कार्यालय इमारत का नाम 'भगीरथ' है। साथ ही, इमारत के भीतर दीवारों पर जगह-जगह वेदों के संदर्भ दर्शाए गए हैं। केवल यह कहने से कुछ नहीं होता कि हिंदू संस्कृति कितनी श्रेष्ठ है; उस श्रेष्ठता को बनाए रखने के लिए आचरण से संदेश देना पड़ता है, और इस कंपनी ने यह समय-समय पर कर दिखाया है।
और विसर्जन—इन दोनों दिनों पर छुट्टी रहती है। पुणे के हिंजवड़ी स्थित कार्यालय के 4 टावरों के नाम ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद और अथर्ववेद हैं। नल स्टॉप के पास वाले कार्यालय के 2 टावरों के नाम प्राचीन भारतीय वैज्ञानिक पिंगल और आर्यभट्ट के नाम पर रखे गए हैं। सेनापति बापट रोड की
पूजा करके उन्होंने इस नए कार्यालय में प्रवेश किया। इस कंपनी में केवल भारतीय यानी हिंदू, और उसमें भी मुख्य रूप से मराठी त्योहारों पर ही छुट्टियां दी जाती हैं। यानी 1 जनवरी को नए साल की नहीं, बल्कि 'गुड़ी पड़वा' पर निश्चित रूप से छुट्टी होती है। क्रिसमस पर नहीं, लेकिन गणेश स्थापना
18 देशों में 53 कार्यालयों वाली इस कंपनी ने परसों एक और नए कार्यालय में 'गृह प्रवेश' किया। सॉफ्टवेयर कंपनी का नाम सुनते ही हमारी आँखों के सामने 'वेस्टर्न कल्चर' आ जाता है, लेकिन Persistent इसका अपवाद है। साथमें दी गई यह तस्वीर देखिए—भारतीय (हिंदू) परंपरा के अनुसार सत्यनारायण की
ये हैं भारत के सबसे अमीर व्यक्तियों में से एक, आनंद देशपांडे। हाल ही में उन्होंने एक अरब डॉलर (बिलियन डॉलर) से अधिक संपत्ति वाले लोगों की सूची में प्रवेश किया है। वह 'Persistent' नामक बहुराष्ट्रीय (मल्टीनेशनल) सॉफ्टवेयर कंपनी के संस्थापक हैं।
मेरी कविता में
एक सुगंध है—शाश्वत,
मेरी कला के हर सृजन में
एक पूर्णता,
जो समय से परे है।
शब्द बदलते रहें,
रंग ढलते रहें,
वक़्त अपनी राह बदलता रहे—
पर मेरी रचना में जो भाव ठहर गया,
वह कभी नहीं मिटेगा।
अनकहे एहसास का
नाम है—#माधव।
कल जब मेरी कलम
मौन होगी,
मेरे शब्द समय की धूल में
खो जाएँगे,
तब भी मेरी कविता के किसी
अक्षर में..
तुम्हारी धड़कन सुनाई देगी।
मैं मौन हो जाऊँगी,
शब्द भी ठहर जाएँगे,
पर मेरी कविता में तुम
यूँ ही महकते रहोगे—
जैसे चाँदनी में कोई अनकहा स्पर्श,
और हृदय में प्रेम की अंतिम धुन।
#माधव 🧡
🎶🇮🇳 लता मंगेशकर जी — संगीत की अमर आवाज़ ❤️
लता जी का जीवन केवल सफलता की कहानी नहीं, बल्कि वर्षों की साधना, अनुशासन और समर्पण की प्रेरणादायक यात्रा है।
उनकी मधुर आवाज़ ने देश की भावनाओं को स्वर दिया—कभी भक्ति में श्रद्धा बनकर, कभी विरह में संवेदना बनकर और कभी देशभक्ति में गर्व बनकर। 🇮🇳
उन्होंने संगीत को सिर्फ गाया नहीं, बल्कि उसे करोड़ों दिलों की भावनाओं का हिस्सा बना दिया।
लता जी आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका स्वर, उनकी कला और उनकी संगीत-साधना हमेशा अमर रहेगी। 🙏🎶❤️
#LataMangeshkar #LataJi #SwarKokila #IndianMusic #MusicLegend
स्व०भ्राताश्री-कोटिश: नमन . दायें, स्व० अर्धाग्नि- पितृपक्ष पर विशेष-इस साल पितृपक्ष 27 सितम्बर 2026 से शुरू होकर 10 अक्टूबर 2026 (सर्वपितृ अमावस्या) तक चलेगा।
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भारत के महान साधक: योगीश्वर श्री कालीपद गुहा रॉय "काली दा"
"काली दा" (1908–1992) कहा जाता था, एक असाधारण रहस्यमयी संत और आगे के साधक थे, जिन्होंने एक बहुत ही गुप्त, आध्यात्मिक रूप से गहरा जीवन जिया।
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