बेगूसराय में एक युवक का पैर टूटने पर प्लास्टर की जगह कार्टन बांध दिया गया।
- ये बिहार के 'डबल इंजन' सरकार की शर्मनाक तस्वीर है
लेकिन ये पहली घटना नहीं है।
बिहार में सरकारी अस्पतालों की हालत बद से बदतर है। कभी चूहे मरीजों की आंख और पैर कुतर देते हैं तो कभी बेड पर कुत्ते सोते हुए दिखाई पड़ते हैं।
ये न सिर्फ लापरवाही, बल्कि संवेदनहीनता की हद है। BJP सरकार ने बिहार के हेल्थ सिस्टम को गर्त में धकेल दिया है।
शर्म आनी चाहिए!
अपने बेटे को ICC की कुर्सी दिलवाई,
देश के बेटों पर लाठियाँ बरसवाई।
पैलेट गन और दमन से आवाज़ें नहीं दबेंगी,
8 अगस्त, प्रयागराज में छात्रों की गूँज फिर उठेगी।
न्याय का सवाल अब सत्ता से जवाब माँगेगा।
रिजर्वेशन को बढ़ाकर बिश्वगुरु बनने के सपने दिखाए जा रहे हैं, लेकिन ज़रा देश की स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत भी देख लीजिए।
बिहार के शिवहर की 20 वर्षीय रेखा कुमारी कान का इलाज कराने पटना के महावीर आरोग्य संस्थान गई थीं। परिवार का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद नर्स ने नस की बजाय आर्टरी में इंजेक्शन लगा दिया। रेखा ने दर्द और तकलीफ़ की शिकायत भी की, लेकिन कथित तौर पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। नतीजा इन्फेक्शन इतना बढ़ा कि उनका हाथ काटना पड़ा। नवंबर में होने वाली शादी भी टूट गई। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि FIR दर्ज कराने गए तो पुलिस ने मना कर दिया।
सोचिए, जिस देश में इलाज कराने जाओ और इलाज के बदले अपना हाथ गंवाकर लौटो, वहाँ सिर्फ़ नारे लगाने से क्या होगा? पहले अस्पतालों में जवाबदेही, डॉक्टरों-नर्सों की जिम्मेदारी और पीड़ितों को न्याय तो सुनिश्चित कीजिए। 100 में से 99 पाने वाले घर बैठेंगे और -40 लानेवाले इलाज करेंगे तो और क्या ही उम्मीद करेंगे हम सब ।
नारों से नहीं, व्यवस्था से देश महान बनता है।
E20 के खिलाफ़ 2 लाख 33 हज़ार से ज़्यादा लोगों की Signed Petition की Copy @ArvindKejriwal जी ने प्रधानमंत्री मोदी जी तक पहुँचा दी है। अब देश को प्रधानमंत्री मोदी जी के जवाब का इंतज़ार है।
#MarchAgainstForcedE20
क्या ये सच है सोमवार को ध्रुव राठी आने वाले जंतर
मंतर पर इसी के लिए सरकार ने आनन-फ़ानन में
धर्मेंद्र प्रधान का Resignation लिया??
#ExamReforms#BharatKeDost
मैनपुरी में जमीन पर अवैध कब्जे की नीयत से दबंगों ने सरेआम गोलियां चला दीं। मां-बेटे की जान बाल-बाल बची, गोली बिल्कुल पास से निकल गई।
वीडियो में साफ दिख रहा है कि किस तरह बेखौफ होकर तमंचे लहराए जा रहे हैं और खुलेआम गुंडागर्दी हो रही है।
मुख्यमंत्री जी, हाल ऐसे हैं उत्तर प्रदेश में और आप हर मंच से 'सब दुरुस्त है' का सुरीला राग अलापते रहते हैं।
कैसा जंगलराज कायम हो चुका है उत्तर प्रदेश में..
