अगर अभी नहीं, तो कब?
जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक और छात्र अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे हैं। हर कोई वहां नहीं पहुंच सकता, लेकिन सच को साझा करना, सवाल पूछना और जागरूकता फैलाना भी समर्थन है।
मौन नहीं, आवाज़ बनिए।
🎙️ इंटरव्यूअर: - जो अमिताभ बच्चन कभी व्यवस्था के खिलाफ़ फिल्में करते थे, आज वे भी खामोश हैं।
🎭 परेश रावल: - हाँ, मैं सहमत हूँ। क्योंकि उन्हें भी एहसास हो गया कि उन्हें भी परेशान किया जा सकता है।
एक बार अगर यह सिस्टम (BJP) किसी के पीछे पड़ जाए, तो जीना मुश्किल हो जाता है।
ये वीडियो असलियत बता रही है के मोदी अमित शाह की वजह से विदेशों ने भारत में इन्वेस्ट करना बंद क्यों किया.. रुपया मोदी अमित शाह की वजह से गिरा... अदाणी की तानाशाही 🫵 वीडियो देखकर जरूर जाना
#JusticeForBapuji
Sonakshi Sinha:
“मैंने पहले कभी कोई बयान नहीं दिया, लेकिन अब मैं चुप नहीं रह सकती। सोनम जैसी जानी-मानी हस्ती छात्रों के लिए 18 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और सब चुप हैं।
अब मैं आवाज़ उठाऊंगी; अगर हम बोलते हैं तो हम देश-विरोधी नहीं हो जाते, हमारी भी आवाज़ सुनी जानी चाहिए। मैं डरती नहीं हूं, जो होगा देखा जाएगा।
सरकार को सोनम सर से बात करनी चाहिए।”
अन्दर तक हिला कर रख दिया इस विडियो ने 😳
"मैं BJP नेता का बेटा हूँ लेकिन बच्चों की मौत पर ख़ामोश नहीं रहूँगा।"
घर छोड़कर जंतर-मंतर पहुँचे युवक का भावुक बयान "अगर 30 बच्चों की मौत तुम्हें नहीं झकझोरती, तो 31वाँ मेरा नाम समझ लेना।"
एक ब्यान जिसने राजनीति से ज़्यादा इंसानियत पर सवाल खड़े कर दिए।
जंतर-मंतर आंदोलन में प्रयागराज से पहुंची एक युवती ने कहा:
"घर में सब बीजेपी से जुड़े हैं, इसलिए मैंने अपना चेहरा छिपाया है।"
प्रयागराज से आई इस युवती का कहना है कि वह अपनी पहचान छिपाकर आंदोलन में शामिल हुई क्योंकि उसे परिवार और समाज की प्रतिक्रिया का डर था।
उसने अपील की "अंधभक्ति बंद कर दीजिए जब लोग अपने हक़ के लिए लड़ रहे हैं, तो उनका साथ दीजिए।"
सोनम वंगचूक के समर्थन में भारत के एक युवा इन्फ्लुएंसर का छलका दर्द कहा ,
" जिन युवाओ के लिये सोनम वंगचूक आज भूख हड़ताल पर है वो युवा सोये हुए है , उन्हें सोनम वांगचूक जिये या मरे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता , लेकिन आज हमें सोनम वंगचूक जैसे लोगो का समर्थन करना ही पडेगा ",
जय हिंद ,
क्या आपने सोनम वांगचुक का रात का ये VIDEO देखा? तस्वीरें चिंता बढ़ा रही हैं...!🥹 . . . 🥺
सभी लोग सोशल मीडिया पर इस पोस्ट को खूब शेयर करो,
जिससे सरकार के कानों में आवाज पहुंचे 😭
हीरो सुपरमैन वाली ड्रेस में ही नहीं, जज के ड्रेस में भी आते हैँ कई बार.
इनका नाम जस्टिस श्रीनिवास मुरलीधर है.. आपको याद होगा फ़रवरी 2020 में ट्रम्प आने के एक हफ्ते बाद दिल्ली दंगे हुए थे.
मुरलीधर को फ़ोन आता है कि मुस्लिम इलाके में लोग घायल हैँ और पुलिस फ़ोन नहीं उठा रही मदद के लिए..
मुरलीधर रात को एक स्पेशल अदालत अपने घर पर लगाते हैँ और आदेश जारी करते हैँ कि पुलिस मुस्लिम इलाके में जाकर घायलों को देखे
और भड़काऊ भाषण के लिए बीजेपी नेता कपिल मिश्रा के खिलाफ FIR दर्ज़ करके कार्यवाही हो.
