पुरुष पढ़ा तो, ब्याह लाया अनपढ़ को क्युकी उसे मिला ढेर सारा दहेज,.. और एक मुक्त में काम करने वाली नौकरानी
जिसके आवाज को वो दबा सके जिसके सपनों को.. मार सके जिसको वो जब चाहे तब चार उल्टी सीधी बाते सुना सके और जब एक स्त्री पढ़ी तो उसने चुना अपने आत्म-सम्मान को... उसने चुना
अपने खिलाफ खड़े होना, उसने सीखा पैसे कमाना,.. अपने आप को प्राथमिकता देना,..
@Hindi_panktiyan सफ़र की आख़िरी घड़ी मे
मौत जब उसके सिरहाने खड़ी थी
कुछ देर तक
उसकी आँखों में देखती रही
उसे यक़ीन न था
कि यहाँ अब
उसका कोई काम नहीं।
पथराई आँखों के पीछे
वो शख़्स
बहुत पहले जा चुका था।
वो उसे लेने आई थी,
लेकिन ज़िंदगी तेज़ निकली
उसे पहले ही
निगल चुकी थी।
मौत को
मौका ही नहीं मिला।
मैं कॉल नहीं करता
लेकिन परवाह करता हूँ
मैं टेक्स्ट नहीं करता
लेकिन तेरे बारे में ही सोचता हूँ
मैं तुमसे मिल नहीं सकता
मगर याद ज़रूर करता हूँ
मैं कभी नहीं बोलूँगा...
मगर तुमसे प्यार करता हूँ ❤️🌹
अब ~ मैनें हार मान ली है...और स्वीकार कर लिया है
"जाना तुम्हारा" आज जब मैं जान गया हूं...मिलना शायद इतना भर ही लिखा था हमारा...
लेकिन ! मैं अपने जीवन के अंत तक! इस बेजान सी देह को लिए...ठहरा रहूंगा वहीं जहां से हम दोनों जुदा हुए थे...पुन:ह मिलन की आस लिए -🖤����