🔸एक हिंदू को सुन्नी मुस्लिम में तिलक और भगवा गमछा पहनकर खड़े होने पर रोकता है, फिर उसके साथ मारपीट की जाती है। ✍️😳
🔸 Hindu को केवल तिलक, भगवा गमछे या उसकी हिंदू पहचान के कारण रोका गया या पीटा गया है, तो यह धार्मिक भेदभाव और कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न है।
🔸दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
🔸किसी भी नागरिक के साथ उसकी धार्मिक पहचान के आधार पर हिंसा स्वीकार्य नहीं है। 😳🚩
#HinduIdentity #ReligiousFreedom🚩
🚨 26/11 से 24 घंटे पहले...
IB के कंट्रोल रूम, दिल्ली में एक बातचीत रिकॉर्ड हुई। एक अधिकारी, जो कश्मीरी थीं, उनसे उसका अनुवाद करने को कहा गया। उस बातचीत में स्पष्ट रूप से बताया गया था कि मुंबई और भारत के पश्चिमी तट पर एक बड़ा आतंकवादी हमला होने वाला है।
⚠️ यह इंटेलिजेंस संबंधित एजेंसियों और राजनीतिक स्तर तक पहुंचाई गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद देश ने 26/11 जैसा भयावह आतंकवादी हमला देखा। 300 से अधिक लोग घायल हुए और लगभग 160 लोगों ने अपनी जान गंवाई।
पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन अपनी पुस्तक में लिखते हैं कि उस समय भारतीय सेना, वायुसेना और खुफिया एजेंसियों ने सरकार को विकल्प दिए थे कि मुरीदके स्थित लश्कर-ए-तैयबा के मुख्यालय पर कार्रवाई की जा सकती है।
✈️ हमारे पास क्षमता थी। 🎯 हमारे पास इंटेलिजेंस थी। 🚀 हमारे पास मिसाइलें थीं।
लेकिन उस समय सरकार ने फैसला लिया—
"वी विल नॉट डू इट। वी वांट गुड रिलेशन्स, गुड नेबरली रिलेशन्स विद पाकिस्तान।"
इतिहास के इन सवालों पर आज भी बहस जारी है। 🤔 आखिर उस समय कार्रवाई क्यों नहीं हुई? 🇮🇳 क्या भारत को अलग रास्ता अपनाना चाहिए था?
#MumbaiAttacks #NationalSecurity #India #Terrorism
🚨 ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा आखिर इतना आसान क्यों है? 🤔
जेब से ₹100 चोरी हो जाए तो तुरंत FIR दर्ज हो सकती है। 💰
लेकिन अगर आपकी 100 एकड़ ज़मीन पर कोई कब्ज़ा कर ले, अवैध निर्माण खड़ा कर दे, तो अक्सर जवाब मिलता है — "कोर्ट जाइए।" ⚖️
यही सबसे बड़ी विडंबना है। 😐
जब तक अवैध कब्ज़े और अवैध निर्माण को गंभीर अपराध (Serious Crime) घोषित नहीं किया जाएगा, तब तक इस समस्या पर केवल बहस होती रहेगी, समाधान नहीं। 🚜
देश के कई हिस्सों में मंदिरों, गौशालाओं, सार्वजनिक भूमि और सरकारी ज़मीनों पर अवैध कब्ज़ों की शिकायतें लगातार सामने आती रहती हैं। सवाल यह है कि—
❓ चोरी पर तुरंत कार्रवाई, लेकिन भूमि कब्ज़े पर वर्षों की कानूनी लड़ाई क्यों?
❓ अवैध निर्माण करने वाला निडर क्यों और वैध मालिक परेशान क्यों?
❓ कानून का डर कब्ज़ेदार को होना चाहिए या पीड़ित को?
