बालाघाट में 30 से ज़्यादा आदिवासी बच्चों की बीमारी, कुपोषण और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के बीच मौत हो चुकी है।
संवेदनहीनता का आलम यह है मासूमों की मौतें होती रहीं, लेकिन कार्रवाई सुस्त रही, सरकार सोती रही।
मुख्यमंत्री जी, दीये जलाने और उत्सव मनाने से फुर्सत मिल गई हो तो ज़रा राज्य की ��़मीनी हालत भी देखिए।
बीमारी, पोषण और साफ पानी की कमी और चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था नन्हें बच्चों की जान ले रही है।
मिलावटी दवाइयां और जहरीली अवैध शराब सैकड़ों परिवारों को तबाह कर रही हैं।
मैं इंदौर आ रहा हूं और लगातार प्रदेश के छात्रों, युवाओं और आम लोगों से feedback ले रहा हूं। सामने आ रही भयावह घटनाएं बता रही हैं कि मध्यप्रदेश की शिक्षा व्यवस्था आज देश भर में सबसे ज़्यादा बर्बाद है।
छात्र, बच्चे, गरीब, दलित, आदिवासी, पिछड़े या महिलाएं - हर वर्ग प्रताड़ित है, कोई खुश नहीं।
मध्य प्रदेश सरकार आज भारत की सबसे भ्रष्ट और सबसे कुशासित सरकार है - यही सच्चाई है।
भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार वाले राज्य मध्यप्रदेश में शासन नाम की कोई चीज़ बची ही नही��।
जहरीली शराब ने प्रदेश के सागर में अनेक लोगों की जान लेकर उन सभी घरों में मातम पहुंचा दिया है। मगर पूरे मध्यप्रदेश को पता है आगे क्या होगा - कुछ गिरफ्तारियां होंगी, कुछ अधिकारी सस्पेंड होंगे, जांच के आदेश होंगे, क्योंकि ये पहली बार नहीं है।
कुछ ही वक्त पहले इंदौर में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत हुई। पिछले साल जहरीली cough syrup से जाने कितने छोटे बच्चों की जान चली गई।
दवा ज़हरीली। शराब ज़ह��ीली। पानी ज़हरीला। नए कानून बना दिए जाते हैं, लेकिन उन्हें किसी तहखाने में डाल दिया जाता है - अगले हादसे तक।
20 साल से ज्यादा समय से BJP की सरकार मध्यप्रदेश में है। हादसे की कोई रोकथाम नहीं, उसके बाद नाम की कार्रवाई - कहां है जवाबदेही? आखिर कब तक लोगों की जान की कीमत सिर्फ हादसे के बाद की कार्रवाई होगी?
निष्पक्ष जांच हो, इन मौतों की पूरी सच्चाई सामने आए और सिर्फ छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं - जिसकी भी लापरवाही या मिलीभगत सामने आए, उसकी जवाबदेही तय हो।
सोचिए, ऐसा क्या गुनाह किया था इन बच्चों ने कि इन्हें गोली मार दी गई?
इन्होंने सरकार से सिर्फ़ तीन चीज़ें माँगी थीं - शिक्षा, रोज़गार, और जवाबदेही।
एक छात्र के पैर की हड्डी AK 47 की गोली से टूट गई। सेना में जाकर देश की सेवा करने का उसका सपना भी उसी के साथ चला गया। दो और छात्रों के कंधों को गोली चीरती हुई निकल गई।
ये अपराधी नहीं थे। ये ग़रीब घरों के वो बच्चे थे जो अपने परिवार के सपने लेकर पढ़ने निकले थे - किसी को अच्छी नौकरी चाहिए थी, किसी को अपने घर के हालात बदलने थे।
गोली के घाव भर जाएंगे - पर जो डर इन बच्चों के भीतर बैठ गया है, उसका इलाज किस अस्पताल में होता है?
