बहन कुमारी @Mayawati जी ने आंदोलन के शुरुआती समय पर ही इस आंदोलन के राजनैतिक होने पर संदेह व्यक्त किया था
छात्रों और देश की जनता से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर बाबा साहेब की 'संवैधानिक नैतिकता' का पालन करना ही एकमात्र सही रास्ता है।
पेपर लीक और भ्रष्टाचार से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। विभिन्न दलों द्वारा अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए माहौल को तनावपूर्ण बनाना अनुचित है। सरकार को गंभीरता दिखाते हुए कोर्ट और आंदोलनकारियों के साथ मिलकर जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।"
1.काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का देश की राजधानी नई दिल्ली में संसद के नज़दीक जन्तर मन्तर में पिछले कई दिनों से, ख़ासकर मेडिकल की नीट जैसी विशेष परीक्षा आदि में पेपरलीक व अन्य गड़बडियों के दुष्परिणामों से छात्र-छात्राओं व उनके परिवार के काफी बुरी तरह से प्रभावित हो रहे जीवन को लेकर जारी अनिश्चितकालीन आन्दोलन के कारण सड़क से लेकर संसद तक में ज़बरदस्त हंगामा बरपा है और अब इसका राजनीतिकरण करने से यह मुद्दा सरकार के साथ सीधे टकराव का हो गया है, जिस विषम स्थिति से देश को निकालना ज़रूरी है, क्योंकि इससे दिल्ली में ही नहीं बल्कि विभिन्न राज्यों में भी आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
2.वैसे चाहे पूरे देश में अयोध्या श्रीराम मन्दिर में चढ़ावा चोरी/ग़बन आदि का गर्म मामला हो या फिर आल-इण्डिया व राज्यों की परीक्षाओं आदि में पेपरलीक का मुद्दा हो, यह सभी मूलतः भ्रष्टाचार के हर स्तर पर पनपने का ही परिणाम है।
3.इसके साथ ही यह संवैधानिक नैतिकता (constitutional morality) से भी जुडा़ मामला है, जिसके अभाव में यह देश को दीमक की तरह खाता चला आ रहा है, जबकि संविधान निर्माता परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर ने गुड गवरनेन्स हेतु इस पर ख़ास ध्यान देने की ज़रूरत पर विशेष बल दिया है।
4.संक्षेप में मेरा यही कहना है कि देश व जनहित से जुड़े वर्तमान विकट हालात के सौहार्दपूर्ण समाधान हेतु सरकार तथा माननीय कोर्ट जैसी संवैधानिक संस्थाओं को अपनी भूमिका निभाने की पहल करनी चाहिये तो यह बेहतर होगा।
5.साथ ही, सीजेपी के व्यापक हो रहे आन्दोलन का अब विभिन्न राजनीतिक पार्टियों द्वारा अपने-अपने संकीर्ण स्वार्थ में राजनीतिकरण करके सड़क से लेकर संसद तक में टकराव व हिंसा किया जाना घोर अनुचित। सरकार व आन्दोलनकारी दोनों मिलकर इसका शान्ति व सौहार्दपूर्ण समाधान जितना जल्द निकालें उतना ही उचित।
#BSP की सबसे बड़ी गलती वो नौटंकी नहीं करती जबकि समाज को राजनीति के नाम पर मुजरा चाहिए कोई मांग पूरी हो ना हो डायलॉग छोड़ युवाओं का पीटना सुनिश्चित करे !
भाई आकाश आनंद से निवेदन वे भी तमाशे की दुकान सजाए खुद महफूज़ हो कमजोर लोगों को पिटवा मुकदमा लगवा क्रांति के अग्रदूत बने !
#student#BSP
2014 से 2024 के बीच देश में लघभग 94,000 सरकारी स्कूल बंद हो गए... यानी हर रोज करीब 25 स्कूल बंद हुए..!
कोई शोर नहीं... कहीं दुख नहीं..!
क्यों..!!??
क्योंकि सरकारी स्कूलों में आमतौर पर गरीब और दलित-वंचित जातियों के बच्चे पढ़ते हैं..!
और यह मुद्दा इंडियन मध्यवर्ग के बीच लोकप्रिय नहीं है... इसमें चमक-दमक टाइप आकर्षण नहीं है.. क्यों ?
