🚨 राम मंदिर के मुद्दे पर डॉ. सुधांशु ने दरबारी आशुतोष की जमकर क्लास लगा दी!
राम मंदिर पर राजनीति के आरोपों से लेकर इतिहास, सुप्रीम कोर्ट, राम जन्मभूमि आंदोलन, कांग्रेस, सेक्युलर राजनीति और भगवान श्रीराम के दर्शन तक—एक-एक मुद्दे पर विस्तार से जवाब दिया।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति, चरित्र और सभ्यता का प्रतीक है। राम त्याग, मर्यादा और आदर्श के प्रतीक हैं, जबकि राम मंदिर पूरी मानवता के लिए श्रेष्ठ मानवीय मूल्यों का संदेश देता है।
राजनीति करने वालों पर भी तीखा सवाल उठाया गया कि जब हज सब्सिडी और अन्य धार्मिक मुद्दों पर आपत्ति नहीं थी, तो राम मंदिर पर ही सवाल क्यों?
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'सबरीमाला मंदिर में जब 19 किलो सोने की चोरी हुई और तिरुपति मंदिर के प्रसाद में मिलावट का मामला सामने आया, तब कांग्रेस को हिंदुओं की याद नहीं आई, अब वे रामभक्त बनने चले हैं' : अजय आलोक, प्रवक्ता बीजेपी
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बाबरी मस्जिद पर पी. वी. नरसिम्हा राव और मुलायम सिंह यादव के किस बयान का हवाला देकर सुधांशु त्रिवेदी ने विपक्ष पर निशाना साधा?
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एंकर:- क्या मैं आपका जय श्री राम या जय श्री कृष्णा से अभिवादन कर सकती हूं?
अखिलेश यादव :- नहीं जय भीम जय संविधान जय समाजवाद आप सिर्फ उनसे ही मेरा अभिवादन करिए
यानी इसे जय श्री राम जय श्री कृष्णा कहना सुनना बिल्कुल पसंद नहीं है
राम लला अवैध क़ब्ज़ेदार हैं हमने रामभक्तों पर गोलियाँ चलाई सीना ठोक के कहते हैं इसके लिए चाहे आप हमारे नेता को “मुल्ला मुलायम” कहो या “मौलाना मुलायम” हमें कोई फ़र्क़ नहीं - रामभक्त रामगोपाल जी 21 दिसंबर 1992
इस हिसाब से तो अखिलेश जी मुल्ला अखिलेश और मौलाना अखिलेश हुए ????
आज यह रामभक्त बनने का दिखावा करते हुए बाज़ार में घूम रहे हैं।
जब एक एंकर ने पूछा—
"क्या मैं आपका अभिवादन 'जय श्रीराम' या 'जय श्रीकृष्ण' कहकर कर सकती हूँ?"
तो जवाब मिला—
"नहीं, जय भीम, जय संविधान, जय समाजवाद... आप उन्हीं से मेरा अभिवादन करिए।"
अब सवाल यह है कि जब 'जय श्रीराम' और 'जय श्रीकृष्ण' सुनना ही स्वीकार नहीं, तो फिर चुनाव आते ही सनातन प्रेम का प्रदर्शन क्यों?
जनता सब देख रही है, शब्द भी और चरित्र भी।
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पत्रकार :- क्या मैं आपका जय श्री राम या जय श्री कृष्णा से अभिवादन कर सकती हूं?
अखिलेश :- नहीं जय समाजवाद जय संविधान जय भीम जैसे तमाम नारे रहे हैं आप सिर्फ उनसे ही मेरा अभिवादन करें।
अखिलेश यादव को "जय श्री राम" जय श्री कृष्णा" कहना सुनना बिल्कुल पसंद नहीं है?
पहले मंदिर का पैसा कब्रिस्तान पर खर्च होता था, तब आस्था कहां थी।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच जारी है, CM योगी ने सपा पर हमला बोलते हुए कहा,
'मंदिरों के पैसे को जब कब्रिस्तान की ओर बहाया जाता था तब आस्था ध्यान नहीं आई? अयोध्या को कोई आगे बढ़ने से रोक नहीं सकता, यह वह सरकार है जो विरासत और विकास दोनों का सम्मान करती है।'