प्रधानमंत्री जी, मुख्यमंत्री जी - इनकी टूटी हड्डी तो जुड़ जाएगी। क्या इनका टूटा हुआ सपना आप लौटा सकते हैं?
Delhi Police must answer: Why did the police ask Shaheen and Nafeesa their names and then beat them? Why were they subjected to such inhuman treatment?
Is Delhi Police acting as an extension of the RSS to harass minorities?
गुजरात में कुछ ऐसी अनाम पार्टियां हैं जिनका नाम किसी ने नहीं सुना - लेकिन 4300 करोड़ का चंदा मिला!
इन पार्टियों ने बहुत ही कम मौकों पर चुनाव लड़ा है, या उनपर खर्च किया है।
ये हजारों करोड़ आए कहां से? चला कौन रहा है इन्हें? और पैसा गया कहां?
क्या चुनाव आयोग जांच करेगा - या फिर यहां भी पहले एफिडेविट मांगेगा? या फिर कानून ही बदल देगा, ताकि ये डेटा भी छिपाया जा सके?
#VoteChori
दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी से सवाल पूछने की कोशिश करने पर पत्रकारों शाहीन और नफीसा को पुलिस द्वारा कथित रूप से मारते-पीटते थाने ले जाने, गाली-गलौज करने, धमकाने और उनके साथ दुर्व्यवहार किए ���ाने का आरोप यह बताता है कि World Press Freedom Index में भारत 180 देशों में 157वें स्थान पर क्यों है।
सबसे चिंताजनक यह है कि उनका कहना है कि उनके मुस्लिम होने की जानकारी मिलने के बाद उनके साथ दुर्व्यवहार और बढ़ गया यह भाजपा की मुस्लिम विरोधी मानसिकता और प्रेस की स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
सवाल पूछना अपराध नहीं है। पत्रकार की पहचान देखकर उसके साथ भेद��ाव करना लोकतंत्र और संविधान दोनों के खिलाफ है।
यह बेहद गंभीर और चिंताजनक है!
What are these horrifying visuals coming out of a Delhi police station?
Women journalists being beaten and thrashed for asking questions about the Delhi CM.
And when the police allegedly discovered that one of these journalists was Muslim, the assault intensified.
Is this a democracy - or a police state?
Utterly reprehensible.
“हम आदिवासी हैं, RSS-BJP हमें वनवासी बनाना च���हते हैं।”
नासिक और महाराष्ट्र के आदिवासी छात्रों की लड़ाई सिर्फ़ शिक्षा, रोज़गार, हॉस्टल और खाने की नहीं - अपने वजूद और आदिवासी अस्मिता की भी है।
इन साहसी छात्रों से मिलकर खुशी हुई, जिन्होंने महाराष्ट्र सरकार के सामने डटकर अपने हक़ की आवाज़ उठाई और जीत हासिल की।
छात्रों से वादा किया है - उनके अधिकारों की हर लड़ाई में कांग्रेस और मैं उनके साथ खड़े हैं।
#ChhatronKiGoonj
��े मुसलमान है। ये महिला है। ये पत्रकार है। ये Gen-Z है।
जुर्म इतना है कि देशभक्त महिला पत्रकार ने दिल्ली के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री से सवाल पूछ लिया। फिर अमित शाह की दिल्ली पुलिस ने बेरहमी से इस बहन की पिटाई कर दी।
मोदी जी के अमृतकाल वाले कथित न्यू इंडिया में अब मुसलमान होना, महिला होना और निष्पक्ष पत्रकार होना, सबसे बड़ा गुनाह है।
भाजपा ने पूरे देश में सत्ताई निरंकुशता की हर सीमा को लाँघ दि���ा है। निरंकुश भाजपा सरकारों से अब सवाल पूछना उनकी आलोचना करना ही सबसे बड़ा अपराध है।
दिल्ली हो या बिहार, हर जगह कायर भाजपाई अब पुलिस से पत्रकारों को पिटवा रहे हैं, डरा रहे हैं। भाजपा के शासनकाल में संवैधानिक संस्थाएं और पुलिस लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का प्रतीक बन गई है।
बिहार के उन छात्रों और युवाओं से मिला, जिन्होंने सिर्फ परीक्षा व्यवस्था में धांधली के खिलाफ आवाज़ उठाने पर भयंकर पुलिस बर्बरता झेली।
पुलिस की लाठियों, AK-47 और पिस्तौल से चली गोली ने कई छात्रों को घायल कर दिया। सेना में जाकर देश की सेवा करने की ख्वाहिश रखने वाले एक युवा का पैर AK-47 से गोली मारकर तोड़ दिया - साथ ही उनकी जिंदगी का सपना भी।
ये युवा सिर्फ निष्पक्ष अवसर, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और अपने अधिकार मांग रहे थे। ऐसी मांग पर लाठियां और गोलियां चलाने की क्या जरूरत थी?
