माननीय प्रधानमंत्री श्री जी,
माननीय राष्ट्रपति श्रीमती जी,
माननीय मुख्यमंत्री हरियाणा श्री जी,
आज मैं एक महिला, एक कार्यकर्ता और एक नागरिक के रूप में आपसे अपने मन की बात कहना चाहती हूँ।
दिनांक: 28 जून 2026
स्थान: गुरुग्राम, हरियाणा
मेरी यह अपील सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि उन लाखों महिला कार्यकर्ताओं के लिए है जो अपना घर-परिवार संभालते हुए पार्टी, समाज और देश के लिए दिन-रात कार्य कर रही हैं।
माननीय मोदी जी,
आपने हमेशा महिलाओं की भागीदारी, सम्मान और सशक्तिकरण की बात की है। आपने देश को यह विश्वास दिलाया कि महिलाएं सिर्फ घर ही नहीं, देश भी चला सकती हैं।
लेकिन जमीनी स्तर पर आज भी एक कड़वी सच्चाई है।
बहुत-सी महिला कार्यकर्ता ऐसी हैं जो बिना संसाधनों के काम कर रही हैं।
न गाड़ी है, न बड़ा घर, न आर्थिक सुरक्षा।
कई महिलाओं के पास केवल दो वक्त की रोटी का साधन है, फिर भी वे पार्टी और समाज के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।
मेरा विनम्र निवेदन है—
जो महिलाएं पूरी निष्ठा से पार्टी और समाज के लिए काम कर रही हैं, उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत किया जाए।
क्योंकि जब महिला आर्थिक रूप से सुरक्षित होगी, तभी वह घर की चिंता से मुक्त होकर समाज और राष्ट्र के लिए अधिक मजबूती से कार्य कर सकेगी।
एक और गंभीर बात कहना चाहती हूँ।
कई बार पार्टी के भीतर ही कुछ प्रभावशाली लोग महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर नहीं देते।
वे महिलाओं की मेहनत देखते हैं, उनका उपयोग करते हैं, लेकिन उन्हें ऊपर उठने का उचित मंच नहीं देते।
महिलाओं को लड़ाई नहीं चाहिए।
महिलाओं को सिर्फ इतना चाहिए कि उन्हें अपने अधिकार मांगने का सम्मानजनक स्पेस मिले।
ऐसा वातावरण बने जहाँ कोई महिला बिना संकोच अपनी बात रख सके।
मैं स्वयं नई-नई भाजपा से जुड़ी हूँ।
मैं गुरुग्राम के माननीय विधायक जी का धन्यवाद करती हूँ।
मैं प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता जी से मिली—उनसे मिलकर बहुत प्रेरणा मिली।
लेकिन मेरा एक प्रश्न है—
यदि कोई कार्यकर्ता 5 वर्ष, 10 वर्ष या उससे अधिक समय तक पूरी निष्ठा से कार्य करता है,
तो जब उसकी मेहनत का परिणाम देने की बारी आती है,
तब इतना विलंब क्यों?
यह प्रश्न केवल मेरा नहीं—असंख्य कार्यकर्ताओं के मन का प्रश्न है।
मोदी जी,
मैं किसी पद या प्रतिष्ठा की भूखी नहीं हूँ।
मैं सिर्फ अवसर चाहती हूँ।
मैं सिर्फ इतना चाहती हूँ कि मुझे भी देश और समाज के लिए कुछ बड़ा करने का एक मौका मिले।
मैंने 17 वर्षों तक समाज और राष्ट्र के लिए कार्य किया है।
मैंने संघर्ष किया है, साफ-साफ की लड़ाई लड़ी है और हमेशा ईमानदारी से काम किया है।
आज मैं आपसे केवल एक आशीर्वाद मांगती हूँ।
मैं आपसे मिलना चाहती हूँ।
जीवन में एक बार आपके दर्शन और आपका आशीर्वाद प्राप्त करना चाहती हूँ।
मुझे विश्वास है—
आप महिलाओं की पीड़ा, समर्पण और भावनाओं को समझते हैं।
मेरी यह अपील आप तक पहुँचे, यही प्रार्थना है।
यदि इस संदेश में सच्चाई है,
तो देश का कोई न कोई जनप्रतिनिधि अवश्य आगे आएगा और इस विषय पर पहल करेगा।
क्योंकि सबसे आवश्यक है—
किसी को सुनना, समझना और फिर उस पर अमल करना।
महिलाएं घर संभाल सकती हैं,
तो देश भी संभाल सकती हैं।
बस आवश्यकता है—विश्वास, अवसर और सहयोग की।
इसे इस तरह और मजबूत बनाया जा सकता है:
यह कहना गलत होगा कि मुझे राजनीतिक और सामाजिक अनुभव नहीं है। सामाजिक संस्कार मुझे बचपन से अपने माता-पिता से मिले, और राजनीति की समझ अपने पिताजी से। साथ ही मुझे 15–16 वर्षों का सक्रिय राजनीतिक अनुभव है। अवसर न मिलना अनुभव की कमी नहीं, बल्कि विचारधारा के मतभेद का विषय हो सकता है; क्योंकि सीखने वाला व्यक्ति हर परिस्थिति में सीख ही लेता है।
धन्यवाद।
जय हिंद।
भारत माता की जय।
#presidentofindia
#pm
#cmyogi
#rajnatsingh
#amitshah_remove_dg_crpf
#manahorlalkhattar
#cmharyana
#cmdelhi
#raonarbir
#raoinderjeetsingh
#Artirao
#drarchanagupta
#anilvig
माननीय प्रधानमंत्री श्री जी,
माननीय राष्ट्रपति श्रीमती जी,
माननीय मुख्यमंत्री हरियाणा श्री जी,
आज मैं एक महिला, एक कार्यकर्ता और एक नागरिक के रूप में आपसे अपने मन की बात कहना चाहती हूँ।
दिनांक: 28 जून 2026
स्थान: गुरुग्राम, हरियाणा
मेरी यह अपील सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि उन लाखों महिला कार्यकर्ताओं के लिए है जो अपना घर-परिवार संभालते हुए पार्टी, समाज और देश के लिए दिन-रात कार्य कर रही हैं।
माननीय मोदी जी,
आपने हमेशा महिलाओं की भागीदारी, सम्मान और सशक्तिकरण की बात की है। आपने देश को यह विश्वास दिलाया कि महिलाएं सिर्फ घर ही नहीं, देश भी चला सकती हैं।
लेकिन जमीनी स्तर पर आज भी एक कड़वी सच्चाई है।
बहुत-सी महिला कार्यकर्ता ऐसी हैं जो बिना संसाधनों के काम कर रही हैं।
न गाड़ी है, न बड़ा घर, न आर्थिक सुरक्षा।
कई महिलाओं के पास केवल दो वक्त की रोटी का साधन है, फिर भी वे पार्टी और समाज के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।
मेरा विनम्र निवेदन है—
जो महिलाएं पूरी निष्ठा से पार्टी और समाज के लिए काम कर रही हैं, उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत किया जाए।
क्योंकि जब महिला आर्थिक रूप से सुरक्षित होगी, तभी वह घर की चिंता से मुक्त होकर समाज और राष्ट्र के लिए अधिक मजबूती से कार्य कर सकेगी।
एक और गंभीर बात कहना चाहती हूँ।
कई बार पार्टी के भीतर ही कुछ प्रभावशाली लोग महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर नहीं देते।
वे महिलाओं की मेहनत देखते हैं, उनका उपयोग करते हैं, लेकिन उन्हें ऊपर उठने का उचित मंच नहीं देते।
महिलाओं को लड़ाई नहीं चाहिए।
महिलाओं को सिर्फ इतना चाहिए कि उन्हें अपने अधिकार मांगने का सम्मानजनक स्पेस मिले।
ऐसा वातावरण बने जहाँ कोई महिला बिना संकोच अपनी बात रख सके।
मैं स्वयं नई-नई भाजपा से जुड़ी हूँ।
मैं गुरुग्राम के माननीय विधायक जी का धन्यवाद करती हूँ।
मैं प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता जी से मिली—उनसे मिलकर बहुत प्रेरणा मिली।
लेकिन मेरा एक प्रश्न है—
यदि कोई कार्यकर्ता 5 वर्ष, 10 वर्ष या उससे अधिक समय तक पूरी निष्ठा से कार्य करता है,
तो जब उसकी मेहनत का परिणाम देने की बारी आती है,
तब इतना विलंब क्यों?
यह प्रश्न केवल मेरा नहीं—असंख्य कार्यकर्ताओं के मन का प्रश्न है।
मोदी जी,
मैं किसी पद या प्रतिष्ठा की भूखी नहीं हूँ।
मैं सिर्फ अवसर चाहती हूँ।
मैं सिर्फ इतना चाहती हूँ कि मुझे भी देश और समाज के लिए कुछ बड़ा करने का एक मौका मिले।
मैंने 17 वर्षों तक समाज और राष्ट्र के लिए कार्य किया है।
मैंने संघर्ष किया है, साफ-साफ की लड़ाई लड़ी है और हमेशा ईमानदारी से काम किया है।
आज मैं आपसे केवल एक आशीर्वाद मांगती हूँ।
मैं आपसे मिलना चाहती हूँ।
जीवन में एक बार आपके दर्शन और आपका आशीर्वाद प्राप्त करना चाहती हूँ।
मुझे विश्वास है—
आप महिलाओं की पीड़ा, समर्पण और भावनाओं को समझते हैं।
मेरी यह अपील आप तक पहुँचे, यही प्रार्थना है।
यदि इस संदेश में सच्चाई है,
तो देश का कोई न कोई जनप्रतिनिधि अवश्य आगे आएगा और इस विषय पर पहल करेगा।
क्योंकि सबसे आवश्यक है—
किसी को सुनना, समझना और फिर उस पर अमल करना।
महिलाएं घर संभाल सकती हैं,
तो देश भी संभाल सकती हैं।
बस आवश्यकता है—विश्वास, अवसर और सहयोग की।
इसे इस तरह और मजबूत बनाया जा सकता है:
यह कहना गलत होगा कि मुझे राजनीतिक और सामाजिक अनुभव नहीं है। सामाजिक संस्कार मुझे बचपन से अपने माता-पिता से मिले, और राजनीति की समझ अपने पिताजी से। साथ ही मुझे 15–16 वर्षों का सक्रिय राजनीतिक अनुभव है। अवसर न मिलना अनुभव की कमी नहीं, बल्कि विचारधारा के मतभेद का विषय हो सकता है; क्योंकि सीखने वाला व्यक्ति हर परिस्थिति में सीख ही लेता है।
धन्यवाद।
जय हिंद।
भारत माता की जय।
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माननीय प्रधानमंत्री श्री जी,
माननीय राष्ट्रपति श्रीमती जी,
माननीय मुख्यमंत्री हरियाणा श्री जी,
आज मैं एक महिला, एक कार्यकर्ता और एक नागरिक के रूप में आपसे अपने मन की बात कहना चाहती हूँ।
दिनांक: 28 जून 2026
स्थान: गुरुग्राम, हरियाणा
मेरी यह अपील सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि उन लाखों महिला कार्यकर्ताओं के लिए है जो अपना घर-परिवार संभालते हुए पार्टी, समाज और देश के लिए दिन-रात कार्य कर रही हैं।
माननीय मोदी जी,
आपने हमेशा महिलाओं की भागीदारी, सम्मान और सशक्तिकरण की बात की है। आपने देश को यह विश्वास दिलाया कि महिलाएं सिर्फ घर ही नहीं, देश भी चला सकती हैं।
लेकिन जमीनी स्तर पर आज भी एक कड़वी सच्चाई है।
बहुत-सी महिला कार्यकर्ता ऐसी हैं जो बिना संसाधनों के काम कर रही हैं।
न गाड़ी है, न बड़ा घर, न आर्थिक सुरक्षा।
कई महिलाओं के पास केवल दो वक्त की रोटी का साधन है, फिर भी वे पार्टी और समाज के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।
मेरा विनम्र निवेदन है—
जो महिलाएं पूरी निष्ठा से पार्टी और समाज के लिए काम कर रही हैं, उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत किया जाए।
क्योंकि जब महिला आर्थिक रूप से सुरक्षित होगी, तभी वह घर की चिंता से मुक्त होकर समाज और राष्ट्र के लिए अधिक मजबूती से कार्य कर सकेगी।
एक और गंभीर बात कहना चाहती हूँ।
कई बार पार्टी के भीतर ही कुछ प्रभावशाली लोग महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर नहीं देते।
वे महिलाओं की मेहनत देखते हैं, उनका उपयोग करते हैं, लेकिन उन्हें ऊपर उठने का उचित मंच नहीं देते।
महिलाओं को लड़ाई नहीं चाहिए।
महिलाओं को सिर्फ इतना चाहिए कि उन्हें अपने अधिकार मांगने का सम्मानजनक स्पेस मिले।
ऐसा वातावरण बने जहाँ कोई महिला बिना संकोच अपनी बात रख सके।
मैं स्वयं नई-नई भाजपा से जुड़ी हूँ।
मैं गुरुग्राम के माननीय विधायक जी का धन्यवाद करती हूँ।
मैं प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता जी से मिली—उनसे मिलकर बहुत प्रेरणा मिली।
लेकिन मेरा एक प्रश्न है—
यदि कोई कार्यकर्ता 5 वर्ष, 10 वर्ष या उससे अधिक समय तक पूरी निष्ठा से कार्य करता है,
तो जब उसकी मेहनत का परिणाम देने की बारी आती है,
तब इतना विलंब क्यों?
