लखनऊ में आयोजित टीचरों और छात्रों के प्रदर्शन में कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके ने समर्थन देते हुए कहा ,
" उत्तरप्रदेश सहित पूरे भारत में पेपर लीक हो रहे है , पेपरो में धांधली हो रही है , इससे बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है ",
जालोर में एक ऐसी घटना हुई जिससे पूरे राजस्थान का सिर नीचे झुक गया।
प्रकाश भील के ऊपर पेशाब की गई और जाति सूचक शब्दों के साथ गालियां दी गई।
SC ST के लोगों के ऊपर अत्याचार लगातार बढ़ता जा रहा है।
उम्मीद है भजनलाल जी इस मामले पर संज्ञान लेंगे।
#प्रकाश_भील_को_न्याय_दो
OMR घोटाले को लोग समय के साथ भूल गए 💔
संजय माथुर को जमानत मिल गई ?
OMR घोटाले मे 38 स्टूडेंट्स के नम्बर बढ़ाए गए उनका नाम सार्वजनिक क्यो नही किया गया।
आखिरकार ईमानदार, मेहनती बेरोजगार स्टूडेंट्स को न्याय कब मिलेगा। 🥹
संजय माथुर, प्रवीण गंगवाल, शादान खान,विनोद कुमार गौड,पूनम माथुर...इन लोगो के पीछे लाखो मेहनती बेरोजगार स्टूडेंट्स के हक को खा लिया और माइन्स 6 वालो अयोग्य स्टूडेंट्स को पहले माइन्स से जीरो पर लाए और फिर 259 नम्बर कर दिए यानि 265 नम्बर बढ़ाए गए...🙄
फर्जी ओएमआर प्रकरण में लगभग तीन महीने बाद भी क्या इन 38 लोगों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई हुई है? यह पूरा मामला अचानक शांत कैसे पड़ गया?
इस मामले में गिरफ्तार आरोपी संजय माथुर “जी” फिलहाल जेल में हैं या उन्हें जमानत मिल चुकी है? इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर सबसे ज्यादा मौन क्यों है?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन 38 लोगों के नाम सार्वजनिक क्यों नहीं किए गए और इन्हें अब तक सरकारी सेवा में क्यों बनाए रखा गया है? क्या इनके संबंध में आगे कोई जांच हुई है? क्या इन्होंने पूछताछ के दौरान अन्य नामों का खुलासा किया है?
बाबा साहब का बर्थडे की, बधाई हो बधाई रे।
तोड़र आडंबर, शिक्षा की अलख जगाई रे।।
ऊंच नीच का भेद मिटाया , शिक्षा ही उजियारा रे।
गुजे गली गली में , जयभीम का नारा रे।।
शेरनी को दूध शिक्षा , पढ़वाड़ों ही दहाड़ेगो।
पापी पाखंडी को , पाखंड उतारेगो।।
आपको OMR में नंबर बढ़ाकर चयन लेने वाला घोटाला याद है? सबसे बड़ा सवाल इस मुद्दे पर विपक्ष मौन क्यों है?
इन 38 लोगों की सूची जारी हुए अब लगभग तीन महीने से ज्यादा समय हो गया है। OMR घोटाले में शामिल 38 लोगों के खिलाफ अब तक क्या कोई कार्रवाई हुई है? इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में कुछ अहम सवाल खड़े होते हैं–
1.ये 38 लोग इस समय कहाँ हैं?
2.क्या ये अभी भी सरकारी सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं?
3.अवैध तरीके से नौकरी हासिल करने के बाद इन्हें जो वेतन मिला, क्या उसकी वसूली की गई है?
4.क्या इनमें से किसी की गिरफ्तारी हुई है?
क्या इन्होंने पूछताछ के दौरान किसी और का नाम उजागर किया है?
5.इस पूरे मामले पर सरकार अपना पक्ष रखेगी या विपक्ष इस पर सवाल उठाएगा?
यह मामला केवल प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं के भविष्य से सीधे जुड़ा हुआ है। ऐसे गंभीर विषय पर कोई भी पक्ष युवाओं के साथ मजबूती से खड़ा होता दिखाई क्यों नहीं देता?
