I was at Jantar Mantar today & believe me - fear has vanished. Cops without name tags being called out by kids & busted. ITBP, BSF being called in to tackle a small citizen’s peaceful gathering. Such disproportionate use of force. Modi Shah are in panic. It’s done Bro!
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने निर्वाचन विभाग के ऑफिस के बोर्ड पर स्प्रे करके विरोध प्रदर्शन किये , इस दौरान ज्ञानेश कुमार के खिलाफ़ ज़बरदस्त नारे लगाए ,
" देश का गद्दार , ज्ञानेश कुमार " ,
मैं अभी रीतिका चौपड़ा की एक बातचीत सुन रहा हूँ। रीतिक चौपड़ा कितना विनम्र रिपोर्टर हैं। अभी उन्हें यह एहसास ही नहीं कि उन्होंने क्या कर दिया है। वे अपनी इस इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट को बाकी इन्वेसटिगेटिव रिपाेर्ट की तरह ही मान रही हैं। यह उनकी विनम्रता और विशाल हृदयता है। यह उनके व्यक्तित्व को बहुत अलग बनाता है। इंडियन एक्सप्रेस की यह स्टोरी भारतीय पत्रकारिता की माइल स्टोन स्टोरी है। यह बिना किसी शक़ पुलित्ज़र अवार्ड स्तर की स्टेारी है। क्येांकि यह स्टोरी भारतीय लोकतंत्र के भीतर की उस सड़न को बाहर लाती है, जिसने संविधान को निरर्थक कर दिया है।
@RitikaChopra__
सूत्रो के हवाले से खबर है की कभी भी ज्ञानेश कुमार से इस्तीफ़ा दिलवाया जा सकता है ताकि इतिहास का सबसे बड़ा कांड दबाया जा सके, लेकिन ज्ञानेश कुमार को लाने वाले ये न भूले की अब मुद्दा सिर्फ़ ज्ञानेश कुमार का इस्तीफ़ा नहीं है, बल्कि उसके द्वारा किए गए सारे काले कारनामे को रद्द करना और फिर ज्ञानेश कुमार के ऊपर देशद्रोह के आरोप में जेल में डाल कर केस चलाना है।
अभिनव सर की लाइव क्लास में एक स्टूडेंट का कमेंट आया कि आप पढ़ाना छोड़ कर विधायक जाइये,
जवाब में अभिनव सर ने कहा कि,
"उत्तर प्रदेश में 400 से ज्यादा विधायक हैं, आप दस के भी नाम नहीं बता पाओगे,
लेकिन देश के लाखों टीचर में से 10 का नाम पूछा जाए तो उसमें मेरा नाम आ जाएगा।
विधायक बनते हैं कि साल में 5 करोड़ मिलेगा तो उसमें से कुछ बचा लेंगे, फॉरच्यूनर खरीद लेंगे,
मैं विधायक क्यों बनू ? फॉरच्यूनर खरीदने के लिए, मेरे पास 2017 में मर्सिडीज थी।
आपने किसी विधायक को देखा हैं जो मुख्यमंत्री से जाकर कभी कहा हो कि महाराज जी ये भर्ती निकाल दीजिए,
जबकि मैं तो जहां प्रदर्शन होता हैं वहां पहुंच जाता हूं , सरकार के खिलाफ बोल लेता हूं।"
ज्ञानेश कुमार सिर्फ़ मोहरा है, ये जायेगा तो कोई रमेश कुमार या सुरेश कुमार चुनाव में धांधली के लिये लाये जायेंगे. राजीव कुमार भी तो यही कर रहे थे.
जस्टिस सूर्यकांत इनके सब गलत काम पर कोर्ट की मुहर लगा ही देते हैं.
राहुल गांधी का इशारा असली गुनाहगार पर है.