यह प्रश्न केवल मेरा नहीं—असंख्य कार्यकर्ताओं के मन का प्रश्न है।
मोदी जी,
मैं किसी पद या प्रतिष्ठा की भूखी नहीं हूँ।
मैं सिर्फ अवसर चाहती हूँ।
मैं सिर्फ इतना चाहती हूँ कि मुझे भी देश और समाज के लिए कुछ बड़ा करने का एक मौका मिले।
मैंने 17 वर्षों तक समाज और राष्ट्र के लिए कार्य किया है।
मैंने संघर्ष किया है, साफ-साफ की लड़ाई लड़ी है और हमेशा ईमानदारी से काम किया है।
आज मैं आपसे केवल एक आशीर्वाद मांगती हूँ।
मैं आपसे मिलना चाहती हूँ।
जीवन में एक बार आपके दर्शन और आपका आशीर्वाद प्राप्त करना चाहती हूँ।
मुझे विश्वास है—
आप महिलाओं की पीड़ा, समर्पण और भावनाओं को समझते हैं।
मेरी यह अपील आप तक पहुँचे, यही प्रार्थना है।
यदि इस संदेश में सच्चाई है,
तो देश का कोई न कोई जनप्रतिनिधि अवश्य आगे आएगा और इस विषय पर पहल करेगा।
क्योंकि सबसे आवश्यक है—
किसी को सुनना, समझना और फिर उस पर अमल करना।
महिलाएं घर संभाल सकती हैं,
तो देश भी संभाल सकती हैं।
बस आवश्यकता है—विश्वास, अवसर और सहयोग की।
इसे इस तरह और मजबूत बनाया जा सकता है:
यह कहना गलत होगा कि मुझे राजनीतिक और सामाजिक अनुभव नहीं है। सामाजिक संस्कार मुझे बचपन से अपने माता-पिता से मिले, और राजनीति की समझ अपने पिताजी से। साथ ही मुझे 15–16 वर्षों का सक्रिय राजनीतिक अनुभव है। अवसर न मिलना अनुभव की कमी नहीं, बल्कि विचारधारा के मतभेद का विषय हो सकता है; क्योंकि सीखने वाला व्यक्ति हर परिस्थिति में सीख ही लेता है।
धन्यवाद।
जय हिंद।
भारत माता की जय।
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माननीय प्रधानमंत्री श्री जी,
माननीय राष्ट्रपति श्रीमती जी,
माननीय मुख्यमंत्री हरियाणा श्री जी,
आज मैं एक महिला, एक कार्यकर्ता और एक नागरिक के रूप में आपसे अपने मन की बात कहना चाहती हूँ।
दिनांक: 28 जून 2026
स्थान: गुरुग्राम, हरियाणा
मेरी यह अपील सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि उन लाखों महिला कार्यकर्ताओं के लिए है जो अपना घर-परिवार संभालते हुए पार्टी, समाज और देश के लिए दिन-रात कार्य कर रही हैं।
माननीय मोदी जी,
आपने हमेशा महिलाओं की भागीदारी, सम्मान और सशक्तिकरण की बात की है। आपने देश को यह विश्वास दिलाया कि महिलाएं सिर्फ घर ही नहीं, देश भी चला सकती हैं।
लेकिन जमीनी स्तर पर आज भी एक कड़वी सच्चाई है।
बहुत-सी महिला कार्यकर्ता ऐसी हैं जो बिना संसाधनों के काम कर रही हैं।
न गाड़ी है, न बड़ा घर, न आर्थिक सुरक्षा।
कई महिलाओं के पास केवल दो वक्त की रोटी का साधन है, फिर भी वे पार्टी और समाज के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।
मेरा विनम्र निवेदन है—
जो महिलाएं पूरी निष्ठा से पार्टी और समाज के लिए काम कर रही हैं, उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत किया जाए।
क्योंकि जब महिला आर्थिक रूप से सुरक्षित होगी, तभी वह घर की चिंता से मुक्त होकर समाज और राष्ट्र के लिए अधिक मजबूती से कार्य कर सकेगी।
एक और गंभीर बात कहना चाहती हूँ।
कई बार पार्टी के भीतर ही कुछ प्रभावशाली लोग महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर नहीं देते।
वे महिलाओं की मेहनत देखते हैं, उनका उपयोग करते हैं, लेकिन उन्हें ऊपर उठने का उचित मंच नहीं देते।
महिलाओं को लड़ाई नहीं चाहिए।
महिलाओं को सिर्फ इतना चाहिए कि उन्हें अपने अधिकार मांगने का सम्मानजनक स्पेस मिले।
ऐसा वातावरण बने जहाँ कोई महिला बिना संकोच अपनी बात रख सके।
मैं स्वयं नई-नई भाजपा से जुड़ी हूँ।
मैं गुरुग्राम के माननीय विधायक जी का धन्यवाद करती हूँ।
मैं प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता जी से मिली—उनसे मिलकर बहुत प्रेरणा मिली।
लेकिन मेरा एक प्रश्न है—
यदि कोई कार्यकर्ता 5 वर्ष, 10 वर्ष या उससे अधिक समय तक पूरी निष्ठा से कार्य करता है,
तो जब उसकी मेहनत का परिणाम देने की बारी आती है,
तब इतना विलंब क्यों?
यह प्रश्न केवल मेरा नहीं—असंख्य कार्यकर्ताओं के मन का प्रश्न है।
मोदी जी,
मैं किसी पद या प्रतिष्ठा की भूखी नहीं हूँ।
मैं सिर्फ अवसर चाहती हूँ।
मैं सिर्फ इतना चाहती हूँ कि मुझे भी देश और समाज के लिए कुछ बड़ा करने का एक मौका मिले।
मैंने 17 वर्षों तक समाज और राष्ट्र के लिए कार्य किया है।
मैंने संघर्ष किया है, साफ-साफ की लड़ाई लड़ी है और हमेशा ईमानदारी से काम किया है।
आज मैं आपसे केवल एक आशीर्वाद मांगती हूँ।
मैं आपसे मिलना चाहती हूँ।
जीवन में एक बार आपके दर्शन और आपका आशीर्वाद प्राप्त करना चाहती हूँ।
मुझे विश्वास है—
आप महिलाओं की पीड़ा, समर्पण और भावनाओं को समझते हैं।
मेरी यह अपील आप तक पहुँचे, यही प्रार्थना है।
यदि इस संदेश में सच्चाई है,
तो देश का कोई न कोई जनप्रतिनिधि अवश्य आगे आएगा और इस विषय पर पहल करेगा।
क्योंकि सबसे आवश्यक है—
किसी को सुनना, समझना और फिर उस पर अमल करना।
महिलाएं घर संभाल सकती हैं,
तो देश भी संभाल सकती हैं।
बस आवश्यकता है—विश्वास, अवसर और सहयोग की।
इसे इस तरह और मजबूत बनाया जा सकता है:
यह कहना गलत होगा कि मुझे राजनीतिक और सामाजिक अनुभव नहीं है। सामाजिक संस्कार मुझे बचपन से अपने माता-पिता से मिले, और राजनीति की समझ अपने पिताजी से। साथ ही मुझे 15–16 वर्षों का सक्रिय राजनीतिक अनुभव है। अवसर न मिलना अनुभव की कमी नहीं, बल्कि विचारधारा के मतभेद का विषय हो सकता है; क्योंकि सीखने वाला व्यक्ति हर परिस्थिति में सीख ही लेता है।
धन्यवाद।
जय हिंद।
भारत माता की जय।
#presidentofindia
#pm
#cmyogi
#rajnatsingh
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#cmharyana
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माननीय प्रधानमंत्री श्री जी,
माननीय राष्ट्रपति श्रीमती जी,
माननीय मुख्यमंत्री हरियाणा श्री जी,
आज मैं एक महिला, एक कार्यकर्ता और एक नागरिक के रूप में आपसे अपने मन की बात कहना चाहती हूँ।
दिनांक: 28 जून 2026
स्थान: गुरुग्राम, हरियाणा
मेरी यह अपील सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि उन लाखों महिला कार्यकर्ताओं के लिए है जो अपना घर-परिवार संभालते हुए पार्टी, समाज और देश के लिए दिन-रात कार्य कर रही हैं।
माननीय मोदी जी,
आपने हमेशा महिलाओं की भागीदारी, सम्मान और सशक्तिकरण की बात की है। आपने देश को यह विश्वास दिलाया कि महिलाएं सिर्फ घर ही नहीं, देश भी चला सकती हैं।
लेकिन जमीनी स्तर पर आज भी एक कड़वी सच्चाई है।
बहुत-सी महिला कार्यकर्ता ऐसी हैं जो बिना संसाधनों के काम कर रही हैं।
न गाड़ी है, न बड़ा घर, न आर्थिक सुरक्षा।
कई महिलाओं के पास केवल दो वक्त की रोटी का साधन है, फिर भी वे पार्टी और समाज के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।
मेरा विनम्र निवेदन है—
जो महिलाएं पूरी निष्ठा से पार्टी और समाज के लिए काम कर रही हैं, उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत किया जाए।
क्योंकि जब महिला आर्थिक रूप से सुरक्षित होगी, तभी वह घर की चिंता से मुक्त होकर समाज और राष्ट्र के लिए अधिक मजबूती से कार्य कर सकेगी।
एक और गंभीर बात कहना चाहती हूँ।
कई बार पार्टी के भीतर ही कुछ प्रभावशाली लोग महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर नहीं देते।
वे महिलाओं की मेहनत देखते हैं, उनका उपयोग करते हैं, लेकिन उन्हें ऊपर उठने का उचित मंच नहीं देते।
महिलाओं को लड़ाई नहीं चाहिए।
महिलाओं को सिर्फ इतना चाहिए कि उन्हें अपने अधिकार मांगने का सम्मानजनक स्पेस मिले।
ऐसा वातावरण बने जहाँ कोई महिला बिना संकोच अपनी बात रख सके।
मैं स्वयं नई-नई भाजपा से जुड़ी हूँ।
मैं गुरुग्राम के माननीय विधायक जी का धन्यवाद करती हूँ।
मैं प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता जी से मिली—उनसे मिलकर बहुत प्रेरणा मिली।
लेकिन मेरा एक प्रश्न है—
यदि कोई कार्यकर्ता 5 वर्ष, 10 वर्ष या उससे अधिक समय तक पूरी निष्ठा से कार्य करता है,
तो जब उसकी मेहनत का परिणाम देने की बारी आती है,
तब इतना विलंब क्यों?
