मैं अंडमान और निकोबार के विनाश के खिलाफ़ पूरी शक्ति के साथ खड़ा हूँ।
अंडमान और निकोबार भारत की सबसे अनमोल प्राकृतिक धरोहर हैं। वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए उनकी रक्षा करना मेरा कर्तव्य है।
मेरे साथ जुड़िए - याचिका पर हस्ताक्षर कीजिए और इस अमूल्य संपत्ति को बचाने की लड़ाई का हिस्सा बनिए।
#GreenOverGreed
CBSE’s May 2025 tender required answer sheets to be scanned with automatic robotic scanners, spines preserved, at a minimum of 300 DPI.
The tender re-issued in August quietly removed all of it. “Scanners” became generic. Resolution dropped to 200 DPI.
Now we know what that meant in practice. It has been exposed that COEMPT scanned the answer sheets using mobile phones.
The blurred copies, the missing pages, the unscanned books - they are not “errors.” They are the predictable outcome of a contract written to fit a vendor.
This is fraud. And every child whose marks were wrongly evaluated is a victim of it.
This morning, the Prime Minister had time to speak about mangoes. He has not had time to speak about 18.5 lakh children whose answer sheets were scanned with phones.
Dharmendra Pradhan ji still sits in office.
Modi ji’s silence is no longer indifference. It is complicity.
CBSE परीक्षा परिणाम में भयंकर हेर-फेर हो गई जिससे देश के लाखों बच्चे औ��� उनके माता-पिता सदमे में हैं।
और मोदी जी? हमेशा की तरह - न जवाब, न ज़िम्मेदारी, न शर्म।
जिस क��पनी COEMPT को यह ज़िम्मेदारी मिली, वह पहले Globarena के नाम से तेलंगाना में 2019 में यही कारनामे कर चुकी है।
नाम बदला - पर नीयत वही, फितरत वही।
इतिहास सबको पता था, फिर भी ठेका दिया गया। ऐसी कंपनी के हाथ में 18.5 लाख बच्चों का भविष्य सौंप दिया गया और किसी को फ़र्क़ नहीं पड़ा।
यह गलती नहीं - यह सोचा-समझा षड़यंत्र है।
कुछ ज़रूरी सवाल हैं:
- COEMPT को CBSE का ठेका क्यों और किसके कहने पर दिया गया?
- कौन-कौन से नियम और प्रक्रिया दरकिनार करके इस कंपनी को ये ठेका दिया गया?
- COEMPT पहले Globarena के नाम से विवादों में घिर चुकी है, ये CBSE को क्यों नहीं पता चला? Background checks क्यों नहीं किए गए?
- COEMPT प्रबंधन और मोदी सरकार के बीच आखिर क्या संबंध हैं?
हम मांग करते ह���ं कि इस पूरे घोटाले के असली दोषियों को सामने लाने के लिए स्वतंत्र न्यायिक जांच और SIT का गठन तत्काल किया जाए।
CBSE के Gen Z साथियों - आपकी मेहनत, आपका भविष्य, कोई चुरा नहीं पाएगा। हम इस साजिश की तह तक जाएंगे, और इस भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे।
देश के प्रथम प्रधानमंत्री, पंडित जवाहरलाल नेहरू जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
आधुनिक भारत की मज़बूत नींव रखते हुए उन्होंने एक समावेशी, सौहार्दपूर्ण और प्रगतिशील भारत निर्माण के लि��� अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया।
स्वतंत्रता, लोकतांत्रिक सिद्धांतों, संवैधानिक अधिकारों, सामाजिक न्याय और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित उनका दूरदर्शी नेतृत्व सदैव हमारा मार्गदर्शन करता रहेगा।
जब लाखों युवा सड़क पर हों, 22 लाख बच्चों का भविष्य दांव पर हो और PM चुप हो - तो सरकार जवाब देने नहीं, बचने में लगी है।
जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता और NEET जैसे पेपर लीक रोकने के लिए foolproof सिस्टम नहीं बनता - हम रुकेंगे नहीं।
पापा, आपने जिस कुशल, समृद्ध और मजबूत भारत का सपना देखा था, उसे सा��ार करने की जिम्मेदारी मैं पूरी करूंगा।
आपकी सीख, आपके संस्कार और आपकी यादें हमेशा मेरे साथ रहेंगी।
When there is nothing to hide, there is nothing to fear.
What happens to India’s image when the world sees a compromised PM panic and run from a few questions?