एक नेता के बड़ा होने का प्रमाण उसी दिन मिल जाता है, जब लोग सिर्फ़ उसकी सीट का नतीजा नहीं, बल्कि उसे जीतते हुए देखने के लिए बेचैन हों।
फ़िलहाल प्रशांत किशोर जी के साथ भी यही हो रहा है। हर युवा उनमें अपनी उम्मीद देख रहा है और उनकी जीत को अपनी जीत मानकर प्रार्थना कर रहा है।
यह हिंदुस्तान की राजनीति में एक बड़ा बदलाव है।
PM @narendramodi जी के सामाजिक न्याय के मंत्री @RamdasAthawale ने सामान्य वर्ग के बच्चों को 'जाहिल' और 'मानसिक रोगी' कहा है! @RHAreforms ने केवल आरक्षण में सुधारों और इसकी समीक्षा की बात की है, और इसके लिए सरकार हमें 'देशद्रोही', 'जाहिल' और 'मानसिक रोगी' कह रही है।
(विडंबना देखिए कि अनपढ़ नेता उच्चतम कटऑफ वालो को जाहिल बोल रहा है!)