When an engine of a plane and helicopter fails the loss is because of free fall
An operational inbuilt parachute on roof of planes and helicopter can be ejected on machine paralysis to prevent free fall and minimize loss
Engineers dreaming of Management & Babuism give a thought
@AadeshRawal जाती और नशीले पदार्थ पर वैधानिक चेतावनी होती पर नेता और भारतीय अपने निजी लाभ के चलते इसे छोड़ नही पाते हैं
ऐसे मे अगर जाती ���ो जन्म के बजाय कर्म से आवंटित करें त�� मानस को लाभ होगा
अपनी एेच्छिक जाती के लिये भारतीय संघर्ष करेंगे
जाती के लिये योजनाओं का लाभ वंचित को ही मिलेगा
हर हादसे के बाद अक्��र वहाँ एकत्रित भीड़ को गुस्सा आता है और वो काफी जान माल का नुकसान कर देती है
पहलगाम हादसे के बाद यात्रीयों और वहाँ के निवासियों की भीड़ को क्या सांप सूंघ गया था
निरिह पर अत्याचार मे माहिर भीड़ मोर्चे पर लड़ना कब सीखेगी
@ravishndtv जब तक जन्म से जात कि विष समाज मे है और इससे मुक्ति का विकल्प धर्म परिवर्तन से संविधान सम्मत है तब तक ये कत्ले-आम चलता रहेगा
रवीश अगर देश और देश वासियों से जरा भी सरोकार है तो संविधान मे धर्म परि���र्तन की आजादी को हटवाने के लिये और कर्म से जात तय हो के लिये शाब्दिक पत्थरबाजी करें
@ravishndtv पत्थर बाजी से रवीशजी सिर्फ आपकी रोजी रोटी के सिवा और कुछ न होगा
अगर संविधान मे दी गई धर्म की आजादी को हटा दें और भारतीय की जात जन्म से नही वरन कर्म से तय हो तो देश सुधर जायेगा
हर बिन्दू पर राजनीति करने वालों की मानें तो प्रयागराज मे अत्यधिक भीड़ का कारण सत्तापक्ष का बेलगाम प्रचार प्रसार है ।
अगर ये सही है तो विपक्ष अबतक क्या कर रहा था ?
घटना के पहले गलती के लिये अगाह क्यूँ नही किया ?
दोषारोपड से राजनीतिक लाभ क्या जनमानस के हित के लिये है ?
@SupriyaShrinate किस गणित से
जात तो व्यक्ति के व्यवसाय का सूचक है
कायदे से व्यवसाय बदलते जात बदल जानी चाहिए
ऐसा होने से अयोग्य मलाईदार जा��� और जात से मलाई का लाभ नही ले सकेगा
पर कुछ लोगों के लिये धर्म और जात भोली जनता को लडाओ और राज्य करो का सूत्र है
@epanchjanya मुगल और अंग्रेज चले गये
समाज को सहेजने के लिये घर वापसी और व्यवसाय सूचक जाति को परिवारवाद से मुक्त करना चाहिये था
संविधान ने धर्म परिवर्तन अर्थात सनातन से पलायन की आजादी दी पर व्यवसाय अनुरूप जाति परिवर्तन की नही
इस त्रुटि का आसमाजिक तथा कुत्सित विदेशी लाभ क्यूँ न लें
@SudhirChhaudhry अंग्रेज और बटवारे के बाद का
संविधान हमे धर्म बदलने का (पलायन) अधिकार देता है पर जात बदलने (हक से जीने)का नही
जात व्यक्ति के व्यवसाय का सूचक है न की परिवारवाद की छाया
इसलिये जो नेता व्यवसाय के अनुरूप जात बदलने की आजादी दिला सके उसे भारत का अगला प्रधान होना चाहिये
@SupriyaShrinate क्यूँ भारत को अस्थिर करने मे लगी हैं
मानव शरीर मिला है कुछ सृजनात्मक करें
ये तोड़ने का काम जानवरों पर छोड़ दें
अपने नियंताओं को भी यही समझायें
हमे चाहिये आजादी
जात से, पात से
जात का धंधा, बन्द करो
बन्द करो, बन्द करो
भारतवासियों को चाहिये
धर्म बदलने का मौलिक अधिकार पलायन का अधिकार है और जात मे बंधे रहने की विवशता इस पलायन का बल
सबको चाहिये जात से आजादी
बन्द करो बन्द करो
जात का धंधा बन्द करो
@SupriyaShrinate "दलित"
विभाजित करो और राज करो
--------------'-----------
क्या जात पात खत्म नही करा सकते
और अगर खत्म नही हो सकता तो धर्म की तरह जात बदलने की भारतवासियों को आजादी क्यों नही दिलाते
��र अगर ये भी संभव नही तो उपेक्षित को अपनी नई जात ईज़ाद करने का अधिकार दिलायें
@ajeetbharti
कहते हैं जात व्यक्ति के व्यवसाय का सूचक है
पर ये सूचकांक परिवारवाद को भेंट चढ़ गया
व्यवसाय बदलने पर भी जात नही बदलती
और तो और संविधान भी धर्म बदलने (पलायन) का अधिकार देता पर जात बदलने( व्यवसाय अनुरूप ) का नही