रामटेक सहित अनेक स्थानों पर भूमि अतिक्रमण को लेकर लोगों की चिंताएँ सामने आती रही हैं। यदि अवैध कब्ज़ों पर त्वरित और कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तो यह समस्या और बढ़ेगी। 🚨
📢 ज़रूरत है ऐसे कानूनों की जो अवैध कब्ज़े और अवैध निर्माण को गंभीर अपराध मानें, त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें और वास्तविक मालिक को न्याय दिलाएँ।
व्यंग्य यही है कि— 👉 ₹100 की चोरी पर सिस्टम दौड़ पड़ता है, 👉 लेकिन करोड़ों की ज़मीन पर कब्ज़े के मामले में अक्सर कहा जाता है, "तारीख़ पर तारीख़ लीजिए!" 📅😏
वरिष्ठ अधिवक्ता सुप्रीम कोर्ट आदरणीय श्री @AshwiniUpadhyay जी 🙏🚩🇮🇳
#LandRights #IllegalEncroachment #RuleOfLaw #PropertyRights #JusticeForOwners ⚖️🇮🇳
🔥 तबलीगी जमात की स्थापना किस उद्देश्य से हुई थी? 🤔
कहा जाता है कि पूरी दुनिया को Islamic बनाने की सोच के साथ इसकी शुरुआत हुई।
🔥 PFI, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, वक्फ बोर्ड, देवबंदी, बरेलवी — ये सब तो केवल पत्ते और टहनियाँ हैं।
Afghanistan में हिंदुओं के लगभग समाप्त हो जाने की चर्चा हो, Pakistan में हिंदू आबादी के लगातार घटने की बात हो, Bangladesh में हिंदुओं पर हो रही हिंसा की घटनाएँ हों, या फिर कश्मीर के दर्दनाक पलायन और नरसंहार का विषय — कई लोग इन घटनाओं में जमातियों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाते रहे हैं।
⚠️ सवाल यह है कि आखिर तबलीगी जमात है क्या?
इसकी जड़ कहाँ है? 🤔
एक ऐसा संगठन, जिस पर भारत में न तो कभी व्यापक सार्वजनिक चर्चा हुई और न ही इसकी गतिविधियों पर उतनी बहस हुई, जितनी अन्य संगठनों पर होती है।
❓क्या कारण है कि इस संगठन को लेकर हमेशा एक तरह की चुप्पी दिखाई देती है?
❓क्या इसके इतिहास, विचारधारा और प्रभाव पर खुली बहस नहीं होनी चाहिए?
सोचिए... जिस संगठन का नाम इतने बड़े-बड़े विवादों और आरोपों के साथ बार-बार जुड़ता रहा हो, उस पर चर्चा तक न होना क्या अपने आप में एक बड़ा प्रश्न नहीं है? 🤨
सुप्रीम कोर्ट वरिष्ठ अधिवक्ता आदरणीय @AshwiniUpadhyay जी 🙏🇮🇳🚩
#तबलीगी_जमात #विचार_विमर्श #इतिहास #भारत #सवाल_जरूरी_हैं #चर्चा_होनी_चाहिए 🚩
सोनभद्र, यूपी में Land Jihad
जमीन आदिवासियों की और कब्जा 👉 जालीदार टोपी का 😢😢
इस कारनामे का Master Mind है 👉 "बहादुर अली"
पहले आदिवासी महिला से रेप
फिर डरा धमकाकर जबरन शादी.....।
शादी के बाद जमीन पर कब्जा ...! 🔥
खतौनी की जड़ में जाईये, इन जिहादियों का सारा खेल समझ में आ जायेगा ।
जिला सोनभद में ऐसे सैकड़ों मामले हैं, जहां बहादुर अली ने आदिवासियों महिलाओं को डरा धमाकर, सरकारी अधिकारियों को घूस खिलाकर मुसलमानों ने जमीन पर कब्जा कर लिया।
यह मलेच्छ जिहादी कितनी आसानी से महिलाओं को अपना शिकार बनाकर जमीन कब्जा रहे हैं।
@MYogiadithyanath जी
💔💔 ज़रा इस असहाय हिन्दू बेटी की आंखों में झांकिए...