राजस्थान के सवाई माधोपुर के मलारना स्टेशन PHC से सामने आई यह तस्वीर कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
बताया जा रहा है कि प्रसव पीड़ा से जूझ रही कुंती देवी को परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन PHC के मुख्य गेट पर ताला लगा था। डॉक्टर, नर्स और ANM में से कोई भी मौजूद नहीं था। मजबूरन अस्पताल परिसर में खुले आसमान के नीचे महिला रिश्तेदारों की मदद से प्रसव कराना पड़ा। बाद में मां और नवजात को दूसरे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दोनों की जान बचाई जा सकी।
अगर ये तथ्य सही हैं, तो यह सिर्फ एक अस्पताल की लापरवाही नहीं, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल है। इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि ड्यूटी में लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
स्वास्थ्य सेवाएं हर नागरिक का अधिकार हैं, कोई सुविधा नहीं।
#Rajasthan
ये आयुष है, वही छात्र जिसके साथ सत्यम पंडित और उसके 5 गुंडों ने मारपीट की थी!
आयुष का कहना है-
"हम जब जा रहे थे, तब सत्यम पंडित ने हमे रोककर हमारा नाम, धर्म और समर्थन के बारे में पूछा!
उन्होंने हमें भद्दो-भद्दी गलियां दी, पीटा भी!
और कैमरे पर माफी मांगने का दबाव बनाया!
उनके पास हथियार भी था!
हम दिल्ली पुलिस या सुरक्षा बल की मदद भी नहीं ले सकते थे, क्योंकि वे हमारे खिलाफ है"
मजाल है पुलिस इन गुंडों को पकड़ कर उनका इलाज करे!
भूल तो नहीं गए मित्रों?
भाजपा आपके बच्चों को गंजेड़ी बनाना चाहती है, आपके बच्चों का ये मुस्तकबिल तय किया है भाजपा ने
शिक्षा, रोजगार, नौकरी देने में अक्षम भाजपा के पास युवाओं को देने के लिए सिर्फ गांजा है?
कौन कहता है की सोशल मीडिया में पावर नहीं होता।
अब जरा इस चिलगोजे को देख लो दिल्ली जंतर मंतर पर जा रहे 2 छात्रों को इसने पीटा था।
इसकी वीडियो वायरल हुई और लोगों ने इसे अरेस्ट करने के लिए सोशल मीडिया पर आवाज उठाई।
नतीजा आपके सामने है।औकात भूलकर दूसरों पर हाथ उठाने वालों का हस्र ऐसा ही होता है!
भाजपा का कार्यकर्ता हूं, किस बात का ट्रोल मांग रहे हो, ट्रोल तुम्हारे बाप का नहीं है, हमारी सरकार का है।
सरकार नया कानून बना देना चाहिए, जिसमें भाजपा समर्थकों का ट्रोल न लगे।
लखनऊ-कानपुर ग्रीनफील्ड एलिवेटेड एक्सप्रेसवे, जिसका उद्घाटन बड़े-बड़े दावों के साथ हुआ था, महज़ 12 दिनों में ही धंस गया!
जनता की गाढ़ी कमाई के करोड़ों रुपये गड्ढे में बह गए और 'जीरो टॉलरेंस' का ढोल पीटने वाली डबल इंजन सरकार का भ्रष्टाचार एक बार फिर उजागर हो गया।
सवाल यह है: यह कौन सा मॉडल है—इंजीनियरिंग का कमाल या 'कमीशनखोरी' की मिसाल?
सोशल मीडिया पर ये वीडियो वायरल हो रहा है और बताया जा रहा है की आंदोलन खत्म होने के बाद पुलिस हॉस्टलों में जाकर छात्रों को गिरफ्तार कर रही है!
आखिर क्या सच्चाई है इस वीडियो की क्या सरकार ने नहीं कहा था की छात्रों पर कोई कार्यवाही नहीं की जाएगी!
क्या सरकार फिर से छात्रों के साथ धोखा कर रही है?
जंतरमंतर प्रोटेस्ट खत्म होने के बाद युवा #GenZ ने सड़क पर फैलाया कचरा साफ किया और फिर घर गए।
अब गोदीमीडिया की बारी है जिन्होंने इनको आतंकी, विदेशी फंडिंग गैंग, देशविरोधी कहा अपना कचरा समेटकर इनसे माफी मांगे।