कुछ मादरचों पाकिस्तान की पैरवी कर रहे हैं, चुपके चुपके मीटिंग हो रही है।
ये भोसड़ीवाले फायदे के लिए अपनी मां बहन को भी गिरवी रख सकते हैं।
#भाजपा_हटाओ_देश_बचाओ
After Pearl Harbour on 7 th December 1941 the US persevered till they obtained the unconditional surrender of Japan in 1945.
Post 9/11 the US chased the Al Qaeda and the Taliban to the gates of hell and back for twenty years including neutralising Osama bin Laden in Abbottabad in Pakistan in 2011 .
From 2003 -13 the House of Saud fought a secret war inside Saudi Arabia against the Al Qaeda before driving the remnants to Yemen and other places in the Middle East .
From 1999-2009 Russia fought a brutal campaign against Chechen separatists before finally triumphing.
The fight against terror requires firmness and steadfastness and the national resolve to stay the course.
How can people forget the Baisaran ( Pahalgam ) Massacre within 14 months ?
And the countless similar atrocities perpetrated over the past four decades that were state sponsored by Pakistan.
To some folks it seems that the misty eyed romanticism of a dialogue with Pakistan is far more important than the lives of innocent Indian Tourists who were identified on the basis of their faith and slaughtered in cold blood by terrorists who came from Pakistan.
Which is that invisible hand that is incentivising the push for a pseudo normalisation with Pakistan without any verifiable guarantees that Pakistan will dismantle the Military- Jehadi Complex ( MJC) they have spawned over the past 55 years?
https://t.co/gFVJwhsjR6
पहली खबर :: भारत ने बांग्लादेशियों के लिए वीज़ा ओपन किए,, भारी भीड़ लगी.. इनमें से कितने वापस जाएंगे, सबको पता है 😀
(हंसी आई?? नहीं आई.. चलो दूसरी खबर पढ़ो)
2) राम माधव, जनरल नरवणे और 3 अन्य उच्च अधिकारी गुप्त रूप से श्रीलंका में पाकिस्तानी उच्च अधिकारियों से मुलाकात करते पकड़े गए.. सरकार ने सफाई दी है कि *"यह एक निजी मुलाकात थी"*, जी हां!! सही पढ़ा,, निजी मुलाकात, 😀😂
(अब हंसी आई?? अब भी नहीं आई.. तो तीसरी सुनो..)
3) तीन साल से देश की करोड़ों गाड़ियों में इथेनॉल का मिलावटी पेट्रोल जबरन ठूंसा जा रहा है.. अब सरकार ने सुप्रीमकोर्ट में कहा कि यह एक "एक्सपेरिमेंट" है, जिसके परिणाम अगले साल तक पता चलेंगे कि क्या इस पेट्रोल से गाड़ियों के इंजन को कोई नुकसान होगा या नहीं? मिलावटी पेट्रोल जबरन ठूंसने का निर्णय किसका है,, गडकरी का? पेट्रोलियम मंत्रालय का? या नागरिक आपूर्ति मंत्रालय का? पता नहीं..
कहने का मतलब ये है कि देश में चहुंओर मजाक और जोकरई चल रही है.. अगर कोई सरकार से सवाल पूछे तो उसे पाकिस्तानी, अर्बन नक्सल, सोरोस का एजेंट वगैरा घोषित करने वाले लाखों ज़ोंबी तैयार बैठे हैं..
सिर्फ 24 घंटे ही नहीं, अगर वे हमें 24 महीने भी हिरासत में रखें, तब भी हमारा संकल्प कमजोर नहीं पड़ेगा।
हम पक्के इरादे वाले लोग हैं। हम काशी के निवासी और बाबा विश्वनाथ के भक्त हैं।
जब भगवान श्री राम ने खुद हमें बुलाया है, तो निश्चित रूप से कोई हमें रोक नहीं सकता।
- प्रदेश अध्यक्ष श्री अजय राय (@kashikirai) जी
Grandfather
> Used Reservation
> Got a job in government bank
> Bought land
Father
> Used Reservation
> Got a job as govt teacher
> Built a house
Grandchild
> Used Reservation
> Became IAS officer
> Bought a bungalow
The Great Indian Social Justice!