Pakistan में Gang-Rape जैसी भयावह हिंसा की शिकार हुई है।
उसकी कांपती हुई आवाज़, चेहरे पर पसरा भय और असहनीय दर्द उस भयावह त्रासदी की गवाही दे रहे हैं, जिसे कोई भी इंसान सहने की कल्पना तक नहीं कर सकता। 😢
Pakistan और Bangladesh में Hindu Girls के अपहरण, यौन हिंसा, जबरन धर्मांतरण और जबरन विवाह की खबरें वर्षों से सामने आती रही हैं। अनेक हिन्दू परिवार अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर लगातार भय में जी रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब अल्पसंख्यक हिन्दू समुदाय की बेटियां इस तरह पीड़ित होती हैं, तब Human Rights के वैश्विक प्रहरी और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं खामोश क्यों दिखाई देती हैं?
मानवाधिकार धर्म, राष्ट्र या राजनीतिक सुविधा के आधार पर नहीं बदलने चाहिए।
United Nations और वैश्विक संस्थाओं की चुप्पी कई गंभीर प्रश्न खड़े करती है। आखिर इन पीड़ित बेटियों को न्याय कब मिलेगा?
दुनिया को Hindu Minorities की पीड़ा पर भी उतनी ही मजबूती से आवाज़ उठानी चाहिए, जितनी किसी अन्य पीड़ित समुदाय के लिए उठाई जाती है।
Silence only emboldens injustice. 💔
#HinduLivesMatter #Pakistan #Bangladesh #HumanRights #JusticeForVictims
@HMOIndia@PMOIndia #JusticeForVictims
🚩 बंगाल सरकार ने मान्यता प्राप्त मदरसों में 21 मई से वन्देमातरम् गाना अनिवार्य कर दिया है।
बवाल होना ही था, और विरोध भी शुरू हो गया। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने इसका विरोध करते हुए कहा कि इस्लाम के कुछ सिद्धांत इसकी अनुमति नहीं देते।
प्रश्न यह है कि कोई भी मत, पंथ या मजहब हमारे राष्ट्र और राष्ट्रगीत से ऊपर कैसे हो सकता है? 🇮🇳
वन्देमातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि इस मातृभूमि के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की अभिव्यक्ति है। जो लोग हर अधिकार का लाभ इस देश से लेते हैं, उन्हें कम से कम देश के सम्मान के प्रतीकों पर आपत्ति करने से पहले आत्ममंथन अवश्य करना चाहिए।
🇮🇳 वन्देमातरम् एक प्रकार का लिटमस टेस्ट है — इससे पता चल जाता है कि प्राथमिकता राष्ट्र है, या राष्ट्र से ऊपर कुछ और।
बाकी, जो लोग "भारत माता की जय" और "वन्देमातरम्" में भी समस्या ढूँढ लेते हैं, वे समस्या गीत में नहीं, शायद अपनी सोच में तलाशें। 🤔
🔥 #Gyanvapi को मस्जिद कहना सच से आँखें मूँदना है। जो दिख रहा है, उसे झुठलाया नहीं जा सकता! 🚩 Yogi Ji 🚩
ज्ञानवापी हिंदू मंदिर ही है, इसका परिवेश साक्षात 'विश्वनाथ' ही हैं।
यहां की हर गली, हर पत्थर, और हर मूर्ति में भक्ति और श्रद्धा की गूंज सुनाई देती है। काशी विश्वनाथ की रक्षा और सम्मान करना हमारी ही जिम्मेदारी है। ज्ञानवापी परिशर देख कर जिसका खून ना खौले वह हिंदू नहीं दोगला है।😡
वाराणसी जिला कोर्ट का फैसला संविधान की भावना और सनातन धर्म संस्कृति के नितांत विरुद्ध है।
हिंदू पक्षकार जल्द हाई कोर्ट का रुख करेगा_
