@CMOfficeUP@myogiadityanath महोदय फॉर्मर रजिस्ट्री नहीं हो पर रही है जमीन में नाम कुछ अलग है जिसके लिए आवेदन किया गया है नाम सही करने के के लिए लेकिन लेखपाल साहब बिना खर्चा पानी सही नहीं कर रहे हे कासगंज तहसील
महोदय जनसुनवाई की शिकायत को एक महीने तक पेंडिंग में रखा जाता है जिससे किसान परेशान होकर पैसे देने को मजबूर होकर अधिकारी को पैसे दे जबकि शिकायत में साफ लिखा है कि उक्त व्यक्ति ने कॉल करके पैसे की मांग की और कहा कि पैसे नहीं देने पर कोई कार्य नहीं होगा
@CMOfficeUP@DmKasganj
महोदय जनसुनवाई की शिकायत को एक महीने तक पेंडिंग में रखा जाता है जिससे किसान परेशान होकर पैसे देने को मजबूर होकर अधिकारी को पैसे दे जबकि शिकायत में साफ लिखा है कि उक्त व्यक्ति ने कॉल करके पैसे की मांग की और कहा कि पैसे नहीं देने पर कोई कार्य नहीं होगा
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🚨 1 लीटर पेट्रोल = 176 KM माइले��! भारत के इस इनोवेशन को पहचान क्यों नहीं? 🇮🇳⚙️
प्रयागराज के रहने वाले शैलेंद्र ने वह कर दिखाया है, जो बड़े-बड़े ऑटोमोबाइल दिग्गज भी नहीं कर पाए...
उन्होंने अपनी पूरी प्रॉपर्टी बेचकर एक अनोखा Six-Stroke Engine तैयार किया है, जो सिर्फ 1 लीटर पेट्रोल में 176 KM तक माइलेज देने का दावा करता है...
और सबसे हैरान करने वाली बात —
शैलेंद्र जी कहते हैं कि अगर सरकार और इंडस्ट्री सपोर्ट करें, तो इस तकनीक को 200 KM/लीटर तक भी पहुँचाया जा सकता है...
🌍 अभी ईरान-इज़राइल युद्ध के कारण तेल की सप्लाई और प्��ोडक्शन पर असर पड़ रहा है, कई देशों में ऑयल क्राइसिस और महंगाई बढ़ने की आशंका है...
ऐसे समय में भारत का यह इनोवेशन उन देशों के लिए सीधा जवाब है, जिनकी पूरी अर्थव्यवस्था सिर्फ तेल के मोनोपोली पर टिकी हुई है...
सोचिए…
अगर ऐसी तकनीक को सही समर्थन मिल जाए, तो दुनिया की तेल पर निर्भरता कित��ी कम हो सकती है...
❗अगर यही काम किसी विदेशी ने किया होता, तो शायद हमारी मीडिया और दुनिया भर में इसकी चर्चा हो रही होती...!!!
अब सवाल यह है —
क्या हम अपने ही टैलेंट को पहचानेंगे?
📢 इस आवाज़ को सरकार तक पहुँचाना चाहिए, क्योंकि कभी-कभी एक इनोवेशन पूरे सिस्टम को बदलने की ताकत रखता है...!!!
खौंफ नाक वारदात को 5 दिन बीत चुके हैं। मेरी MLC रिपोर्ट भी दर्ज हो चुकी है, सारे सबूत और CCTV फुटेज पुलिस के पास हैं, फिर भी आरोपी सरेआम बाहर घूम रहे हैं। आखिर क्यों?
