VIP संस्कृति से ऊपर इंसान की जिंदगी होनी चाहिए...
जब किसी वीआईपी के लिए सड़क रुक जाती है,आम लोगों के बारे में कौन सोचता है
खासकर उस आपातकालीन एम्बुलेंस के बारे में जिसमें किसी ऐसे व्यक्ति को ले जाया जा रहा हो
जिसकी जान समय पर अस्पताल पहुंचने पर निर्भर करती है?
वीआईपी नहीं तो विशेषाधिकार नहीं
सड़क सबकी है और एम्बुलेंस को हमेशा प्राथमिकता दी जानी चाहिए
अगर कोई एम्बुलेंस आ रही हो तो सुरक्षित रूप से रास्ता साफ करें
यह किसी के खिलाफ नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था पर सवाल है जो अक्सर आम आदमी को भूल जाती है
इस पर सवाल उठाना जरूरी है
क्योंकि चुप रहना हमेशा समाधान नहीं होता
VIP संस्कृति से ऊपर इंसान की जिंदगी होनी चाहिए...
जब किसी वीआईपी के लिए सड़क रुक जाती है,आम लोगों के बारे में कौन सोचता है
खासकर उस आपातकालीन एम्बुलेंस के बारे में जिसमें किसी ऐसे व्यक्ति को ले जाया जा रहा हो
जिसकी जान समय पर अस्पताल पहुंचने पर निर्भर करती है?
वीआईपी नहीं तो विशेषाधिकार नहीं
सड़क सबकी है और एम्बुलेंस को हमेशा प्राथमिकता दी जानी चाहिए
अगर कोई एम्बुलेंस आ रही हो तो सुरक्षित रूप से रास्ता साफ करें
यह किसी के खिलाफ नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था पर सवाल है जो अक्सर आम आदमी को भूल जाती है
इस पर सवाल उठाना जरूरी है
क्योंकि चुप रहना हमेशा समाधान नहीं होता
BBC हिन्दी की खोजी पत्रकारिता का जबाब नही. बीबीसी हिंदी की पत्रकार शुभांगी मिश्रा ने सनसनी खेज खुलासा किया है.
क्या आप लोगों Aam Janmat Party का नाम सुना है.
इस पार्टी को 2023-24 में 620 करोड़ रुपए चंदा मिला है.
सभी बड़ी विपक्षी पार्टी Congress को 2023-24 में 281 करोड़ रुपए चंदा मिला है.
यानी Congress पार्टी से भी 339 करोड़ रुपए ज्यादा चंदा Aam Janmat Party को मिला है.
जब Shubhangi Mishra गुजरात के अहमदाबाद गयीं तो पार्टी का दफ्तर बंद निकला. पार्टी के अध्यक्ष Gaurav Mishra फ़ोन नही उठा रहे हैं.
स्रोत : चुनाव आयोग & ADR
न्यूज़ सौजन्य : BBC Hindi
यह स्वतंत्र भारद्वाज है
शान से बता रहा है कि स्टूडेंट प्रोटेस्ट में प्रदर्शनकारी के पिता पर हमला किया - उन्हें 60 टांके लगे और वह मौत के कगार पर थे
307 के अंतर्गत हाफ मर्डर का मामला बनता था. लेकिन वह जेल नहीं गया - रात भर बेख़ौफ़ घूमता रहा
कपिल मिश्रा के एक फोन के बाद उसे राहत मिल गई
आगे बताता है कि कपिल मिश्रा, चिराग पासवान ही नहीं मोदी जी भी उसके “बड़े भाई” हैं, सबका समर्थन प्राप्त है
@ranvijaylive It’s really interesting to see if this type of ‘propaganda’ can make you hopless so what should be done to your zee news propaganda you guys are doing continuously against this country 😂
आज जो हुआ है, वो भारत के इतिहास का सबसे बड़ा बैंकिंग फ्रॉड हुआ है। बहुत शर्मनाक कांड हुआ है। ज़ी न्यूज़ के मालिक सुभाष चंद्रा ने बैंकों से 22 हज़ार करोड़ का लोन ले रखा था। आज सरकार ने उसे महज 6 करोड़ लेकर पूरा लोन माफ़ कर दिया। आपको ये पढ़कर दिमाग में चक्कर आ रहा होगा ना, कि नहीं, ऐसे कैसे हो सकता है? इतना बड़ा तो नहीं हो सकता। तो मैं फिर से कह रहा हूँ कि सुभाष चंद्रा का 22 हज़ार करोड़ का लोन सरकार ने मात्र 6 करोड़ में माफ़ कर दिया, 99 प्रतिशत लोन माफ़ करवा लिया। इसमें LIC समेत कई बैंकों ने कर्ज दिया था। हैरानी की बात है कि LIC और बैंक विरोध करते रहे, लेकिन मोदी सरकार ने सुभाष चंद्रा का लोन माफ़ कर दिया। खैर, ऐसे थोड़े ही पूरा दिन ज़ी न्यूज़ अपने चैनल पर हिंदू-मुस्लिम और सरकार को डिफेंड करता है? उसका एक अमाउंट होता है। लेकिन अमाउंट इतना बड़ा और भयानक होगा, ये हमने भी नहीं सोचा था। सोचिए, ये किसका पैसा था। ये देश की जनता का पैसा था। आपका और हमारा पैसा था। और इन उद्योगपतियों का शातिर खेल देखिए की लोन लो दिवालिया दिखाओ और फिर माफ़ करवा लो। 