मेरे हिसाब से संस्कृत भाषा को भारतीय स्कूलों के करिकुलम से हटा देना चाहिए और इसे केवल मास्टर्स और पीएचडी स्तर के कार्यक्रमों में ही पढ़ाया जाना चाहिए।
संस्कृत एक भावनात्मक विषय हो सकता है, लेकिन अगर तार्किक रूप से सोचें तो इसे स्कूलों में पढ़ाने का कोई विशेष औचित्य नहीं बनता। जिस भाषा को न तो लोग रोज़ बोलते हैं और न ही वह किसी की मातृभाषा है, उसे जबरदस्ती स्कूली शिक्षा में शामिल रखना देश के लिए केवल नुकसानदायक निर्णय है। इससे बेहतर है कि छात्र अपने समय का उपयोग किसी अधिक उपयोगी और व्यावहारिक विषय में करें, जिससे वे भविष्य में कुछ बेहतर हासिल कर सकें।
ये है Vijay Kumar
पंचकूला में वन दरोगा है
इनके क्षेत्र में वन माफियाओं ने रातों रात 10000 हजार खैर के पेड़ काट दिए और ऊंट पर लादकर जंगल से बाहर भिजवा दिए
जब इस घटना का पता Vijay Kumar को चला तो उन्होंने विभाग में सूचना दी लेकिन रेंजर कोई सुनवाई नहीं की
फिर विजय कुमार ने राज्य के वन मंत्री को शिकायत की
लेकिन वन मंत्री ने उल्टा Vijay Kumar ही सस्पैंड कर दिया
अब विजय कुमार आमरण अनशन पर बैठ गए हैं
इस देश के सिस्टम में ईमानदार लोगों की कोई जगह नहीं हैं
हमारे देश में भगवान भी भेदभाव करते हैं, VIP's , इंस्टा और यूट्यूब के इन्फ्लूएंसर को अलग से दर्शन देते हैं,
बाकी आम आदमी तो है ही मार और धक्के खाने के लिए
चूरू में SOG की सख्त कार्रवाई राजस्थान में तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़े का एक और बड़ा मामला सामने आया है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने फर्जी खेल प्रमाण पत्रों के जरिए उत्कृष्ट खिलाड़ी कोटा से सरकारी नौकरी हासिल करने वाले आरोपियों पर शिकंजा कसा।चूरू जिले से दो महिला शिक्षकों को गिरफ्तार किया गया:एकता थालोर (पुत्री दिलीप सिंह, निवासी चूरू)
बबीता जाखड़ (पुत्री हरकराम, निवासी बीदासर; ससुराल सुजानगढ़)
दोनों ने फर्जी ताइक्वांडो प्रमाण पत्र और फर्जी सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2022 में खेल कोटे से नौकरी पाई थी।यह फर्जी प्रमाण पत्रों का नेटवर्क बीदासर, सुजानगढ़ और चूरू तक फैला हुआ है।
पूरे राज्य में 14 जिलों (जोधपुर, जालोर, बीकानेर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, भीलवाड़ा, सीकर, झुंझुनू, नागौर आदि) और हरियाणा के एक स्थान पर एक साथ रेड डाली गई।
कुल 20 लोग गिरफ्तार (19 अभ्यर्थी + अन्य शामिल), जिसमें ये दो महिलाएं भी हैं।
एसओजी अब पूरे गिरोह की तलाश में जुटी है,आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना!
यह मामला साफ दिखाता है कि खेल कोटे का दुरुपयोग कर असली मेधावी युवाओं के हक को कैसे मारा जा रहा था। SOG की इस कार्रवाई से उम्मीद है कि ऐसे फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगी और ईमानदार उम्मीदवारों को न्याय मिलेगा।
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राजकोट AIIMS में MBBS अंतिम वर्ष का डॉक्टर रतन कुमार मेघवाल के 17 पन्नों के सुसाइड नोट ने खोले राज।
AIIMS के डॉक्टर ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान...
सुसाइड नोट में पांच सहपाठियों पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के बारे में लिखा था।
पिता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, मामले की जांच एससी-एसटी सेल को सौंपी गई है।
UGC Act. लागू करने का प्रमुख कारण यही था।
आज यदि यह Act. होता तो वह डॉक्टर यहां शिकायत दर्ज करवाया, अब भगवान के पास शिकायत दर्ज करवानी पड़ी।