कविता है - मेरा भारत (व्यंग्य)
कुछ प्रणाम न्यायालय को
कुछ न्याय व्यवस्था को
बाकी जो कुछ बचा रह गया
वो काले कपड़े वालों को...
थोड़ा प्रणाम इन #TRP वालों को
थोड़ा इनकी चाटुकारी को
बाकी जो कुछ बचा रह गया
वो गाली-गलौज वालों को...
कुछ प्रणाम शिक्षा मंत्रालय को
कुछ शिक्षा मंत्री को
बाकी जो कुछ बचा रह गया
वो पेपर लीक (#paperleak) कराने वालों को
थोड़ा प्रणाम सरकारी दफ्तर को
थोड़ा सफेद कुर्ते वालों को
बाकी जो कुछ बचा रह गया
वो अय्याश मवाली और दलालों को...
है अंतिम प्रणाम इस भोली-भाली जनता को
जिसका सब कुछ ठगा गया
कोर्ट-कचहरी के चक्कर में
जिसका सब-कुछ चला गया.....
ना पहचान मिली,ना न्याय मिला
ना घर-द्वार मिला, ना व्यवसाय मिला.....
यह भारत है,
तो थोड़ा धिक्कार किसानों को
जिनको रोटी के बदले अत्याचार मिला...
और पूरा धिक्कार शहीदों को...
जिनको शहादत के बदले पहले पाकिस्तान मिला,
फिर भारत में भी,
हिन्दू और मुसलमान मिला.....
- by आदर्श सिंह
#India
#IndiaPakistanWar
#IndiaPakistanTensions
#IndianArmy
#MetGala2025
#MetGala2025xFREEN #LCDLFAllStars #helevier #BaeksangArtsAwards2025 #matura2025 #GranHermano2025 #ABPIndiaAt2047 #saveashram
The Cabinet Committee on Economic Affairs, chaired by Hon'ble Prime Minister Shri @NarendraModi Ji, has approved the widening of NH-63 (Armoor–Jagtial–Mancherial) and NH-563 (Jagtial–Karimnagar) to 4-lane standards, covering 190.76 km with an investment of ₹7,597.16 crore.
Aligned with PM GatiShakti, the project will decongest key corridors in Telangana, strengthen logistics efficiency and improve regional connectivity across economic, social and logistics nodes.
It will significantly reduce travel time, fuel consumption and operating costs while ensuring safer and faster movement of passengers and freight.
#CabinetDecision #GatiShakti #Telangana
बिहार में बेहतर कनेक्टिविटी और तेज़ आवागमन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण निर्णय।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने NH-31 और NH-231 के खगड़िया-पूर्णिया खंड के उन्नयन को मंजूरी दी है। इस परियोजना से क्षेत्र में लंबे समय से मौजूद यातायात बाधाओं की समस्या का समाधान होगा। साथ ही पूर्णिया के लिए प्रस्तावित Greenfield Bypass यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुगम और समयबद्ध बनाएगा।
बेहतर सड़क अवसंरचना के साथ क्षेत्रीय संपर्क मजबूत होगा, यात्रा समय में कमी आएगी और सामाजिक-आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी।
#CabinetDecisions
'PM को करेंगी रिपोर्ट' ऐसे लिखा जा रहा है जैसे @narendramodi को शिक्षा मंत्रालय से कोई अंतर पड़ता है! IIT प्रोफेसर से सर्वर ठीक करवाएँगे, एयर फोर्स से प्रश्नपत्र पहुँचाएँगे, पूर्व ISRO चीफ से मिलेंगे, CBSE चेयरमैन का ट्रांसफर हो गया आदि जब नहीं चला, तो अब नया चूरन है PM मोदी को करेंगी रिपोर्ट।
रहन दे भाई! देख लिए कितना रिपोर्ट तुमलोग मँगवा रहे हो। केवल छवि प्रबंधन चल रहा है। ऐसे कमिटी बनायी जा रही है, जैसे इन्हें साक्ष्य ही ना मिले हों कि 'ब्लैकलिस्टिंग' को नियम से हटाया गया; 6 लाख कर्मचारी वाले TCS की जगह 'स्कैन करने के पूर्व अनुभव' के कारण 200 कर्मचारी वाले Coempt को दिया गया; साईट तुम्हारी चल नहीं रही, हर दिन हैक कर लेता है 19 साल का बच्चा, लॉगिन फेल हो रहा है; कॉलेज की कंसलिंग आरम्भ है, बच्चों के मार्क्स नहीं फाइनल हुए...
और तुम्हें लगता है ये संसदीय कमिटी की बैठक में सार्थक को बुला कर, ये राधा चौहान को हेड बना कर, दो ट्रांसफर करवा कर तुम ये जनता को मूर्ख बना दोगे?
