मेरे जिंदगी के खुबसूरत पलों में सबसे खूबसूरत आज शाम का पल है जब मैं अपने प्रेरणास्रोत आदरणीय श्री @IPSVinayTiwari सर से प्रत्यक्ष रूप से मिला। आपके द्वारा दिया गया प्यार और आशीर्वाद ताउम्र मुझे याद रहेगा और शक्ति प्रदान करेगा आपके इस स्नेह एवं शुभकामनाओं के लिए ह्रदय से आभार सर।
नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi आज बालाघाट के जगला गांव में आदिवासी परिवारों के बीच पहुंचे हैं।
पिछले कुछ समय में यहां आदिवासी परिवारों के 30 से ज्यादा बच्चों ने कुपोषण और मलेरिया-मीजल्स जैसी बीमारियों के कारण दम तोड़ दिया।
राहुल गांधी जी ने यहां पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें हिम्मत दी और उनकी समस्याओं को मजबूती से उठाने का वादा किया।
📍 मध्य प्रदेश
'मुसहर हो... नहीं कराएंगे डिलिवरी'
- ये बात उस प्रेग्नेंट महिला से कही गई, जो डिलिवरी के लिए यूपी के एक सरकारी अस्पताल पहुंची थी।
जब अस्पताल ने महिला को एडमिट करने से मना कर दिया, तो मजबूरी में उन्हें सड़क किनारे ही बच्चे को जन्म देना पड़ा।
ये घटना सबूत है कि BJP सरकार में दलितों-आदिवासियों के साथ कैसा अमानवीय सुलूक किया जाता है।
मानवता को शर्मसार करती ऐसी घटनाएं BJP सरकार की पहचान बन चुकी हैं, लेकिन मोदी-योगी को अपनी फर्जी डींगें हांकने से फुर्सत कहां है!
शर्मनाक...
📍 भदोही, यूपी
ऐ, छोड़ो…. ऐ, छोड़ो…लड़की चिल्ला रही है लेकिन सता संरक्षित गुंडे पीछे पड़े है।
गया जिले में फिर एक लड़की के साथ दुर्व्यवहार और बदसलूकी कर वीडियो वायरल किया गया है।
सम्राट चौधरी ऐसी घटनाएं करवाकर क्या चुनावों में ही बिहार घूम बिहार को ही धूमिल करने वाले प्रधानमंत्री के भाषण का कंटेंट तैयार करवा रहे है??
अपराधियों की ‘जाति खोजो विशेषज्ञ’ श्री भगवान कुशवाहा, जीतनराम मांझी और सम्राट चौधरी ने एक ही प्रवृति की ऐसी दर्जनों घटनाओं में केवल एक ही घटना के एक ही दोषी के साथ कथित हाफ कारवाई करवाकर उसे जातीय रंग दिया लेकिन जैसे ही शेष सभी घटनाओं के समस्त 99.99% आरोपी इनके स्वयं की जाति अथवा अनुकूल सामाजिक समीकरण के निकले तो कोई एनकाउंटर नहीं, किसी की जाति सार्वजनिक नहीं और कोई खबर नहीं बनने दी।
ऐसे निर्लज्ज लोगों ने ईश्वर और सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान कर श्रद्धापूर्वक “बिना भय-पक्षपात और राग-द्वैष के कर्तव्यों का निर्वहन” करने की शपथ ली है लेकिन ये अपनी ही शपथ भूल, संवैधानिक दायित्वों की धज्जियां उड़ा रहे है। इन लोगों ने बेशर्मी को ही अपना श्रृंगार समझ लिया है।
मैं आज बालाघाट आ रहा हूं।
उन आदिवासी परिवारों से मिलने, जिन्होंने बीमारी और BJP सरकार की उपेक्षा के कारण अपने मासूम बच्चों को खोया है। उनके साथ वक्त बिताकर उन्हें बताना चाहता हूं कि इस दुख में वो अकेले नहीं हैं - मैं उनके साथ हूं।
कुछ दिनों पहले केन-बेतवा आंदोलन के आदिवासी भाई-बहनों से भी मिला था। परियोजना के कारण आज उनके गांव डूब रहे हैं, मगर सरकार से उन्हें न पुनर्वास मिला न मुआवज़ा - मिला है तो प्रताड़ना, सरकारी दमन और हिंसा।
इंदौर में ‘छात्रों की गूँज’ के दौरान भी आदिवासी छात्रों ने बताया - स्कूल नहीं हैं, कॉलेज बदहाल हैं, हॉस्टल और खाना नर्क जैसा, परीक्षाओं में धांधली और उनके आरक्षण के अधिकार से खिलवाड़ हो रहा है।
मध्यप्रदेश के आदिवासियों की ये तकलीफें BJP-RSS की उस सोच का हिस्सा हैं जो उन्हें भारत के पहले मालिक नहीं, वनवासी मानती है। जल, जंगल, जमीन के साथ शिक्षा, रोजगार और सम्मान भी छीन लेना चाहती है और अहंकार में वो कुछ सुनना नहीं चाहती।
आदिवासी भाई-बहनों को आश्वस्त करता हूं कि मैं आपके साथ हर संघर्ष में खड़ा हूं - आपकी आवाज़ बुलंद करना मेरी ज़िम्मेदारी है और मैं इस बहरी सरकार को वो पूरी शक्ति के साथ सुनाऊंगा।
.@RailMinIndia@AshwiniVaishnaw आपके कार्यकाल में आपका मंत्रालय जो बंटाधार हुआ है वो आज तक किसी भी रेलमंत्री के रहते नहीं हुआ । ट्रेन संख्या 22359 के पेंट्री वालो को भी आपके शिकायत का कोई डर नहीं है धड़ल्ले से पानी वाला चाय और लोकल पानी बेच रहे है चाय का तो स्वाद आपके लायक़ है
महान क्रांतिकारी शहीद-ए-आज़म भगत सिंह जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन।
भारत की आज़ादी के लिए उनका संघर्ष, अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान हम सभी के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
राहुल गाँधी एक बार फिर सही साबित हुए!