Arvind Shesh जी की फेसबुक वाल से
आज लाखों युवाओं ने अपने भविष्य निर्माण को लेकर इतिहासिक शांति पूर्वक प्रदर्शन किया. सरकार के द्वारा दमनकारी नीति अपना कर इन पर लाठी चार्ज करना आँशु गैस के गोले छोड़ना बहुत ही पीड़ा दायक है.देश का युवा शिक्षा रोजगार चाहता. वह बाबा साहेब,शहीद भगत सिंह के सपनों का भारत चाहता है.
नेता विपक्ष के सांसदों विधायकों को इस्तीफा देना चाहिए !
संसद सत्र चल रहा हो और चुने हुए विपक्ष के प्रतिनिधि सड़को पर नाटक कर रहे हो तो उन्हें सदन में विपक्ष बन बैठने का कोई हंक नहीं है !
सड़को से बात बनवानी हो तो सांसदी छोड़ने का दम क्यों नहीं दिखाते ?
#cjp#cockroachprotest
1.आज से जब संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है, सदन से लेकर सड़कों व दिल्ली के जन्तर-मन्तर तक में विभिन्न ज्वलन्त मुद्दों को लेकर ज़बरदस्त टकराव की स्थिति है, जिसे देश के विकट राजनीतिक, आर्थिक एवं सामाजिक हालात के मद्देनज़र ज़रूर बेहतर सूझबूझ से टाला जाना चाहिये।
2.वैसे भी सर्वसमाज के करोड़ों परिवारों के लिये जीवनदायी मेडिकल आदि की अति-महत्वपूर्ण व विशेष आल-इण्डिया परीक्षायें सहित राज्यों में नौकरी सम्बंधी परीक्षायें आदि भी लगातार हो रहे पेपरलीक/गड़बड़ी आदि के कारण रद्द होने की अनिश्चितता से ख़ासकर युवा वर्ग व बेरोज़गार लोग लगातार काफी ज़्यादा परेशान हैं, जो विभिन्न जगहों पर अनेकों प्रकार से व्यक्त किये जा रहे उनके आक्रोश व आन्दोलन आदि से भी प्रकट है और यह देश व जनहित से जुड़ा ऐसा अति-गंभीर मामला है जिसपर पूरी तरह से क़ाबू में करने के लिये सरकारों को तत्काल सख़्त क़दम उठाना नितान्त आवश्यक है।
3.साथ ही, इसके लिये ज़िम्मेदारी भी ज़रूर तय होनी चाहिये तथा ख़ासकर परीक्षा व्यवस्थाओं से जुड़े उच्च पदों पर बैठे लोगों के विरुद्ध भी कड़ी क़ानूनी सज़ा हो ताकि देश की तरक्की की नींव युवा पीढ़ी का भविष्य इस प्रकार की अनिश्चितता और अंधकार से आगे बच पाये।
4.इसी क्रम में यूपी, राजस्थान, दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों/शहरों में जिस प्रकार से, अच्छे सरकारी स्कूलों व सरकारी स्कूलों में अच्छी पढ़ाई के घोर अभाव में, प्राइवेट स्कूल एवं बड़ी-छोटी कोचिंग संस्थायें, तेज़ी से पनप रही हैं, उससे यह स्पष्ट है कि देश का युवा वर्ग व उनका परिवार, ज़बरदस्त महंगाई के इस दौर में भी अपना पेट काटकर एवं अन्य परेशानियों को झेलकर भी, अपने स्तर से पूरा जी-जान लगाकर आगे बढ़ने हेतु प्रतिबद्ध है।
5.वे लोग आउटसोर्सिंंग की शोषणकारी छोटी-मोटी नौकरी आदि से आगे बढ़कर स्थाई व स्वाभिमानी नौकरी में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं ताकि इज्ज़त से दो वक्त की रोटी कमाकर अपना व अपने परिवार का पेट पाल सकें, जो सराहनीय है।
6.ऐसे में सरकारें कोचिंग संस्थाओं आदि पर भय भ्रष्टाचार-मुक्त कड़ी निगरानी ज़रूर रखें, किन्तु प्राइमरी से लेकर उच्च शिक्षा स्तर पर सम्पूर्ण सरकारी शिक्षा व्यवस्था को हर स्तर पर बेहतर बनाने के साथ-साथ छात्र-छात्राओं को आगे बढ़ाने में भी अपना अहम् दायित्व निभाने का ईमानदार प्रयास ज़रूर करें।
7.वैसे भी यह सर्वविदित है कि देश व समाज को शिक्षित बनाना अनवरत प्रक्रिया है और जिसमें सरकारों द्वारा समुचित बजट प्रावधान के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता को भी अच्छे से अच्छा बनाने जैसी सही सोच रखना भी बहुत ज़रूरी है, तभी युवाओं के उज्जवल भविष्य के सहारे परिवार, समाज, प्रदेश व देश का भविष्य संवर पायेगा, वरना जीडीपी ग्रोथ देश की नैया का सही खिवैया क्या बना पायेगा, इसमें शक है।
8.इसीलिये यूपी व देश में भी विकास का मूल आधार संविधान निर्माता परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के उद्देश्यों के अनुसार शिक्षित, सुरक्षित, कल्याणकारी व सभ्य भारत हो तो यह हमेशा ही बेहतर होगा।
9.और अगर इन बातों पर तत्काल ज़रूरी ध्यान दिया जाये तो जन्तर-मन्तर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के हो रहे आन्दोलन जैसी कार्रवाईयों के लिये लोगों में भी ख़ासकर युवा पीढ़ी को बाध्य नहीं होना पड़ेगा। सरकार इनके प्रति सहानुभूति का रवैया अपनाकर स्थिति का सही समाधान करें तो यह उचित होगा।
#WATCH | Delhi: "Sonam will end his hunger strike tomorrow if political leaders meet him at Safdarjung hospital and assure him that they will raise the issue of education accountability in this Parliament session and the main issue of this session will be education accountability and reforms..." says Sonam Wangchuk's wife Gitanjali Angmo
She says, "However, if that accountability is not secured through Parliament, he will continue his fast. Even after staying two days in the hospital, he did not break his huger strike..."
1.अब जबकि संसद का मानसून सत्र कल दिनांक 20 जुलाई से शुरू हो रहा है, एक बार फिर यह देश व आमजन की चिन्ता है कि क्या इस बार भी फिर से संसद का सत्र हंगामा व स्थगन आदि की भेंट चढ़ जायेगा, या फिर ज़बरदस्त महंगाई, ग़रीबी, बेरोज़गारी, महिला असुरक्षा, महत्वपूर्ण परीक्षाओं के भी पेपरलीक आदि से जुड़े देश के ज्वलन्त मुद्दों से उत्पन्न उत्तेजित, आक्रोशित व आन्दोलित माहौल को शान्त करने व इनके संतोषजनक समाधान हेतु गंभीरता दिखाई जायेगी।
2.वैसे ख़ासकर अयोध्या श्रीराम मन्दिर में चढ़ावा की चोरी, हेराफेरी व ग़बन आदि को लेकर व्यापक जन आक्रोश ने भी यूपी व देश को काफी झकझोर कर रख दिया है और लोग, धर्म का चुनावी स्वार्थ हेतु राजनीतिकरण करने वालों को इसके लिये कठघरे में खड़ा करके, उनसे दिल दुखाने की जवाबदेही माँग रहे हैं, जिसकी गूंज सड़कों से लेकर अदालत तक में है और संसद में भी यह मुद्दा ज़रूर गर्म होगा, जिसपर भी लोगों की पैनी नज़र है।
3.इतना ही नहीं बल्कि बंगाल में विधानसभा आमचुनाव के बाद के हालात्, राजस्थान में सरकार की लापरवाही के कारण गर्भवति महिलाओं की मौत सहित विभिन्न राज्यों में बढ़ती महिला असुरक्षा, काफी आपाधापी में की जाने वाली चुनावी रेवड़ियों में भारी गड़बड़ी, सरकारी योजनाओं आदि में चर्चित भ्रष्टाचार, पुलिस मुठभेड़ का प्रचलन, वर्षों से बसे-बसाये लोगों को उजाड़कर उनके कालोनियों का ध्वस्तीकरण आदि जैसे सरकारी रवैयों से चरमराई संविधान की जनकल्याणकारी व्यवस्था के साथ ही,
https://t.co/zbwuw6xrFA की अर्थव्यवस्था व यहाँ के जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित करती हुई अमेरिका-इज़राइल का ईरान के विरुद्ध लगातार युद्ध व रुपया का अवमूल्यण आदि देश व जनहित के ऐसे ख़ास मुद्दे हैं जिनपर राजनीतिक द्वेष, स्वार्थ व आरोप-प्रत्यारोप की संकीर्णता/वैमनस्य को त्यागकर सत्ता और विपक्ष दोनों को एकजुट होकर अच्छा उपाय ढूंढ कर सराहनीय कार्य करना होगा, वरना लगभग 140 करोड़ की जनसंख्या वाले अपने देश में बहुजनों का जीवन यहाँ और भी अधिक बुरे दिन वाला बनकर उनका भविष्य अधर में लटकायेगा, जिसकी आशंका भी व्यक्त की जा रही है।
