भरी बरसात में, उप्र के गोंडा में खाद लेने के लिए लगी लाइन में लगे किसान कह रहे हैं, अगले चुनाव में इससे दोगुनी लाइन भाजपा के विरुध्द वोट डालने के लिए लगेगी, जिससे भाजपा हमेशा के लिए बाहर हो जाएगी।
जब खेत मुस्कुराएगा, तब देश मुस्कुराएगा!
भाजपा को जंतर मंतर वाला पढ़ा लिखा युवा नहीं चाहिए..उसे ये वाला युवा चाहिए…ये वाला युवा कांवड़ निकालता है…ये वाला युवा सरकार से कुछ नहीं मांगता है..ये वाला युवा सरकार को किसी भी चीज के लिए जिम्मेदार भी नहीं ठहराता है…ये वाला युवा जो मांगता है भगवान से मांगता है…अच्छे बुरे के लिए भगवान को जिम्मेदार ठहराता है..ये वाला युवा हर चीज के लिए भगवान को उत्तरदायी मानता है..इसीलिए भाजपा इस वाले युवा के ऊपर फूल बरसाती है…और जंतर-मंतर वाले युवा पर बंदूकों से पैलेट दागती है..आंसू गैर के गोले दागती है..PRAGYA KA PANNA पर पूरी रिपोर्ट- कुछ देर में... https://t.co/HtlvGZ0lKk
ये उस दिन का फोटो है जिस दिन अयोध्या मंदिर का शिलान्यास हुआ था महागठबंध ने काला दिन मनाया था! इन लोगों को चढ़ावा की चिंता है आज,
इनपर भरोसा मत करना मित्रो....
लोकमान्य तिलक ट्रस्ट ने NSA डोभाल को सम्मान दिया..
डोभाल सम्मान लेने दिल्ली से पुणे पहुंचे
शाह सम्मान देने के लिए दिल्ली से पुणे पहुंचे
CM फडनवीस मौजूद रहने के लिए मुबंई से पुणे पहुंचे
दोनों डिप्टी सीएम उपस्थिति दर्ज कराने मुंबई से पुणे पहुंचे
टैक्स पेयर का खर्चा कितना..CAG
जब असम में लोग बाढ़ से त्रस्त हैं,
ऐसे समय में जब असम को प्रधानमंत्री जी की जरूरत है,
तब प्रधानमंत्री जी रोड शो में बिजी है,
ये कहां तक सही है?
और ये किसके पैसे से हो रहा है?
क्या ग़ज़ब ड्रामेबाज़ हैं नरेंद्र मोदी.
माफ़ी तो आपको माँगनी थी मोदी जी, और उल्टे आप देश को माफ़ कर रहे हैं!
आप माफ़ी माँगिए 👇
• बच्चों पर बर्बरता करने के लिए
• उनपर पैलेट दगवाने के लिए
• उनको लाठियों, कील लगे डंडों से पिटवाने के लिए, करंट लगवाने के लिए
• वेंटीलेटर पर एक बच्ची को पहुँचाने के लिए
• लड़कियों के फाड़े गए कपड़ों के लिए
• युवाओं को कहीं घिनौनी बातों के लिए
• Gen Z को गटर बुलवाने के लिए
• पेपर लीक के लिए
• मंच से आपके द्वारा कही घटिया भद्दी बातों के लिए
• आप जिन वाहियात ट्रोल्स को फॉलो करते हैं उसके लिए
⁉️और यहाँ आप लोगों को माफ़ करने का स्वांग रचा रहे हैं
⁉️मतलब आत्ममुग्धता का भी अलग ही लेवल है आपका
⁉️कैसे कर लेते हैं यह बेशर्मी?
कहाँ छुपे हुए हैं? संसद आइए, माफ़ी माँगिए - देश से, देश के युवाओं से, देश की बेटियों से