यहि पप्पु यादव जि है जो अखतरूल इमाम साहब को हारने और हराने कि बात करते थे
ओर ओवैसि साहब को BJP का बि टिम कहा करते थे लेकिन आज पप्पु यादव को मजबूर होना पड़ा ओर ओवैसि साहब के साथ साथ अखतरुल ईमाम साहब कि तारिफ करनि पडि यह है मज्लिस कि ताकत अभि भि जिसका आँख नहि खुला है वो अपनि आँख खोल ले ओर मज्लिस का साथ देने को तैयार हो जाए।
दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में इमारत गिरने की खबर बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
खबरों के मुताबिक, इस इमारत में ज्यादातर DU के छात्र रहते थे, जिनके मलबे में दबे होने की जानकारी मिल रही है।
घटना के तुरंत बाद से NSUI के साथी मौके पर हर संभव मदद करने में जुटे हैं।
सरकार से अपील है कि युद्धस्तर पर राहत बचाव कार्य चलाएं, मलबे में दबे छात्रों और लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकाला जाए।
Indian authorities have demolished a mosque in Saharanpur, Uttar Pradesh, following a court ruling. The case was filed by a member of a Hindu nationalist group.
Mosque authorities say the building dates back to 1911. Rights groups are questioning the legality of the decision.
जिन्हें मस्जिद बचानी होती है, वो बचा लेते हैं; सिर्फ़ मीडिया में बयानबाज़ी नहीं करते।
नामपल्ली के विधायक माजिद हुसैन...मस्जिद पर बुलडोज़र पहुँचा तो ख़ुद हुकूमत के सामने मस्जिद में बैठ गए और उसे शहीद नहीं होने दिया।
बुलडोज़र वहाँ भी था, फ़र्क़ सिर्फ़ क़यादत का था।
यह बात @chitraaum आपने बहुत पहले ही समझ गए थे।
और यह बात आज साबिट हो गया।
अपने असीम वकार साहब को बोले थे तब उनको बुरा लग गया था और आज देखने को मिल रहा है पहले वह AIMIM कि वकालत करते थे अब वह कांग्रेस कि खुल के वकालत करेंगे क्योंकि आपने पहले ही इनको साबित कर चुके हैं कि आप कांग्रेस के प्रवक्ता हैं या AIMIM के।
4 PM की पत्रकार शाहीन को धार्मिक आधार पर पीटे जाने के BBC लंदन की पत्रकार रही हुदा जरीवाला ने दिल्ली पुलिस को दिखाया आइना ,
हुदा जरीवाला का दिल्ली पुलिस से किये गए ये सवाल आने वाले इतिहास में स्वर्ण पन्नों में लिखें जायेंगे ,
सलाम है ऐसे पत्रकारो पर ,
छात्र-छात्राओं से हार्दिक अपील: जौहर यूनिवर्सिटी और तालीमी इदारों को बचाने के लिए आगे आएं
देश के शैक्षणिक संस्थानों की मौजूदा स्थिति, खासतौर पर मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर चिंता बढ़ रही है। शिक्षा जैसे पवित्र क्षेत्र को राजनीति से दूर रखना और तालीमी इदारों की मजबूती के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
देश के युवाओं और छात्र-छात्राओं से अपील है कि वे राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर तालीमी इदारों की हिफाज़त के लिए आगे आएं और ऐसे संस्थानों में बढ़-चढ़कर दाख़िला लें, ताकि उनकी शैक्षणिक और सामाजिक प्रासंगिकता बनी रहे।
किसी भी संस्थान में कमी होने की स्थिति में उसे बातचीत और प्रशासनिक तरीकों से दूर किया जा सकता है। लेकिन किसी संस्थान को कमजोर करने की कोशिशों का असर छात्रों के भविष्य पर नहीं पड़ना चाहिए।
युवाओं की सक्रिय भागीदारी और बेहतर शिक्षा के माध्यम से देश की शैक्षणिक बुनियाद को मजबूत किया जा सकता है। स्वतंत्रता सेनानी मौलाना मोहम्मद अली जौहर के देश के प्रति योगदान को याद रखते हुए शिक्षा के बुनियादी ढांचे की हिफाज़त आज की महत्वपूर्ण जरूरत है। मजबूत और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बिना देश की वास्तविक तरक्की संभव नहीं।
#ArshadMadani
#SaveEducation
#StudentsForEducation
#JauharUniversity
पोस्ट पूरी पढ़ना दोस्तों...
