@nitin_gadkari
सर हमको अनाज बहुत महँगा पड़ रहा है।
देखिए कोई 100% भूसा कम्पैटिबल किडनी लीवर लांच करिए।
मेरी ये बात सुन कर लोग हँसेंगे, लेकिन मुझे पता है आप ही समझेंगे।
प्राप्त कर
लेना ही
प्रेम की पूर्णता
नहीं
बल्कि
प्रियतम की
प्रतीक्षा में
पृथक हो
पीर-पूर्ण
व पीड़ा-पूरित
पाषाण सम प्रतिमा हो
सजल नयन से
प्रति-पल, प्रति-क्षण
ढुलकती
अश्रु ��ार
व
करुण हृदय में
सहस्त्र झंझावातों के
प्रचंड वेग के साथ
ईश्वर की
प्रार्थना करना भी
प्रेम ही का प्रतीक है।
अमरीका तो जो कर रहा वो कर ही रहा है पर यहाँ अपने लोग सरकार के नम्बर बनाने के लिए जो कर रहे हैं वो नीचपने की हद है।
जब इसी तरह से तेल आ रहा था तब विश्वगुरु था मोदी, अब बोल रहे हैं की उन्हें तो मरना ही था।
भाई इतना मत गिरो। ��ायन भी एक आधा घर छोड़ देती है तुमसे वो भी ना हो रहा।
चारण और भाट परम्परा के अनेक रचनाकारो ने निस्संदेह प्रभावोत्पादक पदो एवं छंदों का सृजन किया, किन्तु उनके काव्य ��ो वह प्रतिष्ठा और मान्यता प्राप्त न हो सकी जो स्वतंत्र चेतना से संपन्न कवियो की रचनाओ को प्राप्त हुई। अनेक साहित्यकारो ने तो उन्हे कवियो की श्रेणी मे स्थान देना भी...
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@AbhilashaBirha जी के शब्दों में कहें तो नौकरानी प्रेम, सम्मान और स्वामित्व ढूँढ़ रही थी घर में।
सम्मान तो मिला, स्वामित्व छीनने का प्रयास करना पड़ा।
सत्य बोल दो तो पुलिस आ जाती है।
घोर कलजुग चल रह�� है भाई जी।
अभी कुछ दिनों पहले की बात है, एक मन्दिर का उद्घाटन होना था।
पूजा में बैठा पुरुष अपनी पत्नी की जगह अपने एक पुरुष मित्र को लेकर बैठ गया।
और तो और उस दूसरे पुरुष ने पूजा में बैठते समय काले कपड़े पहने थे।
पहले आदमी ने चरणामृत को चम्मच से पिया 🤦
बताइए !
परोक्षे कार्यहन्तारं प्रत्यक्षे प्रियवादिनम्।
वर्जयेत्तादृशं मित्रं विषकुम्भोपयोमुखम्॥
अर्थात ~
पीठ पीछे काम बिगाड़ने वाला, और सामने मीठा बोलने वाला जो मित्र हो, उसे उसी तरह
त्याग देना चाहिए, जैसे विष से भरे हुए, और उपर से, अमृत दिखाई देने वाले घड़े के समान है।
#राम_राम 🙏🏼
ये जुगनुओं की क़यादत में चलने वाले लोग
थे कल चराग़ की मानिंद जलने वाले लोग
हमें भी वक्त ने पत्थर-सिफ़त बना डाला
हमीं थे मोम की सूरत पिघलने वाले लोग
- इक़बाल अशहर
कोई जेल गया क्या इस गबन के लिए, कोई FIR हुई क्या? क्या किसी कानूनी प्रक्रिया का पालन हुआ? या बस लीपापोती ही चल रही है। लगता तो यही है कि माल दिल्��ी तक जाता है
राम मंदिर की बात थी तो लोगों की जिज्ञासा के फलस्वरूप चोरी की खबरें सामने भी आ रही हैं. बाबा केदार के मंदिर में दीवारों पर लगाए सोने की चोरी की खबरें ��ब की दबा दी गईं. क्योंकि डबल इंजन है इसलिए डबल तेजी से गायब की गईं.