*हर परिवार को देखना जरूरी है जिसने यह वीडियो बनाया उसे मैं सेल्यूट करता हूँ। जिस-जिस व्यक्ति ने इसे फारवर्ड किया, उनका भी आभार व्यक्त करता हूँ। आप सभी से मेरा आग्रह है कि आप इस वीडियो को अपने मित्रों में अवश्य शेयर करें और ख़ुद भी इससे सीख लें। वीडियो तो बहुत आते हैं लेकिन ऐसे प्रेरणादायक सन्देश अब बहुत कम आते हैं......*
राम राम @DrKumarVishwas
आपका वीडियो देखा जिसमें आप समाज को किसी 40 साल के बूढ़े की मर्दानगी का उदाहरण रहे हैं, आपसे संवाद करने की तीव्र इच्छा उत्पन्न हुई।
क्या किया 40 किलो के बूढ़े ने #noakhali जाकर कृपया वह भी तो बताना चाहिये था न?
सत्य को छिपाना बौद्धिक अन्याय है।
यह वंचिका है हमारे देश की, समाज की
जब भी किसी बड़े व्यक्तित्व से अपेक्षा होती है सत्य के मार्गदर्शन की
वह इसी प्रकार इधर उधर के नायकों के उदाहरण देकर आपको भटका देंगे
कोई और होता तो मैं इसे बौद्धिक आतंकवाद कहता परन्तु @DrKumarVishwas के हेतु मात्र बौद्धिक की संज्ञा दे रहा हूँ
@DrKumarVishwas विनम्रता से अपनी बात कह रहा हूँ
@DrKumarVishwas गांधी जैसे किरदार का उदाहरण मात्र भी हमारे सनातन धर्म के शास्त्रों में कहीं नही मिलेगा...
भगवान राम ने कोई असहयोग आंदोलन किया था?
भगवान कृष्ण ने कोई आमरण अनशन किया था?
भगवान परशुराम ने कोई सविनय अवज्ञा आंदोलन किया था?
@DrKumarVishwas क्या राम ने सीता को, सुग्रीव को, विभीषण को कहा कि विष निगल लो?
क्या कृष्ण ने नरकासुर के यहां बंदी महिलाओं को कहा कि विष निगल लो? पांडवों को कहा?
क्या परशुराम ने नन्दिनी को कहा विष निगल लो?
नही... अपितु उन्होंने जो किया उनक़ा अनुसरण आगे आने वाले समाज ने युगों युगों तक किया
@DrKumarVishwas जबकि 3 दिन दंगों से पीड़ित हिन्दू समाज त्रस्त होकर हथियार लेकर खड़ा हुआ तो 40 किलो का बूढ़ा जाकर खड़ा हो जाता है पहले मुझे मारो
क्षुब्ध होकर वहां स्त्रियां जिनके बलात्कार हुए उनके विलाप पर गांधी उन्हें विष निगलने को कहता है
@DrKumarVishwas आप सुझव देंगे किसी को विष निगलने हेतु?
@DrKumarVishwas आप रामकथा से जनमानस में स्वयं को स्थापित कर रहे हैं, आपसे बहुग अपेक्षायें करता है यह समाज
कृपया राम का नाम लेकर गांधी की खाई में मत धकेलो
राम के नाम पर तो सत्य बोलो यार...
देर नही लगेगी समस्त ज्ञान, कीर्ति, यश, प्रतिष्ठा का राम नाम सत्य होने में...यदि असत्य का प्रचार करोगे?
