@TimesAlgebraIND अनपढ़ लोगों से और क्या उम्मीद कर सकते हैं।
खुद के स्थानविसेस में तो गुदा है नहीं कि अपने दम पे चुनाव जीते, तो प्रलोभन ही सही।
ये लोग जनता को भिखारी समझ लिए है,
थोड़ा भीख और ले लो और वोट मुझे दे दो।
मिलिये, सनातन धर्म के सबसे विद्वान संत #रामभद्राचार्य (73) जी से। 😍
सिर्फ दो माह की उम्र में जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी की आंखों की रोशनी चली गई, लेकिन इसके बाद भी आज उन्हें 22 भाषाएं आती हैं, 80 ग्रंथों की रचना कर चुके हैं। ये संस्कृत भाषा के विशेषज्ञ भी है।
साल 2015 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मविभूषण से सम्मानित किया था।
वे न तो पढ़ सकते हैं और न लिख सकते हैं और न ही ब्रेल लिपि का प्रयोग करते हैं। वे केवल सुनकर सीखते हैं और बोलकर अपनी रचनाएं लिखवाते हैं।
इसके अलावा ये रामभद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय के संस्थापक हैं और आजीवन कुलाधिपति हैं। जहां दिव्यांगों को विभिन्न तकनीकी शिक्षा भी दी जाती है।
ये श्रीराम जन्मभूमि के पक्ष में, कोर्ट में उपस्थित थे। इन्होंने ऋग्वेद की जैमिनीय संहिता से दिशा और दूरी का बिल्कुल सटीक ब्यौरा देते हुए श्रीराम जन्मभूमि की स्थिति बताई गई है। 😮
कोर्ट के आदेश से जैमिनीय संहिता मंगाई गई...और उसमें जगद्गुरु जी द्वारा निर्दिष्ट संख्या को खोलकर देखा गया और समस्त विवरण सही पाए गए...जिस स्थान पर श्रीराम जन्मभूमि की स्थिति बताई गई है...विवादित स्थल ठीक उसी स्थान पर है।
ऐसे परम विद्वान संत केवल सनातन धर्म मे ही हो सकते है। जय श्री राम 🧡
धन्यवाद सीएम शिवराज सिंह चौहान सर
मान गए आपके न्याय व्यवस्था को
ला दिए बहन बेटी और मां को सड़क पर?
जो कल बोल रहे थे कि सिर्फ शौचालय तोड़ा गया है तो वह देख लीजिए, मामा का न्याय
मामा का वचन की मामा का शासन हैं!
फैसला ऑन द स्पॉट विद फुल फैमिली
अब औकात में रहो बे नहीं तो एक गलती और पूरा परिवार सड़क पर, आखिर तुम्हारा हिम्मत कैसे हुआ इतना बड़ा घर बनाने का?
जिंदगी भर भीख मांगते आए हो और आज घर बना लिए? फिर कटोरा लेकर घर-घर घूम कर भीख मांगों, यही तो न्याय व्यवस्था है!
मां बाप ने पहले ही कहा था कि प्रवेश शुक्ला को फांसी पर चढ़ा दीजिए लेकिन हमारे घर को मत तोड़िए लेकिन सत्ता का अहंकार किसी का कहां सुनता?
वैसे शुक्ला के परिवार को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है मामा जी बहुत दयालु है, अगली बार अगर वोट देकर दोबारा इनकी सरकार बनाएंगे तो यह प्रधानमंत्री आवास योजना तहत आपको एक नया घर बनवा कर देंगे
UCC की बात करने वालें से सवाल यानी कि समान नागरिक संहिता
जब प्रवेश शुक्ला पर NSA लग सकता है, उसके घर को बुलडोजर से मिट्टी में मिलाया जा सकता है तो फिर विकास शर्मा को जिसने मूत्र पिलाया उस पर NSA क्यों नहीं लगा? उसके घर को मिट्टी में मिलाया क्यों नहीं गया?
