विद्यालय: सरकारी
शिक्षक: मास्टर साहेब
काम: पढ़ना छोड़ के सबकुछ करना, और खासकर पत्रकारों को रोकना कि “पहले परमिशन लेकर आओ।”
क्योंकि जब पत्रकार बिना परमिशन के सरकारी विद्यालय में पहुंच जाते हैं, तो क्या होता है, ये देखिए—
1. बच्चियों से पूछना— किस कलर की चड्डी पहनी हो, चड्डी के नीचे क्या है।
2. बच्चियों से कहना— अब के जमाने में सब गंदी वीडियो देखते हैं, तुम लोग भी देखा करो।
3. बच्चों से ईंट उठवाना, सफाई करवाना, चाय बनवाना, देह की मालिश करवाना और हाथ पंखे से हवा करवाना।
4. बिना दाल वाली दाल और बिना सब्जी वाली सब्जी खिलाना।
5. सीढ़ियों पर अधनंगे पकड़े जाना।
6. दारू, मुर्गा और चखना खाते पकड़े जाते हैं।
7. मैडम और सर दो कुर्सी पर टांग पसार के आराम फरमाते हुए पकड़े जाते हैं।
8. बच्चों से झाड़ू-पोंछा और दूसरे निजी काम करवाना।
9. स्कूल में पढ़ाई के समय मोबाइल है।
10. बच्चों की पढ़ाई छोड़कर स्कूल के दूसरे कामों में व्यस्त रहना।
और भी बहुत से कारनामे है और इसलिए पत्रकारों को देखकर इतनी बेचैनी होती है।
परमिशन लेकर आएंगे तो स्कूल तैयार मिलेगा, बिना परमिशन आएंगे तो हकीकत कैमरे में कैद हो जाएगी।
अरे भाई, वो गड्ढा जान-बूझकर बनाया गया है!
ताकि टायर में मिट्टी लगे तो ऑटोमैटिकली धुलाई हो जाए।
ये कोई आम सड़क थोड़ी है— स्पेस टेक्नोलॉजी वाला रोड है, अमेरिका वालों ने भी नहीं देखा होगा! 😂
भारत ने ऐसी एडवांस टेक्नोलॉजी बना दी कि लोगों को हजम ही नहीं हो रही।
मेरठ सांसद: अरुण गोविल उर्फ रामायण के श्रीराम 🙏
हे प्रभु श्रीराम!
अपने मेरठ के गुरुकुल पर भी कृपा दृष्टि डालिए,
गुरुकुल में जलभराव हो गया है, शिष्यगण जल में खड़े होकर विद्या ग्रहण करने को विवश हैं।
हे प्रभु! लंका बाद में देखिएगा,
पहले अपने मेरठ के गुरुकुल को इस जल संकट से मुक्ति दिलाइए।
स्पेन बनाने का दावा भी आप ही कर रहे हो, वो लोग नहीं। जब दावा करोगे तो सवाल भी पूछे जाएंगे।
और अगर ये उन्हीं के बनाए हुए स्मारक हैं, तो 2017 से आप क्या कर रहे थे?
अभी कुछ दिन पहले खुद कहा था,
“वीडियो बनाना है, बनाओ।”
अब लोग वीडियो बनाने लगे तो अपनी करतूत दिखने लगी और बकलोली शुरू हो गई!
दावा बड़ा हो तो सवाल भी बड़े होंगे साहब, कैमरा बंद कराने से हकीकत नहीं बदलती।
बदहाल विद्यालय मिले तो चुप रहिए, वीडियो बना दिया तो FIR के लिए तैयार रहिए! 😏
योगी आदित्यनाथ को तथाकथित लोग प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं। मुख्यमंत्री हैं तो सरकारी स्कूलों का ये हाल है, क्या ये लोग ऐसे विकसित भारत बनाएंगे?
📍 देवरिया, उत्तर प्रदेश
अरे भाई, ये प्राकृतिक विद्यालय में क्लास लगाएंगे!
न पंखे का बिल, न बिजली का खर्च, न बेंच का पैसा, पूरा स्कूल भी प्रकृति संभालेगी!
सरकार को भी राहत, बच्चों को भी खुली हवा… बस पढ़ाई का इंतजाम भगवान भरोसे!
सतीश महान जी ने कुछ दिन पहले कहा था कि जिसने राम मंदिर में एक रुपया चंदा नहीं दिया वो हिसाब मांग रहे।
शायद इसी वजह से सतीश महान जी राष्ट्र गान बीच में छोड़ के चले गए, क्योंकि इनका राष्ट्रगान में कोई योगदान नहीं है।
अब देशभक्ति भी चंदे की रसीद देखकर तय होगी क्या? 😂
स्कूल में शिक्षा का स्तर इतना ऊंचा हो गया है कि बच्चों को किताबों से पहले पशुपालन, स्वच्छता और वन्यजीव संरक्षण का प्रैक्टिकल कराया जा रहा है।
सरकारी स्कूल है साहब… यहां पढ़ाई नहीं, हर दिन नई ‘सरप्राइज क्लास’ चलती है!
📍 डोबढ़ा, मध्यप्रदेश
अयोध्या में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान सरयू तट पर पानी बेचने वाले दीपक कुमार सिंह की मौत का आरोप है।
परिजन का कहना है कि पुलिस ने उन्हें दौड़ाया, जिसके बाद गिरने से उनकी जान चली गई।
गोद में मासूम बच्चे को लिए पत्नी मनीषा देवी का रोते हुए दर्द सुनकर किसी का भी कलेजा कांप जाए।
अब देखना यह है कि इस मामले में जांच और जवाबदेही होती है या फिर हमेशा की तरह मुद्दा बदलने के लिए नई बहस शुरू हो जाती है।
मुद्दा सीधा है: कार्रवाई हुई तो किस पर? जवाब मिला तो किससे?