22 हज़ार में ज़ीरो गिनते रहिए आप। 22 हज़ार करोड़ माफ़ करवा लिया। आम गरीब एक दवा के पत्ते के लिए भीख माँगता है, तिल-तिल कर मरता है, 5 किलो राशन पर पूरा देश जीता है। लोग परेशान हैं, उनके पास रोजगार नहीं है, इलाज के लिए पैसे नहीं हैं। युवा ऑफिसों के बाहर रोजगार के लिए वॉचमैन से धक्के खाता है। लेकिन मोदी सरकार ने एक मिनट में 22 हज़ार करोड़ माफ़ कर दिया। आपको क्या लगता है कि चंद्रा का 22 हज़ार करोड़ ऐसे ही माफ़ हो गया? बदले में चंद्रा ने भाजपा को पार्टी फंड में मोटा माल दिया होगा। ऐसे थोड़े ही भाजपा के बैंक अकाउंट में 15 हज़ार करोड़ जमा हैं और देश के हर जिले में 5 स्टार महल हैं पार्टी ऑफिस के रूप में। ये अंग्रेजों से भी बड़ी लूट है। कोई इस तरह से देश कैसे लूट सकता है? आप घर या बैंक की एक किस्त नहीं भरेंगे तो बैंक आपको बेइज्जत करता है, पुलिस लेकर आता है। लेकिन इन लुटेरों का खेल देखिए। लोगों को धार्मिक और देशभक्ति के नारों में उलझाकर ऐसे बहुत से घपले-घोटाले पिछले 12 सालों में हुए हैं।
क्या गरीब की बेटी IAS IPS नहीं बन सकती ?
शिक्षा हमारा अधिकार सर है वो हमसे ना छीने।
सर आपने गरीबों के घर तोड़े जनता ने उफ्फ तक नहीं की
लेकिन अब लड़कियों की शिक्षा पर बात आई है तो बोलेंगे।
अब इनमें क्या कमी ढूंढोगे ? क्या प्रोपोगेंडा बनाओगे ? चलो इनपर भी फंडिंग के आरोप लगा दो घटिया मीडिया वालों।
#Nashik
These kids are saying, “Nobody pays attention to us.” All they are asking for is a good road so they can get to school safely.
This Independence Day, let’s pledge to change this.
#WATCH दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके ने कहा, "आज दिल्ली में हमारे वॉलंटियर्स की मीटिंग होनी थी... हम हॉल ढूंढ रहे थे, लेकिन कोई हमें हॉल किराए पर नहीं दे रहा था। सब यही कह रहे थे कि ऊपर से दबाव है... बड़ी मुश्किल से हमें यह हॉल मिला था। हमारे पास इसकी रसीद भी है। लेकिन आज सुबह ही हॉल के मालिकों को धमकियां मिलीं। उनसे कहा गया कि अगर उन्होंने यहां CJP की मीटिंग होने दी, तो उन्हें उल्टा लटका दिया जाएगा... यह सब BJP कर रही है... उनकी हरकतों और बातों से साफ पता चलता है कि वे देश के युवाओं से डरे हुए हैं... अगर उन्हें लगता है कि ऐसी छोटी-मोटी हरकतों से हम डर जाएंगे, तो वे बहुत बड़ी गलतफहमी में हैं..."
आज माननीय राहुल गांधी जी से मुलाकात हुई। उन्होंने छात्रों से जुड़े इस आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जताते हुए कहा कि वे छात्रों के साथ हैं और उनके अधिकारों व भविष्य की लड़ाई में उनके साथ खड़े रहेंगे।
ये वीडियो सरकार डिलीट करवा रही है।
आलोचना से इतना डर? क्या यही लोकतंत्र है?
विडंबना देखिए—सत्ता पक्ष के लोग खुलेआम गाली-गलौज और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करें तो कोई कार्रवाई नहीं, लेकिन सरकार की आलोचना करने वाली आवाज़ों पर रोक लगाने की कोशिश की जाती है।
लोकतंत्र की असली ताकत सवालों और आलोचना को सुनने में होती है, उन्हें दबाने में नहीं।