आज लखनऊ स्थित समाजवादी प्रदेश कार्यालय में शिवपाल सिंह यादव और बदायूं सांसद आदित्य यादव के नेतृत्व में पश्चिम उत्तर प्रदेश से कई बड़े नेता समाजवादी पार्टी में शामिल हुए हैं
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को शुक्रवार, 16 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
संगठन ने दावा किया कि नेहा को हिरासत में लेने के बाद किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया और उनके पास मोबाइल फोन भी नहीं है।
AISA ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि नेहा कहां हैं और पुलिस उनके ठिकाने की जानकारी दे। संगठन ने इस कार्रवाई को ‘हिरासत नहीं, बल्कि एक बार फिर अपहरण’ करार दिया है। आपको बता दें पुलिस एक स्त्री को शाम 7 बजे के बाद डिटेंड नहीं कर सकते है. दिल्ली पुलिस ने रात 11 बजे तक नेहा बोरा को नहीं छोड़ा है.
आधी रात को हिरासत में लेने पर भड़के सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव कहा- ये बेहद गंभीर मामला है कि डिटेन की गई नेहा बोरा कहाँ हैं, इसकी कहीं कोई ख़बर नहीं है। एक नारी को रात में डिटेन करके कहाँ ले जाया गया है, पुलिस इसका ख़ुलासा करे। राष्ट्रीय महिला आयोग तत्काल इस अति संवेदनशील प्रकरण का संज्ञान ले।नेहा बोरा को तुरंत रिहा किया जाए!
आपको बता दें, नेहा बोरा दिल्ली में प्रस्तावित ‘लेहरा दो तिरंगा’ विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रही थीं। इसी दौरान उन्हें मध्य दिल्ली के मंडी हाउस इलाके में हिरासत में लिया गया।
@yadavakhilesh@neha_aisa
ब्रेकिंग यूपी की राजधानी के करोड़पति कारोबारी शिवा शर्मा की हत्यारोपी मॉडल श्रद्धा दुबे का एक वीडियो सामने आया है। बुधवार रात जारी इस वीडियो में वह कह रही है- मैं कहीं भागी नहीं हूं। शिवा शर्मा की हत्या नहीं हुई, वह फ्लैट से कूदा था। वह एक सुसाइड था।
शहर के कप्तान विक्रम सिंह के नेतृत्व में 4 टीम खोजती रही और मोहतरमा नेपाल निकल गई.
श्रद्धा दुबे ने कहा- मेरी आप सभी से रिक्वेस्ट है। प्लीज मेरे नाम को ऐसे न उछालिए। आप लोगों ने मेरा नाम कई नेताओं और अफसरों से जोड़ा है। मेरा नाम हर किसी के साथ मत जोड़िए। हां, अगर वो मेरे इंस्टाग्राम से जुड़ा है, तो आप मेरे बारे में ऐसी अफवाह न फैलाइए।
वीडियो में श्रद्धा कह रही है- मैं किसी को नहीं जानती हूं। मैं कहीं गायब नहीं हूं। मैं पुलिस के सामने आकर बयान देना चाहती हूं। मैं उन्हें सब कुछ सच सच बताना चाहती हूं। प्लीज, मेरी रिक्वेस्ट है कि किसी लड़की के बारे में बोलने से पहले 10 बारे सोचिए।
शिवा शर्मा कांड से रिलेटेड जो सच है, उसकी कोई हत्या नहीं हुई थी। वो एक सुसाइड था। मेरी कंडीशन देखिए। मैं आप लोगों से बताने वाली थी, लेकिन मेरी कंडीशन देखिए। मैं फिजिकली फिट नहीं हूं। प्लीज निवेदन है कि मेरा नाम बड़े अधिकारी या नेता से न जोड़िए।
अंकिता भंडारी हत्याकांड केस में जिस VVIP पर शक था, उसे मोदी सरकार ने बनाया राज्यपाल, पिता बोले- हत्या में VVIP का था मेन रोल, दुष्यंत गौतम के ऊपर गवर्नर रहने तक नहीं चल सकेगा कोई केस.
दुष्यंत गौतम को सिक्किम का नया राज्यपाल बनाए जाने के बाद उत्तराखंड में विरोध शुरू हो गया है, और लोग पूछ रहे है जिसपर शक था उसे मोदी सरकार ने राज्यपाल क्यों बनाया ?