क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतज़ार कर रहा है? आरोपी लगातार मुझे और मेरे परिवार को डरा-धमका रहे हैं,
हमारा समाज आज व्यापक भ्रष्टाचार से जूझ रहा है। खासतौर पर खाद्य पदार्थों, रोजमर्रा की ज़रूरतों और दवाइयों में मिलावट इस कदर फैल चुकी है कि इसकी बराबरी कहीं और नहीं दिखती। नकली दूध-घी , जहरीले मसाले, घटिया तेल, मिलावटी दवाइयाँ यह सब अपवाद नहीं , बल्कि सिस्टम बन चुका है�� रेगुलेशन काग़ज़ों तक सीमित है और Food Safety and Standards Authority of India जैसी संस्थाएँ या तो नाकाम हैं या खामोश।
दुखद स��� यह है कि बहुत से लोग दूसरों को ठगना , शॉर्टकट अपनाना और मुनाफ़े के लिए ज़हर बेचना गलत मानते ही नहीं। समाज का एक बड़ा हिस्सा इस सोच का आदी हो चुका है कि “फायदा मेरा, नुकसान किसी और का।” न अपराधबोध है, न डर क्योंकि सज़ा की संभावना बेहद कम है। ईमानदारी मज़ाक बन गई है और चालाकी को होशियारी कहा जाने लगा है।
ऐसे हालात में सवाल उठता है—“कैसे कहूँ मेरा देश महान?” महानता नारों से नहीं , जवाबदेही से आती ह��। जब तक मिलावटखोरों पर सख़्त कार्रवाई, सिस्टम की पारदर्शिता और समाज की सामूहिक नैतिक जिम्मेदारी तय नहीं होगी, तब तक तरक़्क़ी के दावे खोखले रहेंगे। सच कड़वा है, लेकिन बदले बिना हालात नहीं बदलेंगे।
🚨 नेस्ले मैगी : बैन, बहाली और बड़ा सवाल 🚨
तारीख़ें याद रखिए — कहानी यहीं से खुलती है 👇
>> 5 जून 2015 को FSSAI ने Maggi Noodles के निर्माण और बिक्री पर देशभर में रोक लगा दी।
कारण बताए गए—
•सैंपल में सीसा (Lead) मानक से अधिक
•लेबलिंग में गड़बड़ी (भ्रामक दावे)
>> कानूनी मोड़-
कंपनी ने फैसले को Bombay High Court में चुनौत��� दी।
13 अगस्त 2015 को हाईकोर्ट ने बैन हटाया—
•FSSAI की टेस्टिंग प्रक्रिया पर सवाल
•दोबारा जांच (री-टेस्ट) की अनुमति
•इसके बाद मैगी की बाज़ार में वापसी
👉🏻तकनीकी और स्वास्थ्य से जुड़े अहम बिंदु-
1) लैब टेस्ट का विरोधाभास-
•शुरुआती जांच में मैगी FSSAI-approved लैब (जैसे CFTRI) में फेल बताई गई।
•बाद में री-टेस्ट में क्लीन चिट मिल गई।
> सवाल:>
•क्या सैंपलिंग बदली गई?
•क्या लैब/प्रोटोकॉल बदला गया?
•एक ही उत्पाद के नतीजे इतने अलग कैसे?
2) फैट प्रोफाइल और पॉम ऑयल-
•मैगी में कुल फैट ~15%
•इस फैट का ~80% पॉम ऑयल
पॉम ऑयल:
• सैचुरेटेड फैट अधिक
• हृदय रोग जोखिम से जोड़ा जाता है
> सवाल:>
•स्वास्थ्य जोखिम स्पष्ट होने के बावजूद FSSAI ने नियामक रोक/कड़ी चेतावनी क्यों नहीं लगाई?
•क्या “लीगल ���िमिट” पूरी होने से हेल्थ इम्पैक्ट अप्रासंगिक हो जाता है?
3) सीसा (Lead) की सीमा बनाम रिपोर्ट -
•FSSAI मानक: ≤ 2.5 ppm (mg/kg)
•उत्तर प्रदेश FDA रिपोर्ट: ~17.2 ppm
यानी मानक से लगभग 7 गुना अधिक।
>सवाल:>
• इतनी ऊँची रिपोर्ट के बावजूद बिक्री की अनुमति किस आधार पर?
• उपभोक्ता सुरक्षा में प्राथमिकता किसकी—कानूनी तकनीक या सार्वजनिक स्वास्थ्य?