5.अतः देश को त्रस्त करने वाली इन भारी चुनौतियों व उसके प्रति चेतावनियों को ध्यान में रखकर संसद के मानसून सत्र को, बिना किसी उत्तेजना, रोष व विद्वेष के, सुचारू, शान्तिपूर्ण एवं स्वस्थ्य लोकतांत्रिक परम्परा के मुताबिक चलना सुनिश्चित किया जाना चाहिये, जो वक्त की अहम् ज़रूरत के हिसाब से सभी की ज़िम्मेदारी भी बनती है।
6.साथ ही, इस सम्बंध में सभी संस्थाओं को ऐसा प्रयास ज़रूर करना चाहिये कि देश के कठिन सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक हालात से त्रस्त भारतीयों के जीवन का बोझ व नित्य दिन की उनकी परेशानी/दिक्कतें और अधिक नहीं बढ़ने पायें।
7.इसी क्रम में संसद को भी इन ज्वलन्त राष्ट्रीय मुद्दों पर पूरी तरह से गंभीर व संवेदनशील होना ज़रूरी है और इसकी शुरूआत अगर संसद के वर्तमान मानसून सत्र से ही हो तो यह अवश्य ही बेहतर होगा। जनहितैषी गुड गवरनेन्स हेतु संसद का प्रभावी होना ज़रूरी। जय भीम, जय भारत।
#UPElections
उत्तर प्रदेश 2017 विधानसभा चुनाव में कुल राजनैतिक दलों की संख्या 305 थी, जिसमें 148 के करीब दलित पार्टियां ने दाव चले थे, इन पार्टियों के मुखिया दलित समाज से आते है , राम दास अठावले सभी सीटों पर लड़ा, वमन मेश्राम सभी सीटों पर लड़ा, डॉ आंबेडकर के परिवार वाले भी सभी सीटों से आए जो उनके कुनबे से नहीं लड़ा उसने समाजवादी पार्टी का समर्थन दिया भले ही एक वोट ना दिलवा पाया पर समाज विरोधी ताकतों का समर्थन तो कर ही गया,
फिर दलित ही पूछता है बसपा का परिणाम अच्छा क्यों नहीं आया बसपा में ये कमियां वो कामिया ढिमका फलाना, इस बार 148 से भी ऊपर का आंकड़ा छुएगा ये सभी दलित पार्टियां उत्तर प्रदेश में जीत नहीं सकती पर वोट किसका काटती है ? आशा करता हूं आपको पता होगा !
इन दलित पार्टियों को अन्य समाज का एक व्यक्ति वोट ना करे पर दलित समाज की वोट 148 जगह बंटवा के आने वाली सदियों तक सत्ता के सपने देखेंगे ,
सत्ता ही सभी समस्याओं का चाबी है लेकिन 148 चाबी बना लिए दलित वर्ग सही चाबी ही खोजता रह जाता है, जबतक चुनाव ही निकल जाता है,
फिर वही पांच साल का रोना एक दलित की लड़की वहां उठाई वहां दलित दूल्हा पीटा, दलित छात्र ने की आत्महत्या दलित छात्रा हुआ गैंग रेप ,
ये कभी मत सोचना कोई मनुवाद या आर एस एस आपके साथ कुछ जबरदस्ती कर रहा है, दलित खुद को ही इतना कमजोर करने पर तुला पड़ा है किसी को इनके साथ जघन्य अपराध करते हुए रत्ती भर डर नहीं लगता,
आज कल एक नया नाटक चला हर कोई संविधान की बत्ती बनाए लिए डोल रहा है, दलित खुद बचे ना बचे पर संविधान बचा लेगा,
खुद मर के संविधान को चटाना है क्या करना है ? कोई दिन ऐसा नहीं जाता जब दलित लड़की का बलात्कार न हो रहा हो, कोई रात ऐसी नहीं जाती जब दलित परिवार को मारा नहीं जा रहा, हर दिन दलित छात्र आत्महत्या कर रहा है,
संविधान बाद में बचाना पहले खुद को बचाओ अपने परिवार को सुरक्षित रखो हर कोई तुम्हारी लाश गिरने पर संविधान बचाने के कसमे खाने को डोल रहा है,
संविधान किसी जाति धर्म का निजी नहीं है, तो इसे बचाने की लड़ाई में सिर्फ दलित ही क्यों कुर्बानी के बकरे बने डोल रहे है,
पंक्ति का अंतिम भूखा नंगा व्यक्ति पंक्ति के प्रथम संपन्न व्यक्ति से लाडवा दिया कोई लॉजिक है इस लड़ाई को लड़ने का ? क्यों बे बिक के ज्ञान लेने वाले विज्ञानवादियों ?