फैसला हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट करेगा _ हिंदुओं के वकील ✍️
#Gyanvapi #GyanvapiMandir 🚩
@Vishnu_Jain1@myogiadityanath
#कोकरोच_जनता_पार्टी 😂
जैसा नाम, वैसा काम 🤣
कल दिल्ली में कुछ पढे लिखे जाहिलों का झूंड इकट्ठा हुआ, जो बोल रहे थे,,
"हम क्रांति लायेंगे, हम बदलाव लायेंगे"
उस झुंड का मालिक दिल्ली का तापमान सहन नही कर पाये,,
बेचारे भाग खड़े हुए 🏃🏃
उस झूंड के प्रवक्ता पत्रकारों के सवालों के बोझ के नीचे दब गये ।
झूंड में शामिल हुए मूर्खों के पत्रकारों को दिये गये जवाब सुनिये,,
1️⃣ कॉकरौच 👉 यह खुद का संविधान लिखकर लाये हैं ।
😀😀
2️⃣ कॉकरौच 👉 बैलट पेपर से चुनाव कराओ । 😀😀
3️⃣ कॉकरौच 👉 इजराइल और अमेरिका में जंग चल रही है, इसलिए हम दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे हैं। 😀😀
4️⃣ कॉकरौच 👉 शिक्षा माफिया खांन सर (फैसल खांन) को शिक्षामंत्री बनाओ । 😀😀
5️⃣ कॉकरौच 👉 अमित प्रधान जी इस्तीफा दो । 😃😃
6️⃣ कॉकरौच 👉 उम्र खालिद हमारा नेता है, उसे रिहा करो । 😀😀
😇 एक से बढ़कर एक नमूना भरे पड़े हैं।
यह देश चुनौतियों से नहीं चूतियों से परेशान है ।
😅🤣😅
🚩 पहले राम मंदिर को बदनाम करो, फिर कहो "सबूत नहीं है"!
करोड़ों रामभक्तों की आस्था पर राजनीति करने वालों का असली चेहरा सामने है। बिना प्रमाण आरोप लगाना और फिर बैकफुट पर आ जाना, यही अवसरवादी राजनीति की पहचान है।
रामभक्त सब देख रहे हैं। 🙏
जय श्री राम 🙏
#JaiShriRam#RamMandir
BHU बना… तो उसके “कम्पटीशन” में AMU भी बना 🤔
नाम देखिए
📍 बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU)
📍 अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU)
एक हिंदू, एक मुस्लिम
दोनों यूनिवर्सिटी, नाम भी धर्म आधारित।
पर फर्क कहाँ आ गया?
👉 BHU सबके लिए है
👉 AMU “अल्पसंख्यक विश्वविद्यालय” है
अब ज़रा जोर से बोलिए
❓ अल्पसंख्यक कौन है?
संविधान में कहीं साफ़-साफ़ लिखा है क्या?
कोई कॉलम, कोई परिभाषा, कोई निश्चित मापदंड?
❌ नहीं।
फिर भी AMU माइनॉरिटी यूनिवर्सिटी है और BHU न माइनॉरिटी है, न मेजॉरिटी। बस — सबका साथ, सबका विकास।
अब ज़रा इतिहास की दूसरी लाइन पकड़ते हैं 📜
🗓️ 1925 — बना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS)
🗓️ 1926 — ठीक एक साल बाद बना एक और संगठन… 👉 तबलीगी जमात
अब गूगल कर लीजिए
🌍 दुनिया के कितने देशों ने तबलीगी जमात पर प्रतिबंध लगाया है?
👉 9 देश
किन-किन में?
किर्गिज़स्तान, अज़रबैजान, अरब के कुछ देश…
और हैरानी की बात यह कि जिस संगठन का
📌 मुख्यालय भारत में है
📌 सुप्रीम कोर्ट से ~3 किमी
📌 संसद से ~4 किमी
📌 निज़ामुद्दीन में
उसके बारे में
❌ न Gen-X जानती है
❌ न Gen-Y
❌ न Gen-Z
❌ न बुज़ुर्ग
❌ न आम जनता
कोविड नहीं आता, तो शायद
👉 यह नाम भी सामने नहीं आता 😷
अब ज़रा और सीधे सवाल ❓
🩸 भारत-पाक विभाजन में
सबसे बड़ी भूमिका किसकी थी?
🩸 बांग्लादेश में हिंदुओं के नरसंहार में?
🩸 अफ़ग़ानिस्तान में हिंदुओं के सफ़ाए में?