चुनाव आयोग के वोट चोरी पर जब वे लगातार सवाल कर रहे थे तो कई सहयोगिओं से लेकर अपने दल के नेताओं ने भी उनके इस मुद्दे से दुरी रखने की मंशा दिखाई!
आज एक्सप्रेस के खुलासे के बाद सही साबित हो गया की यह कितना बड़ा और गंभीर मसला है!
उम्मीद करते हैं की आज सुप्रीम कोर्ट खुलते ही इस मामले पर स्वतः संज्ञान लेगा!
The video from Jamui, Bihar is deeply disturbing.
Two Class 10 students were stopped on a road. Harassed. Humiliated. Molested. A young girl, hands folded, begged to be let go while goons groped her and dragged her away.
Who gave these men the right to behave like this? This is not "culture." It is patriarchy: the belief that any man can police a girl's body, her movement, her choices.
When control is mistaken for culture, and such attitudes are normalised by Andhbhakts, mobs start believing they are the law.
Every individual in that video must be identified and prosecuted under POCSO, and justice must be swift. And if the incident happened on September 19th, why are the culprits not behind bars yet?
And the Bihar government must answer why a girl is not safe on a public road at 7 pm?
बिहार के जमुई का एक वीडियो बहुत बेचैन करने वाला है।
10वीं क्लास के एक छात्र और छात्रा को रास्ते में जबरदस्ती रोक लिया गया। उन्हें प्रताड़ित किया गया, अपमानित किया गया और छात्रा के साथ उत्पीड़न किया गया। बच्ची हाथ जोड़कर उसे जाने देने की विनती करती रही, मगर गुंडे उसे गलत तरीके से छूते और खींचतान करते रहे।
इन लोगों को ऐसी बदतमीज़ी करने का हक किसने दिया? यह "संस्कृति" नहीं है, यह patriarchy है: ये सोच कि किसी भी पुरुष का किसी लड़की के शरीर, उसके आने-जाने और उसकी पसंद-नापसंद पर नियंत्रण है।
जब नियंत्रण को ही संस्कृति मान कर 'अंधभक्त' ऐसी सोच को सामान्य ठहराते हैं, तो भीड़ को लगने लगता है कि वही कानून है।
उस वीडियो में दिख रहे हर व्यक्ति की पहचान होनी चाहिए और उन अपराधियों पर POCSO के तहत मुकदमा चलाकर उन्हें जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए। और अगर ये घटना 19 सितंबर की है तो गुनहगार अब तक सलाखों के पीछे क्यों नहीं हैं?
और बिहार सरकार जवाब दे कि शाम 7 बजे कोई लड़की राज्य की सड़कों पर सुरक्षित क्यों नहीं है?
जमुई कांड के वक्त जातीय सम्मेलन कर रहे सम्राट चौधरी ने रात में पुलिस अधिकारी को फ़ोन घुमाकर पूछा
CM: लड़की छेड़ने वाले ने किस रंग का गमछा लपेटा हुआ था?
पुलिस- सर…..भगवा! एकदम आप जैसा
CM:- फिर तो वह भगवा बलात्कारी ना हुआ। मतलब विचार से तो सात्विक और मोदी समर्थक ही होगा ना जी?? अच्छा…ध्यान से देखिए उस भगवा गमछे में कहीं राई भर भी हरा रंग है?
पुलिस:- नहीं हुज़ूर, हमारे IO ने तो आपकी फर्जी AI को दर्जी बनाकर पूछ लिया, कहीं हरा नहीं है। AI कह रहा है कि इन आरोपियों की उम्र में बोरिंग रोड पर आपका CM भी यही काम करता था।
CM:- बकवास बंद करो, जल्दी से आरोपियीं की जाति बताओ?
पुलिस:- सर, ये सब इधर के ही समर्थक है।
CM:- कुछ करो, मुस्लिम और यादव एंगल ढूंढो, कैसे भी।
पुलिस:- सर मुश्किल है
CM:- सस्पेंड कर देंगे तुमको, जो बोला वो करो! किसी दारू और मर्डर केस के आरोपी को इस केस में फँसा दो लेकिन कछु करो यार….
पुलिस:- सर, हम तो आपसे ज्यादे ही व्याकुल है।
CM:- ज़्यादा होशियार बनते है, जल्दी करो!
दाँत पीसते हुए, मोदी जी अब चुनाव में कहाँ से ,“मारब सिक्सर की छहो गोली छाती में रे, पॉवर होला ई ख़ाली…जाति में रे”” गाना टेलीप्रॉम्प्टर पर गायेंगे?
बुदबुदाते हुए, ये हरा गमछा और AI वाला डायलॉग हमको कौन अधिकारी रटवाया था रे….दीपक? जरा पता करो…
पुलकित अपने एक्ट में ना किसी का नाम लेता है
ना किसी के जैसा मेक-अप करता है
यहाँ तक की आवाज भी किसी से नहीं मिलती है
वो बस एक पागल जोकर की तरह हँसते हुए कुछ-कुछ बड़बड़ाता है।
फिर पीयूष गोयल और उनके साथियों को कैसे पता चलता है कि ये मोदी का मजाक है ?
क्या इन मंत्रियों के दिमाग़ में प्रधानमंत्री की ये छवि है ?