यह प्रश्न केवल मेरा नहीं—असंख्य कार्यकर्ताओं के मन का प्रश्न है।
मोदी जी,
मैं किसी पद या प्रतिष्ठा की भूखी नहीं हूँ।
मैं सिर्फ अवसर चाहती हूँ।
मैं सिर्फ इतना चाहती हूँ कि मुझे भी देश और समाज के लिए कुछ बड़ा करने का एक मौका मिले।
मैंने 17 वर्षों तक समाज और राष्ट्र के लिए कार्य किया है।
मैंने संघर्ष किया है, साफ-साफ की लड़ाई लड़ी है और हमेशा ईमानदारी से काम किया है।
आज मैं आपसे केवल एक आशीर्वाद मांगती हूँ।
मैं आपसे मिलना चाहती हूँ।
जीवन में एक बार आपके दर्शन और आपका आशीर्वाद प्राप्त करना चाहती हूँ।
मुझे विश्वास है—
आप महिलाओं की पीड़ा, समर्पण और भावनाओं को समझते हैं।
मेरी यह अपील आप तक पहुँचे, यही प्रार्थना है।
यदि इस संदेश में सच्चाई है,
तो देश का कोई न कोई जनप्रतिनिधि अवश्य आगे आएगा और इस विषय पर पहल करेगा।
क्योंकि सबसे आवश्यक है—
किसी को सुनना, समझना और फिर उस पर अमल करना।
महिलाएं घर संभाल सकती हैं,
तो देश भी संभाल सकती हैं।
बस आवश्यकता है—विश्वास, अवसर और सहयोग की।
इसे इस तरह और मजबूत बनाया जा सकता है:
यह कहना गलत होगा कि मुझे राजनीतिक और सामाजिक अनुभव नहीं है। सामाजिक संस्कार मुझे बचपन से अपने माता-पिता से मिले, और राजनीति की समझ अपने पिताजी से। साथ ही मुझे 15–16 वर्षों का सक्रिय राजनीतिक अनुभव है। अवसर न मिलना अनुभव की कमी नहीं, बल्कि विचारधारा के मतभेद का विषय हो सकता है; क्योंकि सीखने वाला व्यक्ति हर परिस्थिति में सीख ही लेता है।
धन्यवाद।
जय हिंद।
भारत माता की जय।
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माननीय राष्ट्रपति श्रीमती जी,
माननीय मुख्यमंत्री हरियाणा श्री जी,
आज मैं एक महिला, एक कार्यकर्ता और एक नागरिक के रूप में आपसे अपने मन की बात कहना चाहती हूँ।
दिनांक: 28 जून 2026
स्थान: गुरुग्राम, हरियाणा
मेरी यह अपील सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि उन लाखों महिला कार्यकर्ताओं के लिए है जो अपना घर-परिवार संभालते हुए पार्टी, समाज और देश के लिए दिन-रात कार्य कर रही हैं।
माननीय मोदी जी,
आपने हमेशा महिलाओं की भागीदारी, सम्मान और सशक्तिकरण की बात की है। आपने देश को यह विश्वास दिलाया कि महिलाएं सिर्फ घर ही नहीं, देश भी चला सकती हैं।
लेकिन जमीनी स्तर पर आज भी एक कड़वी सच्चाई है।
बहुत-सी महिला कार्यकर्ता ऐसी हैं जो बिना संसाधनों के काम कर रही हैं।
न गाड़ी है, न बड़ा घर, न आर्थिक सुरक्षा।
कई महिलाओं के पास केवल दो वक्त की रोटी का साधन है, फिर भी वे पार्टी और समाज के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।
मेरा विनम्र निवेदन है—
जो महिलाएं पूरी निष्ठा से पार्टी और समाज के लिए काम कर रही हैं, उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत किया जाए।
क्योंकि जब महिला आर्थिक रूप से सुरक्षित होगी, तभी वह घर की चिंता से मुक्त होकर समाज और राष्ट्र के लिए अधिक मजबूती से कार्य कर सकेगी।
एक और गंभीर बात कहना चाहती हूँ।
कई बार पार्टी के भीतर ही कुछ प्रभावशाली लोग महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर नहीं देते।
वे महिलाओं की मेहनत देखते हैं, उनका उपयोग करते हैं, लेकिन उन्हें ऊपर उठने का उचित मंच नहीं देते।
महिलाओं को लड़ाई नहीं चाहिए।
महिलाओं को सिर्फ इतना चाहिए कि उन्हें अपने अधिकार मांगने का सम्मानजनक स्पेस मिले।
ऐसा वातावरण बने जहाँ कोई महिला बिना संकोच अपनी बात रख सके।
मैं स्वयं नई-नई भाजपा से जुड़ी हूँ।
मैं गुरुग्राम के माननीय विधायक जी का धन्यवाद करती हूँ।
मैं प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता जी से मिली—उनसे मिलकर बहुत प्रेरणा मिली।
लेकिन मेरा एक प्रश्न है—
यदि कोई कार्यकर्ता 5 वर्ष, 10 वर्ष या उससे अधिक समय तक पूरी निष्ठा से कार्य करता है,
तो जब उसकी मेहनत का परिणाम देने की बारी आती है,
तब इतना विलंब क्यों?
यह प्रश्न केवल मेरा नहीं—असंख्य कार्यकर्ताओं के मन का प्रश्न है।
मोदी जी,
मैं किसी पद या प्रतिष्ठा की भूखी नहीं हूँ।
मैं सिर्फ अवसर चाहती हूँ।
मैं सिर्फ इतना चाहती हूँ कि मुझे भी देश और समाज के लिए कुछ बड़ा करने का एक मौका मिले।
मैंने 17 वर्षों तक समाज और राष्ट्र के लिए कार्य किया है।
मैंने संघर्ष किया है, साफ-साफ की लड़ाई लड़ी है और हमेशा ईमानदारी से काम किया है।
आज मैं आपसे केवल एक आशीर्वाद मांगती हूँ।
मैं आपसे मिलना चाहती हूँ।
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तो देश का कोई न कोई जनप्रतिनिधि अवश्य आगे आएगा और इस विषय पर पहल करेगा।
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धन्यवाद।
जय हिंद।
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माननीय राष्ट्रपति श्रीमती जी,
माननीय मुख्यमंत्री हरियाणा श्री जी,
आज मैं एक महिला, एक कार्यकर्ता और एक नागरिक के रूप में आपसे अपने मन की बात कहना चाहती हूँ।
दिनांक: 28 जून 2026
स्थान: गुरुग्राम, हरियाणा
मेरी यह अपील सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि उन लाखों महिला कार्यकर्ताओं के लिए है जो अपना घर-परिवार संभालते हुए पार्टी, समाज और देश के लिए दिन-रात कार्य कर रही हैं।
माननीय मोदी जी,
आपने हमेशा महिलाओं की भागीदारी, सम्मान और सशक्तिकरण की बात की है। आपने देश को यह विश्वास दिलाया कि महिलाएं सिर्फ घर ही नहीं, देश भी चला सकती हैं।
लेकिन जमीनी स्तर पर आज भी एक कड़वी सच्चाई है।
बहुत-सी महिला कार्यकर्ता ऐसी हैं जो बिना संसाधनों के काम कर रही हैं।
न गाड़ी है, न बड़ा घर, न आर्थिक सुरक्षा।
कई महिलाओं के पास केवल दो वक्त की रोटी का साधन है, फिर भी वे पार्टी और समाज के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।
मेरा विनम्र निवेदन है—
जो महिलाएं पूरी निष्ठा से पार्टी और समाज के लिए काम कर रही हैं, उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत किया जाए।
क्योंकि जब महिला आर्थिक रूप से सुरक्षित होगी, तभी वह घर की चिंता से मुक्त होकर समाज और राष्ट्र के लिए अधिक मजबूती से कार्य कर सकेगी।
एक और गंभीर बात कहना चाहती हूँ।
कई बार पार्टी के भीतर ही कुछ प्रभावशाली लोग महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर नहीं देते।
वे महिलाओं की मेहनत देखते हैं, उनका उपयोग करते हैं, लेकिन उन्हें ऊपर उठने का उचित मंच नहीं देते।
महिलाओं को लड़ाई नहीं चाहिए।
महिलाओं को सिर्फ इतना चाहिए कि उन्हें अपने अधिकार मांगने का सम्मानजनक स्पेस मिले।
ऐसा वातावरण बने जहाँ कोई महिला बिना संकोच अपनी बात रख सके।
मैं स्वयं नई-नई भाजपा से जुड़ी हूँ।
मैं गुरुग्राम के माननीय विधायक जी का धन्यवाद करती हूँ।
मैं प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता जी से मिली—उनसे मिलकर बहुत प्रेरणा मिली।
लेकिन मेरा एक प्रश्न है—
यदि कोई कार्यकर्ता 5 वर्ष, 10 वर्ष या उससे अधिक समय तक पूरी निष्ठा से कार्य करता है,
तो जब उसकी मेहनत का परिणाम देने की बारी आती है,
तब इतना विलंब क्यों?