और फिर पूछिए
🌍 दुनिया की सबसे बड़ी जमात कौन-सी है?
👉 जवाब वही है।
फिर सवाल यह भी
❓ जब 9 देशों ने बैन किया
तो भारत में
✔️ न बैन
✔️ न संसद में चर्चा
✔️ न राष्ट्रीय बहस
तो हम
👉 वाकई सुरक्षित हैं?
या
👉 बस चुप हैं?
📊 1931 की जनगणना याद कीजिए
अंग्रेज़ों ने 1881 से हर 10 साल में कराई।
1931 में
📍 सिंध में हिंदू ~70%
📍 लरकाना सहित कई इलाकों में 65–70%
तो ज़रा सोचिए
❓ क्या उन्होंने कभी सोचा होगा कि 15 साल बाद क्या होगा?
जवाब ज़ोर से बोलिए
👉 नहीं।
🔚 निष्कर्ष
ये सवाल
❌ न नफ़रत के हैं
❌ न डर फैलाने के
ये सवाल हैं
👉 इतिहास की अनदेखी
👉 नीति की असमानता
👉 संविधान की व्याख्या
👉 और चुप्पी की कीमत
सवाल पूछना ग़लत नहीं है।
ग़लत है — सवालों से भागना।
🗣️ सोचिए। पूछिए। समझिए।
सुप्रीम कोर्ट वरिष्ठ अधिवक्ता आदरणीय @AshwiniUpadhyay जी
@ARanganathan72@HMOIndia
📌 बीजेपी इंडिया ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट डाली, जिसमें जॉर्ज सोरोस बिहार चुनाव के बाद RaGa को लात मारता दिख रहा है। अब सवाल उठता है
आखिर ये George Soros है कौन? 🤔
देखो, ऑफिशियली अगर देखोगे तो ये एक philanthropist और social worker कहलाते हैं।
लेकिन कई लोगों की नज़र में इसकी असली पहचान एक निवेशक (Investor) और प्रभावशाली वैश्विक खिलाड़ी की है। 🌍💰
खुद सोरोस ने एक समय कहा था कि वह बचपन से खुद को "भगवान जैसी शक्ति" रखने वाला व्यक्ति समझते थे। उनका मानना था कि अगर इस भावना पर नियंत्रण न किया जाए तो यह खतरनाक हो सकती है।
इन्होंने अपनी संस्था Open Society Foundations में अरबों डॉलर लगाए हैं। इसका घोषित उद्देश्य है — खुला समाज, नस्लवाद का विरोध, मानवाधिकारों की रक्षा और सीमाओं से परे वैश्विक सहयोग। 🌐
सुनने में यह सब बहुत आकर्षक लगता है, लेकिन आलोचकों का आरोप है कि इसके पीछे वैश्विक प्रभाव और शक्ति बनाए रखने की राजनीति भी छिपी हो सकती है। उनका तर्क है कि बड़ी कंपनियों और वैश्विक हितों को ऐसे राजनीतिक माहौल की जरूरत होती है जहाँ व्यापार पर कठोर नियंत्रण न हो।
⚡ 1992 में ब्रिटिश पाउंड पर सोरोस के बड़े दांव को आज भी याद किया जाता है। इस घटना के बाद उन्हें "The Man Who Broke the Bank of England" कहा गया। समर्थक इसे वित्तीय कौशल बताते हैं, जबकि आलोचक इसे आम लोगों की कीमत पर कमाया गया मुनाफा मानते हैं।
इसी तरह Black Lives Matter, Palestine जैसे कई वैश्विक मुद्दों पर भी सोरोस और उनकी फाउंडेशन को लेकर अलग-अलग मत रहे हैं। कोई उन्हें लोकतंत्र और अधिकारों का समर्थक मानता है, तो कोई उन्हें वैश्विक राजनीति का प्रभावशाली खिलाड़ी। 🎭
और यहीं से भारतीय राजनीति में भी बहस शुरू होती है। कुछ लोग मानते हैं कि नरेंद्र मोदी जैसे मजबूत और लोकप्रिय नेता वैश्विक शक्ति-तंत्र के लिए चुनौती हैं, जबकि दूसरे लोग इस दावे को राजनीतिक नैरेटिव मानते हैं।
🔥 कुल मिलाकर, जॉर्ज सोरोस एक ऐसा नाम है जिसके समर्थक उन्हें लोकतंत्र का रक्षक बताते हैं, और आलोचक उन्हें वैश्विक राजनीति का सबसे प्रभावशाली खिलाड़ी। सच क्या है, यह काफी हद तक आपकी राजनीतिक और वैचारिक दृष्टि पर निर्भर करता है।
#GeorgeSoros #BiharElection #RJD #Politics #OpenSocietyFoundation #NarendraModi #PoliticalDebate 🇮🇳
📌 अल्पसंख्यक (Minority) की परिभाषा क्या है?