@DrKumarVishwas वर्षों से यही होता आ रहा है
आदिगुरु शंकराचार्य को लुप्त कर बुद्घ महान पढ़ाया गया
पुष्यमित्र शुङ्ग को लुप्त कर अशोक महान पढ़ाया गया
गौड़ेश्वर शशांक को लुप्त कर हर्षवर्धन को महान बताया गया
इस्लामिक काल के भी अनेकों उदाहरण हैं
@DrKumarVishwas
सच मत बोलो पर कम से कम झूठ मत बोलो
@DrKumarVishwas आप देश के अग्रणी वक्ताओं में हैं, देश को अपेक्षाएं हैं आपसे
@DrKumarVishwas
3000 वर्षों से झंझावातों में उलझता यह समाज जब तक अपने वास्तविक महानायकों से परिचित होकर उनसे स्वयं को नही जोड़ेगा तब तक वह मूर्ख बनता रहेगा एवं धर्मिक, सामाजिक, राष्ट्रीय पतन अनवरत होता रहेगा।
पुजारी को लात-घूंसों से मारा जा रहा है। मंदिर के अंदर घुसकर पीटा जा रहा है। फावड़े से बेरहमी से हमला किया। महिला की गोद में मासूम भी चीखता चिल्लाता रहता। लेकिन बेरहम गुंडे दबंगों को दया नहीं आई। मामला UP के मुजफ्फरनगर के योग माया मंदिर का। वीडियो बेहद डरावना
@NaveenP51008216@deepakktalwar@madhukishwar आपके पूर्वजों ने किया होगा
आप करिए और भरिए
हमारे पूर्वजों ने ऐसा कुछ नही किया
वस्तुतः उन्होंने निर्देश दिए कि हमारी पूजा, परम्पराओं, कर्मकांडीय, संस्कार, पर्वों-महोत्सवों, अनुष्ठानों में चतुर्थ वर्ण द्वारा निर्मित वस्तुओं के उपयोग ही प्राथमिक
धर्म चक्र के साथ अर्थ चक्र।
I hv a differ question?
Till today noone answered honestly...
I hope u wouldnt disappoint me
My question
Why didnt (PanjPyare, SGPC, other sikh org) stop #Bhindawala that he should not convert a Gurudwara into a terrorist base?
was it silent support? Should Consider??
ब्राह्मणों को लेकर थर्ड ग्रेड एक्टर कमाल आर ख़ान ने बेहद विवादित ट्वीट करते हुए लिखा कि जब "जब अंग्रेजों का शासन था तब वे अंग्रेजों के साथ थे।"
सुनो कमाल आर ख़ान जब आप जैसे घटिया विचारधारा के लोग ऊंचा पैजामा पहनकर देश से ग़द्दारी करने की मंशा पाल रहे थे, मां भारती के लाखों मासूमों की खून की क़ीमत पर अलग राष्ट्र बनाने का सपना संजो रहे थे तब सिर्फ ब्राह्मण ही नहीं पूरा हिंदू अंग्रेजों से लोहा ले रहे थे-
1. स्वतंत्रता संग्राम की पहली गोली चलाने वाला ब्राह्मण हिंदू मंगल पांडेय थे।
2. जिस चंद्रशेखर आजाद ने अंग्रेजों को नाके चने चबा दिया, जिस चंद्रशेखर आजाद को अंग्रेज जीते जी छू नहीं पाए, जिस आजाद ने 24 साल की उम्र में माँ भारती के लिए बलिदानी दे दी। वो चंद्रशेखर ब्राह्मण थे।
3.जिस समय आप जैसे घटिया मानसिकता के लोगों के घरों की महिलाएं बुर्के में घुसी हुईं थी तब रानी लक्ष्मी बाई जैसी वीरांगना युद्ध भूमि पर मां चंडी का रूप धारण कर छक्के छुड़ा रहीं थीं।
4. तात्या टोपे, विनायक दामोदर सावरकर, बालगंगाधर तिलक, हरिगोविंद पंत, गोपाल कृष्ण गोखले, स्वामी सहजानंद जैसे सैकड़ों ब्राह्मणों ने इस देश की आजादी में अपना योगदान दिया। सिर्फ ब्राह्मण ही नहीं हजारों हिंदुओं ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व बलिदान दे दिया।
5. जिस उम्र घटिया मानसिकता के आतंकी हिंदुस्तान से लेकर अमेरिका तक मानवता का क़त्ल करते हैं आतंकी हमले करते हैं उस उम्र में ब्राह्मण देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ रहे थे।
अगर मेरा ट्वीट दिख जाए और थोड़ा भी शर्मा लज्जा हो तो ट्वीट डिलीट कर देना।