2/2जब काम कम होता है तो व्यक्ति अधिक खाली बैठता है। खाली समय में उसका मन अधिक भटकता है और अनेक अनावश्यक विचार उत्पन्न होते हैं। यही स्थिति उसे अवसाद की ओर ले जा रही है। इसलिए इस बदलती परिस्थिति का संतुलित प्रबंधन करना भी अत्यंत आवश्यक है, ताकि व्यक्ति और समाज दोनों स्वस्थ रह सकें
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दुनिया बहुत तेज़ी से तकनीक को अपना रही है। शायद “दुनिया” कहना पूरी तरह उपयुक्त शब्द नहीं है, “पूँजीवादी मानसिकता” कहना अधिक सटीक होगा। तकनीक के कारण मनुष्य के अपने करने योग्य काम लगातार कम होते जा रहे हैं।