फरबरी 2027 चुनाव की घोषणा हो गई या तो फिर आने वाले पांच साल लाशें उठाने की तैयारी कर लो या सबको सुरक्षित कर मजबूत से तरक्की के रास्ते खोल लो, नमस्ते !!
#Baba_Manish
विदेशी भी बाबा साहब के योगदान को जानते है, बस हमारे देश के वो लोग जिनके पूर्वज भारतीय समाज मे ऐसी गंदगी फैलाकर गए जिसमे दूसरे के मानव अधिकारों को खत्म कर सके, उनके बच्चे ही फ्रिंज एलिमेंट बनकर बाबा साहब हाय हाय करते है।।
आज दिनांक 17-07-2026 को जनपद प्रतापगढ़ के विधानसभा पट्टी में बहुजन समाज पार्टी द्वारा आयोजित विधानसभा स्तरीय समीक्षा बैठक में शामिल हुआ जिसमें बूथ /सेक्टर की समीक्षा तथा मिशन 2027 को सफल बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
#जयभीम#BSP#प्रतापगढ़#मिशन_2027#पट्टी #बहुजन_समाज_पार्टी
#brahman#yogiforhindurefugees
दुखद अब देखे कितने सवर्ण में चल रही ठाकुरवाद पर अपने वक्तव्य देते है, एक खुशहाल परिवार हनक के चलते लिल गया, ठाकुरवाद केवल अपराधियों में नहीं महकमे भी देखा जा रहा है, अभी तक हुए एनकाउंटर में मुस्लिमों के बाद ब्राह्मणों के हुए, जिसमें चित्रा त्रिपाठी ने एक प्राइम टाइम भी बनाया पर ब्राह्मण वोटर योगी को अलग ही रहनुमा मान बैठा था,
खैर वक्त रहते ये बदलाव भी आ रहा है ब्राह्मण अब बसपा पर ही लौट रहा है !!
#Baba_Manish
चुनाव कैसे लड़ा जाता है और कैसे जीता जाता है? बीएसपी सुप्रीमो बहन कुमारी @Mayawati जी इसे बखूबी जानती हैं. कब तक खामोश रहना है और कब दहाड़ लगाकर शिकार करना है? राजनीति की इस शतरंज में बहन जी माहिर खिलाड़ी हैं. इसलिए साथियो, आगे - आगे देखिए, होता है क्या?
बहन कुमारी @Mayawati जी ने 2027 का यूपी विधान सभा आम चुनाव फतह करने की रूपरेखा तो बड़ी तसल्ली के साथ तैयार कर ली है. बसपा विरोधी दल और मीडिया को भी बहन जी के इस सीक्रेट प्लान की भनक तक नहीं लगने वाली. इसलिए बसपा समर्थको, 2027 आपका स्वागत करने के लिए इंतजार कर रहा है.
जो लोग बहुजन समाज पार्टी को लेकर कहते है कि बीएसपी तो खत्म हो गई। जब बीएसपी खत्म हो गई तो आप लोगों को बीएसपी को लेकर कोई चर्चा ही नहीं करना चाहिए। क्योंकि बीएसपी तो खत्म हो गई ना।
बहुजन समाज पार्टी खत्म हो गई इसके बाद भी सपा प्रमुख अखिलेश यादव आदरणीय सुश्री बहन कुमारी मायावती जी से एक मुलाकात करना चाहते ऐसा क्यों?
दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता कह रहे हैं कि हम सपा से गठबंधन करने की वजह बहुजन समाज पार्टी से कर लेना चाहिए ताकि अन्य राज्यों में भी फायदा हो।
खत्म बहुजन समाज पार्टी से भी सपा, कांग्रेस और अन्य दल गठबंधन करने की कोशिश क्यों कर रहे हैं क्योंकि बीएसपी तो खत्म हो गई। अपना चुनाव खुदसे लड़ो।
सपा, कांग्रेस, बीजेपी यह सभी नेता जानते हैं कि बसपा का बहुत बड़ा जनाधार बसपा के साथ आज भी खड़ा है इतने बुरे दौर में भी। इसलिए बसपा से सभी दल गठबंधन करना चाहते हैं।
बसपा 2027 में पांचवीं बार सरकार में आ रही हैं।
@Mayawati@AnandAkash_BSP
#SonamWangchuk#cjp
आजाद भारत के आदतन भूख हड़ताली :–
इरोम शर्मिला (16 साल भूखी रही) विश्व की दूसरी सबसे बड़ी भूख हड़ताल AFSPA (सशस्त्र बल विशेष शक्ति अधिनियम हटाने के लिए आजतक नहीं हटा !