यह प्रश्न केवल मेरा नहीं—असंख्य कार्यकर्ताओं के मन का प्रश्न है।
मोदी जी,
मैं किसी पद या प्रतिष्ठा की भूखी नहीं हूँ।
मैं सिर्फ अवसर चाहती हूँ।
मैं सिर्फ इतना चाहती हूँ कि मुझे भी देश और समाज के लिए कुछ बड़ा करने का एक मौका मिले।
मैंने 17 वर्षों तक समाज और राष्ट्र के लिए कार्य किया है।
मैंने संघर्ष किया है, साफ-साफ की लड़ाई लड़ी है और हमेशा ईमानदारी से काम किया है।
आज मैं आपसे केवल एक आशीर्वाद मांगती हूँ।
मैं आपसे मिलना चाहती हूँ।
जीवन में एक बार आपके दर्शन और आपका आशीर्वाद प्राप्त करना चाहती हूँ।
मुझे विश्वास है—
आप महिलाओं की पीड़ा, समर्पण और भावनाओं को समझते हैं।
मेरी यह अपील आप तक पहुँचे, यही प्रार्थना है।
यदि इस संदेश में सच्चाई है,
तो देश का कोई न कोई जनप्रतिनिधि अवश्य आगे आएगा और इस विषय पर पहल करेगा।
क्योंकि सबसे आवश्यक है—
किसी को सुनना, समझना और फिर उस पर अमल करना।
महिलाएं घर संभाल सकती हैं,
तो देश भी संभाल सकती हैं।
बस आवश्यकता है—विश्वास, अवसर और सहयोग की।
इसे इस तरह और मजबूत बनाया जा सकता है:
यह कहना गलत होगा कि मुझे राजनीतिक और सामाजिक अनुभव नहीं है। सामाजिक संस्कार मुझे बचपन से अपने माता-पिता से मिले, और राजनीति की समझ अपने पिताजी से। साथ ही मुझे 15–16 वर्षों का सक्रिय राजनीतिक अनुभव है। अवसर न मिलना अनुभव की कमी नहीं, बल्कि विचारधारा के मतभेद का विषय हो सकता है; क्योंकि सीखने वाला व्यक्ति हर परिस्थिति में सीख ही लेता है।
धन्यवाद।
जय हिंद।
भारत माता की जय।
#presidentofindia
#pm
#cmyogi
#rajnatsingh
#amitshah_remove_dg_crpf
#manahorlalkhattar
#cmharyana
#cmdelhi
#raonarbir
#raoinderjeetsingh
#Artirao
#drarchanagupta
#anilvig
माननीय प्रधानमंत्री श्री जी,
माननीय राष्ट्रपति श्रीमती जी,
माननीय मुख्यमंत्री हरियाणा श्री जी,
आज मैं एक महिला, एक कार्यकर्ता और एक नागरिक के रूप में आपसे अपने मन की बात कहना चाहती हूँ।
दिनांक: 28 जून 2026
स्थान: गुरुग्राम, हरियाणा
मेरी यह अपील सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि उन लाखों महिला कार्यकर्ताओं के लिए है जो अपना घर-परिवार संभालते हुए पार्टी, समाज और देश के लिए दिन-रात कार्य कर रही हैं।
माननीय मोदी जी,
आपने हमेशा महिलाओं की भागीदारी, सम्मान और सशक्तिकरण की बात की है। आपने देश को यह विश्वास दिलाया कि महिलाएं सिर्फ घर ही नहीं, देश भी चला सकती हैं।
लेकिन जमीनी स्तर पर आज भी एक कड़वी सच्चाई है।
बहुत-सी महिला कार्यकर्ता ऐसी हैं जो बिना संसाधनों के काम कर रही हैं।
न गाड़ी है, न बड़ा घर, न आर्थिक सुरक्षा।
कई महिलाओं के पास केवल दो वक्त की रोटी का साधन है, फिर भी वे पार्टी और समाज के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।
मेरा विनम्र निवेदन है—
जो महिलाएं पूरी निष्ठा से पार्टी और समाज के लिए काम कर रही हैं, उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत किया जाए।
क्योंकि जब महिला आर्थिक रूप से सुरक्षित होगी, तभी वह घर की चिंता से मुक्त होकर समाज और राष्ट्र के लिए अधिक मजबूती से कार्य कर सकेगी।
एक और गंभीर बात कहना चाहती हूँ।
कई बार पार्टी के भीतर ही कुछ प्रभावशाली लोग महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर नहीं देते।
वे महिलाओं की मेहनत देखते हैं, उनका उपयोग करते हैं, लेकिन उन्हें ऊपर उठने का उचित मंच नहीं देते।
महिलाओं को लड़ाई नहीं चाहिए।
महिलाओं को सिर्फ इतना चाहिए कि उन्हें अपने अधिकार मांगने का सम्मानजनक स्पेस मिले।
ऐसा वातावरण बने जहाँ कोई महिला बिना संकोच अपनी बात रख सके।
मैं स्वयं नई-नई भाजपा से जुड़ी हूँ।
मैं गुरुग्राम के माननीय विधायक जी का धन्यवाद करती हूँ।
मैं प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता जी से मिली—उनसे मिलकर बहुत प्रेरणा मिली।
लेकिन मेरा एक प्रश्न है—
यदि कोई कार्यकर्ता 5 वर्ष, 10 वर्ष या उससे अधिक समय तक पूरी निष्ठा से कार्य करता है,
तो जब उसकी मेहनत का परिणाम देने की बारी आती है,
तब इतना विलंब क्यों?
यह प्रश्न केवल मेरा नहीं—असंख्य कार्यकर्ताओं के मन का प्रश्न है।
मोदी जी,
मैं किसी पद या प्रतिष्ठा की भूखी नहीं हूँ।
मैं सिर्फ अवसर चाहती हूँ।
मैं सिर्फ इतना चाहती हूँ कि मुझे भी देश और समाज के लिए कुछ बड़ा करने का एक मौका मिले।
मैंने 17 वर्षों तक समाज और राष्ट्र के लिए कार्य किया है।
मैंने संघर्ष किया है, साफ-साफ की लड़ाई लड़ी है और हमेशा ईमानदारी से काम किया है।
आज मैं आपसे केवल एक आशीर्वाद मांगती हूँ।
मैं आपसे मिलना चाहती हूँ।
जीवन में एक बार आपके दर्शन और आपका आशीर्वाद प्राप्त करना चाहती हूँ।
मुझे विश्वास है—
आप महिलाओं की पीड़ा, समर्पण और भावनाओं को समझते हैं।
मेरी यह अपील आप तक पहुँचे, यही प्रार्थना है।
यदि इस संदेश में सच्चाई है,
तो देश का कोई न कोई जनप्रतिनिधि अवश्य आगे आएगा और इस विषय पर पहल करेगा।
क्योंकि सबसे आवश्यक है—
किसी को सुनना, समझना और फिर उस पर अमल करना।
महिलाएं घर संभाल सकती हैं,
तो देश भी संभाल सकती हैं।
बस आवश्यकता है—विश्वास, अवसर और सहयोग की।
इसे इस तरह और मजबूत बनाया जा सकता है:
यह कहना गलत होगा कि मुझे राजनीतिक और सामाजिक अनुभव नहीं है। सामाजिक संस्कार मुझे बचपन से अपने माता-पिता से मिले, और राजनीति की समझ अपने पिताजी से। साथ ही मुझे 15–16 वर्षों का सक्रिय राजनीतिक अनुभव है। अवसर न मिलना अनुभव की कमी नहीं, बल्कि विचारधारा के मतभेद का विषय हो सकता है; क्योंकि सीखने वाला व्यक्ति हर परिस्थिति में सीख ही लेता है।
धन्यवाद।
जय हिंद।
भारत माता की जय।
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माननीय प्रधानमंत्री श्री जी,
माननीय राष्ट्रपति श्रीमती जी,
माननीय मुख्यमंत्री हरियाणा श्री जी,
आज मैं एक महिला, एक कार्यकर्ता और एक नागरिक के रूप में आपसे अपने मन की बात कहना चाहती हूँ।
दिनांक: 28 जून 2026
स्थान: गुरुग्राम, हरियाणा
मेरी यह अपील सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि उन लाखों महिला कार्यकर्ताओं के लिए है जो अपना घर-परिवार संभालते हुए पार्टी, समाज और देश के लिए दिन-रात कार्य कर रही हैं।
माननीय मोदी जी,
आपने हमेशा महिलाओं की भागीदारी, सम्मान और सशक्तिकरण की बात की है। आपने देश को यह विश्वास दिलाया कि महिलाएं सिर्फ घर ही नहीं, देश भी चला सकती हैं।
लेकिन जमीनी स्तर पर आज भी एक कड़वी सच्चाई है।
बहुत-सी महिला कार्यकर्ता ऐसी हैं जो बिना संसाधनों के काम कर रही हैं।
न गाड़ी है, न बड़ा घर, न आर्थिक सुरक्षा।
कई महिलाओं के पास केवल दो वक्त की रोटी का साधन है, फिर भी वे पार्टी और समाज के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।
मेरा विनम्र निवेदन है—
जो महिलाएं पूरी निष्ठा से पार्टी और समाज के लिए काम कर रही हैं, उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत किया जाए।
क्योंकि जब महिला आर्थिक रूप से सुरक्षित होगी, तभी वह घर की चिंता से मुक्त होकर समाज और राष्ट्र के लिए अधिक मजबूती से कार्य कर सकेगी।
एक और गंभीर बात कहना चाहती हूँ।
कई बार पार्टी के भीतर ही कुछ प्रभावशाली लोग महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर नहीं देते।
वे महिलाओं की मेहनत देखते हैं, उनका उपयोग करते हैं, लेकिन उन्हें ऊपर उठने का उचित मंच नहीं देते।
महिलाओं को लड़ाई नहीं चाहिए।
महिलाओं को सिर्फ इतना चाहिए कि उन्हें अपने अधिकार मांगने का सम्मानजनक स्पेस मिले।
ऐसा वातावरण बने जहाँ कोई महिला बिना संकोच अपनी बात रख सके।
मैं स्वयं नई-नई भाजपा से जुड़ी हूँ।
मैं गुरुग्राम के माननीय विधायक जी का धन्यवाद करती हूँ।
मैं प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता जी से मिली—उनसे मिलकर बहुत प्रेरणा मिली।
लेकिन मेरा एक प्रश्न है—
यदि कोई कार्यकर्ता 5 वर्ष, 10 वर्ष या उससे अधिक समय तक पूरी निष्ठा से कार्य करता है,
तो जब उसकी मेहनत का परिणाम देने की बारी आती है,
तब इतना विलंब क्यों?
