@KraantiKumar कोई अफसोस नहीं होना चाहिए MY में M का सदैव इस्तेमाल ही किया गया है... क्योंकी Y हिस्सेदारी के नाम पर ठगने का काम किया है।
यदि M अपनी नेतृत्व बनाता तो आज सीन कुछ और होता...भैंस चढ़ाने वाले मंत्री और देश चलाने की योग्यता रखने वाले को ठेंगा।
सेक्युलर दलों से अच्छा BJP है।
@Thebihar_in बहती गंगा में हाथ धो रहा है... सभी गिद्ध बनें हुए हैं फेम के लिए।
दोनों के बीच सुलह वाली बात किसी को भी नहीं करना लेकिन बकचोदी सब कर रहा है।
भारत वर्ष में नेता बनने की अहर्ता को सशर्त नियामवली के साथ परिभाषित किया जाना चाहिए जिसमें UPSC के द्वारा प्रत्येक आम चुनाव से पहले चुनावी उम्मीदवारों की एक परीक्षा लिया जाएं।
क्वालीफाइड उम्मीदवारों को ही मैदान में उतरने की इजाजत हो।
ताकि योगय व्यक्ति ही संवैधानिक पद पर बैठे।
@AnilYadavmedia1 इनका एक नेता तो क्या पूरी पार्टी को BJP खा जाएगी।
बस एक वर्ष प्रतिक्षा कर लो...इतनी भी क्या जल्दी है, क्योंकि इनका भी राजनीतिक पतन अन्य राज्यों के राज्य नेताओं की तरह होने वाला है।
@ZakirAliTyagi मुस्लिम वोट बैंक को सेक्युलर दलों ने अपनी बपौती मुसलमानों की नासमझी से बना रखा है।
मुसलमानों को आज या कल इस बात की समझ आएगी ही कि उसे सिर्फ यूज़ और मुस्लिम मुद्दे की बात जब आती है तो ये सेक्युलर दल वाले दुबक जाते हैं।
इनसे अच्छा तो BJP की ठोकरें है मुस्लिम आत्मनिर्भर बन रहा।
@BhadauriyaAnand छोड़ने की बात भूल से करना भी नहीं... क्योंकि अन्य राज्यों के परिणाम देख ही चुके हों।
वैसे भी अगले साल तक ही... उसके बाद उत्तर प्रदेश में BJP -INC ही रहेंगी।