एक वायरल वीडियो में दावा किया गया है कि @MumbaiPolice प्रदर्शन कर रहे छात्रों को धमका रही है कि अगर वे दोबारा प्रदर्शन करने लौटे, तो उन्हें झूठे ड्रग्स के मामले में फँसा दिया जाएगा और पूरी ज़िंदगी जेल में सड़ना पड़ेगा।
अगर यह सच है, तो यह सिर्फ़ छात्रों को डराने की कोशिश नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है। अपनी आवाज़ उठाना अपराध नहीं है। छात्रों के सवालों का जवाब धमकियों से नहीं, जवाबदेही से दिया जाना चाहिए।
#Students #Mumbai #MumbaiPolice
@VarshaEGaikwad
आकांक्षा डॉक्टर बनकर देश और समाज की सेवा करना चाहती थी। आकांक्षा के पिता किसान हैं। बेटी के डॉक्टर बनने के सपने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड पर ₹3 लाख का कर्ज़ लिया। और नागपुर में खुद कुक की नौकरी कर ली, ताकि बेटी वहाँ coaching कर सके।
एक पिता ने जो कर सकता था, सब किया।
फिर NEET पेपर लीक हुआ। परीक्षा रद्द हुई। उस अनिश्चितता में आकांक्षा हमें छोड़ कर चली गई।
आकांक्षा की मौत आत्महत्या नहीं - मोदी जी की एक भ्रष्ट, टूटी हुई व्यवस्था की देन है।
और धर्मेंद्र प्रधान जी? आज भी कुर्सी पर हैं।
फिर वही कमेटी। वही ट्रांसफर। वही जाँच। न सुधार, न न्याय।
मोदी जी, कुर्सी स्थायी नहीं होती - आती-जाती रहती है। लेकिन आपने 12 वर्षों में शिक्षा व्यवस्था को जिस हद तक बर्बाद किया है, उसकी कीमत भारत की एक पूरी युवा पीढ़ी चुका रही है।