1 बजे आदेश देते हैँ वो और 3.30 बजे के करीब उनके ट्रांसफर का आदेश आ जाता है. उनको चंडीगढ़ ट्रांसफर किया जाता है.
उनका आदेश रद्द किया करके सिस्टम एक जज को ही बंधक बना लेता है..
आज उसी जज ने खुलासा किया है कि इजराइल ने गाज़ा में 20179 बच्चों को जानबूझ कर मारां है
उनके स्कूल तोड़े हैँ और उनको अनाथ किया है
ताकि उनको आंतकी बनाया जा सकें. उनको खत्म किया जा सकें. अगर इसके बाद भी आप समझते हैँ मोदी या NETANYAHU हीरो हैँ
तो आप इंसान नहीं जानवर बन चुके हैँ..
ऑस्ट्रेलिया में रॉकस्टार की तरह स्वागत कराने के लिए मोदी ने अलग-अलग शहरों से NRI मंगाए थे वो भी चार्टर्ड फ्लाइट्स में भर कर. ये बात एक ऑस्ट्रेलियाई पत्रकार बता रहा है, क्योंकि गोदी मीडिया नहीं बताएगा. पैसा बरबाद किसका- टैक्सपेयर और गरीब जनता का.
नेहरू जी के साथ सदन में नोंक झोंक भी हुआ करती थी कभी कभी में बोलने के वॉक आउट के जाता था..।
धीरे धीरे मैने जगह बनाई और आगे बढ़ा तो में विदेश मंत्री बन गया, एक दिन निकल रहा था गलियारे में नेहरू जी को तस्वीर नहीं थी....।
मैने पूछा नेहरू जी की तस्वीर कहा गई, कोई कुछ नहीं बोला और देखा तस्वीर वापिस लगा दी गई थी...।
एक बार मैने चर्चा में पंडित जी से कह दिया कि आपमें मिलाजुला व्यक्तित्व है आपमें चर्चिल भी है और चेंबरलेन भी...!
वापिस शाम हमारी मुलाकात बैंक्वेट में हो गई तो नेहरू जी कहा आज बहुत अच्छा भाषण हुआ और हंसते हुए चले गए....!
ऐसा नहीं है कि नेहरू जी से मतभेद नहीं थे, चर्चा में गंभीर मतभेद उभर कर आते थे, लेकिन नाराज नहीं होते....!
अपने बच्चों को छिपा लो, TRUMP आ रहा है
Trump के Turkey दौरे से पहले इस्तांबुल में एक पुल पर यह बैनर लगाया गया!
Epstein File का मुद्दा कई बार दबाने और भटकाने की कोशिश हुई!
लेकिन यह इतिहास का ऐसा मुद्दा है जिसे दुनिया आसानी से नहीं भूलेगी!
#FIFA#ARGEGY#ARGvsEGY#FIFAWorldCup2026
राम मंदिर तो अब लूटा है, लौह पुरुष सरदार पटेल को बेंच कर पहले ही खा गए थे..कथित राष्ट्रभक्त!
3000 करोड़ की बताई गई सरदार साहब की मूर्ति मात्र 324 करोड़ की थी और बाकी कमीशन राष्ट्रवादी पार्टी और गुजरातियों की जेब में चल गया।
बहुत बड़े बड़े चमत्कार कर रखें है इन संघियो ने!
आज अयोध्या से लेकर दिल्ली तक के चोरों के लिये अटल बिहारी बाजपेयी निम्न कथन के गये थे
“अगर पहरा देने वाला कुत्ता 🐕 ना भौकें तो समझना चाहिये वो चोरों को जानता है”
अयोध्या मंदिर चढ़ावे की चोरी छोटे लोग कर रहे थे या अयोध्या ट्रस्ट के मालिक चम्पतराय कर रहे थे, या विष्णु के अवतार के लिए किया जा रहा था?
जब तक इन सवालों की जवाब नहीं मिलता, देश की जानता नहीं मानेगी।
आख़िर चंदा चोरों की पुलिस रिमांड क्यों नहीं ली गई?
क्या डर है चंदा चोर पार्टी को?
क्या राम का मंदिर लूटकर BJP ने उसी पैसे से विधायकों/सांसदों की लूट की है?
महमूद गज़नवी ने सोमनाथ का मंदिर लूटा BJP ने राम का मंदिर लूटा है।