@GuruVibe2025@Amrishinweb@talk2anuradha किसने बोला था आबादी बढ़ाने को?
ब्राह्मण की आब्दी कम है तो औसत भी ज्यादा आएगा
इसीलिए कहते हैं पढ़ाई पर ध्यान देते नहीं आरक्षण चाहिए।
100 में 5 से भाग दोगे तो - 20 का औसत
100 में 25 से भाग दोगे तो -4 का औसत
बिना सोचे समझे मत बोला करो ,खासकर जब पढ़ाई लिखाई सही से नहीं किए हो तो।
हम सब हर रोज देखते हैं कि की तरह सड़क, पुलिया ,बिजली, पानी, पब्लीक ट्रांसपोर्ट,सरकारी स्कूल, हास्पिटल हर जगह भ्रष्टाचार है,
किन्तु क्या आप कभी इसके खिलाफ कोई आवाज उठाते हैं?
नहीं, लेकिन भरत जी अपने गाँव समाज के लिए हर जगह अपनी आवाज उठाते रहे।
मिला क्या - ४-५ गोली सीधा सीने में।
क्योंकि वह हार गया था, उसको उन्हीं भ्रष्ट अधिकारियों ने हरा दिया था।
सोचिए उसके विश्वास को किस तरह तोड़ा गया होगा ।
तो इस तरह सरकार से प्रश्न पूछना बंद कर दिया है मेरे जैसे लाखों लोगों ने, क्योंकि हमलोगों में भरत की तरह हिम्मत नहीं है।
क्योंकि वह हार गया था, उसको उन्हीं भ्रष्ट अधिकारियों ने हरा दिया था।
सोचिए उसके विश्वास को किस तरह तोड़ा गया होगा ।
तो इस तरह सरकार से प्रश्न पूछना बंद कर दिया है मेरे जैसे लाखों लोगों ने, क्योंकि हमलोगों में भरत की तरह हिम्मत नहीं है।
क्योंकि वह एक सच्चा देशभक्त था, सच्चा समाज सुधारक।
उसके हर वीडियो को देखिए उसने हर बार कहा है कि सरकार काम कर रही है किंतु और अच्छे से करे , भ्रष्टाचार नहीं हो।
मतलब वह सरकार में विश्वास करता था, फिर उसने ये रास्ता क्यों चुना?
क्योंकि वह एक सच्चा देशभक्त था, सच्चा समाज सुधारक।
उसके हर वीडियो को देखिए उसने हर बार कहा है कि सरकार काम कर रही है किंतु और अच्छे से करे , भ्रष्टाचार नहीं हो।
मतलब वह सरकार में विश्वास करता था, फिर उसने ये रास्ता क्यों चुना?
उसने सरकार से लड़कर दो हैंडपंप लगवाया कितने आवेदन दिए उसने , अधिकारी उसकी टालते रहते थे उसका मजाक बनाते थे किन्तु फिर भी वह हर बार उन्हीं अधिकारियों के पास आवेदन लेकर जाता था,
क्यों?
उसने सरकार से लड़कर दो हैंडपंप लगवाया कितने आवेदन दिए उसने , अधिकारी उसकी टालते रहते थे उसका मजाक बनाते थे किन्तु फिर भी वह हर बार उन्हीं अधिकारियों के पास आवेदन लेकर जाता था,
क्यों?