👉🏻👉🏻 जरूरी बात जो सिस्टम नहीं बताएगा-
•छोटे विक्रेता पर मिलावट = त्वरित कार्रवाई
•बड़े ब्रांड पर सवाल = री-टेस्ट, राहत, वापसी
⚠️ मुद्दा सिर्फ मैगी का नहीं है।
>> मुद्दा यह है कि खाद्य सुरक्षा नियम सब पर बराबर लागू होते हैं या नहीं, और उपभोक्ता के स्वास्थ्य से ऊपर कौन-सा हित रखा जाता है।
खुरपेंची टीम हमेशा उन मुद्दों को उठाती है जो सीधे जनता के हित से जुड़े होते हैं—बिना डर और बिना किसी समझौते के। हमारा एजेंडा बिल्कुल स्पष्ट है , कागज़��� दावों और भाषणों से आगे बढ़कर जमीन पर दिखने वाली सच्चाई को सामने लाना।
हम शिक्षा , स्वास्थ्य , रोजगार , भ्रष्टाचार , बिजली , पानी , सड़क , शौचालय और हर तरह के अन्याय पर लगातार सवाल उठाते हैं। ये सिर्फ़ नीतिगत शब्द नहीं , बल्कि आम आदमी की रोज़मर्रा की परेशानियाँ हैं—जिन्हें अक्सर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है। अबकी बार Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) के अधिकारियों को जगाने का संकल्प लिया गया है और इस लड़ाई में हम सबके समर्थन के आकांक्षी हैं।
खुरपेंची टीम रिकॉर्ड खंगालती है, सबूत जुटाती है और जवाबदेही तय कराती है। किसी भी भ्रष्टाचारी या रिश्वतखोर को छोड़ा नहीं जाएगा, चाहे उसका पद या रसूख़ कुछ भी हो। यह लड़ाई किसी एक की नहीं , जनता की है और इसे अंत तक लड़ा जाएगा।
जय हिंद 🇮🇳
टीम खुरपेंच ने अब सीधे तौर पर FSSAI के उन अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है जो अपने कर्तव्य से भाग रहे हैं , आँख मूँदकर मंज़ूरी दे रहे हैं और जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होने दे रहे हैं। यह लड़ाई औपचारिक शिकायतों की नहीं , जवाबदेही तय करने की है।
अब आपकी भागीदारी अनिवार्य है।
अगर आज आप आवाज नहीं उठाएंगे तो आने वाली पीढ़ियाँ नकली पनीर , मिलावटी घी , ज़हरीली मिठाइयाँ , पॉम ऑयल से भरी चीजे , दूषित सब्ज़ियाँ और मसाले खाकर बीमार होती रहेंगी।
👉 देश तेज़ी से कैंसर की अंतरराष्ट्रीय राजधानी बनने की ओर बढ़ रहा है और सिस्टम चुप है।
टीम खुरपेंच लगातार रिकॉर्ड , लाइसेंस , सैंपल रिपोर्ट, बजट और मंज़ूरी के कागज खंगाल रही है।
👉 सारा डेटा सार्वजनिक किया जाएगा ,
👉 हर जिम्मेदार अफसर और फैसले की जवाबदेही तय कराने की भरकस कोशिश होगी।
पैसा लेकर मुहर लगाने वाले ,
काग़ज़ पर सुरक्���ा और जमीन पर ज़हर बेचने देने वाले अधिकारियों को बेनकाब किया जाएगा।
यह साफ किया जाएगा कि किसने क्या साइ�� किया, किस कीमत पर किया और उसके नतीजे में कितनी ज़िंदगियाँ खतरे में पड़ीं।
> यह चेतावनी है , अपील नहीं।
या तो आज सवाल उठेंगे या कल लाशें गिनी जाएँगी।
ये आरोप नहीं, रिटायरमेंट पैकेज है।
नाम: संत कुमार
पद: CDO, औरैया
सेवा शेष: 4 महीने
APO भर्ती में लाखों की वसूली— सब कुछ लिखित शिकायतों में दर्ज है। काग़ज़ चीख रहे हैं, मगर सिस्टम बहरा बना बैठा है।
क्योंकि यहाँ नियम साफ है:
रिटायरमेंट पास हो तो भ्रष्टाचार “अनुभव” बन जाता है
और जांच “औपचारिकता”।
@DMAuraiya साहब औरैया में सवाल नहीं दबे, दबाई गई है सिर्फ़ कार्रवाई।
दिल्ली के अंदर गौ तस्करों का कहर।
करीब 30 से ज़्यादा होंडा सिटी गाड़ी है।
जो रात के अंधेरे में गौ माता को उठा कर ले जाते है,और काटते है।
@AmitShah जी आप ही कोई कड़ा आदेश दीजिए दिल्ली पुलिस को क्योकि हम खबरे चला चला कर थक चुके है।
@CPDelhi सर आप क्या कर रहे है।
@HMOIndia@LtGovDelhi@CMODelhi
जिला हापुड़ रोड पर सरेआम कार में जा रहे दंपति पर जानलेवा हमला हुआ।
उत्तर प्रदेश योगी सरकार में खुलेआम रोड पर अब तो दबंगों द्वारा लूट एवं जानलेवा जैस��� घटनाएं सामने आ रही है
उत्तर प्रदेश मे योगी जी द्वारा मानव सुरक्षा शून्य दिखाई दे रही है
@CMOfficeUP @dgpup
🚨 उत्तर प्रदेश पुलिस कृपया वीडियो का संज्ञान लीजिए
प्रयागराज में भूमाफिया जुबेर अहमद ने राजेंद्र नाई का घर जला दिया .
घटना प्रयागराज के करनाई पुर की है कृपया संज्ञान ले कार्यवाही करे जिसका घर जल रहा पीड़ित राजेंद्र नाई है