विपक्ष : "ज्ञानेश कुमार देश द्रोही है उसे जेल में डालिए"
सवाल : क्या उमर खालिद और शरजील इमाम देशद्रोही हैं ?
विपक्ष : कोर्ट तय करेगी।
#DoTook में मै तथ्य सामने रख देता हूं, लोग अपने मुखौटे खुद उतार देते हैं।
बद्रीनाथ धाम में संगीत समारोह ( DJ concert) को अनुमति प्रदान करना ना केवल सांस्कृतिक मर्यादाओं का उन्लंघन है अपितु धाम की पवित्रता पर भी सीधा आघात है। आदि गुरु शंकराचार्य महाराज जी द्वारा इस धाम की स्थापना हिमालयी पर्यावरण मे शांतिपूर्ण तरीके से भगवत भजन के लिए की थी उल्लेखनीय है की इस स्थान पर शंख बजाना भी मना है परंतु हम उसे भूलकर शोर शराबे वाले संगीत कार्यक्रमों का आयोजन कर भारतीय आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, पर्यावरणीय मूल्यों की घोर उपेक्षा तो कर ही रहे है साँथ में इतनी ऊचाई पर हजारों लोगो के नाचने से उनके स्वास्थ पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की भी उपेक्षा कर रहे है। यह इस बात का प्रतीक है कि अब देवभूमि को बाजारू संस्कृती के रूप में परिणीत किया जा रहा है।
मैं भारतीय संस्कृति के अनुयायीयों तथा विशेषकर पूजनीय शंकराचार्यों तथा महात्माओं से यह अनुरोध करता हूँ कि वह संस्कृति के इस क्षरण को रोकने के लिए प्रभावी आवाज उठाये, मैं केंद्र एवं राज्य सरकार से भी आग्रह करूँगा कि वह ऐसे आयोजनों पर प्रतिबंध लगा कर देवभूमि की मर्यादा को बनाये रखें,
हिमालय देवात्मा है भगवान शंकर का निवास माँ गंगा का उद्गम है इसे नाच ग्रह बनाना करोड़ो भारतीयों की आस्था पर गहरा आघात है।
किस मुँह से आप हमें डरा रहे हैं? जब योगी जी 91% reservation के लिए लड़ रहे हैं, Supreme Court जा रहे हैं। मोहन यादव 73% reservation के लिए Supreme Court में appeal कर रहे हैं। Odisha Government ने SC/ST का reservation disproportionately बढ़ाकर SC के लिए 8% से 16.25% और ST के लिए 12% से 22.50% कर दिया।
तो ब्रो, आरक्षण तो BJP हर जगह बढ़ा ही रही है। Who are you trying to fool? OBC Act तुम already ला चुके हो। Flying Equity Squads क्या था वो? And still you want us to believe that other guys will do it?
आपको क्या लगता है कि सारा data साला चटुआ सेल के ही पास है? तुमने जो पैसा-कौड़ी देकर के बिठाया हुआ है, इन सारी companies को, तुम्हें लगता है उन्हें ही search करना आता है? हम लोग search नहीं कर सकते हैं कि क्या चल रहा है?