भ्रष्टाचार हर विभाग में है, हर मोड़ पर है,आप बिना खुद भ्रष्ट हुए इस देश में एक पल भी नहीं ठहर सकते।
खीझ गुस्सा सब आपको पीना पड़ेगा ।
भरत तिवारी सिस्टम से तंग आ चुका था,
सिस्टम ने उसको पागल घोषित कर दिया था।
भ्रष्टाचार हर विभाग में है, हर मोड़ पर है,आप बिना खुद भ्रष्ट हुए इस देश में एक पल भी नहीं ठहर सकते।
खीझ गुस्सा सब आपको पीना पड़ेगा ।
भरत तिवारी सिस्टम से तंग आ चुका था,
सिस्टम ने उसको पागल घोषित कर दिया था।
सिर्फ शहीद भरत तिवारी जी के लिए।
जो लोग भरत तिवारी को गुंडा बदमाश कह रहे हैं वो अपने खुद के किसी सरकारी कार्य को करवा कर देख लें, चप्पल घिस जाएगी लेकिन काम नहीं होगा जब तक चढ़ावा नहीं देंगे।
जब वो लड़का अपनी तरफ से सारी कोशिश कर चुका था तो उसने ये रास्ता अपनाया।
सिर्फ शहीद भरत तिवारी जी के लिए।
जो लोग भरत तिवारी को गुंडा बदमाश कह रहे हैं वो अपने खुद के किसी सरकारी कार्य को करवा कर देख लें, चप्पल घिस जाएगी लेकिन काम नहीं होगा जब तक चढ़ावा नहीं देंगे।
जब वो लड़का अपनी तरफ से सारी कोशिश कर चुका था तो उसने ये रास्ता अपनाया।
१)आज के बाद मै किसी भी सामाजिक मुद्दे पर कुछ भी नहीं लिखूंगा।
२)किसी राजनीतिक मुद्दे पर भी नहीं।
३) सरकार से कोई प्रश्न नहीं
ट्विटर और अन्य सभी सोशल मीडिया अकाउंट बंद कर रहा हूं।
मुझे कोई मतलब नहीं कि देश में क्या हो रहा है।
जो वोट देते हैं वो खुद समझदार हैं।
१)आज के बाद मै किसी भी सामाजिक मुद्दे पर कुछ भी नहीं लिखूंगा।
२)किसी राजनीतिक मुद्दे पर भी नहीं।
३) सरकार से कोई प्रश्न नहीं
ट्विटर और अन्य सभी सोशल मीडिया अकाउंट बंद कर रहा हूं।
मुझे कोई मतलब नहीं कि देश में क्या हो रहा है।
जो वोट देते हैं वो खुद समझदार हैं।
#भारत_तिवारी
इस लड़के ने विस्थापितों के लिए लड़ाई लड़ी, सरकार से लड़कर सड़क, बिजली पानी को उन गरीब शोषित वंचितों तक पहुंचाया।
उसकी क्या मांग थी? की इन गरीबों को सही जगह जमीन दी जाए , प्राथमिक विद्यालय खोला जाए।
उसको मिला क्या - पांच गोली सीने में।
सच में पागल ही था।
आप भरत तिवारी की मां है मैं आपको वचन देता हूं मैं इस केस को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक ले जाऊंगा देश का सबसे बड़ा और मंहगा वकील नियुक्त करूंगा और आपको न्याय दिलाऊंगा, और आज से आपके परिवार की जिम्मेदारी मै लेता हूं - पप्पू यादव सांसद,
सांसद जी आज तक मैं आपका विरोधी था लेकिन वचन देता हूं आपके चुनाव में मैं आपको जमकर समर्थन करूंगा।
EWS वर्ग को आय सीमा बढ़ाने से ज़्यादा ज़रूरत है—
✅ आयु सीमा में छूट
✅ अटेम्प्स में छूट
✅ समान छात्रवृत्ति
✅ फीस में रियायत
सरकार बताए कि इन मूल मांगों पर उसका क्या रुख है। केवल आय सीमा बढ़ाना समाधान नहीं, अवसरों में समानता ही वास्तविक सामाजिक न्याय है। @RamdasAthawale
#AgeRelaxationForEWS
महात्मा गांधी
सन 1992 ,जब से भाजपा का सही मायने में उदय हुआ तब से देश में गांधी जी कि छवि को धूमिल करने का प्रयास चल रहा है।
ये सिर्फ नाथूराम, सावरकर को पूजने वाले लोगों के मन की हीन भावना है।
हर भाजपा नेता को अंततः आना गांधी जी कि शरण में पड़ता है।