यह प्रश्न केवल मेरा नहीं—असंख्य कार्यकर्ताओं के मन का प्रश्न है।
मोदी जी,
मैं किसी पद या प्रतिष्ठा की भूखी नहीं हूँ।
मैं सिर्फ अवसर चाहती हूँ।
मैं सिर्फ इतना चाहती हूँ कि मुझे भी देश और समाज के लिए कुछ बड़ा करने का एक मौका मिले।
मैंने 17 वर्षों तक समाज और राष्ट्र के लिए कार्य किया है।
मैंने संघर्ष किया है, साफ-साफ की लड़ाई लड़ी है और हमेशा ईमानदारी से काम किया है।
आज मैं आपसे केवल एक आशीर्वाद मांगती हूँ।
मैं आपसे मिलना चाहती हूँ।
जीवन में एक बार आपके दर्शन और आपका आशीर्वाद प्राप्त करना चाहती हूँ।
मुझे विश्वास है—
आप महिलाओं की पीड़ा, समर्पण और भावनाओं को समझते हैं।
मेरी यह अपील आप तक पहुँचे, यही प्रार्थना है।
यदि इस संदेश में सच्चाई है,
तो देश का कोई न कोई जनप्रतिनिधि अवश्य आगे आएगा और इस विषय पर पहल करेगा।
क्योंकि सबसे आवश्यक है—
किसी को सुनना, समझना और फिर उस पर अमल करना।
महिलाएं घर संभाल सकती हैं,
तो देश भी संभाल सकती हैं।
बस आवश्यकता है—विश्वास, अवसर और सहयोग की।
इसे इस तरह और मजबूत बनाया जा सकता है:
यह कहना गलत होगा कि मुझे राजनीतिक और सामाजिक अनुभव नहीं है। सामाजिक संस्कार मुझे बचपन से अपने माता-पिता से मिले, और राजनीति की समझ अपने पिताजी से। साथ ही मुझे 15–16 वर्षों का सक्रिय राजनीतिक अनुभव है। अवसर न मिलना अनुभव की कमी नहीं, बल्कि विचारधारा के मतभेद का विषय हो सकता है; क्योंकि सीखने वाला व्यक्ति हर परिस्थिति में सीख ही लेता है।
धन्यवाद।
जय हिंद।
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माननीय प्रधानमंत्री श्री जी,
माननीय राष्ट्रपति श्रीमती जी,
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आज मैं एक महिला, एक कार्यकर्ता और एक नागरिक के रूप में आपसे अपने मन की बात कहना चाहती हूँ।
दिनांक: 28 जून 2026
स्थान: गुरुग्राम, हरियाणा
मेरी यह अपील सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि उन लाखों महिला कार्यकर्ताओं के लिए है जो अपना घर-परिवार संभालते हुए पार्टी, समाज और देश के लिए दिन-रात कार्य कर रही हैं।
माननीय मोदी जी,
आपने हमेशा महिलाओं की भागीदारी, सम्मान और सशक्तिकरण की बात की है। आपने देश को यह विश्वास दिलाया कि महिलाएं सिर्फ घर ही नहीं, देश भी चला सकती हैं।
लेकिन जमीनी स्तर पर आज भी एक कड़वी सच्चाई है।
बहुत-सी महिला कार्यकर्ता ऐसी हैं जो बिना संसाधनों के काम कर रही हैं।
न गाड़ी है, न बड़ा घर, न आर्थिक सुरक्षा।
कई महिलाओं के पास केवल दो वक्त की रोटी का साधन है, फिर भी वे पार्टी और समाज के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।
मेरा विनम्र निवेदन है—
जो महिलाएं पूरी निष्ठा से पार्टी और समाज के लिए काम कर रही हैं, उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत किया जाए।
क्योंकि जब महिला आर्थिक रूप से सुरक्षित होगी, तभी वह घर की चिंता से मुक्त होकर समाज और राष्ट्र के लिए अधिक मजबूती से कार्य कर सकेगी।
एक और गंभीर बात कहना चाहती हूँ।
कई बार पार्टी के भीतर ही कुछ प्रभावशाली लोग महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर नहीं देते।
वे महिलाओं की मेहनत देखते हैं, उनका उपयोग करते हैं, लेकिन उन्हें ऊपर उठने का उचित मंच नहीं देते।
महिलाओं को लड़ाई नहीं चाहिए।
महिलाओं को सिर्फ इतना चाहिए कि उन्हें अपने अधिकार मांगने का सम्मानजनक स्पेस मिले।
ऐसा वातावरण बने जहाँ कोई महिला बिना संकोच अपनी बात रख सके।
मैं स्वयं नई-नई भाजपा से जुड़ी हूँ।
मैं गुरुग्राम के माननीय विधायक जी का धन्यवाद करती हूँ।
मैं प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता जी से मिली—उनसे मिलकर बहुत प्रेरणा मिली।
लेकिन मेरा एक प्रश्न है—
यदि कोई कार्यकर्ता 5 वर्ष, 10 वर्ष या उससे अधिक समय तक पूरी निष्ठा से कार्य करता है,
तो जब उसकी मेहनत का परिणाम देने की बारी आती है,
तब इतना विलंब क्यों?
यह प्रश्न केवल मेरा नहीं—असंख्य कार्यकर्ताओं के मन का प्रश्न है।
मोदी जी,
मैं किसी पद या प्रतिष्ठा की भूखी नहीं हूँ।
मैं सिर्फ अवसर चाहती हूँ।
मैं सिर्फ इतना चाहती हूँ कि मुझे भी देश और समाज के लिए कुछ बड़ा करने का एक मौका मिले।
मैंने 17 वर्षों तक समाज और राष्ट्र के लिए कार्य किया है।
मैंने संघर्ष किया है, साफ-साफ की लड़ाई लड़ी है और हमेशा ईमानदारी से काम किया है।
आज मैं आपसे केवल एक आशीर्वाद मांगती हूँ।
मैं आपसे मिलना चाहती हूँ।
जीवन में एक बार आपके दर्शन और आपका आशीर्वाद प्राप्त करना चाहती हूँ।
मुझे विश्वास है—
आप महिलाओं की पीड़ा, समर्पण और भावनाओं को समझते हैं।
मेरी यह अपील आप तक पहुँचे, यही प्रार्थना है।
यदि इस संदेश में सच्चाई है,
तो देश का कोई न कोई जनप्रतिनिधि अवश्य आगे आएगा और इस विषय पर पहल करेगा।
क्योंकि सबसे आवश्यक है—
किसी को सुनना, समझना और फिर उस पर अमल करना।
महिलाएं घर संभाल सकती हैं,
तो देश भी संभाल सकती हैं।
बस आवश्यकता है—विश्वास, अवसर और सहयोग की।
इसे इस तरह और मजबूत बनाया जा सकता है:
यह कहना गलत होगा कि मुझे राजनीतिक और सामाजिक अनुभव नहीं है। सामाजिक संस्कार मुझे बचपन से अपने माता-पिता से मिले, और राजनीति की समझ अपने पिताजी से। साथ ही मुझे 15–16 वर्षों का सक्रिय राजनीतिक अनुभव है। अवसर न मिलना अनुभव की कमी नहीं, बल्कि विचारधारा के मतभेद का विषय हो सकता है; क्योंकि सीखने वाला व्यक्ति हर परिस्थिति में सीख ही लेता है।
धन्यवाद।
जय हिंद।
भारत माता की जय।
#presidentofindia
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#manahorlalkhattar
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माननीय प्रधानमंत्री श्री जी,
माननीय राष्ट्रपति श्रीमती जी,
माननीय मुख्यमंत्री हरियाणा श्री जी,
आज मैं एक महिला, एक कार्यकर्ता और एक नागरिक के रूप में आपसे अपने मन की बात कहना चाहती हूँ।
दिनांक: 28 जून 2026
स्थान: गुरुग्राम, हरियाणा
मेरी यह अपील सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि उन लाखों महिला कार्यकर्ताओं के लिए है जो अपना घर-परिवार संभालते हुए पार्टी, समाज और देश के लिए दिन-रात कार्य कर रही हैं।
माननीय मोदी जी,
आपने हमेशा महिलाओं की भागीदारी, सम्मान और सशक्तिकरण की बात की है। आपने देश को यह विश्वास दिलाया कि महिलाएं सिर्फ घर ही नहीं, देश भी चला सकती हैं।
लेकिन जमीनी स्तर पर आज भी एक कड़वी सच्चाई है।
बहुत-सी महिला कार्यकर्ता ऐसी हैं जो बिना संसाधनों के काम कर रही हैं।
न गाड़ी है, न बड़ा घर, न आर्थिक सुरक्षा।
कई महिलाओं के पास केवल दो वक्त की रोटी का साधन है, फिर भी वे पार्टी और समाज के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।
मेरा विनम्र निवेदन है—
जो महिलाएं पूरी निष्ठा से पार्टी और समाज के लिए काम कर रही हैं, उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत किया जाए।
क्योंकि जब महिला आर्थिक रूप से सुरक्षित होगी, तभी वह घर की चिंता से मुक्त होकर समाज और राष्ट्र के लिए अधिक मजबूती से कार्य कर सकेगी।
एक और गंभीर बात कहना चाहती हूँ।
कई बार पार्टी के भीतर ही कुछ प्रभावशाली लोग महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर नहीं देते।
वे महिलाओं की मेहनत देखते हैं, उनका उपयोग करते हैं, लेकिन उन्हें ऊपर उठने का उचित मंच नहीं देते।
महिलाओं को लड़ाई नहीं चाहिए।
महिलाओं को सिर्फ इतना चाहिए कि उन्हें अपने अधिकार मांगने का सम्मानजनक स्पेस मिले।
ऐसा वातावरण बने जहाँ कोई महिला बिना संकोच अपनी बात रख सके।
मैं स्वयं नई-नई भाजपा से जुड़ी हूँ।
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मैं प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता जी से मिली—उनसे मिलकर बहुत प्रेरणा मिली।
लेकिन मेरा एक प्रश्न है—
यदि कोई कार्यकर्ता 5 वर्ष, 10 वर्ष या उससे अधिक समय तक पूरी निष्ठा से कार्य करता है,
तो जब उसकी मेहनत का परिणाम देने की बारी आती है,
तब इतना विलंब क्यों?
यह प्रश्न केवल मेरा नहीं—असंख्य कार्यकर्ताओं के मन का प्रश्न है।
मोदी जी,
मैं किसी पद या प्रतिष्ठा की भूखी नहीं हूँ।
मैं सिर्फ अवसर चाहती हूँ।
मैं सिर्फ इतना चाहती हूँ कि मुझे भी देश और समाज के लिए कुछ बड़ा करने का एक मौका मिले।
मैंने 17 वर्षों तक समाज और राष्ट्र के लिए कार्य किया है।
मैंने संघर्ष किया है, साफ-साफ की लड़ाई लड़ी है और हमेशा ईमानदारी से काम किया है।
आज मैं आपसे केवल एक आशीर्वाद मांगती हूँ।
मैं आपसे मिलना चाहती हूँ।
जीवन में एक बार आपके दर्शन और आपका आशीर्वाद प्राप्त करना चाहती हूँ।
मुझे विश्वास है—
आप महिलाओं की पीड़ा, समर्पण और भावनाओं को समझते हैं।
मेरी यह अपील आप तक पहुँचे, यही प्रार्थना है।
यदि इस संदेश में सच्चाई है,
तो देश का कोई न कोई जनप्रतिनिधि अवश्य आगे आएगा और इस विषय पर पहल करेगा।
क्योंकि सबसे आवश्यक है—
किसी को सुनना, समझना और फिर उस पर अमल करना।
महिलाएं घर संभाल सकती हैं,
तो देश भी संभाल सकती हैं।
बस आवश्यकता है—विश्वास, अवसर और सहयोग की।
इसे इस तरह और मजबूत बनाया जा सकता है:
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धन्यवाद।
जय हिंद।
भारत माता की जय।
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माननीय प्रधानमंत्री श्री जी,
माननीय राष्ट्रपति श्रीमती जी,
माननीय मुख्यमंत्री हरियाणा श्री जी,
आज मैं एक महिला, एक कार्यकर्ता और एक नागरिक के रूप में आपसे अपने मन की बात कहना चाहती हूँ।
दिनांक: 28 जून 2026
स्थान: गुरुग्राम, हरियाणा
मेरी यह अपील सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि उन लाखों महिला कार्यकर्ताओं के लिए है जो अपना घर-परिवार संभालते हुए पार्टी, समाज और देश के लिए दिन-रात कार्य कर रही हैं।
माननीय मोदी जी,
आपने हमेशा महिलाओं की भागीदारी, सम्मान और सशक्तिकरण की बात की है। आपने देश को यह विश्वास दिलाया कि महिलाएं सिर्फ घर ही नहीं, देश भी चला सकती हैं।
लेकिन जमीनी स्तर पर आज भी एक कड़वी सच्चाई है।
बहुत-सी महिला कार्यकर्ता ऐसी हैं जो बिना संसाधनों के काम कर रही हैं।
न गाड़ी है, न बड़ा घर, न आर्थिक सुरक्षा।
कई महिलाओं के पास केवल दो वक्त की रोटी का साधन है, फिर भी वे पार्टी और समाज के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।
मेरा विनम्र निवेदन है—
जो महिलाएं पूरी निष्ठा से पार्टी और समाज के लिए काम कर रही हैं, उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत किया जाए।
क्योंकि जब महिला आर्थिक रूप से सुरक्षित होगी, तभी वह घर की चिंता से मुक्त होकर समाज और राष्ट्र के लिए अधिक मजबूती से कार्य कर सकेगी।
एक और गंभीर बात कहना चाहती हूँ।
कई बार पार्टी के भीतर ही कुछ प्रभावशाली लोग महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर नहीं देते।
वे महिलाओं की मेहनत देखते हैं, उनका उपयोग करते हैं, लेकिन उन्हें ऊपर उठने का उचित मंच नहीं देते।
महिलाओं को लड़ाई नहीं चाहिए।
महिलाओं को सिर्फ इतना चाहिए कि उन्हें अपने अधिकार मांगने का सम्मानजनक स्पेस मिले।
ऐसा वातावरण बने जहाँ कोई महिला बिना संकोच अपनी बात रख सके।
मैं स्वयं नई-नई भाजपा से जुड़ी हूँ।
मैं गुरुग्राम के माननीय विधायक जी का धन्यवाद करती हूँ।
मैं प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता जी से मिली—उनसे मिलकर बहुत प्रेरणा मिली।
लेकिन मेरा एक प्रश्न है—
यदि कोई कार्यकर्ता 5 वर्ष, 10 वर्ष या उससे अधिक समय तक पूरी निष्ठा से कार्य करता है,
तो जब उसकी मेहनत का परिणाम देने की बारी आती है,
तब इतना विलंब क्यों?
यह प्रश्न केवल मेरा नहीं—असंख्य कार्यकर्ताओं के मन का प्रश्न है।
मोदी जी,
मैं किसी पद या प्रतिष्ठा की भूखी नहीं हूँ।
मैं सिर्फ अवसर चाहती हूँ।
मैं सिर्फ इतना चाहती हूँ कि मुझे भी देश और समाज के लिए कुछ बड़ा करने का एक मौका मिले।
मैंने 17 वर्षों तक समाज और राष्ट्र के लिए कार्य किया है।
मैंने संघर्ष किया है, साफ-साफ की लड़ाई लड़ी है और हमेशा ईमानदारी से काम किया है।
आज मैं आपसे केवल एक आशीर्वाद मांगती हूँ।
मैं आपसे मिलना चाहती हूँ।
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आप महिलाओं की पीड़ा, समर्पण और भावनाओं को समझते हैं।
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तो देश का कोई न कोई जनप्रतिनिधि अवश्य आगे आएगा और इस विषय पर पहल करेगा।
क्योंकि सबसे आवश्यक है—
किसी को सुनना, समझना और फिर उस पर अमल करना।
महिलाएं घर संभाल सकती हैं,
तो देश भी संभाल सकती हैं।
बस आवश्यकता है—विश्वास, अवसर और सहयोग की।
इसे इस तरह और मजबूत बनाया जा सकता है:
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जय हिंद।
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माननीय राष्ट्रपति श्रीमती जी,
माननीय मुख्यमंत्री हरियाणा श्री जी,
आज मैं एक महिला, एक कार्यकर्ता और एक नागरिक के रूप में आपसे अपने मन की बात कहना चाहती हूँ।
दिनांक: 28 जून 2026
स्थान: गुरुग्राम, हरियाणा
मेरी यह अपील सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि उन लाखों महिला कार्यकर्ताओं के लिए है जो अपना घर-परिवार संभालते हुए पार्टी, समाज और देश के लिए दिन-रात कार्य कर रही हैं।
माननीय मोदी जी,
आपने हमेशा महिलाओं की भागीदारी, सम्मान और सशक्तिकरण की बात की है। आपने देश को यह विश्वास दिलाया कि महिलाएं सिर्फ घर ही नहीं, देश भी चला सकती हैं।
लेकिन जमीनी स्तर पर आज भी एक कड़वी सच्चाई है।
बहुत-सी महिला कार्यकर्ता ऐसी हैं जो बिना संसाधनों के काम कर रही हैं।
न गाड़ी है, न बड़ा घर, न आर्थिक सुरक्षा।
कई महिलाओं के पास केवल दो वक्त की रोटी का साधन है, फिर भी वे पार्टी और समाज के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।
मेरा विनम्र निवेदन है—
जो महिलाएं पूरी निष्ठा से पार्टी और समाज के लिए काम कर रही हैं, उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत किया जाए।
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वे महिलाओं की मेहनत देखते हैं, उनका उपयोग करते हैं, लेकिन उन्हें ऊपर उठने का उचित मंच नहीं देते।
महिलाओं को लड़ाई नहीं चाहिए।
महिलाओं को सिर्फ इतना चाहिए कि उन्हें अपने अधिकार मांगने का सम्मानजनक स्पेस मिले।
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मैं प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता जी से मिली—उनसे मिलकर बहुत प्रेरणा मिली।
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मोदी जी,
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मैं सिर्फ अवसर चाहती हूँ।
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मैंने संघर्ष किया है, साफ-साफ की लड़ाई लड़ी है और हमेशा ईमानदारी से काम किया है।
आज मैं आपसे केवल एक आशीर्वाद मांगती हूँ।
मैं आपसे मिलना चाहती हूँ।
जीवन में एक बार आपके दर्शन और आपका आशीर्वाद प्राप्त करना चाहती हूँ।
मुझे विश्वास है—
आप महिलाओं की पीड़ा, समर्पण और भावनाओं को समझते हैं।
मेरी यह अपील आप तक पहुँचे, यही प्रार्थना है।
यदि इस संदेश में सच्चाई है,
तो देश का कोई न कोई जनप्रतिनिधि अवश्य आगे आएगा और इस विषय पर पहल करेगा।
क्योंकि सबसे आवश्यक है—
किसी को सुनना, समझना और फिर उस पर अमल करना।
महिलाएं घर संभाल सकती हैं,
तो देश भी संभाल सकती हैं।
बस आवश्यकता है—विश्वास, अवसर और सहयोग की।
इसे इस तरह और मजबूत बनाया जा सकता है:
यह कहना गलत होगा कि मुझे राजनीतिक और सामाजिक अनुभव नहीं है। सामाजिक संस्कार मुझे बचपन से अपने माता-पिता से मिले, और राजनीति की समझ अपने पिताजी से। साथ ही मुझे 15–16 वर्षों का सक्रिय राजनीतिक अनुभव है। अवसर न मिलना अनुभव की कमी नहीं, बल्कि विचारधारा के मतभेद का विषय हो सकता है; क्योंकि सीखने वाला व्यक्ति हर परिस्थिति में सीख ही लेता है।
धन्यवाद।
जय हिंद।
भारत माता की जय।
#presidentofindia
#pm
#cmyogi
#rajnatsingh
#amitshah_remove_dg_crpf
#manahorlalkhattar
#cmharyana
#cmdelhi
#raonarbir
#raoinderjeetsingh
#Artirao
#drarchanagupta
#anilvig
माननीय प्रधानमंत्री श्री जी,
माननीय राष्ट्रपति श्रीमती जी,
माननीय मुख्यमंत्री हरियाणा श्री जी,
आज मैं एक महिला, एक कार्यकर्ता और एक नागरिक के रूप में आपसे अपने मन की बात कहना चाहती हूँ।
दिनांक: 28 जून 2026
स्थान: गुरुग्राम, हरियाणा
मेरी यह अपील सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि उन लाखों महिला कार्यकर्ताओं के लिए है जो अपना घर-परिवार संभालते हुए पार्टी, समाज और देश के लिए दिन-रात कार्य कर रही हैं।
माननीय मोदी जी,
आपने हमेशा महिलाओं की भागीदारी, सम्मान और सशक्तिकरण की बात की है। आपने देश को यह विश्वास दिलाया कि महिलाएं सिर्फ घर ही नहीं, देश भी चला सकती हैं।
लेकिन जमीनी स्तर पर आज भी एक कड़वी सच्चाई है।
बहुत-सी महिला कार्यकर्ता ऐसी हैं जो बिना संसाधनों के काम कर रही हैं।
न गाड़ी है, न बड़ा घर, न आर्थिक सुरक्षा।
कई महिलाओं के पास केवल दो वक्त की रोटी का साधन है, फिर भी वे पार्टी और समाज के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।
मेरा विनम्र निवेदन है—
जो महिलाएं पूरी निष्ठा से पार्टी और समाज के लिए काम कर रही हैं, उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत किया जाए।
क्योंकि जब महिला आर्थिक रूप से सुरक्षित होगी, तभी वह घर की चिंता से मुक्त होकर समाज और राष्ट्र के लिए अधिक मजबूती से कार्य कर सकेगी।
एक और गंभीर बात कहना चाहती हूँ।
कई बार पार्टी के भीतर ही कुछ प्रभावशाली लोग महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर नहीं देते।
वे महिलाओं की मेहनत देखते हैं, उनका उपयोग करते हैं, लेकिन उन्हें ऊपर उठने का उचित मंच नहीं देते।
महिलाओं को लड़ाई नहीं चाहिए।
महिलाओं को सिर्फ इतना चाहिए कि उन्हें अपने अधिकार मांगने का सम्मानजनक स्पेस मिले।
ऐसा वातावरण बने जहाँ कोई महिला बिना संकोच अपनी बात रख सके।
मैं स्वयं नई-नई भाजपा से जुड़ी हूँ।
मैं गुरुग्राम के माननीय विधायक जी का धन्यवाद करती हूँ।
मैं प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता जी से मिली—उनसे मिलकर बहुत प्रेरणा मिली।
लेकिन मेरा एक प्रश्न है—
यदि कोई कार्यकर्ता 5 वर्ष, 10 वर्ष या उससे अधिक समय तक पूरी निष्ठा से कार्य करता है,
तो जब उसकी मेहनत का परिणाम देने की बारी आती है,
तब इतना विलंब क्यों?