मृतक का नाम: विकास शर्मा
मृत्यु का कारण: आदिवासियों ने पूजा के लोटे में पेशाब पिलाई
शिवराज मामा के ट्वीट: शून्य
मीडिया पर चर्चा: शून्य
कारण: मृतक ब्राह्मण था, आरोपी आदिवासी
न NSA लगा, न बुलडोजर चला और न ही ट्वीट हुए। दोगला समाज बराबरी की बात करता है।
लखनऊ के एक उच्चवर्गीय बूढ़े पिता ने अपने पुत्रों के नाम एक चिट्ठी लिखकर खुद को गोली मार ली।
चिट्टी क्यों लिखी और क्या लिखा। यह जानने से पहले संक्षेप में चिट्टी लिखने की पृष्ठभूमि जान लेना जरूरी है।
पिता सेना में कर्नल के पद से रिटार्यड हुए । वे लखनऊ के एक पॉश कॉलोनी में अपनी पत्नी के साथ रहते थे। उनके दो बेटे थे। जो सुदूर अमेरिका में रहते थे। यहां यह बताने की जरूरत नहीं है कि माता-पिता ने अपने लाड़लों को पालने में कोई कोर कसर नहीं रखी। बच्चे सफलता की सीढ़िंया चढते गए। पढ़-लिखकर इतने योग्य हो गए कि दुनिया की सबसे नामी-गिरामी कार्पोरेट कंपनी में उनको नौकरी मिल गई। संयोग से दोनों भाई एक ही देश में,लेकिन अलग-अलग अपने परिवार के साथ रहते थे।
एक दिन अचानक पिता ने रूंआसे गले से बेटों को खबर दी। बेटे! तुम्हारी मां अब इस दुनिया में नहीं रही । पिता अपनी पत्नी की मिट्टी के साथ बेटों के आने का इंतजार करते रहे। एक दिन बाद छोटा बेटा आया, जिसका घर का नाम चिंटू था।
पिता ने पूछा चिंटू! मुन्ना क्यों नहीं आया। मुन्ना यानी बड़ा बेटा।पिता ने कहा कि उसे फोन मिला, पहली उडान से आये।
धर्मानुसार बडे बेटे का आना सोच वृद्व फौजी ने जिद सी पकड़ ली।
छोटे बेटे के मुंह से एक सच निकल पड़ा। उसने पिता से कहा कि मुन्ना भईया ने कहा कि, "मां की मौत में तुम चले जाओ। पिता जी मरेंगे, तो मैं चला जाऊंगा।"
कर्नल साहब (पिता) कमरे के अंदर गए। खुद को कई बार संभाला फिर उन्होंने चंद पंक्तियो का एक पत्र लिखा। जो इस प्रकार था-
प्रिय बेटो
मैंने और तुम्हारी मां ने बहुत सारे अरमानों के साथ तुम लोगों को पाला-पोसा। दुनिया के सारे सुख दिए। देश-दुनिया के बेहतरीन जगहों पर शिक्षा दी। जब तुम्हारी मां अंतिम सांस ले रही थी, तो मैं उसके पास था।वह मरते समय तुम दोनों का चेहरा एक बार देखना चाहती थी और तुम दोनों को बाहों में भर कर चूमना चाहती थी। तुम लोग उसके लिए वही मासूम मुन्ना और चिंटू थे। उसकी मौत के बात उसकी लाश के पास तुम लोगों का इंतजार करने लिए मैं था। मेरा मन कर रहा था कि काश तुम लोग मुझे ढांढस बधाने के लिए मेरे पास होते। मेरी मौत के बाद मेरी लाश के पास तुम लोगों का इंतजार करने के लिए कोई नहीं होगा। सबसे बड़ी बात यह कि मैं नहीं चाहता कि मेरी लाश निपटाने के लिए तुम्हारे बड़े भाई को आना पड़े। इसलिए सबसे अच्छा यह है कि अपनी मां के साथ मुझे भी निपटाकर ही जाओ। मुझे जीने का कोई हक नहीं क्योंकि जिस समाज ने मुझे जीवन भर धन के साथ सम्मान भी दिया, मैंने समाज को सभ्य नागरिक दिये। हाँ अच्छा रहा कि हम अमरीका जाकर नहीं बसे, सच्चाई दब जाती।
मेरी अंतिम इच्छा है कि मेरे मैडल तथा फोटो बटालियन को लौटाए जाए तथा घर का पैसा नौकरों में बाटा जाऐ। जमापूँजी आधी वृद्ध सेवा केन्द्र में तथा आधी सैनिक कल्याण में दी जाऐ।
तुम्हारा पिता
कमरे से ठांय की आवाज आई। कर्नल साहब ने खुद को गोली मार ली।
यह क्यों हुआ, किस कारण हुआ? कोई दोषी है या नहीं।
हाँ यह काल्पनिक कहानी नहीं। पूरी तरह सत्य घटना है..!!