क्या अल्पसंख्यक वह समुदाय है जिसकी संख्या नगण्य हो, जिसकी राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक हैसियत सीमित हो, और जो किसी क्षेत्र में 1% या उससे भी कम आबादी रखता हो?
📢 प्रश्न केवल संख्या का नहीं, बल्कि परिभाषा और संवैधानिक व्यवस्था का भी है।
भारत में अल्पसंख्यक का प्रश्न राष्ट्रीय और राज्य—दोनों स्तरों पर अलग-अलग संदर्भों में देखा जाता है।
नागालैंड, मिजोरम, मेघालय और जम्मू-कश्मीर जैसे कई राज्यों में हिंदुओं की आबादी अपेक्षाकृत बहुत कम है, जबकि अन्य समुदाय स्पष्ट बहुमत में हैं। ऐसे में स्वाभाविक प्रश्न उठता है कि वहां बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक की पहचान किस आधार पर तय की जानी चाहिए?
⚖️ क्या किसी राज्य में 90%, 95% या 98% आबादी वाला समुदाय भी "अल्पसंख्यक" कहलाए, जबकि 1% से 8% तक सिमटा समुदाय "बहुसंख्यक" माना जाए?
यही वह संवैधानिक और कानूनी प्रश्न है, जिस पर लंबे समय से बहस जारी है।
🙏 इस विषय को लगातार उठाने वाले सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता Ashwini Upadhyay जी का प्रश्न विचारणीय है।
#Minority #Majority #Constitution #Equality #India 🇮🇳⚖️
🚩 हिंदुओं को यह बात ध्यान से सुननी चाहिए, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए।
जिसने भी प्रभु श्री राम, राम मंदिर या सनातन धर्म की आस्था को ललकारने का प्रयास किया, समय ने उसे अपना उत्तर अवश्य दिया। कोई इसे संयोग कह सकता है, लेकिन करोड़ों श्रद्धालुओं की दृष्टि में यह श्रीराम के न्याय का स्वरूप है। 🙏
🔸 कांग्रेस
राहुल गांधी ने मंदिरों की मूर्तियों को शक्तिहीन बताया था।
जयराम रमेश ने मंदिरों की तुलना शौचालयों से की थी।
लेकिन आज स्थिति क्या है?
2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस लगातार कमजोर होती गई। अधिकांश राज्यों में उसका जनाधार सिमट चुका है।
जिन मूर्तियों को शक्तिहीन कहा गया, वही आस्था आज भी करोड़ों लोगों को शक्ति दे रही है। 🚩
🔸 अरविंद केजरीवाल
राम मंदिर के मुद्दे पर विरोध और राजनीतिक बयानबाज़ी के बाद 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया।
आज उनकी राजनीति सीमित होती दिखाई देती है।
🔸 उदयनिधि स्टालिन और DMK
उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया से की थी।
लेकिन सनातन आज भी अडिग है, जबकि राजनीति में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं।
आस्था को मिटाने की बातें करने वाले स्वयं समय की कसौटी पर टिक नहीं पाते। 🚩
🔸 ममता बनर्जी और TMC
वर्षों तक "जय श्री राम" के नारों को लेकर राजनीतिक विवाद होते रहे।
रामभक्तों के विरोध और टकराव की घटनाएँ चर्चा में रहीं।
समय बदला, राजनीति बदली और जनता ने भी अपना फैसला सुना दिया।
🔸 लालू यादव और RJD
1990 में रथ यात्रा रोकने और कारसेवा में बाधा डालने के प्रसंग आज भी लोगों को याद हैं।
समर्थकों का मानना है कि रामभक्तों की भावनाओं की अनदेखी का राजनीतिक मूल्य समय-समय पर चुकाना पड़ा।
📌 संदेश स्पष्ट है —
इतिहास गवाह है कि जो भी करोड़ों लोगों की आस्था का अपमान करता है, जनता अंततः उसे जवाब देती है।
🚩 दुनिया चले न श्रीराम के बिना...