यह प्रश्न केवल मेरा नहीं—असंख्य कार्यकर्ताओं के मन का प्रश्न है।
मोदी जी,
मैं किसी पद या प्रतिष्ठा की भूखी नहीं हूँ।
मैं सिर्फ अवसर चाहती हूँ।
मैं सिर्फ इतना चाहती हूँ कि मुझे भी देश और समाज के लिए कुछ बड़ा करने का एक मौका मिले।
मैंने 17 वर्षों तक समाज और राष्ट्र के लिए कार्य किया है।
मैंने संघर्ष किया है, साफ-साफ की लड़ाई लड़ी है और हमेशा ईमानदारी से काम किया है।
आज मैं आपसे केवल एक आशीर्वाद मांगती हूँ।
मैं आपसे मिलना चाहती हूँ।
जीवन में एक बार आपके दर्शन और आपका आशीर्वाद प्राप्त करना चाहती हूँ।
मुझे विश्वास है—
आप महिलाओं की पीड़ा, समर्पण और भावनाओं को समझते हैं।
मेरी यह अपील आप तक पहुँचे, यही प्रार्थना है।
यदि इस संदेश में सच्चाई है,
तो देश का कोई न कोई जनप्रतिनिधि अवश्य आगे आएगा और इस विषय पर पहल करेगा।
क्योंकि सबसे आवश्यक है—
किसी को सुनना, समझना और फिर उस पर अमल करना।
महिलाएं घर संभाल सकती हैं,
तो देश भी संभाल सकती हैं।
बस आवश्यकता है—विश्वास, अवसर और सहयोग की।
इसे इस तरह और मजबूत बनाया जा सकता है:
यह कहना गलत होगा कि मुझे राजनीतिक और सामाजिक अनुभव नहीं है। सामाजिक संस्कार मुझे बचपन से अपने माता-पिता से मिले, और राजनीति की समझ अपने पिताजी से। साथ ही मुझे 15–16 वर्षों का सक्रिय राजनीतिक अनुभव है। अवसर न मिलना अनुभव की कमी नहीं, बल्कि विचारधारा के मतभेद का विषय हो सकता है; क्योंकि सीखने वाला व्यक्ति हर परिस्थिति में सीख ही लेता है।
धन्यवाद।
जय हिंद।
भारत माता की जय।
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#anilvig
माननीय प्रधानमंत्री श्री जी,
माननीय राष्ट्रपति श्रीमती जी,
माननीय मुख्यमंत्री हरियाणा श्री जी,
आज मैं एक महिला, एक कार्यकर्ता और एक नागरिक के रूप में आपसे अपने मन की बात कहना चाहती हूँ।
दिनांक: 28 जून 2026
स्थान: गुरुग्राम, हरियाणा
मेरी यह अपील सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि उन लाखों महिला कार्यकर्ताओं के लिए है जो अपना घर-परिवार संभालते हुए पार्टी, समाज और देश के लिए दिन-रात कार्य कर रही हैं।
माननीय मोदी जी,
आपने हमेशा महिलाओं की भागीदारी, सम्मान और सशक्तिकरण की बात की है। आपने देश को यह विश्वास दिलाया कि महिलाएं सिर्फ घर ही नहीं, देश भी चला सकती हैं।
लेकिन जमीनी स्तर पर आज भी एक कड़वी सच्चाई है।
बहुत-सी महिला कार्यकर्ता ऐसी हैं जो बिना संसाधनों के काम कर रही हैं।
न गाड़ी है, न बड़ा घर, न आर्थिक सुरक्षा।
कई महिलाओं के पास केवल दो वक्त की रोटी का साधन है, फिर भी वे पार्टी और समाज के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।
मेरा विनम्र निवेदन है—
जो महिलाएं पूरी निष्ठा से पार्टी और समाज के लिए काम कर रही हैं, उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत किया जाए।
क्योंकि जब महिला आर्थिक रूप से सुरक्षित होगी, तभी वह घर की चिंता से मुक्त होकर समाज और राष्ट्र के लिए अधिक मजबूती से कार्य कर सकेगी।
एक और गंभीर बात कहना चाहती हूँ।
कई बार पार्टी के भीतर ही कुछ प्रभावशाली लोग महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर नहीं देते।
वे महिलाओं की मेहनत देखते हैं, उनका उपयोग करते हैं, लेकिन उन्हें ऊपर उठने का उचित मंच नहीं देते।
महिलाओं को लड़ाई नहीं चाहिए।
महिलाओं को सिर्फ इतना चाहिए कि उन्हें अपने अधिकार मांगने का सम्मानजनक स्पेस मिले।
ऐसा वातावरण बने जहाँ कोई महिला बिना संकोच अपनी बात रख सके।
मैं स्वयं नई-नई भाजपा से जुड़ी हूँ।
मैं गुरुग्राम के माननीय विधायक जी का धन्यवाद करती हूँ।
मैं प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता जी से मिली—उनसे मिलकर बहुत प्रेरणा मिली।
लेकिन मेरा एक प्रश्न है—
यदि कोई कार्यकर्ता 5 वर्ष, 10 वर्ष या उससे अधिक समय तक पूरी निष्ठा से कार्य करता है,
तो जब उसकी मेहनत का परिणाम देने की बारी आती है,
तब इतना विलंब क्यों?
यह प्रश्न केवल मेरा नहीं—असंख्य कार्यकर्ताओं के मन का प्रश्न है।
मोदी जी,
मैं किसी पद या प्रतिष्ठा की भूखी नहीं हूँ।
मैं सिर्फ अवसर चाहती हूँ।
मैं सिर्फ इतना चाहती हूँ कि मुझे भी देश और समाज के लिए कुछ बड़ा करने का एक मौका मिले।
मैंने 17 वर्षों तक समाज और राष्ट्र के लिए कार्य किया है।
मैंने संघर्ष किया है, साफ-साफ की लड़ाई लड़ी है और हमेशा ईमानदारी से काम किया है।
आज मैं आपसे केवल एक आशीर्वाद मांगती हूँ।
मैं आपसे मिलना चाहती हूँ।
जीवन में एक बार आपके दर्शन और आपका आशीर्वाद प्राप्त करना चाहती हूँ।
मुझे विश्वास है—
आप महिलाओं की पीड़ा, समर्पण और भावनाओं को समझते हैं।
मेरी यह अपील आप तक पहुँचे, यही प्रार्थना है।
यदि इस संदेश में सच्चाई है,
तो देश का कोई न कोई जनप्रतिनिधि अवश्य आगे आएगा और इस विषय पर पहल करेगा।
क्योंकि सबसे आवश्यक है—
किसी को सुनना, समझना और फिर उस पर अमल करना।
महिलाएं घर संभाल सकती हैं,
तो देश भी संभाल सकती हैं।
बस आवश्यकता है—विश्वास, अवसर और सहयोग की।
इसे इस तरह और मजबूत बनाया जा सकता है:
यह कहना गलत होगा कि मुझे राजनीतिक और सामाजिक अनुभव नहीं है। सामाजिक संस्कार मुझे बचपन से अपने माता-पिता से मिले, और राजनीति की समझ अपने पिताजी से। साथ ही मुझे 15–16 वर्षों का सक्रिय राजनीतिक अनुभव है। अवसर न मिलना अनुभव की कमी नहीं, बल्कि विचारधारा के मतभेद का विषय हो सकता है; क्योंकि सीखने वाला व्यक्ति हर परिस्थिति में सीख ही लेता है।
धन्यवाद।
जय हिंद।
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माननीय प्रधानमंत्री श्री जी,
माननीय राष्ट्रपति श्रीमती जी,
माननीय मुख्यमंत्री हरियाणा श्री जी,
आज मैं एक महिला, एक कार्यकर्ता और एक नागरिक के रूप में आपसे अपने मन की बात कहना चाहती हूँ।
दिनांक: 28 जून 2026
स्थान: गुरुग्राम, हरियाणा
मेरी यह अपील सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि उन लाखों महिला कार्यकर्ताओं के लिए है जो अपना घर-परिवार संभालते हुए पार्टी, समाज और देश के लिए दिन-रात कार्य कर रही हैं।
माननीय मोदी जी,
आपने हमेशा महिलाओं की भागीदारी, सम्मान और सशक्तिकरण की बात की है। आपने देश को यह विश्वास दिलाया कि महिलाएं सिर्फ घर ही नहीं, देश भी चला सकती हैं।
लेकिन जमीनी स्तर पर आज भी एक कड़वी सच्चाई है।
बहुत-सी महिला कार्यकर्ता ऐसी हैं जो बिना संसाधनों के काम कर रही हैं।
न गाड़ी है, न बड़ा घर, न आर्थिक सुरक्षा।
कई महिलाओं के पास केवल दो वक्त की रोटी का साधन है, फिर भी वे पार्टी और समाज के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।
मेरा विनम्र निवेदन है—
जो महिलाएं पूरी निष्ठा से पार्टी और समाज के लिए काम कर रही हैं, उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत किया जाए।
क्योंकि जब महिला आर्थिक रूप से सुरक्षित होगी, तभी वह घर की चिंता से मुक्त होकर समाज और राष्ट्र के लिए अधिक मजबूती से कार्य कर सकेगी।
एक और गंभीर बात कहना चाहती हूँ।
कई बार पार्टी के भीतर ही कुछ प्रभावशाली लोग महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर नहीं देते।
वे महिलाओं की मेहनत देखते हैं, उनका उपयोग करते हैं, लेकिन उन्हें ऊपर उठने का उचित मंच नहीं देते।
महिलाओं को लड़ाई नहीं चाहिए।
महिलाओं को सिर्फ इतना चाहिए कि उन्हें अपने अधिकार मांगने का सम्मानजनक स्पेस मिले।
ऐसा वातावरण बने जहाँ कोई महिला बिना संकोच अपनी बात रख सके।
मैं स्वयं नई-नई भाजपा से जुड़ी हूँ।
मैं गुरुग्राम के माननीय विधायक जी का धन्यवाद करती हूँ।
मैं प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता जी से मिली—उनसे मिलकर बहुत प्रेरणा मिली।
लेकिन मेरा एक प्रश्न है—
यदि कोई कार्यकर्ता 5 वर्ष, 10 वर्ष या उससे अधिक समय तक पूरी निष्ठा से कार्य करता है,
तो जब उसकी मेहनत का परिणाम देने की बारी आती है,
तब इतना विलंब क्यों?
यह प्रश्न केवल मेरा नहीं—असंख्य कार्यकर्ताओं के मन का प्रश्न है।
मोदी जी,
मैं किसी पद या प्रतिष्ठा की भूखी नहीं हूँ।
मैं सिर्फ अवसर चाहती हूँ।
मैं सिर्फ इतना चाहती हूँ कि मुझे भी देश और समाज के लिए कुछ बड़ा करने का एक मौका मिले।
मैंने 17 वर्षों तक समाज और राष्ट्र के लिए कार्य किया है।
मैंने संघर्ष किया है, साफ-साफ की लड़ाई लड़ी है और हमेशा ईमानदारी से काम किया है।
आज मैं आपसे केवल एक आशीर्वाद मांगती हूँ।
मैं आपसे मिलना चाहती हूँ।
जीवन में एक बार आपके दर्शन और आपका आशीर्वाद प्राप्त करना चाहती हूँ।
मुझे विश्वास है—
आप महिलाओं की पीड़ा, समर्पण और भावनाओं को समझते हैं।
मेरी यह अपील आप तक पहुँचे, यही प्रार्थना है।
यदि इस संदेश में सच्चाई है,
तो देश का कोई न कोई जनप्रतिनिधि अवश्य आगे आएगा और इस विषय पर पहल करेगा।
क्योंकि सबसे आवश्यक है—
किसी को सुनना, समझना और फिर उस पर अमल करना।
महिलाएं घर संभाल सकती हैं,
तो देश भी संभाल सकती हैं।
बस आवश्यकता है—विश्वास, अवसर और सहयोग की।
इसे इस तरह और मजबूत बनाया जा सकता है:
यह कहना गलत होगा कि मुझे राजनीतिक और सामाजिक अनुभव नहीं है। सामाजिक संस्कार मुझे बचपन से अपने माता-पिता से मिले, और राजनीति की समझ अपने पिताजी से। साथ ही मुझे 15–16 वर्षों का सक्रिय राजनीतिक अनुभव है। अवसर न मिलना अनुभव की कमी नहीं, बल्कि विचारधारा के मतभेद का विषय हो सकता है; क्योंकि सीखने वाला व्यक्ति हर परिस्थिति में सीख ही लेता है।
धन्यवाद।
जय हिंद।
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माननीय प्रधानमंत्री श्री जी,
माननीय राष्ट्रपति श्रीमती जी,
माननीय मुख्यमंत्री हरियाणा श्री जी,
आज मैं एक महिला, एक कार्यकर्ता और एक नागरिक के रूप में आपसे अपने मन की बात कहना चाहती हूँ।
दिनांक: 28 जून 2026
स्थान: गुरुग्राम, हरियाणा
मेरी यह अपील सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि उन लाखों महिला कार्यकर्ताओं के लिए है जो अपना घर-परिवार संभालते हुए पार्टी, समाज और देश के लिए दिन-रात कार्य कर रही हैं।
माननीय मोदी जी,
आपने हमेशा महिलाओं की भागीदारी, सम्मान और सशक्तिकरण की बात की है। आपने देश को यह विश्वास दिलाया कि महिलाएं सिर्फ घर ही नहीं, देश भी चला सकती हैं।
लेकिन जमीनी स्तर पर आज भी एक कड़वी सच्चाई है।
बहुत-सी महिला कार्यकर्ता ऐसी हैं जो बिना संसाधनों के काम कर रही हैं।
न गाड़ी है, न बड़ा घर, न आर्थिक सुरक्षा।
कई महिलाओं के पास केवल दो वक्त की रोटी का साधन है, फिर भी वे पार्टी और समाज के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।
मेरा विनम्र निवेदन है—
जो महिलाएं पूरी निष्ठा से पार्टी और समाज के लिए काम कर रही हैं, उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत किया जाए।
क्योंकि जब महिला आर्थिक रूप से सुरक्षित होगी, तभी वह घर की चिंता से मुक्त होकर समाज और राष्ट्र के लिए अधिक मजबूती से कार्य कर सकेगी।
एक और गंभीर बात कहना चाहती हूँ।
कई बार पार्टी के भीतर ही कुछ प्रभावशाली लोग महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर नहीं देते।
वे महिलाओं की मेहनत देखते हैं, उनका उपयोग करते हैं, लेकिन उन्हें ऊपर उठने का उचित मंच नहीं देते।
महिलाओं को लड़ाई नहीं चाहिए।
महिलाओं को सिर्फ इतना चाहिए कि उन्हें अपने अधिकार मांगने का सम्मानजनक स्पेस मिले।
ऐसा वातावरण बने जहाँ कोई महिला बिना संकोच अपनी बात रख सके।
मैं स्वयं नई-नई भाजपा से जुड़ी हूँ।
मैं गुरुग्राम के माननीय विधायक जी का धन्यवाद करती हूँ।
मैं प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता जी से मिली—उनसे मिलकर बहुत प्रेरणा मिली।
लेकिन मेरा एक प्रश्न है—
यदि कोई कार्यकर्ता 5 वर्ष, 10 वर्ष या उससे अधिक समय तक पूरी निष्ठा से कार्य करता है,
तो जब उसकी मेहनत का परिणाम देने की बारी आती है,
तब इतना विलंब क्यों?
