MY CLARIFICATION...
to statements made by Lieutenant Governor of Ladakh regarding his warning to me to refrain from making comments on #CockroachJantaParty
The meeting and the LG's tweet happened on 26th evening, yet I avoided reacting to the post that evening. But next morning it dawned on me that it was more of a press statement than just a tweet as the absurd statement appeared in several newspapers. So I made this video but again restrained myself from posting...
Shayad unki aakhri ho yeh sitam, har sitam yeh soch kar hum seh gaye...
But this morning even more media channels carried this... and I kept getting calls from journalists for my comments.
So finally here it is...
Media house are welcome to use it... no copyright
उत्तराखंड इंसानियत मंच के वार्षिक सम्मेलन में जाने-माने इतिहासकार इस्लाम हुसैन ने बताया - कि कहां से कब और कैसे उत्तराखंड आए मुसलमान और कैसे यहां के समाज में रच-बस गये।
कुछ लोग आज मुसलमान को बेशक बाहरी साबित करने पर तुले हुए हैं, लेकिन वे झूठे साबित होंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को उत्तराखंड में लव जिहाद, लैंड जिहाद और डेमोग्राफिक चेंज का जाप किये बिना नींद नहीं आती। लेकिन, पंचायत रिपोर्टर न्यूज पोर्टल ने खुलासा किया है कि सरकारी दस्तावेजों में इनका कोई रिकॉर्ड, अध्ययन या फाइल है ही नहीं। देखिए वीडियो baat bolegi पर
उत्तराखंड पुलिस, कानून व्यवस्था, पुलिस ज्यादती और सुसाइड केस—ये मुद्दे आज सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। एक ही महीने में देहरादून, नैनीताल और पौड़ी में पुलिस के कथित अत्याचारों से जुड़े सुसाइड मामलों ने सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो baat bolegi पर
देश और दुनिया की प्रतिष्ठित संस्थाएं धाकड़ों-धुरंधरों के अधीन आकर किस तरह बर्बाद हो जाती हैं, रेड क्रॉस सोसायटी उत्तराखंड इसका एक उदाहरण है।
राज्यपाल इस सोसायटी के पदेन अध्यक्ष और स्वास्थ्य मंत्री पदेन उपाध्यक्ष होते हैं।
पता नहीं लोग क्यों इस मशाल जुलूस में नकली मशालों को लेकर इतने बावले हो रहे हैं?
यह मशाल जुलूस एक फर्जी विधेयक के लिए निकाला जा रहा है, जो 2023 में पारित हो चुका है।
इस नकली मशाल जुलूस का नाम महिला आक्रोश मशाल यात्रा है।
विधेयक नकली, आक्रोश नकली, तो मशालें असली क्यों चाहिए आपको???
पहाड़ के जंगल आग की चपेट में हैं।चारों तरफ धुएं का गुबार नजर आ रहा है। पहाड़ एक तरह से अदृश्य हो गए हैं।
फिलहाल कल बसुकेदार में शराब ठेके के विरोध में प्रदर्शन है।
आसपास हैं तो आइएगा जरूर
आप का घर बदरी या केदार घाटी में है तो सार्वजनिक परिवहन के भरोसे न रहें।
बस वाले ऋषिकेश से जोशीमठ या गुप्तकाशी तक की भी सवारी नहीं ले रहे हैं।
यदि आपको बीच में कहीं उतरना है तो टिकट सोनप्रयाग या बद्रीनाथ तक का ही लेना होगा।
हमने पहले ही कहा था, यह ऑलवेदर रोड हमारे लिए नहीं है।
पहले यात्रा सीजन के दौरान बसों के आगे बोर्ड लगा रहता था, 'यात्री बस' और 'लोकल बस'।
लेकिन अब सवारी (लोकल) बसों में भर भर कर तीर्थयात्री ले जाए जा रहे हैं।
लोकल लोग, जिन्होंने अब तक कार नहीं खरीदी है, वे अपनी ऐसी-तैसी करवाएं और बीजेपी को झोली भर-भर कर वोट देते रहें।
राष्ट्र के नाम संदेश बेशक प्रधानमंत्री का ही क्यों ना हो, वह दलगत भावनाओं से ऊपर होता है।
लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संदेश की आड़ में विपक्ष को जमकर खरी खोटी सुनाई।
वीडियो बात बोलेगी baat bolegi पर है देखिएगा जरुर...
उसने पहले पहाड़ के युवाओं को गालीबाज बनाया...
और अब छात्रसंघ समारोह में एक लफंगे से मां-बहन की भद्दी गालियां दिलवा दी।
अफसोस हमारे धाकड़-धुरंदर मुख्यमंत्री उस गालीबाज लफंगे का सम्मान करते देखे गये।