भारतीय न्याय संहिता (BNS) या आईपीसी की किसी धारा में नमाज़ पढ़ना अपराध है? क्या बिना दूसरों को परेशान किए, बिना शोर मचाए, बिना एकांत में अराधना की भी इजाज़त इस देश में मुसलमान को नहीं है? घर में नमाज़ पढ़े तो परेशानी, मस्जिद जाए तो परेशानी, बाहर पढ़ ले तो आग ही लग जाती है... आख़िर कहां जाएं? मंगल ग्रह पर?
Not here to hog anyone’s credit but many among these 25 reports led to some action by police or started a discourse in the alternative media space. This is long before it became cool to document vigilantism and demand accountability for hate crimes.
तुम जुम्मन कहते हो एकात दो सीट जीत MIM क्या कर लेगी
तो पता होना चाहिए की बिहार उर्दू शिक्षक से सम्बंधित पद बहाली और बिहार मदरसा-स्कूल मे नौकरी कर रहे शिक्षको की वेतन पर नियंत्रर MIM MLA अख्तरुल ईमान सक्रिय रहते है
शिक्षा मंत्री M तिवारी से मिल मुस्लिम कौम के लिए नेक कार्य किया
ये है आपकी मुस्लिम लीडरशिप की ताकत
याद रहे यहां सरकार बीजेपी की है।
हक़ मांगना संवेधानिक अधिकार है लेकीन तथाकथित धर्म निरपेक्ष विपक्ष पार्टी ऐसा करना दूर, एक स्टेटमेंट भी नहीं देती।
लोगों को लग रहा है कि हमने हज घोटाले पर चुप्पी साध ली। अरे नहीं, नहीं... कुछ नई खोजबीन में लगे है। सुना है @MOMAIndia से जुड़ू किसी अधिकारी ने हज घोटाले की आमदनी से बेंगलुरू में कुछ घर-वर लिया है। उसकी डिटेल्स मिलते ही साझा करेंगे। साथ ही कोशिश कर रहे हैं कि घोटाले में शामिल अन्य अधिकारियों, कर्मचारियों की हाल के वर्षों में ख़रीदी गई संपत्ति और उनकी घोषित आय व संपत्ति का लेखा-जोखा वग़ैरह कुछ मिल जाए। आपके पास अगर कुछ सूचना है तो [email protected] पर शेयर कर सकते हैं। आपका नाम, पता और पहचान गुप्त रखने की गारंटी है।
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त्रिपुरा के खोवाई जिले में दो सितंबर को 46 वर्षीय जलील रहमान की भीड़ ने हत्या कर दी. उन पर गाय चोरी का आरोप लगाया गया था.
परिवार के मुताबिक, जलील ने एक किसान से दो गाय खरीदी थीं और बुधवार सुबह उन्हें लेने गए थे. आरोप है कि सुबह करीब 4 बजे कुछ लोगों ने उन्हें दो गायों के साथ देखा और चोरी के शक में मारपीट शुरू कर दी.
घायल जलील ने फोन कर परिवार को घटना की जानकारी दी. रिपोर्ट के मुताबिक, जब परिवार उन्हें लेने पहुंचा तो उन पर भी हमला किया गया. मौके पर पहुंची पुलिस उन्हें अस्पताल लेकर गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
"स्वतंत्र भारद्वाज" अकेला उदाहरण नहीं है, गुजरात दंगों के 67 आरोपी ऐसे ही सत्ता के सहारे बचाए गए।
एहसान जाफरी को ज़िंदा जला देने वाले बिपिन पटेल और पुलिस निरीक्षक, सब बाइज्जत बरी हो गए। बेस्ट बेकरी जलाकर 14 मासूमों को जलाकर मार डालने वाले सभी बरी हो गए।
और यही क्यों? बाबरी मस्जिद को शहीद करने वाले
वो बिल्किस बानो के 11 सज़ा याफ़्ता बलात्कारी ? याद करिए।
मज़ेदार बात यह है कि "स्वतंत्र" की तरह इन्होंने भी कैमरे के सामने और मंच से अपने अपने अपराध गर्व से स्वीकार किए...
यह संघ का टेस्टेड माडल है.
ये कुछ नया नही है यही इनका चाल चरित्र और चेहरा है इनको सिर्फ यही आता है
Watch the full video, Chief Minister Revanth Reddy can't stop praising Asaduddin Owaisi and Akbaruddin Owaisi.
What message will this send to Asim Waqar Sahab, who recently joined the Congress, and to other Congress leaders..!?
@Aas_MSaifi लेकिन 312मेहंदावल विधानसभा से तो समाजवादी पार्टी से किसी मुस्लिम को तो टिकट के लिए कह सकते है कि नहीं जबकि 2017और 2022में एक ही व्यक्ति को टिकट मिला दोनों मर्तबा वो चुनाव हार गए इन सब पर किसी को नहीं देखता हूं ट्वीट करते हुए जबकि निषाद समाज के बाद सबसे ज्यादा वोट मुस्लिमों का है
BJP सरकार और दिल्ली पुलिस की गुंडई 👇
4PM की पत्रकार शाहीन ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछा तो दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और मारपीट की।
शाहीन का कहना है- जब पुलिसवालों को पता चला कि वो मुसलमान हैं तो उन्हें और बेरहमी से मारा गया। उनके शरीर पर जख्म हैं.. कैमरापर्सन भी बेसुध पड़ी है।
एक पत्रकार के साथ ऐसा बर्ताव कतई सही नहीं है, दोषी पुलिसवालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
हालांकि, इसकी उम्मीद कम है, क्योंकि- BJP सरकार में सवाल पूछना गुनाह हो चला है।
बहुत ही शर्मनाक घटना है। दिल्ली पुलिस का बयान है कि पार्किंग से स्कूटी नहीं हटा रही थीं? दोनों पत्रकार के शरीर पर ज़ख्मों के निशान हैं, इसकी जाँच होनी चाहिए। पुलिस का यह कहना काफी नहीं लगता कि इनके आरोप भ्रामक और ग़लत हैं।