Taking inspiration from our PM ji and posting a selfie video, do let me know your thoughts about my thoughts he he , also aap sab ko Guru Poornima ki hardik shubhkamnaein 🪷🙏
देश में शायद पहला इस्तीफ़ा होगा जो बिना किसी भ्रष्टाचार के एक आरोप के हुआ होगा।
और ये बात पूरे NDA को पता है।
आज संसद पहुँचने पर धर्मेंद्र प्रधान के आस पास का माहौल यही बता रहा है।
प्रिय छात्र,
>ये आंदोलन वगैरह से कुछ नहीं होगा, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कुछ नहीं होगा, नया बिल आने से भी कुछ नहीं होगा।
>क्योंकि इस देश का सिस्टम सड़ा हुआ है, लोग मुर्दा हैं, नेता भ्रष्ट हैं, अधिकारी सुवर हैं।
>एक छोटी सी बात बताता हूं, अभी कुछ दिन पहले नोएडा में कर्मचारियों, मजदूरों ने कितना बड़ा आंदोलन किया, लाठी खायीं, केस झेले, मुकदमे खाए, कुछ मजदूरों का घर का बजट बिगड़ गया, लेकिन क्या हुआ?
>हरियाणा के बहादुरगढ़ फुटवियर पार्क में जितनी भी कंपनियां हैं वो दीपावाली आने के 4 महीने पहले से ही मजदूरों को निकालती हैं, ताकि बोनस का पैसा न देना पड़े।
>थोड़ा सा भी काम कम होता है तो तुरंत मजदूरों को निकाल दिया जाता है, काम आने पर नए मज़दूर भरे जाते हैं।
>अनस्किल्ड लेबर बोलकर स्किल्ड लेबर का काम लिया जाता है, जिसकी सैलरी 8 घंटे की 12000 रुपए है, औरते शाम को आते आते बुरी तरह थक जाती हैं, इतना काम लिया जाता है।
>किसको फर्क पड़ता है? कौन सी सरकार को फर्क पड़ता है? किस मंत्री को फर्क पड़ता है? कितनो का इस्तीफा मांगोगे, इस्तीफा मांगते मांगते जीवन समाप्त हो जाएगा, लेकिन भ्रष्टाचार खत्म नहीं होगा।
सब के सब चोर हैं साले।
>जो आंदोलन आज बीजेपी के खिलाफ चल रहा है, अगर यही आंदोलन किसी अन्य विपक्ष शासित राज्य में होता तो बिल्कुल सेम टू सेम रिजल्ट होता, कुछ भी फर्क नहीं होता।
>किसी को भी बच्चों की नहीं पड़ी, किसी को भी गरीबों की नहीं पड़ी, किसी को भी मजदूरों की नहीं पड़ी।
>पड़ी है तो खुद के बच्चों की, जितने भी विधायक हैं या सांसद हैं या मंत्री हैं, 95% के बच्चे विदेशों में या तो पढ़ रहे हैं या फिर सेटल हो चुके हैं।
>मैने जो लिखा ये सच्चाई है इस देश की, राजनीत का चश्मा हटाकर पढ़ना, असलियत सामने आ जाएगी।
>इसलिए जिन बच्चों के कुछ अरमान हो, माँ बाप सक्षम न हों, घर की अकेली जिम्मेदारी हो, वो बच्चे फर्जी आंदोलन से दूर रहें।
जय हिंद
AAP की कथनी और करनी का फर्क! 🎭🚨
दिल्ली में 'युवाओं के अधिकार' का ढोंग; पंजाब में अपना हक मांग रहे युवाओं पर बर्बर लाठीचार्ज!
एक तरफ सहानुभूति का नाटक, दूसरी तरफ डंडे — यही है AAP का असली चेहरा!