सुबह से एक पोस्ट देख रहा हूं जिसमें मिल्लत टाइम्स के CEO @ShamsTabrezQ भाई और Co Founder पर एक एम्पलाई गलत आरोप लगाते हुए एक वीडियो वायरल किया जा रहा है।
वीडियो में एक बंदे के टर्मिनेशन की बात हो रही है। वो बंदा एटिट्यूड में ऑफिस पहुंचता और दरवाजा खोल कर अंदर घुस जाता है। फ़िर टर्मिनेशन पर वीडियो बनाते हुए मिसबिहेव करता है।
टर्मिनेशन पर अगर किसी का सवाल है तो उसका जवाब यह है कि:- ये बंदा एक जगह एम्पलाई है और जॉब करते हुए उसी पैसे से दूसरा अपना पेज बनाता है और उसके लिए बंदा भी हायर करता है। जबकि अगर ये बंदा चाहता तो खुद रिजाइन करके अपने पेज और एजेंसी को अच्छे से रन कर सकता है।
मान लो मैं किसी कोचिंग/स्कूल में पढ़ाता हूं और मुझे अच्छा खासा एक्सपीरियंस भी हो चुका है तो मैं ने उसी स्कूल/कोचिंग के पैरलल में मैं भी एक दूसरा स्कूल डाल देता हूं। लेकिन मैं जॉब अपने स्कूल में नहीं करके दूसरे के ही स्कूल में कर रहा हूं।
वाह क्या टेक्नीक लगाई जा रही है। और दूसरों को बदनाम भी किया जा रहा है। आप एक साथ दो सीढ़ियों पर चलने का प्रयास कर रहे हैं।
ऐसे में आप पहली एजेंसी का डाटा भी चोरी कर सकते हैं क्योंकि आप रिजाइन नहीं करना चाहते। ऐसे में एजेंसी वाले को आप से डर तो लगेगा ही और वो सीधा टर्मिनेट ही करेगा।
यही नहीं मेरे पास 12 मिनट 53 सेकंड की मेडिएटर वाली दूसरी वीडियो है जिसमें यह टर्मिनेशन वाला बंदा मिसबिहेव की बात को स्वीकार रहा है और अपनी गलतियां भी मान रहा है।
पिछले बार के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले हमसे मिलने दो बड़े मुफ़्ती आए थे हैदराबाद को। और उन्होंने हमसे आकर कहा कि हम एक बहुत बड़े इस्लामिक ऑर्गनाइजेशन के सदर साहब की तरफ से आए हैं, उनका पैगाम लेकर।हज़रत का बोलना यह है कि आप ये चुनाव मत लड़िए।
हमने कहा हम दो-तीन जगह पर हमारे कैंडिडेट का ऐलान भी कर चुके हैं। तो बोले, फिर क्या करना चाहिए? मैंने कहा, हज़रत को जाकर मेरा सलाम बोलिए और उनसे कहिए, आप हमारा अलायंस करवा दीजिए समाजवादी पार्टी के साथ, जहां उनके विधायक नहीं है, वहाँ 15–20 सीटे दिला दीजिए, वो बहुत खुश हुए कि ठीक है हम आपको बता देंगे, उनका आज तक कोई जवाब नहीं आया..!
—AIMIM प्रमुख @asadowaisi