राज्य-स्थापना की रजत-जयंती के ऐतिहासिक अवसर पर, वीर-प्रसवा देव-भूमि उत्तराखंड के सभी निवासियों को मैं हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई देती हूं। हमारे देश की गौरवशाली आध्यात्मिक-सांस्कृतिक यात्रा में उत्तराखंड के क्षेत्र का योगदान अतुलनीय रहा है। विगत 25 वर्षों के दौरान, राज्य के कर्मठ और विनम्र लोगों ने आधुनिक विकास के नए आयाम रचे हैं। मैं उत्तराखंड के सभी निवासियों के उज्ज्वल भविष्य की मंगल-कामना करती हूं।
डेमोग्राफिक चेंज केवल आम जनता के लिए होता है, स्थायी निवासियों को प्रभावित करता है।
राजनीतिक दलों के लिए तो वोटबैंक का काम करता है।
मुस्लिम वोटर बढ़ जाएंगे तो “सौगात-ए-मोदी” यहां भी बंट जाएगी उसमे इतना क्या शोर मचाना अब।
कविता: किसी ने नहीं देखा मुझे
किसी ने नहीं देखा मुझे
जब आँगन की मिट्टी को
सीमेंट का कवच पहनाया गया
मैं मिट्टी को समझाता रहा
मज़बूत नींव के लिए
ज़रूरी है उसका मरना,
मगर मैंने देखा
एक-एक कर
फूलों को भी मरते हुए।
उस दिन से
मधुमक्खियों ने छोड़ दिया
मेरे आँगन में उठना-बैठना
चिड़ियों ने भी मुँह फेर लिया मुझसे
बारिश और हवा भी
हँसती नहीं अब खुलकर।
अब आँगन में सिर्फ़ सन्नाटा
धूप सेंकने आता है
और इसे उनकी नियति बताता रहता है।
मैंने फूलों के साथ-साथ उस दिन
मधुमक्खियों, चिड़ियों की भी हत्या की;
मिट्टी, बारिश और हवा को तड़पाया।
किसी ने नहीं देखा मुझे
सिर्फ़ मेरे हाथों की सफ़ाई जानती है
मेरे गुनाह कितने बड़े हैं।
🖋️जेसिंता केरकेट्टा
मुझे पता है आप लोग कल से हंसे नहीं है
कोई नहीं धरना स्थगित होने तक आपके लिए टाइम पास वीडियो भेजता रहूंगा।फिलहाल यह देखिए
इस तरह के लोगों को रखने से ही संघ परिवार और बीजेपी पार्टी को नुकसान हो रहा है🤣😂
@PanwarBobby
आंदोलन को जिहाद से जोड़ने पर पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत बेहद नाराज़ हुए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंडियों को राष्ट्रभक्ति सीखने की ज़रूरत नहीं, यह हमारे डीएनए में है। बच्चों ने उत्कृष्ट मूवमेंट चलाया, जो अपने आप में इतिहास और प्रेरणादायक है।
#Uttarakhand
आंदोलन मे 90% छात्र भाजपा के वोटर हैं अब उन्हें नक्सली जिहादी बोल रहे है
पहाड़ियों का हिन्दू होने का सर्टिफिकेट्स भ्रष्ट बलात्कारी जनता पार्टी से नहीं चाहिए।
हिंदू धर्म बीजेपी से नहीं हैं
बीजेपी की राजनीति हिंदू से है
जहां हिन्दू वोट बैंक कम वहां मुस्लिम को अपना बाप बनाते
5वीं अनुसूची की शक्तियाँ ग्राम सभा को क्यों मजबूत बनाती हैं?
PESA Act 1996 की मान्यता : 5वीं अनुसूची लागू क्षेत्र में PESA Act (Panchayats Extension to Scheduled Areas Act), 1996 पूरी तरह लागू होता है।
PESA ग्राम सभा को यह अधिकार देता है.
1. भूमि, जल, जंगल (जल-जंगल-जमीन) पर पहला अधिकार रखती है।
2. खनिज संसाधनों पर नियंत्रण कर सकती है।
3. ग्राम विकास योजना बना सकती है और बजट तय कर सकती है।
4. शराब बिक्री, बाजार, ठेके, खनन आदि को अनुमति या रोक लगाने का अधिकार रखती है।
5. दोहरा फंडिंग सिस्टम: ग्राम सभा को राज्य सरकार + केंद्र सरकार दोनों से फंड मिलता है (Two-way funding).
6. राज्य के ऊपर ग्राम सभा: 5वीं अनुसूची में ग्राम सभा सर्वोच्च निकाय मानी जाती है — यानी राज्य सरकार भी उसकी मंजूरी के बिना कोई निर्णय नहीं ले सकती।
#चलो_हल्द्वानी 21 सितंबर 2025, दोपहर 12 बजे।
#WATCH | Delhi CM Rekha Gupta attends honour ceremony of teachers of three-term classes of Garhwali – Kumauni – Jaunsari languages. She also addressed a gathering on this occasion (07.09)
Himalay दिवस 2025
हिमालय केवल पारिस्थितिक तंत्र का अंग ही नहीं, बल्कि हमारी विरासत भी है। जिसकी रक्षा हम हिमालयवासी सदियों से करते आए हैं। हिमालय दिवस 2025 के अवसर पर आइए एक जागरूकता फैलाएं – "हिमालय सबका है, इसे दूषित होने से बचाएं।"
हिमालय की रक्षा, हमारी जिम्मेदारी।