@aajtak@arvindojha अनादिकाल से 'श्रद्धा' का सनातन परिणय केवल और केवल 'विश्वास' के साथ ही होता आया है।
भवानी शंकरौ वन्दे श्रद्धाविश्वासरुपिणौ।रा.मा.
ध्यान रहे!
हमारे घर की ' श्रद्धाओं ' का 'अविश्वास' के साथ गठबंधन की सोचने मात्र का परिणाम
देह ही नहीं आत्मा तक का नृशंसता पूर्वक खंड खंड हो जाना है।
अनादिकाल से 'श्रद्धा' का सनातन परिणय केवल और केवल 'विश्वास' के साथ ही होता आया है।
भवानी शंकरौ वन्दे श्रद्धाविश्वासरुपिणौ।रा.मा।
ध्यान रहे!
हमारे घर की 'श्रद्धाओं' का 'अविश्वास' के साथ गठबंधन की सोचने मात्र का परिणाम
देह ही नहीं आत्मा तक का नृशंसता पूर्वक खंड खंड हो जाना है।
@ArvindKejriwal
https://t.co/i0FbHcuEzJ
नमस्कार सर मैं दमन त्रिपाठी बाड़मेर राजस्थान से।
शिक्षक दिवस पर शिक्षक की संपूर्ण परिभाषा देती मेरी यह कविता आपके अवलोकनार्थ सादर प्रेषित है।
@sudhirchaudhary
https://t.co/i0FbHcuEzJ
नमस्कार सर मैं दमन त्रिपाठी बाड़मेर राजस्थान से।
शिक्षक दिवस पर देश में सर्वाधिक पसंद की गई मेरी एक कविता आपके अवलोकनार्थ प्रेषित है।
@awasthis
https://t.co/i0FbHcuEzJ
नमस्कार सर मैं दमन त्रिपाठी बाड़मेर राजस्थान से शिक्षक दिवस पर देश में सर्वाधिक पसंद की गई मेरी एक कविता आपके अवलोकनार्थ प्रेषित है।
@drkumarviswas
https://t.co/i0FbHcuEzJ
नमस्कार सर मैं दमन त्रिपाठी बाड़मेर राजस्थान से।
एक बार बालोतरा में आपके साथ कविता पाठ का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ।
शिक्षक दिवस पर लिखी गई मेरी यह कविता देश में बहुत पसंद की गई है।
आपके अवलोकनार्थ सादर प्रेषित है।
@GovindDotasra https://t.co/i0FbHcuEzJ
नमस्कार सर
मैं दमन त्रिपाठी व्याख्याता हिंदी पचपदरा बाड़मेर राजस्थान से।
शिक्षक की संपूर्ण परिभाषा देती एवं देश में सर्वाधिक पसंद की गई मेरी यह कविता शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में शिक्षक सम्मान समारोह कार्यक्रम में बोलने का इच्छुक हूँ।