गुमशुदा की तलाश।
नाम - चन्दर सेखर
काम - हर बात में जनरल ओबीसी को जिम्मेदार ठहराना।
कद - जातिवादी कीडे बराबर
रंग - नीला
वजन - पाप के घडे बराबर
जब से दिल्ली में मोहम्मद साहिल ने दलित लडकी साक्षी की निर्ममता से हत्या की है तबसे यह लापता है जिसको भी जानकारी मिलें बांस लेकर पहुंचे।
थोड़ी देर के लिए भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी आदि सभी पार्टियों को Side में करके, एक भारतीय बनकर पढिए.!!!
चूहा पिंजरे में फंसकर इसलिए मरता है,
क्योंकि वो समझ नहीं पाता कि
पिंजरे में रखा पनीर
उसे फोकट में क्यों दिया जा रहा है?
अगर विश्व का सबसे ताकतवर नेता
हमारे देश का प्रधानमन्त्री है,
तो विश्व का सबसे घटिया एवं गिरा हुआ विपक्ष भी
हमारे देश का ही है!
जो विरोध करते-करते राष्ट्रद्रोह पर उतर आया!रोहिंग्या 1770 km दूर भारत आ गए,
पर मात्र 2 km दूर चीन नहीं गए...क्योंकि वहाँ जूते पड़ते हैं, और यहाँ देशद्रोही नेताओं द्वारा आरती उतारी जाती है!
जिस ज़ाकिर नाइक को मलेशिया जैसा इस्लामिक देश एक साल भी नहीं झेल पाया...
उसे कांग्रेस 10 साल तक शांतिदूत बताती रही!
गद्दार देश में ही हैं!
कभी सुना है कि कांग्रेस से नाराज होकर मुसलमानों ने BJP प्रत्याशी जिता दिया हो?
ये कीड़ा सिर्फ हिन्दुओं को ही काटता है
हिन्दुओं के ही अंदर तक घुसा रहता है!
इतिहास गवाह है कि बगैर कट्टरता के न तो धर्म बचता है ना संस्कृति बचती है, और ना ही राष्ट्र
500 सालों से बंद राम मंदिर देती है पर वोट नहीं मिलते हैं, धारा 370 हटाकर कश्मीर में घूमने की आजादी देती है, पर वोट नहीं मिलते हैं!
CAA लाकर बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान जैसे इस्लामिक देशों से हिंदू, सिख तथा अन्य सनातनियों के साथ साथ क्रिश्चियन को भी को वापस लाकर भारत का नागरिकता देते है, पर वोट नहीं मिलते हैं!
सर्जिकल स्ट्राइक से 26/11 जैसे हमले रोकती है,
पर वोट नहीं मिलते हैं, पिछले 9 सालों से कोई भ्रष्टाचार नहीं, पर वोट नहीं मिलते हैं!
कैसे निर्लज्ज हैं हम.?
क्या चाहिए हमें फिर.?
सस्ता प्याज, चोरी-भ्रष्टाचार करने की आजादी, तलवा चाटने के लिए राजमाता और उटपटांग बोलते भाई बहन की जोड़ी.?
हम अपने सुरक्षित भविष्य को नकार रहे हैं!
आँखें खोल लो अपनी, क्या अफगानिस्तान की दुर्दशा हमारी आँखें खोलने के लिए पर्याप्त नहीं है?
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मेरे किसी बहुत खास मित्र ने भेजा है और मैं पोस्ट कर रहा हूं!
जयतु सनातन धर्म 🚩🚩