अगर किसी यादव पर अत्याचार होता है तो @yadavakhilesh जी तुरंत उसकी आर्थिक व कानूनी मदद करने के लिए मैदान में आ जाते हैं लेकिन जब इसी उत्तर प्रदेश के गरीब मुसलमान पर अत्याचार होता है, बुलडोजर का दुरुपयोग होता है, मोब लिंच���ंग होती है, हमारे धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जाता है या वक़्त कानून आता तो एक शब्द नहीं बोलते।
अब तो इनके सहारनपुर के बड़े नेता मनोज चौधरी हमारे उलेमाओं की निशानियां को मिटाने की जिद पर अड़े हुए हैं उसपर भी उनके मुंह पर ताला लगा है यही @samajwadiparty की असलियत है इनका PDA फर्जी है
— Unnao
— Kathua
— Hathras
— Manipur
— Wrestlers
— Bilkis Banu
— IIT-BHU case
— Ankita Bhandari
— Prajwal Revanna
— Asaram parole after parole
— Ram Rahim parole after parole
Sab Yaad Rakha jayega..
Protests have intensified in #Manipur after the killing of 2 children, triggered widespread outrage. Demonstrators, led largely by the Meitei community are demanding justice and blaming members of the Kuki community.
This is Noida
A man was drinking alcohol in public place when he noticed a Muslim couple.He began asking for their names & identification & tried to harass them
Seeing this,locals confronted him, saying “Who tf are you to question them? Who gave you that authority?
Finally people are standing up against the Sanghi dogs trying to harass the common minority.
Peak Satisfaction
पटना में सोने की बड़ी लूट!
बिहार में बीजेपी के मुख्यमंत्री बनते ही अपराधियों की मौज! अब नए नवेले मुख्यमंत्री जुबान से ही अपराध खत्�� कर देंगे या फिर अपराधियों को खोजने से पूर्व उनकी जाति ढूंढेंगे, तदनुसार प्रतिकूल और अनुकूल बयान जारी किया जाएगा।
#Bihar #Loot #crime
दक्ष चौधरी , अक्कू पंडित , सचिन को मथुरा छाता की पुलिस घसीट कर ले जाती हुई , फरसा वाले बाबा की सड़क हादसे मे मौत के बाद इन लोगो ने जमकर उत्पात मचाया , जिसके बाद पुलिस ने दक्ष चौधरी , अक्कू पंडित को गिरफ्तार कर लिया ,
दक्ष चौधरी , अक्कू पंडित आदतन गुंडे है लेकिन कोर्ट इन्हे 24 घंटे से भी कम समय मे जमानत दे देती है ,
उत्तर प्रदेश सहारनपुर में एक बुजुर्ग आटा चक्की मालिक ने 11 साल की बच्ची से छेड़छाड़ की कोशिश की, जो वीडियो में साफ दिख रही है। बच्ची आटा पिसवाने आई थी, लेकिन आरोपी ने उसे कमरे में खींचने की कोशिश की !!
उत्तर प्रदेश में निष्पक्ष प्रशासन की उदाहरण देखिए 👇🏻
📌 ईद मिलादुन्नबी क�� जुलूस में निर्धारित रूट से थोड़ा अलग हटने पर यूपी पुलिस द्वारा 33 मुस्लिम युवाओं को गिरफ्तार करके लंगड़ाते हुए उनकी वीडियो जारी की गई है!
📌 मगर यही यूपी पुलिस फतेहपुर में मकबरे पर भाजपा जिलाध्यक्ष के उकसावे पर हजारों की चरमपंथी भीड़ द्वारा तोड़फोड़ की जाती है मगर किसी को भी गिरफ्तार करने की हिम्मत तक नहीं होती है!
लोग अभी भी कहेंगे कि प्रशासन तो बहुत निष्पक्ष है धर्म देखकर बिल्कुल कार्रवाई नहीं करता है!
उत्तर प्रदेश में निष्पक्ष प्रशासन की उदाहरण देखिए!