अन्ना हजारे (12 दिन भूखा रहा) लोकपाल बिल लाने के लिए प्रधानमंत्री की जवाबदेही तय करने के लिए, आजतक तय नहीं हुई,
बाबा राम देव (9 दिन भूखा रहा ) काला धन वापस लाने के लिए पर एक काली चवन्नी वापस ना आई !
मेघा पाटकर ( 22 दिन भूखी रही ) सरदार सरोवर बाँध के कारण विस्थापित लोगों पुनर्निवास के लिए आजतक नहीं करवा पाई !
आशाराम बापू ( 3 दिन की भूख हड़ताल ) कोरोना में जेल से पैरोल के लिए चौथे दिन फट के चकौतरा हुई तो हड़ताल खुद तोड़ दी !
सोनम वांगचु ( तीसरी बार भूख हड़ताल) कभी इन्हें बर्फ बचानी कभी ग्लेशियर कुल मिला के भूख हड़ताल की लत लगी हुई !
चुकी यह अब भूख हड़ताल कर गए तो तुम्हारी छाती पे भारी भरकम अहसान रख दिया अब इन्हें नेता बनाना भी जरूरी है, चुकी सभी जिंदा और विशिष्ट जाति से संबन्ध रखते है, अधिकांश कांग्रेस बीजेपी के पाले हुए इमोशनल सेल है, या अन्य जो भूख हड़ताल के बाद चुनाव लड़े उनकी जमानत जब्त हुई !
इसके अलावा कुछ गरीब मजदूरों ने भी फैक्ट्री के बाहर हड़ताल करी उनके तो पिछवाड़े कुछ घंटों में पुलिस ने तोड़ दिए और जेल में डाल लठ से अनशन तुड़वा दिए !
भूख हड़ताल करने का भी सभी को हक नहीं इसके लिए भी विशेष जाति या विशेष जाति के राजनैतिक दलों का समर्थन आवश्यक चाहिए !
आजादी से पूर्व बस एक व्यक्ति की भूख हड़ताल सफल हुई वो मोहन दास कर्मभंड गांधी जिसने दलितों को पृथक निर्वाचन क्षेत्र नहीं देने के लिए अनशन किया और डॉ आंबेडकर को भावनात्मक दबाव बनाया !
कहने को भूख हड़ताल पर सुबह बबली पंजाबी के छोले भटूरे का नाश्ता दुपहर में जुनैद हलीम बिरयानी शाम को डोल्मा आंटी के मोमोज़ रात में हल्दीराम पनीर थाली प्रोटेस्ट में फूड ब्लॉगर खाने की रिव्यू रेटिंग कर रहे रहे,
#NEET के विद्यार्थी को छोड़ के खट्टे मिट्ठे टकली महिलावादी सब मिलेंगे जो छात्र मिलेंगे उन्हें NEET की फुलफॉर्म नहीं पता इनके पंडाल से एक टाइम का खाना हटा दो भीड़ आधी दो टाइम का हटा दो भीड़ गायब तीसरे टाइम का हटा तो अभिजीत ही ना मिले, इसमें सबसे बुरा किसी का कटा भी तो अभिजीत का पूरी बारात सजाई और दूल्हा वांगचु बन गया !! नमस्ते !!
#Baba_Manish
उत्तर प्रदेश में बसपा के जनाधार बढ़ने कि रिपोर्ट ने सभी सत्ता एवं सत्ता विरोधी दलों कि नींद उड़ा दी है !अब सरकार एवं बसपा विरोधी हर प्रकार के षड्यंत्र करने कि कोशिश करेंगे !#बसपा
भारत में एक से एक खूंखार भूख हड़ताली देखे किंतु आजतक कोई मरा ?
गुरु घंटाल देश में भूख से गरीब मरता है परन्तु भूख हड़ताल से कोई नहीं मरता !
#SonamWangchuk सीरियल भूख हड़ताली है व अंडा हजारे भी आदतन भूख हड़ताली था !
इसी पैंतरे से गांधी भी दलितों का काट गया दुबारा न कटवा लेना !