधित कुछ उन्मादी लोगों का।
8 अक्टूबर के दिन……..
अब्दुल अली, अल्ताफ हुसैन, हुसैन अली, अब्दुर रउफ, यासीन अली, लिटन शेख और 5 अन्य लोगों ने अनिल चंद्र के घर पर धावा बोल दिया, अनिल चंद्र को मारकर डंडो से बाँध दिया, और उनको काफ़िर कहकर गालियां देने लगे।
इसके बाद ये शैतान माँ के सामने ही उस 14 साल की निर्दोष बच्ची पर टूट पड़े और उस वक्त जो शब्द उस बेबस व लाचार मां के मुँह से निकले वो पूरी इंसानियत को झंकझोर देने वाले हैं।
अपनी बेटी के साथ होते इस अत्याचार को देखकर उसने कहा "….. अब्दुल अली,, एक एक करके करो, नहीं तो मर जाएगी, वो सिर्फ 14 साल की है।"
वो यहीं नहीं रुके,,,,,,,!! उन माँ बाप के सामने उनकी छोटी 6 वर्षीय बेटी का भी सभी ने मिलकर ब#लात्कार किया ....उनलोगों को वहीं मरने के लिए छोडकर जाते जाते आस पड़ौस के लोगों को धमकी देकर गए की कोई इनकी मदद नहीं करेगा।
ये पूरी घटना बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने भी अपनी किताब “लज्जा” में लिखी, जिसके बाद से उनको अपना ही देश छोड़ना पड़ा
ये पूरी घटना इतनी हैवानियत से भरी है परन्तु आज तक भारत में किसी बुद्धिजीवी ने इसके खिलाफ बोलने की हैसियत तक नहीं दिखाई है, ना ही किसी मीडिया हाउस ने इसपर कोई कार्यक्रम करने की हिम्मत जुटाई है।
ये होता है किसी शांतिदूत देश में हिन्दू या कोई अन्य अल्पसंख्यक होने का, चाहे वो बांग्लादेश हो या पाकिस्तान।
पता नहीं कितनी पूर्णिमाओं की ऐसी आहुति दी गयी होगी बांग्लादेश में हिंदुओं की जनसँख्या को 22 प्रतिशत से 8 प्रतिशत और पाकिस्तान में 15 प्रतिशत से 1 प्रतिशत पहुँचाने में।
और हिंदुस्तान में जावेद अख्तर, आमिर खान, नसीरुद्दीन शाह व हामिद अंसारी जैसे हर…….लोग कहते है कि हमें डर लगता है,,, जहाँ उनकी आबादी आज़ादी के बाद से लगातार बढ़ रही है।
अगर आप भी सेक्युलर हिंदु (स्वघोषित बुद्धिजीवी) हैं और आपको भी लगता है कि भारत में अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं हैं,, तो कभी बांग्लादेश या पाकिस्तान की किसी पूर्णिमा को इन्टरनेट पर ढूंढ कर देखिये !!!
मूर्खतापूर्ण ढंग से केवल संविधान की दुहाई देते हुए रूदाली रूदन करने की बजाय इन लोगों के बारे में बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर की राय भी पढियेगा।
मर्जी आपकी !
किसी स्त्री का बलात्कार करने के उपरांत आरा मशीन से उसे दो भागों में ची,र देने की किसी घटना के बारे में आपने सुना है ?
और दो भाग भी ऐसे कि उसके गु,प्तांग से आरी चलाते हुए दोनों व,क्ष स्थलों को दो भाग में करते हुए माथे को दो भाग में ची,र देना।।
सुना है आपने?
मैं बताता हूँ, सुनिए।।
उस स्त्री का नाम था गिरिजा टिक्कू। जो 25 वर्ष की एक ख़ूबसूरत महिला थी एवं कश्मीर के बांदीपोरा में एक शिक्षिका थी। 1990 में जब आतंकवाद बढ़ा तो वह बांदीपोरा छोड़ कर बाहर निकल गयी लेकिन वह अपना सामान नहीं ले जा पायी थी। एक दिन किसी के यह कहने पर कि अब वहां स्थिति सामान्य है।
वह बांदीपोरा अपना सामान लाने गयी, लेकिन वहां से वह वापस नहीं आ पायी। एक शिक्षिका जो अपना सामान लाने गयी थी उसका कुछ लोगों के द्वारा बलात्कार किया गया। लेकिन बलात्कार इस देश में कौन सी बड़ी घटना है
यह तो होता ही रहता है..... आपने सुना होगा मुलायम जी ने कहा था लड़कों से गलतियाँ हो जाती हैं.....
लेकिन बलात्कार के बाद जो हुआ वह अत्यंत वीभत्स था एवं सम्पूर्ण मानव इतिहास को कलंकित करने वाला था। बलात्कार के बाद उसके शरीर को उसके गु,प्तांगो के पास से आरी चलाकर दो भागों में का'ट दिया गया एवं सड़क के किनारे फ़ेंक दिया गया .....
लेकिन इतनी बड़ी घटना अखबारों के मुख्य पृष्ठ पर अपना स्थान नहीं बना पायी। देश के लोगों को इसकी खबर नहीं हुई। कोई कैंडल मार्च नहीं निकला ...कोई सभा नहीं हुई.........
————क्यों ?
@SonOfBharat7 एैसे पशु क्रुरता को उकसाने वाले मैसेज जनमानस में प्रसारित करने वाले इस दरिंदे @007AliSohrab को शीघ्र एनिमल क्रुएलिटी एक्ट 72 के तहत मुक़दमा दर्ज कर कार्यवाही करे @DelhiPolice 🦾🦾
@ocjain4 मुसलमानों की एकता की दाद देनी पड़ेगी |
हिंदू राष्ट्र के नारों को हवा में उड़ा दिया |
राशन भी लिया | घर भी लिया | आयुष्मान कार्ड भी लिया | सिलेंडर भी लिए | सम्मान भी लिया |
पर भाजपा को सबक सिखाने से पीछे भी नहीं हटे |
आज की अयोध्या हार से मिला ज्ञान
रामायण में रामजी रावण से युद्ध करने के
लिए बंदरो और भालुओ को ही इसलिए ले गए थे
क्यूंकि वो जानते थे कि अगर अयोध्या वालो को ले जाते तो सोने की लंका में सोने और गिन्नीयों के चक्कर में रावण से भी समझौता कर लेते ||
हे राम दुबारा मत आना
अब यहाँ लखन हनुमान नही।।
सौ करोड़ इन मुर्दों में
अब बची किसी में जान नहीं।।
भाईचारे के चक्कर में,
बहनों कि इज्जत का भान नहीं।।
इतिहास थक गया रो-रोकर,
अब भगवा का अभिमान नहीं।।
याद इन्हें बस अकबर है,
उस राणा का बलिदान नही।। 🙏