एक दिन यह देश मूर्तियों का देश होगा
मूर्तियां
जो ना बोल सकती हैं
ना सुन सकती हैं
ना देख सकती हैं
ना विरोध कर सकती हैं
न्याय भी मूर्ति, कानून भी मूर्ति
~पंक्तियां सुजाता
@SanskritKmuniti न विश्वसेत्कुमित्रे च मित्रे चापि न विश्वसेत् । कदाचित्कुपितं मित्रं सर्वं गुह्यं प्रकाशयेत् ॥16॥
आचार्य चाणक्य का कथन है कि कुमित्र पर कभी विश्वास नहीं करना चाहिए और पूरी तरह मित्र पर भी विश्वास नहीं करना चाहिए। कभी कुपित होने पर मित्र भी आपकी गुप्त बातें सबको बता सकता है।
ये व्यक्ति रे०स्टेशन मथुरा जं० से अपनी माँ के साथ सो रहे महज 7 माह के बच्चे को उठाकर ले गया।
इस व्यक्ति को पकड़वाने में मदद कीजिये।
आप सिर्फ Retweet कर इसके फ़ोटो/वीडियो को Groups में share कर दीजिये, विशेष कर कासगंज, बदायूँ और बरेली साइड में।
मुझे भरोसा है ये अवश्य पकड़ा जाएगा।
यदि एक ज़हर दूसरे ज़हर से मिल जाए तो इस बात का निश्चय कौन करेगा कि उनमें पहले कौन सा डाला गया था। और यदि इस बात का निश्चय हो भी जाए तो इससे फ़ायदा क्या होगा? - गांधी ( पृष्ठ संख्या 48, प्रार्थना प्रवचन, खंड दो )
तेलंगाना में मां भद्रकाली का मंदिर है यहां माता जी का अभिषेक हल्दी से किया जाता है उस समय माता रानी हल्दी पढ़ते ही अपनी आंखें बंद कर लेती है। इसे चमत्कार माने , विश्वास करें या फिर हल्दी के रंग का असर। लेकिन कुछ ना कुछ तो अहमियत है। और महिमा है मां की प्रतिमा की।
जय मां काली 🙏