🙏 "जो राम का नहीं, वो किसी काम का नहीं।" 🙏
🚩🚩 जय श्री राम 🚩🚩
सुप्रीम कोर्ट ने उस PIL को खारिज कर दिया, जिसमें यह मांग की गई थी कि भारत के Minorities स्कूलों में भी Right to Education Act (RTE) लागू किया जाए। ⚖️📚
यह PIL एक NGO द्वारा दायर की गई थी, जिस पर Supreme Court ने ₹1 लाख की पेनल्टी भी लगाई है। 💰
माननीय न्यायमूर्ति नागरत्ना और न्यायमूर्ति महादेवन की पीठ के समक्ष आया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह 2014 में प्रमाती एजुकेशनल एंड कल्चरल ट्रस्ट मामले में यह फैसला दे चुका है कि माइनॉरिटी स्कूलों पर RTE एक्ट लागू नहीं होगा।
🙏 नम्रतापूर्वक माननीय सुप्रीम कोर्ट से कुछ प्रश्न हैं —
❓ Minorities की परिभाषा कहाँ है?
❓ किस कानून के अंतर्गत माइनॉरिटी को परिभाषित किया गया है?
📘 National Minority Commission Act में भी माइनॉरिटी की कोई स्पष्ट परिभाषा नहीं है।
📄 माइनॉरिटी एजुकेशन से संबंधित 2004 के प्रावधानों में भी माइनॉरिटी की परिभाषा नहीं दी गई है।
आज तक माइनॉरिटी की पहचान करने के लिए —
❌ कोई आयोग नहीं बनाया गया
❌ कोई विशेषज्ञ समिति नहीं बनी
यह भी आज तक तय नहीं हुआ कि —
❓ माइनॉरिटी 1% होगी, 2% होगी या 3%
❓ पहचान राज्य स्तर पर होगी या राष्ट्रीय स्तर पर
❓ जिला स्तर पर पहचान होगी या नहीं
❓ माइनॉरिटी की यूनिट 100 होगी, 1000 होगी, लाख होगी या करोड़ होगी
📜 भारत के संविधान में माइनॉरिटी की कोई परिभाषा नहीं है।
⚖️ भारत के किसी भी कानून में माइनॉरिटी की स्पष्ट परिभाषा नहीं है।
इसके बावजूद —
✔️ माइनॉरिटी कमीशन चल रहा है
✔️ माइनॉरिटी अफ़र्मेटिव एक्शन चल रहा है
✔️ माइनॉरिटी के नाम पर लोन दिए जा रहे हैं
✔️ माइनॉरिटी के नाम पर छात्रवृत्तियाँ हैं
✔️ माइनॉरिटी के नाम पर स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटियाँ चल रही हैं
✔️ माइनॉरिटी के नाम पर वक़्फ़ बोर्ड चल रहा है
✔️ माइनॉरिटी के नाम पर वक़्फ़ ट्रिब्यूनल चल रहा है
लेकिन —
❌ न संविधान में माइनॉरिटी परिभाषित है
❌ न किसी कानून में माइनॉरिटी परिभाषित है
और दुख की बात यह है कि
माननीय सुप्रीम कोर्ट भी इस विषय को परिभाषित नहीं करना चाहता,
इस पर आना नहीं चाहता,
और इस पर चर्चा करना नहीं चाहता।
⚖️📜
सुप्रीम कोर्ट वरिष्ठ अधिवक्ता आदरणीय @AshwiniUpadhyay जी
#MinorityDefinition #EqualLaw #RTE
#Constitution
@HMOIndia@PMOIndia
🎭 विकास का नया फ़ॉर्मूला शायद यही है...