यह प्रश्न केवल मेरा नहीं—असंख्य कार्यकर्ताओं के मन का प्रश्न है।
मोदी जी,
मैं किसी पद या प्रतिष्ठा की भूखी नहीं हूँ।
मैं सिर्फ अवसर चाहती हूँ।
मैं सिर्फ इतना चाहती हूँ कि मुझे भी देश और समाज के लिए कुछ बड़ा करने का एक मौका मिले।
मैंने 17 वर्षों तक समाज और राष्ट्र के लिए कार्य किया है।
मैंने संघर्ष किया है, साफ-साफ की लड़ाई लड़ी है और हमेशा ईमानदारी से काम किया है।
आज मैं आपसे केवल एक आशीर्वाद मांगती हूँ।
मैं आपसे मिलना चाहती हूँ।
जीवन में एक बार आपके दर्शन और आपका आशीर्वाद प्राप्त करना चाहती हूँ।
मुझे विश्वास है—
आप महिलाओं की पीड़ा, समर्पण और भावनाओं को समझते हैं।
मेरी यह अपील आप तक पहुँचे, यही प्रार्थना है।
यदि इस संदेश में सच्चाई है,
तो देश का कोई न कोई जनप्रतिनिधि अवश्य आगे आएगा और इस विषय पर पहल करेगा।
क्योंकि सबसे आवश्यक है—
किसी को सुनना, समझना और फिर उस पर अमल करना।
महिलाएं घर संभाल सकती हैं,
तो देश भी संभाल सकती हैं।
बस आवश्यकता है—विश्वास, अवसर और सहयोग की।
इसे इस तरह और मजबूत बनाया जा सकता है:
यह कहना गलत होगा कि मुझे राजनीतिक और सामाजिक अनुभव नहीं है। सामाजिक संस्कार मुझे बचपन से अपने माता-पिता से मिले, और राजनीति की समझ अपने पिताजी से। साथ ही मुझे 15–16 वर्षों का सक्रिय राजनीतिक अनुभव है। अवसर न मिलना अनुभव की कमी नहीं, बल्कि विचारधारा के मतभेद का विषय हो सकता है; क्योंकि सीखने वाला व्यक्ति हर परिस्थिति में सीख ही लेता है।
धन्यवाद।
जय हिंद।
भारत माता की जय।
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माननीय प्रधानमंत्री श्री जी,
माननीय राष्ट्रपति श्रीमती जी,
माननीय मुख्यमंत्री हरियाणा श्री जी,
आज मैं एक महिला, एक कार्यकर्ता और एक नागरिक के रूप में आपसे अपने मन की बात कहना चाहती हूँ।
दिनांक: 28 जून 2026
स्थान: गुरुग्राम, हरियाणा
मेरी यह अपील सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि उन लाखों महिला कार्यकर्ताओं के लिए है जो अपना घर-परिवार संभालते हुए पार्टी, समाज और देश के लिए दिन-रात कार्य कर रही हैं।
माननीय मोदी जी,
आपने हमेशा महिलाओं की भागीदारी, सम्मान और सशक्तिकरण की बात की है। आपने देश को यह विश्वास दिलाया कि महिलाएं सिर्फ घर ही नहीं, देश भी चला सकती हैं।
लेकिन जमीनी स्तर पर आज भी एक कड़वी सच्चाई है।
बहुत-सी महिला कार्यकर्ता ऐसी हैं जो बिना संसाधनों के काम कर रही हैं।
न गाड़ी है, न बड़ा घर, न आर्थिक सुरक्षा।
कई महिलाओं के पास केवल दो वक्त की रोटी का साधन है, फिर भी वे पार्टी और समाज के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।
मेरा विनम्र निवेदन है—
जो महिलाएं पूरी निष्ठा से पार्टी और समाज के लिए काम कर रही हैं, उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत किया जाए।
क्योंकि जब महिला आर्थिक रूप से सुरक्षित होगी, तभी वह घर की चिंता से मुक्त होकर समाज और राष्ट्र के लिए अधिक मजबूती से कार्य कर सकेगी।
एक और गंभीर बात कहना चाहती हूँ।
कई बार पार्टी के भीतर ही कुछ प्रभावशाली लोग महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर नहीं देते।
वे महिलाओं की मेहनत देखते हैं, उनका उपयोग करते हैं, लेकिन उन्हें ऊपर उठने का उचित मंच नहीं देते।
महिलाओं को लड़ाई नहीं चाहिए।
महिलाओं को सिर्फ इतना चाहिए कि उन्हें अपने अधिकार मांगने का सम्मानजनक स्पेस मिले।
ऐसा वातावरण बने जहाँ कोई महिला बिना संकोच अपनी बात रख सके।
मैं स्वयं नई-नई भाजपा से जुड़ी हूँ।
मैं गुरुग्राम के माननीय विधायक जी का धन्यवाद करती हूँ।
मैं प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता जी से मिली—उनसे मिलकर बहुत प्रेरणा मिली।
लेकिन मेरा एक प्रश्न है—
यदि कोई कार्यकर्ता 5 वर्ष, 10 वर्ष या उससे अधिक समय तक पूरी निष्ठा से कार्य करता है,
तो जब उसकी मेहनत का परिणाम देने की बारी आती है,
तब इतना विलंब क्यों?
यह प्रश्न केवल मेरा नहीं—असंख्य कार्यकर्ताओं के मन का प्रश्न है।
मोदी जी,
मैं किसी पद या प्रतिष्ठा की भूखी नहीं हूँ।
मैं सिर्फ अवसर चाहती हूँ।
मैं सिर्फ इतना चाहती हूँ कि मुझे भी देश और समाज के लिए कुछ बड़ा करने का एक मौका मिले।
मैंने 17 वर्षों तक समाज और राष्ट्र के लिए कार्य किया है।
मैंने संघर्ष किया है, साफ-साफ की लड़ाई लड़ी है और हमेशा ईमानदारी से काम किया है।
आज मैं आपसे केवल एक आशीर्वाद मांगती हूँ।
मैं आपसे मिलना चाहती हूँ।
जीवन में एक बार आपके दर्शन और आपका आशीर्वाद प्राप्त करना चाहती हूँ।
मुझे विश्वास है—
आप महिलाओं की पीड़ा, समर्पण और भावनाओं को समझते हैं।
मेरी यह अपील आप तक पहुँचे, यही प्रार्थना है।
यदि इस संदेश में सच्चाई है,
तो देश का कोई न कोई जनप्रतिनिधि अवश्य आगे आएगा और इस विषय पर पहल करेगा।
क्योंकि सबसे आवश्यक है—
किसी को सुनना, समझना और फिर उस पर अमल करना।
महिलाएं घर संभाल सकती हैं,
तो देश भी संभाल सकती हैं।
बस आवश्यकता है—विश्वास, अवसर और सहयोग की।
इसे इस तरह और मजबूत बनाया जा सकता है:
यह कहना गलत होगा कि मुझे राजनीतिक और सामाजिक अनुभव नहीं है। सामाजिक संस्कार मुझे बचपन से अपने माता-पिता से मिले, और राजनीति की समझ अपने पिताजी से। साथ ही मुझे 15–16 वर्षों का सक्रिय राजनीतिक अनुभव है। अवसर न मिलना अनुभव की कमी नहीं, बल्कि विचारधारा के मतभेद का विषय हो सकता है; क्योंकि सीखने वाला व्यक्ति हर परिस्थिति में सीख ही लेता है।
धन्यवाद।
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समाज के नाम एक गंभीर संदेश
आज पहली बार मैं पुरुषों के दर्द पर लिख रही हूँ।
समाज में महिलाओं की सुरक्षा जितनी आवश्यक है, उतना ही आवश्यक पुरुषों की सुरक्षा और सम्मान भी है।
आए दिन ऐसी घटनाएँ सामने आ रही हैं जहाँ कुछ महिलाएँ कानून को अपने हाथ में लेकर हिंसा, मानसिक प्रताड़ना या झूठे आरोपों का सहारा ले रही हैं। यह अत्यंत चिंताजनक है।
भारत का संविधान हमें सिखाता है—
अनुच्छेद 14 : सबके लिए समान न्याय
अनुच्छेद 21 : हर व्यक्ति को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार
न्याय का अर्थ केवल महिलाओं के लिए सुरक्षा नहीं, बल्कि हर नागरिक—चाहे महिला हो या पुरुष—के लिए निष्पक्ष सुरक्षा है।
कुछ लोगों की गलत हरकतों से पूरे समाज में डर का माहौल बन रहा है। आज कई युवा लड़के विवाह जैसे पवित्र बंधन से डरने लगे हैं। यह स्थिति स्वस्थ समाज की पहचान नहीं हो सकती।
मेरा सरकार, न्यायपालिका और समाज से विनम्र निवेदन है:
✔️ पुरुष उत्पीड़न के मामलों को भी गंभीरता से सुना जाए
✔️ झूठे आरोप लगाने वालों पर सख्त कार्रवाई हो
✔️ कानून का दुरुपयोग रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बने
प्रधानमंत्री जी से भी निवेदन है कि ऐसी नीतियों को और मजबूत किया जाए, जिससे न्याय हर पीड़ित तक पहुँचे।
याद रखिए—
न्याय तभी पूर्ण है, जब वह सबके लिए समान हो।
#JusticeForAll #EqualRights #StopAbuse #LawForEveryone