हमारे पास अभी data का जो cache है ना, गेंद फट जाई तौहार। इतना data हम flood करने वाले हैं, तुम देखते जाओ अभी। तुम्हें idea नहीं है कि हम तुम्हें कहाँ-कहाँ से पेलेंगे।
इसीलिए बार-बार कहता हूँ, सुधर जाओ, संभल जाओ। यदि तुम्हें अपना future भारत में दिख रहा है, सत्ता में लंबे समय तक रहना है, ये बकैतियाँ जो हैं, बंद करो भाई।
कोई भी आत्महत्या पीड़ादायक और दुर्भाग्यपूर्ण है। रोहित बेमुला ओबीसी था फिर भी एक फ़र्ज़ी दलित अत्याचार का नैरेटिव बना दिया गया। वह नैरेटिव चल भी गया।
लेकिन इस बार आईआईटी bombay वाले मामले में, लगता है वह नैरेटिव नहीं बन पा रहा है।
लोगों को सदबुद्धि आ रही है।
इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और अगर आरोप सही पाए जाएँ तो प्रोफेसर पर कार्रवाई हो। साथ ही अगर आरोप ग़लत निकले, तो आरोप लगाने वाले पर भी कार्रवाई हो।
यह मामला एससी-एसटी एक्ट में सुधार का एक प्रस्थान बिंदु बन सकता है।
@PMOIndia
एक बच्चे की खुदकुशी बेहद दुखद और गंभीर मुद्दा है..और इस पर गहन चर्चा और काम होना चाहिए..हमने कई साल पहले ज़िंदगी लाइव में IIT Suicides पर बात की थी..इस मामले में कुछ एकदम बेसिक से सवाल हैं-
1. क्या पूरे बैच में साहिल एकमात्र SC/ST category का बच्चा था कि प्रोफेसर दुल्ला सिर्फ उसी को निशाना बना रहे थे? अगर प्रोफेसर इतने जातिवादी हैं तो दूसरे बच्चों को भी तो परेशान करते होंगे! वैसे तो कहा जा रहा है कि वो खुद भी obc हैं gc नहीं।
2. जब साहिल को परेशान किया जा रहा था और उसने अपने माता पिता को बताया भी था तो उन्होंने उसी समय SC/ST cell में प्रोफेसर की शिकायत क्यों नहीं की? तभी कर देनी चाहिए थी। क्यों सहने छोड़ दिया बच्चे को? पर उनकी बातों से कहीं ये पछतावा दिख नहीं रहा।
3. लोग कह रहे हैं नकल का सबूत दो.. बिलकुल मिलना चाहिए.. लेकिन सबूत तो प्रताड़ना का भी मिलना चाहिए ! फोन पर कोई तो मैसेज होगा जो कभी साहिल ने परेशान होकर अपने माता पिता को भेजा होगा। कोई तो लिखित सबूत होगा । किसी दोस्त को मैसेज भेजा होगा। सिर्फ उनकी कही बात कैसे मान ली जाए? वसूली के लिए किए गए झूठे मामलों की फ़ेहरिस्त पहले ही काफी लंबी है।
4. क्या अब से नकल की खुली आज़ादी दी जानी चाहिए परीक्षाओ में? या बच्चे को पकड़ने से पहले उसकी जाति पूछनी होगी? GC बच्चा है तो suspend करो.. SC/ST है तो अपनी नौकरी बचाओ और उसको नकल करने दो।
जिसके पास वाकई जवाब हों वही लिखे..मुझे गाली देकर सच नहीं छुपा पाओगे 🙏 गाली गलौज और कुतर्क पर वही उतरते हैं जो गलत होते हैं 😊🙏
उसको फर्स्ट बेंच पर ही क्यों बैठाया गया था ? हो सकता है लठैत OBC प्रोफेसर दुल्ला ने पहले से प्लानिंग किया हो कि आज अपने ट्रैप में फँसाकर एक दलित लड़के का करियर बर्बाद करता हूँ।
अगर अमर शहीद साहिल वकोड़े को पीछे की सीट मिली होती तो आज उसे अपनी शहादत नहीं देनी पड़ती। वह पीछे बैठा होता तो उसे अपना फ़ोन वापस रखने का अवसर भी मिलता।
लठैत मोदी की सरकार एक CBI जांच कराए और पता कराए कि एग्जाम में पीछे बैठने का प्रिविलेज किन जातियों को मिल रहा है। वरना एग्जाम में पीछे बैठने की ब्राह्मणवादी व्यवस्था बंद हो।
साहिल फोन से नकल करते पकड़ा गया, प्रोफेसर ने उससे फोन ले लिया और वो उठकर चला गया,
सोशल मीडिया ने नकल करते पकड़ने वाले प्रोफेसर को हैवान बना दिया, साहिल के माता पिता ने खराब पैरेंटिंग का जिम्मा सिस्टम पर थोप दिया,
कोई भी व्यक्ति ऐसे भीड़तंत्र वाले देश में क्यूँ रहेगा? जहां सच से ज्यादा झूठ टिकता हो?