और इतनी बड़ी बर्बरता की जिम्मेदारी सिर्फ कुछ छोटे अधिकारियों पर डालकर सरकार बच नहीं सकती। यह कार्रवाई या तो ऊपर के आदेश का नतीजा है या फिर सत्ता की घोर नाकामी।
बिहार सरकार कुछ भी कर ले मैं इन युवाओं के साथ खड़ा हूं। इनकी हर संभव मदद करने को तैयार हूं।
BJP याद रखे - युवाओं की आवाज़ दबाने वाली हर सत्ता को एक दिन जनता के सामने जवाब देना पड़ता है। वह दिन अब दूर नहीं है।
#ChhatronKiGoonj
निशु, घबराने की ज़रूरत नहीं है। मैं तुम्हारे साथ हूँ।
साफ है कि तुम्हें इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि तुम अपने समुदाय और छात्रों के हक़ की आवाज़ उठाती हो।
अमित शाह की दिल्ली पुलिस एक तरफ़ छात्रों के साथ अमानवीय बर्बरता करती है। दूसरी तरफ़ एक दलित लड़की के पिता का सिर फोड़ने वाला अपराधी खुलेआम घूम रहा है।
@narendramodi जी, @AmitShah जी - ऐसे अपराधी को आपका और आपकी पार्टी के लोगों का संरक्षण क्यों है? अब भी कार्रवाई होगी या किस�� को बचाते रहेंगे?
निशु, तुम्हारी लड़ाई अकेली नहीं है। हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक न्याय नहीं मिल जाता।
जय भीम। जय संविधान।
सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
आज़ादी हमारे स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा दिया गया सिर्फ़ एक तोहफ़ा नहीं, बल्कि एक ज़��म्मेदारी भी है।
यह ज़िम्मेदारी है सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलने की, संविधान और तिरंगे के मूल्यों को अपने दिल में रखने की और हर हाल में लोकतंत्र की रक्षा करने की।
मुझे गर्व है कि हमारे देशवासी, खासकर युवा, इन मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट हैं।
जय हिंद! 🇮🇳
The U.S. has long miscalculated due to intelligence failures. Case in point: The war on Iran. Now, an even bigger miscalculation on the Strait of Hormuz.
Worse than fake news is fake intelligence. Be careful.
Allah is Great, Greater than ANY power on Earth. In Allah we trust.
The Embassy of the Islamic Republic of #Iran in #India warmly extends its sincere congratulations and best wishes to the Government and the friendly people of India on the occasion of the 80th Anniversary of the Independence of the Republic of India.
The longstanding and historic relations between Iran and India are rooted in the deep civilizational, cultural, and historical bonds between the two nations and have always been based on mutual respect and friendly cooperation.
We hope that the relations and cooperation between the Islamic Republic of Iran and the Republic of India will continue to expand in all fields, and that the two countries will enjoy ever-greater peace, progress, prosperity, and development.
#IndiaAt80
#HarGharTiranga
#IndependenceDay