बॉलीवुड में पूरा सन्नाटा पसरा हुआ है!
टाइगर श्रॉफ पर हमला हुआ, लेकिन बॉलीवुड के किसी बड़े स्टार की तरफ़ से दो लाइन का ट्वीट तो छोड़िए, एक शब्द तक सुनाई नहीं दिया।
बाकी सबको छोड़िए, अपने बेटे के लिए भी पिता के मुख से कोई शब्द नहीं निकल रहे हैं!
जब कैमरे के सामने खड़े होकर डायलॉग मारने हों, पर्दे पर दुश्मनों को धूल चटानी हो, तब ये हीरो हैं। लेकिन जब असल ज़िंदगी में आवाज़ उठाने और साथ खड़े होने की बारी आती है, तो सबकी ज़ुबान पर ताले लग जाते हैं।
पर्दे के हीरो, असल ज़िंदगी में खामोशी के गुलाम!
एक गैंगस्टर जेल में बंद है, लेकिन उसका खौफ सड़कों से लेकर फिल्म इंडस्ट्री तक दिखाई दे रहा है! आखिर सिस्टम कर क्या रहा है?
सिद्धू मूसेवाला की हत्या से लेकर बाबा सिद्दीकी की हत्या तक…
सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड से लेकर गुरलाल पहलवान की हत्या तक…
एमी विर्क से जुड़ी फायरिंग की खबरें हों या कपिल शर्मा के रेस्टोरेंट पर गोलीबारी का मामला, या फिर टाइगर श्रॉफ को लेकर सामने आई फायरिंग की खबरें—इन घटनाओं और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े दावों ने देश की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जेल की सलाखों के पीछे बैठा एक गैंगस्टर आखिर बाहर इतनी दहशत कैसे कायम कर पा रहा है?
बताया जाता है कि लॉरेंस बिश्नोई लंबे समय से जेल में बंद है। इसके बावजूद उसके गिरोह पर हत्याओं, गोलीबारी, रंगदारी और धमकियों जैसी वारदातों में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं। उसके नेटवर्क के आकार को लेकर भी बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं।
अगर कोई अपराधी जेल में रहते हुए भी अपने नेटवर्क के जरिए बाहर वारदातें करवाने, कारोबारियों और फिल्मी हस्तियों को धमकाने तथा फिरौती मांगने में सक्षम है, तो यह सिर्फ एक गैंगस्टर की ताकत का सवाल नहीं है—यह हमारी कानून-व्यवस्था और जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल है।
आखिर जेल के भीतर से अपराध का नेटवर्क चल कैसे रहा है?
क्या जेलों में मोबाइल फोन और संचार के दूसरे माध्यमों पर प्रभावी निगरानी नहीं है? क्या गैंग के गुर्गों तक पहुंचने वाली सूचनाओं और पैसों के नेटवर्क को तोड़ने में एजेंसियां नाकाम हो रही हैं? और अगर सुरक्षा एजेंसियों को इन गतिविधियों की जानकारी है, तो उन्हें रोकने के लिए निर्णायक कार्रवाई क्यों नहीं हो पा रही?
गृह मंत्रालय, खुफिया एजेंसियां, RAW, CBI और संबंधित राज्य पुलिस—आखिर इन सभी की जवाबदेही कहां है?
टाइगर श्रॉफ जैसे अभिनेता को लेकर सामने आई फायरिंग की खबरें भी सवाल पैदा करती हैं। किसी व्यक्ति के बारे में सार्वजनिक रूप से दुश्मनी की जानकारी न होना यह साबित नहीं करता कि कोई विवाद था ही नहीं, लेकिन ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा बेहद जरूरी है।
सवाल किसी एक गैंगस्टर का नहीं, उस पूरे सिस्टम का है जो जेल में बंद अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने में सक्षम होना चाहिए।
आम नागरिक से लेकर कारोबारी और फिल्मी हस्तियों तक, अगर लोगों को गैंगस्टरों की धमकियों और गोलियों का डर सताता रहे, तो कानून के राज पर भरोसा कैसे कायम रहेगा?
देश को सिर्फ बड़े-बड़े दावों और प्रेस कॉन्फ्रेंस की जरूरत नहीं है। जरूरत है ठोस कार्रवाई की, गैंग के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की और उन अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की जो ऐसी गतिविधियों को रोकने में विफल रहते हैं।
आखिर सवाल वही है—जेल में बंद गैंगस्टर का नेटवर्क ज्यादा ताकतवर है या देश की कानून-व्यवस्था?
साला हर बात में इसका प्राइवेट पार्ट बीच में काहे आ जाता है
प्राइवेट पार्ट को घर में रख कर आओ सार्वजनिक रूप से लेकर घूमने की चीज थोड़ी है
और अगर खचाखच किया होता पुलिस वालों ने तो इतना आराम से फोन नहीं चल रही होती औरतें
हालांकि @nehafolksinger किसी जाती धर्म को नहीं मानती, लेकिन फिर भी एक राजपूत बेटी है, @ABPNews द्वारा इस लड़की का चरित्र हनन करने के बाद एक भी करणी सेना, बजरंग दल, VHP, RSS का दल्ला आया इस लड़की के समर्थन में ?
उन दल्लों को हिन्दू और सनातन से कोई मतलब नहीं है, उन्हें बस एक पार्टी को बचाना है, क्यूंकि उन्ही के टुकड़ों पर पलते हैँ ये कुत्ते
Neha तुम पीछे मत हटना, इस बार इस दलाल चैनल को सबक सीखना बहुत जरुरी है
@imnatasha09 आपलोग आपस की लड़ाई में मेरा नाम क्यूँ ले रहे हों यार
मान लिया की उस दिन मुझे प्रोटेक्शन इस्तेमाल कर लेना चाहिए था, ताकि @vats_kap जैसा नीच पैदा ही ना होता, अब हों गयी गलती