प्रोफेसर दुला जो कि ओबीसी वर्ग से आते है, इन्होंने एक दलित स्टूडेंट को एग्जाम हॉल में टार्चर किया है। पैरेंट्स के अनुसार इन्होंने उस दलित छात्र पर भद्दी-भद्दी टिप्पणियां की और लगातार हैरेसमेंट करते रहे। जिससे तंग आकर उसे सुसाइड करने पर मजबूर होना पड़ा।
इस तरह से एक प्रतिभाशाली दलित सितारा सदैव के लिए डूब गया।
सरकार दलित छात्र के परिजनों को दस करोड़ की आर्थिक सहायता दे। परिवार में किसी को A ग्रेड की सरकारी नौकरी दे। मालाबार हिल्स में एक घर दे।
और साथ ही IIT बॉम्बे के वर्तमान में जितने भी प्रोफेसर है , उन्हें तीन महीने के लिए निलंबित करे। वो सब भी कही ना कही प्रोफेसर दुल्ला के इस घिनौने कृत्य में अप्रत्यक्ष सहयोगी हैं।
भारत के सबसे बड़े ओबीसीवादी प्रधानमंत्री मोदी की पुलिस इस OBC प्रोफेसर को जल्द से जल्द गिरफ्तार करके एक पब्लिक परेड निकाले ताकि बाक़ी जातंकवादियों को भी एक संदेश मिले।
फर्जी केस में 20 साल जेल में रहने वाले विष्णु तिवारी को कितना मुआवजा मिला?
झूठा FIR करने वालों के खिलाफ क्या कार्यवाही हुई?
सरकार ने झूठी शिकायत, झूठी जाँच, झूठी गवाही और झूठा हलफनामा को गंभीर अपराध क्यों नहीं घोषित किया?
@PMOIndia@narendramodi@AmitShah@myogiadityanath
इतनी नकारात्मक विमर्श के बीच कुछ अच्छी चीजें भी हो रही है। उन्हें भी अपना पक्ष रखने का मौका मिल रहा है , जो इस विषय के ज्ञानी हैं। नहीं तो इनका पक्ष भी एक राजनैतिक दल और विचारधारा के कुपढ़ कार्यकर्ता रखते हैं।
फिलहाल एक भोजपुरिया ब्राह्मण की सुंदर चर्चा सुनिए।
Some pictures stay in our hearts forever, This is one of them. Chinmoy Prabhu could not see his sick mother for the last time, His mother's last wish to see her son before she died and also remained unfulfilled.
Who is responsible for his Pain....?
🚨 कुमार विश्वास का करारा जवाब:
“अगर 76 साल के प्रधानमंत्री को गाली देने से तुम्हें कूल लगता है, तो दे दो। उन्होंने माफ भी कर दिया। लेकिन असली दुनिया की गर्मी में आओ।
5-6 साल बाद जब नौकरी ढूंढोगे, घर का खर्च संभालोगे, ऑल्टो लेनी है या सेडान — तब घर के हर भगवान याद आएंगे।
‘हे हनुमान जी, रहम करो। हे मारुति नंदन, बचा लो।’”
आज तक के इस क्लिप में युवाओं पर ये बात खासी तीखी लग रही है।
स्वतंत्र भारद्वाज बड़बोलापन कर रहा था...चौतरफा विरोध हो रहा है. होना भी चाहिए. गिरफ्तारी हो गई है. सख्त एक्शन होना चाहिए.
मगर निशु के पिताजी जो यहां बोल रहे हैं वो भी बड़बोलापन ही है. इसका भी संज्ञान लिया जाना चाहिए...
"जाति खत्म करनी है, तो पहले तहसील से जाति प्रमाण पत्र बनाना बंद करो!" — ओम प्रकाश राजभर 🔥
UP विधानसभा में ओम प्रकाश राजभर ने कहा —सरकारी तंत्र ही कागजों पर ठप्पा मारकर जाति तय करता है।
जब तक तहसीलों से जाति प्रमाण पत्र जारी होते रहेंगे, तब तक समाज से जाति प्रथा खत्म नहीं हो सकती!