उद्घाटन छोटा हो या बड़ा, लेकिन चार्टर्ड प्लेन बड़ा होना चाहिए! ✈️
चीफ गेस्ट दिल्ली से आएंगे, गाड़ियों का लंबा काफिला चलेगा 🚔
सैकड़ों पुलिसकर्मी तैनात होंगे, करोड़ों का स्टेज सजेगा 🎪 और होर्डिंग्स ऐसे लगेंगे मानो चुनाव कल ही हो। 📸
विज्ञापनों पर करोड़ों बहेंगे, लेकिन जनता पूछ रही है — अगर 2012 से 2024 के बीच प्रचार/विज्ञापन बजट में 4200% तक बढ़ोतरी हो सकती है, तो वृद्धा पेंशन क्यों अटकी हुई है? 🤔
अस्पतालों में MRI और CT Scan मशीनों की कमी है, कई बुनियादी सुविधाएँ अभी भी इंतज़ार में हैं। 🏥
देश को चमकदार पोस्टरों से ज़्यादा ज़रूरत है ईमानदार खर्च, जवाबदेही और ज़मीन पर दिखने वाले काम की। ✅
प्रचार से तस्वीर बनती है, लेकिन व्यवस्था से भविष्य बनता है। 🇮🇳
फादर भगवाधारी हो गये, चादर वाले तुम भगवाधारी बनकर गंगा स्नान करने कब जा रहे हो....?? 😅😅
धर्मांतरण कराने वाले फादर अब "हाईटेक" हो गये हैं । 🙄🙄
अब वह सफेद चौगा नहीं, माथे पर तिलक और भगवा पहन, सनातनी साधु संतों की भांति रहने लगे हैं ।
👉 अर्थात कालनेमी बन गये हैं ।
छत्तीसगढ़ का पहला मुख्यमंत्री "अजीत जोगी"
नाम से हिन्दू मत समझ लेना, 🤫🤫
वैचारिक और मानसिक रूप से कट्टर "ईसाई" ।
इसने पूरे छत्तीसगढ़ में चर्च और कॉन्वेंट स्कूल खुलवा दिये, प्रदेश के विकास से अधिक "धर्मांतरण " पर जोर दिया ।
अब धर्मांतरण करने वाले का नाम नहीं बदलते, बस उसको ईसाई पंथ के अनुसार जीवन शैली और Pray करना सिखाते हैं ।
बांग्लादेश में मदरसा टीचर ने एक नाबालिग मुस्लिम लड़की का रेप कर
"मजहब को मजबूत कर, दीन को बुलंद किया" 😇😇
पीड़िता की माँ मदरसे गई और उसने मौलवी साहब के थोबडे को चप्पल से गुलजार कर दिया 😅😅
बांग्लादेश और पाकिस्तान के टोपी वाले लोग सब एक जैसे ही हैं;
बस वे अलग-अलग जगहों पर रहते हैं, लेकिन लोग एक ही तरह के हैं...
इनका एक ही चेहरा है,
जाहिल, हबसी और घिनौना
अपनी बहन बेटियों को समझते हैं खिलौना।
𝐀𝐦𝐚𝐳𝐨𝐧 𝐈𝐧𝐬𝐮𝐥𝐭𝐬 𝐀𝐫𝐲𝐚𝐛𝐡𝐚𝐭𝐚 #Boycott_Amazon
जिस Aryabhata ने दुनिया को 'Zero' का अमूल्य ज्ञान दिया, उसी महान वैज्ञानिक का Amazon India अपने विज्ञापन में कथित रूप से उपहास कर रहा है।
✊ हम इस आपत्तिजनक विज्ञापन को तुरंत हटाने और सार्वजनिक माफ़ी की मांग करते हैं।