दिल्ली की सत्ता ने घेरा, साज़िशों का जाल बुना..
पर झारखंड के बेटे ने झुकने के बजाय लड़ना चुना।🔥🏹
मुख्यमंत्री श्री @HemantSorenJMM जी के नेतृत्व में आज राज्य अवसरों की भूमि बन रहा है। चाहे युवाओं को रोजगार देना हो या महिलाओं को सम्मान..
अबुआ सरकार हर कदम पर जनता साथ खड़ी है।
झारखंड विधानसभा के माननीय अध्यक्ष आदरणीय श्री @Rabindranathji जी को जन्मदिन की बेशुमार मुबारकबाद।
खुदा आपकी मन्नतों को पूरी करें और अच्छी सेहत से नवाज़े।
जोहार दादा 💐🙏
आज सामाजिक संस्था आदिवासी भूमिज समाज, झारखंड (सा: हाते करम शुशुन गाँवता) के एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा ने भूमिज भाषा को पहचान दिलाने और प्रतियोगिता परीक्षाओं में शामिल करने को लेकर झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान सदन के माध्यम से सरकार का ध्यान आकृष्ट कराने की पहल को लेकर समाज के आंगतुकों ने सराहना की एवं पुष्पगुच्छ तथा अंगवस्त्र भेंट करके सम्मानित किया।
यह प्रयास केवल भाषा का नहीं, बल्कि भूमिज समाज की अस्मिता, संस्कृति और अधिकारों की मजबूत आवाज है। भूमिज समाज की एकजुटता ही आने वाली पीढ़ियों के लिए उनके भविष्य को उज्जवल करेंगी।
@HemantSorenJMM@JMMKalpanaSoren@JmmJharkhand
सैफ अली पिता मो शमशेर अंसारी ग्राम इरगोबाद प्रखंड जयनगर जिला कोडरमा का यह बच्चा पिछले दो दिनों से घर से लापता है माननीय मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी, माननीय @deepakbiruajmm जी एवं @dckoderma@spkoderma1 से आग्रह है कि इसमें त्वरित संज्ञान लेने का कृपा करें.
सैफ अली पिता मो शमशेर अंसारी ग्राम इरगोबाद प्रखंड जयनगर जिला कोडरमा का यह बच्चा पिछले दो दिनों से घर से लापता है माननीय मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी, माननीय @hafizulhasan001जी @SanjibSardar46@dckoderma एवं @spkoderma1 से आग्रह है कि इसमें त्वरित संज्ञान लेने का कृपा करें.
केंद्र सरकार ने मनरेगा मजदूरों के अधिकारों पर व्यापक हमले की तैयारी कर ली है। महात्मा गांधी की नाथूराम गोडसे ने 1948 में हत्या की थी। पिछले 11 सालों से देश में गांधी जी के सोच को सुनियोजित तरीके से लगातार खत्म किया जा रहा है। और उसी दिशा में एक कदम बढ़ाते हुए केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी नरेगा को खत्म करने के लिए बिल तैयार कर लिया है।
यह कैसी सरकार है जो मजदूरों के अधिकारों के कानून से गांधी जी के गरीबी उन्मूलन, विकेंद्रीकरण और सौहार्द्य की सोच को हटाकर धर्म विशेष नाम देती है।
केवल नाम नहीं, बल्कि यह बिल ग्रामीण मजदूरों के काम के अधिकार को ही समाप्त करने की घोषणा है। जिस प्रकार हर कल्याणकारी कानून में केंद्र बजट कटौती कर रही है और राज्यों के संवैधानिक अधिकारों को केंद्रीकृत कर अपने झोले में घिच रही है। ठीक उसी प्रकार मनरेगा को खत्म कर इस "विकसित भारत-जी राम जी" प्रस्तावित योजना में भी वही किया गया है।
मनरेगा अंतर्गत देश के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में सभी मजदूरों को काम का अधिकार है। लेकिन इस प्रस्तावित योजना में केंद्र तय करेगी कि कहां योजना लागू होगी और कहां नहीं। अब साल में दो महीने इस अधिकार को रोक देने का भी प्रस्ताव है। इतना ही नहीं, मनरेगा के अधिकार आधारित सोच के विपरीत अब केंद्र तय करेगा कि हर राज्य का कितना बजट होगा और अगर उससे ज्यादा लगे, तो केंद्र हाथ उठा लेगी। यह तो काम के अधिकार को खत्म करने की योजना है।
एक तरफ केंद्र झारखंड के खनिज को लूट कर राज्य के अधिकार का पैसा नहीं दे रही है। दूसरी ओर अब ग्रामीण रोजगार के इस योजना में राज्य सरकार को 40% खर्च देने की बात है। पहले केंद्र हमारा 1.36 लाख करोड़ रुपए व अन्य योजनाओं के पैसे को पूरा दें, फिर किसी तरह के पैसा मांगने की बात करें।
हमारी सरकार गरीब, किसान, मजदूरों की सरकार है। हम किसी भी परिस्थिति में मजदूरों के संवैधानिक अधिकारों को खत्म होने नहीं देंगे। मनरेगा कानून को देश के सभी दलों ने मिलकर संसद में एकमत होकर पारित किया था। अब कोई भी इसे खत्म करने की कोशिश करेगा, तो झारखंडी मजदूर और हम सब सड़क से संसद तक संघर्ष के लिए तैयार हैं।
The G RAM G is all set to destroy MGNREGA in the guise of revamping it as a new scheme. Here are 3 big issues:
1. Central govt retains power to decide where and when the new scheme comes into force (!!!). This makes a mockery of the legal guarantee.
माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ज़ी के निदेशानुसार रांची शहर में आवागमन व्यवस्था, नागरिक सुविधाओं तथा आमजन के जीवन को और अधिक सुगम, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से में महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई।
आयोजित बैठक में आयुक्त, रांची नगर निगम श्री सुशांत गौरव, वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची श्री राकेश रंजन, पुलिस अधीक्षक नगर श्री गौतम राणा, पुलिस अधीक्षक यातायात श्री राकेश सिंह, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री पुष्कर राणा, अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था) श्री राजेश्वरनाथ आलोक, अनुमंडल पदाधिकारी सदर श्री उत्कर्ष कुमार, अपर समाहर्ता, रांची श्री राम नारायण सिंह, उपसमाहर्ता नजारत श्री सुदेश कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी श्री अखिलेश कुमार सहित नगर निगम एवं सूडा के संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने, प्रमुख सड़कों एवं चौक-चौराहों पर यातायात को सुचारु करने, बेतरतीब ढंग से लगे बिजली के खंभों एवं उन पर लटके तारों को व्यवस्थित करने तथा विभिन्न मार्गों पर अनावश्यक कट्स को बंद करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इस क्रम में संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा गया कि शहर की सुंदरता, सुरक्षा और आम नागरिकों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बिजली के खंभों पर लटके अव्यवस्थित तारों को शीघ्र व्यवस्थित करने हेतु टेलीकॉम कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके और शहर की छवि बेहतर बनाई जा सके।
इसके अतिरिक्त, शहर में टोटो परिचालन के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसे लेकर जिला परिवहन पदाधिकारी को टोटो संघ के साथ बैठक कर मार्ग निर्धारण, परिचालन अनुशासन एवं यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य टोटो चालकों एवं आम नागरिकों के बीच संतुलन बनाते हुए सुचारू यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना है। एवं टोटो चालकों के लिए यूनिफॉर्म और वाहन के पीछे चालक का नाम और मोबाइल नंबर बड़े अक्षरों में लिखवाना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
महिला सुरक्षा को लेकर विशेष निर्देश देते हुए कहा कि भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों, प्रमुख बाजारों, सार्वजनिक स्थलों, शिक्षण संस्थानों के आसपास एवं रात्रिकालीन समय में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने महिला सुरक्षा से संबंधित मामलों पर त्वरित कार्रवाई, नियमित पेट्रोलिंग, संवेदनशील स्थानों की पहचान तथा आवश्यकतानुसार निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए, ताकि महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
बैठक में शहर को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए संबंधित अंचल अधिकारियों को नगर निगम की टीम के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित करते हुए संयुक्त रूप से कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया, ताकि सड़कों, फुटपाथों एवं सार्वजनिक स्थलों पर अवैध अतिक्रमण हटाकर आमजन को सुगम एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
बैठक में निर्णय लिया गया कि जिला प्रशासन रांची शहर को अतिक्रमण मुक्त, यातायात की दृष्टि से सुगम, नागरिकों के लिए सुरक्षित तथा सौंदर्यपूर्ण बनाने के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य करेगा। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि हर शहरवासी को सम्मान के साथ बेहतर जीवन सुविधाएँ उपलब्ध हों और रांची एक सुव्यवस्थित एवं आदर्श शहर के रूप में विकसित हो।
@prdjharkhand@JharkhandCMO@HemantSorenJMM@mbhajantri
आज भारत में ऑस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर श्री फिलिप ग्रीन OAM, प्रोफेसर सुशान मार्क्स (इंटरनेशनल लॉ), श्री टॉम सैंडरफोर्ड (फर्स्ट सेक्रेटरी) एवं सुश्री अनघा से शिष्टाचार भेंट हुई।
इस दौरान आपसी सहयोग और साझा हितों से जुड़े विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री श्री @HemantSorenJMM एवं विधायक श्रीमती @JMMKalpanaSoren से भारत में ऑस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर Mr. Philip Green OAM Professor Susan Marks, International law, Mr. Tom Sanderford, First Secretary एवं Ms. Anagha, Senior Economic Research Officer ने मुलाकात की।
आज मैंने रांची शहर का औचक निरीक्षण किया।
राज्य के प्रत्येक शहर में आवागमन, नागरिक सुविधाओं तथा जीवन की सुगमता को और अधिक बेहतर बनाने के लिए हमारी सरकार पूरी तरह सजग और प्रतिबद्ध है।
हमारा संकल्प है कि राज्य का हर शहर सुरक्षित, समावेशी एवं खुशहाल बने, जहाँ प्रत्येक नागरिक को सम्मान के साथ बेहतर जीवन सुविधाएँ सुनिश्चित हों।
आज झारखंड विधानसभा में असम से आए आदिवासी समन्वय समिति भारत के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की।
असम में रह रहे आदिवासी समुदाय की समस्याओं, उपेक्षा और उनकी वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।
मैंने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि झारखंड सरकार उनके हक-अधिकार, पहचान, संस्कृति और परंपरा की रक्षा के लिए हर स्तर पर सकारात्मक पहल करेगी।
जल्द ही झारखंड सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल असम जाकर ज़मीनी स्थिति का आकलन करेगा।
चाय बागानों में कार्यरत आदिवासी समुदाय को एसटी दर्जा, उचित दैनिक वेतन, और भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।
आदिवासी समाज की उन्नति—सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक—हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
किसानों को आधुनिक और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध: श्री @HemantSorenJMM
कृषि एवं वनोपज क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण, किसानों की आय वृद्धि, स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन तथा प्रशिक्षण एवं विपणन तंत्र को सशक्त बनाने से संबंधित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा।