@Harshdubey9956 रुक जा दुबे जी।
कुछ ज्यादा ही तेज हो रहे हो.. बोसडी वाले ये मांगे थी ही नहीं तो ये चिट्ठी किसने लिखवाई तुझसे।
साले सत्ता का गू चाटना बंद कर।
जो वकील अपने चैंबर में जज बनाने के लिए कुख्यात है, वो भोंसड़ीवाला भी मर्यादा पर ज्ञान चोद रहा है। लाल जंघिए में आर्गुमेंट करने वाले लोग, जिनके इनकम टैक्स के पेपर दीमक चर जाते हैं, वो साले मोरेलिटी का हमें ज्ञान देंगे?
साले सही पैसे दूँ तो रिरियाता हुआ ‘जी सर’ बोल कर तू मुझे डिफेंड करने आ जाएगा।
पुनः कहूँगा, जिन हराम के पिल्लों को लगता है कि मेरी (या किसी भी व्यक्ति की) माँ-बहन किसी अनपढ़-गँवार-जातिवादी कीड़े के डिजिटल भोग की विषयवस्तु है, मैं उनकी पिछवाड़े में बाँस डाल कर खड़ा कर दूँगा।
मेरे लिए मेरे परिजनों का सम्मान सर्वोपरि है, और उस पर कोई कॉम्प्रोमाइज नहीं। चाहे वो भारत का प्रधानमंत्री हो या अमेरिका का राष्ट्रपति, मुझे झाँट भर फर्क नहीं पड़ता तुम्हारी पहचान क्या है।
मैं अपने प्रत्युत्तर में तीक्ष्ण, तीव्र और डिस्प्रपॉर्शनेट ही रहूँगा।