- ईद मिलादुन्नबी के जुलूस में निर्धारित रूट से थोड़ा अलग हटने पर यूपी पुलिस द्वारा 33 मुस्लिम युवाओं को गिरफ्तार करके लंगड़ाते हुए उनकी वीडियो जारी की गई है।
- मगर यही यूपी पुलिस फतेहपुर में मकबरे पर भाजपा जिलाध्यक्ष के उकसावे पर हजारों की चरमपंथी भीड़ द्वारा तोड़फोड़ की जाती है मगर किसी को भी गिरफ्तार करने की हिम्मत तक नहीं होती है।
लोग अभी भी कहेंगे कि प्रशासन तो बहुत निष्पक्ष है धर्म देखकर बिल्कुल कार्रवाई नहीं करता है।
जम्मू कश्मीर के डोडा से चुने गए विधायक मेहराज मालिक पर 25 FIR के चलते PSA लगाया गया
जबकि बीजेपी के सांसद और MLA's पर रेप जैसे मुक़दमे है और उन्हें ससपेंड तक नहीं किया जाता..
#FreeMehrajMalik
बाहर किसी देश में बिज़नेस करने वाले ए��� साहब को आज अपना आधार कार्ड अपडेट कराने के लिए दिल्ली के एक आधार कार्ड सेंटर जाना पड़ा। वहां भीड़ देखकर उनके होश उड़ गए। वे हैरान रह गए कि आखिर भारत का सिस्टम इतना खराब क्यों है? जहां वे बिज़नेस करते हैं, वहां तो मिनटों में आसानी से काम हो जाता है। इसके बाद वे खुद रिपोर्टर बन गए और वहां मौजूद लोगों की परेशानियों को दुनिया तक पहुँचाने के लिए एक वीडियो बनाया। आप भी यह वीडियो देखें और समझें कि यूं ही भारत का दुनिया में डंका नहीं बजता है|
#AdharCard
मीडिया चुप है,
नेता AC में मस्त
और सरकार ?
जैसलमेर के नाचना आयन गांव में आदिवासी बाबूलाल जी भील के साथ जातिवादी विकृत मानसिकता वाले लोगों द्वारा बेरहमी से मारपीट करने की घटना बेहद शर्मनाक है।
@PoliceRajasthan मामले में दोषियों के खिलाफ जल्द कार्यवाही करें।
ब्रिटिश अख़बार द गार्जियन के मुताबिक सैकड़ों अभिनेता, निर्देशक और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने एक घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं जिसमें उन्होंने उन इसराइली फिल्मी संस्थानों के साथ काम न करने का संकल्प लिया है जिन्हें वे फ़लस्तीनी जनता के खिलाफ नरस���हार और नस्लीय भेदभाव में शामिल मानते हैं। इस बयान में कहा गया है कि सिनेमा में लोगों की सोच और विचारों को प्रभावित करने की गहरी ताक़त होती है और ऐसे संकट के समय, जब कई सरकारें ग़ज़ा में जारी हत्याओं का समर्थन कर रही हैं, हमें पूरी कोशिश करनी चाहिए कि किसी भी रूप में इस क्रूरता का हिस्सा न बनें। इस पर हस्ताक्षर करने वालों में ओलिविया कोलमैन, मार्क रफ़ालो, टिल्डा स्विनटन, ख़ावियर बारडेम, रिज़ अह��द, सिंथिया निक्सन समेत कई जाने-माने कलाकार और निर्देशक शामिल हैं। यह बयान “फिल्म वर्कर्स फ़ॉर पलेस्टाइन” नामक मंच से जारी किया गया है जिसमें हस्ताक्षरकर्ताओं ने फ़लस्तीनी फिल्मकारों की अपील का समर्थन करते हुए वैश्विक फिल्म इंडस्ट्री से चुप्पी, नस्लवाद और अमानवीय व्यवहार को ख़ारिज करने और इस जुल्म में किसी भी तरह की भागीदारी से दूर रहने की अपील की है। इस घोषणा पत्र पर अब तक 1200 से ज़्यादा फ़िल्मकार, अभिनेत्रियाँ और अभिनेता हस्ताक्षर कर चुके हैं, जिससे यह फ़लस्तीन के समर्थन में वैश्विक फिल्म इंडस्ट्री की एक मज़बूत और ऐतिहासिक आवाज़ बन गई है।