@Nishuazad11 ये लोग समझ रहे हैं कि इस तरह फेमस होकर हम राजनीति में चमक जाएंगे पर यह बहुत टेढ़ी खीर है। जिस उम्र में पढ़ाई आवश्यक ही नहीं अनिवार्य है उस उम्र में ये सब करना अभिभावक का सही कदम नहीं कहा जा सकता है। इन लोगों को वे लोग केवल युज किये हैं।
मोदी जी, नमस्कार। हार्दिक अभिनंदन। जनसंख्या नियंत्रण कानून शीध्र लाइए और एक निश्चित तिथि से 2 से अधिक बच्चे वाले की सारी सुविधाएं बंद कर देनी चाहिए। तीसरे बच्चे को न कोई नौकरी और न किसी बैंक से लोन और न कोई सरकारी सुविधा सब बंद होनी चाहिए। तीसरे बच्चे पर दंड मिले।
@narendramodi
@Mayawati मायावती जी से आग्रह है कि एससी-एसटी के गरीब बच्चों को पढ़ने के लिए मंच से या विडियो के माध्यम से ��्रेरित करें। एससी-एसटी में क्रीमीलेयर लागू करने की मांग करें और इसकी सीमा 5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए तभी इस वर्ग के गरीब लोगों का कल्याण हो पाएगा। जय भीम या केवल बाबा साहेब से
@Mayawati मायावती जी एससी-एसटी में क्रीमीलेयर की मांग क्यों नहीं करती हैं।जब तक क्रीमीलेयर नहीं लागू होगा तब तक एससी-एसटी में जो लोग नौकरी पेशा एवं अमीर हो गये हैं वे ही लोग आरक्षण का लाभ उठाते रहेंगे और इस वर्ग के शोषित एवं गरीब लोगों तक आरक्षण का लाभ नहीं मिल पाएगा।साथ ही इसकी सीमा 5 लाख
@SushantBSinha आपकी बात 100 % सही है। कोई पार्टी चर्चा नहीं कर सकती है।यह ऐसा घाव है जिसका कोई ईलाज नहीं है। बहुत दिनों तक ऐसी स्थिति रही तो आरक्षण समर्थक इनके विरूद्ध सड़क पर आ जाएंगे जैसा पहले भी हो चुका है।
@Nishad_Anita7@Mayawati पेपर लीक की समस्या बहुत गंभीर है। इसके प्रति विपक्ष का रवैया भेदभाव पू���्ण है।नीट पेपर लीक हुआ। रद्द हुआ। पुनः परीक्षा हुई। बच्चे पास हुए। एडमिशन भी हुआ। फिर भी शिक्षा मंत्री का स्तीफा हुआ। झारखंड, पंजाब, केरल आदि राज्यों में हुआ। लम्बे समय तक छात्रों के शांति पूर्ण प्रदर्शन
@RahulGandhi अब राहुल गांधी बताइए कि जंतर-मंतर पर जो छात्र थे उनमें और झारखंड के छात्रों ���ें क्या अंतर है। वहां क्यों नहीं ऐसी स्थिति थी। यहां छात्रों ने किसी का स्तिफा तक नहीं मांगा। आप एक बार भी इन छात्रों के समर्थन में कुछ नहीं बोले।
@SanjayAzadSln प्रधानमंत्री ने किसी को नहीं कहा है। उन्होंने तो कहा कि जमीनी नक्सलवाद खत्म हो गया है। दिम���गी नक्शली हैं उनकी पहचान करनी चाहिए। तो आपको क्यों मिर्ची लग गई।
@choga_don आरक्षण किसी को नहीं रो��� रहा है। यदि आप जनरल में गरीब हैं तो ईडब्ल्यूएस है। यदि आप ओबीसी में गरीब हैं तो क्रीमीलेयर है। पीड़ित हैं तो केवल एससी-एसटी के गरीब क्यों कि इसमें क्रीमीलेयर नहीं है।