@Shubhamshuklamp जब शुक्ला जैसे बैल बुद्धि लोग आकलन करेंगे तब उनको डाटा गलत ही नजर आएगा ।
एक ही छात्र अलग अलग विषय अलग अलग जगह से पढ़ता है जिसको जो विषय जहां से समझ आता है एक ही छात्र 3-4 शिक्षकों से अलग अलग विषय पढ़ सकता है । लेकिन जब कभी दलाली से फुर्सत मिले तब समझ आये न ये बात ।
@kaankit लेकिन वही खान सर के शब्दों में- सरकार तो चोट्टी है।
इज्जत बचाने के लिए कर दिया तबादला फिर से लोग वहीं सिस्टम वही खेला वही।
जस्टिस वर्मा को आप लोग कैसे भूल जाते हैं ।
@aajtak@Aaryawarat@anjanaomkashyap चौतरफा भद्द पीटने के बाद कितनी सहजता से टाल मटोल करने का प्रयास किया जा रहा बात कहीं और से उठा कर फिर से वहीं पहुंच गई।
अरे निर्लज्ज औरत शब्द नहीं हैं कुछ कहने के लिए तुम्हारी निर्लज्जत पर ।
ये भी निर्लज्ज औरत है जिसने कभी सरकार से एक शब्द नहीं पूछा।
कुछ हो न हो, लेकिन टीचर्स और मीडिया की लड़ाई में जनता का भी थोड़ा फायदा हो जाएगा।
2-4 दिन मीडिया वाले जनता के हित की बात करेंगे।
बाकी उनका मुख्य कार्य तो सबको पता ही है।
@abhinaymaths धर्म और देशप्रेम हृदय में दिखाई देना चाहिए किसी पार्टी में नहीं जिन्हें यह किसी पार्टी में दिखाई देता है वो दलाल कहलाते है जैसे आप @anjanaomkashyap को ही देख लीजिए ।
तवायफें केवल जिस्म बेचती हैं लेकिन ये दलाल जमीर बेचते हैं ।
#anjanaomkashyap इस महिला का समर्थन करने वाले सभी लोगों में एक बात सामान्य है या तो उनकी ID में सनातनी लिखा है या #bjp या BJP का फलाना, ढमकाना लिखा है।
सच्चे देशभक्त धर्म और राष्ट्र दोनों को हृदय में देखते हैं किसी पार्टी में नहीं,जिनको यह पार्टी में दिखाई देता है न वो दलाल हैं।
ऑनलाइन के बाद अब Cockroach Janta Party का ऑफ़लाइन आंदोलन!
6 जून को कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक Abhijeet Dipke भारत लौट रहे हैं. दिल्ली के जंतर-मंतर पर करेंगे धरना प्रदर्शन.
X पर पोस्ट करते हुए अभिजीत दीपके ने लिखा कि -
'शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की मांग करने के लिए मैं भारत लौट रहा हूं.
मैं भारत के युवाओं से आग्रह करता हूँ कि वे जंतर-मंतर पर होने वाले इस शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन में शामिल हों और सरकार से जवाबदेही मांगने के अपने संवैधानिक अधिकार का प्रयोग करें.'
देखिए वीडियो -
@pizzahut Order #18787373 was accepted with a promised delivery time of 11:30–11:45AM.Later I was informed that due to store operational issues delivery may happen only after 7 PM. Gift card value already redeemed.Repeated follow-ups,no clear written resolution yet.Kindly assist.
@PizzaHutIN Order #18787373 was accepted with a promised delivery time of 11:30–11:45AM.Later I was informed that due to store operational issues delivery may happen only after 7PM. Gift card value already redeemed.Repeated follow-ups,no clear written resolution yet.Kindly assist
@kaankit लेकिन ये बात इन अंधभक्तों (देश के गद्दारों) को कैसे समझ आएगी ।
और रही बात गोदी मीडिया की तो मुझे आज भी वो दिन याद है जब संसद टी.वी पर शिक्षा पर चर्चा के दौरान मुझे बोला गया था कुछ भी ऐसा नहीं पूछना है जो सरकार से मतभेद रखता हो ।
उसी दिन से ये मीडिया कर्मी दलाल नजर आने लगे ।
एक आदर्श शिक्षा व्यवस्था वाले देश-समाज में कोचिंग या प्राइवेट ट्यूशन जैसी चीजों का अस्तित्व ही नहीं होना चाहिए। बिल्कुल सही बात है -नहीं होनी चाहिए।
भारत में भी नहीं होनी चाहिए।
लेकिन अब जरा उलटा सोचिए कि देश में कितना बड़ा कोचिंग उद्योग खड़ा हो चुका है। कुछ कोचिंग संस्थान तो यूनिकॉर्न तक बन चुके हैं।
अब इसी अनुपात में अंदाजा लगाइए कि भारत की शिक्षा व्यवस्था कितनी रसातल में जा चुकी है।
और शिक्षा व्यवस्था के इतने खराब हाल होने के पीछे कौन जिम्मेदार है? सरकार।
और सरकार से इस बात की जवाबदेही सुनिश्चित करने, सही सवाल पूछने का काम मीडिया जैसे बड़े तंत्र का भी है।
लेकिन क्या मीडिया संस्थान अपनी ईमानदारी से काम कर रहे हैं?
असल में मीडिया खुद भी भयानक पतन का शिकार हो चुका है। उसकी कोई विश्वसनीयता नहीं बची।
स्टार ऐंकर इस पूरे पतन की अगुवाई करते नजर आए।
पत्रकारिता में एक वैक्यूम बना।और इस वैक्यूम को अब डिजिटल बोर्ड पर कलम चलाता हुआ YouTube टीचर explainer वीडियो बनाकर भरने लगा है।
अभी जो इस विषय पर इतनी बहस चल रही इसके केंद्र में यही बात है।