सौरव, आशुतोष और अजिंक्य को दिल्ली पुलिस ने रात 3 बजे किया गिरफ्तारी, 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा, CJP नेता कल जंतर-मंतर जाने पर हिरासत में लिए गए थे
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कॉकरोच जनता पार्टी के आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे को दिल्ली की स्पेशल कोर्ट (SEM) ने 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
इन्हें मंगलवार सुबह जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था। इसके बाद रात 3 बजे तीनों को एहतियातन गिरफ्तार किया गया।
आज सुबह तीनों की स्पेशल कोर्ट में पेशी हुई, जहां से उन्हें ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया। CJP की लीगल टीम की प्रमुख रत्ना सिंह ने X पर बताया कि तीनों पर बिना इजाजत जंतर-मंतर में घुसने, बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन करने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप हैं। उन्हें न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजे जाने की संभावना है।
तीनों को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर में बिना अनुमति प्रवेश करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। वहां बैरिकेडिंग और सभी गेट बंद होने के बावजूद प्रदर्शनकारी गेट के ऊपर से चढ़कर पहुंचे थे। इससे पहले 10 अक्टूबर को भी उन्हें हिरासत में लिया गया था।
BREAKING
मेरठ में प्रेमी के साथ मिलकर पति सौरभ राजपूत की हत्या करने वाली मुस्कान को फांसी की सजा सुनाई गई। उसके प्रेमी साहिल को भी जज अरविंद कुमार मिश्रा ने फांसी की सजा सुनाई। सजा सुनाने से पहले मुस्कान और साहिल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जोड़ा गया।
इससे पहले बुधवार सुबह 10.30 बजे भी जज अरविंद कुमार मिश्रा ने जेल में बंद मुस्कान और साहिल से वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए उनका पक्ष जाना।
जज ने मुस्कान से पूछा- तुम अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या में दोषी हो, क्या सजा चाहती हो? उसने जवाब दिया- मेरी बेटी छोटी है, उसका ख्याल रखा जाए। फिर वह खामोश हो गई। इसके बाद साहिल से यही सवाल पूछा गया, तो वह भी चुप रहा।
सौरभ राजपूत की हत्या 3 मार्च, 2025 को हुई थी। शव को 5 टुकड़ों में काटकर नीले ड्रम में भर दिया गया था। जुलाई, 2025 में जिला कोर्ट में ट्रायल शुरू हुआ था। 30 सितंबर को कोर्ट ने मुस्कान और साहिल को सौरभ की हत्या का दोषी ठहराया था।
सरकारी वकील केके चौबे ने कोर्ट से मुस्कान और साहिल के लिए फांसी की सजा देने की मांग की थी। वहीं, मुस्कान-साहिल की वकील रेखा जैन ने कहा था- मुस्कान की 2 बेटियां हैं। माता-पिता बुजुर्ग हैं। कम से कम सजा होनी चाहिए।
सपा से निष्कासित ‘थप्पड़बाज’ विधायक राकेश प्रताप सिंह समेत 2 विधायकों ने थामा BJP का दामन! 4 साल पहले थाने में भाजपा नेता को पीटा था, गाली-गलौज का वीडियो हुआ था वायरल!
समाजवादी पार्टी से निष्कासित तीन विधायक राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी भाजपा में शामिल हो गए। अमेठी में आयोजित सदस्यता ग्रहण समारोह में तीनों ने भाजपा के टोल फ्री नंबर डायल कर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ली। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी की मौजूदगी में तीनों विधायकों को पार्टी का पटका पहनाकर स्वागत किया।
तीनों विधायकों ने 2022 का विधानसभा चुनाव सपा के टिकट पर जीता था। हालांकि, फरवरी 2024 में राज्यसभा चुनाव के दौरान इन्होंने पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर भाजपा के प्रत्याशी के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की थी।जिसके बाद सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था.
उत्तर प्रदेश के 2023 के नगर निकाय चुनाव के दौरान बीजेपी प्रत्याशी पति से गाली गलौज के बाद राकेश प्रताप सिंह ने समर्थकों के साथ दीपक सिंह की पिटाई कर दी। वहां मौजूद पुलिसवालों ने दीपक सिंह को बचाया और वहां से ले गए। मारपीट-गाली गलौज का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
जंतर-मंतर अब नहीं रहा प्रदर्शन स्थल! गृह मंत्रालय ने किया डिनोटिफाई, अब यहां नहीं हो सकेगा धरना-प्रदर्शन; सरकार ने बताईं 3 नई जगहें, CJP ने यहीं 36 दिन तक दिया था धरना, जंतर-मंतर पर 33 साल से प्रदर्शन शुरू हुए!
दिल्ली में अब जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन नहीं हो सकेंगे। सरकार ने कमेटी की सिफारिशों के आधार पर इसे निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की लिस्ट से हटा दिया है। इसके स्थान पर रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली के CBD ग्राउंड को नए प्रदर्शन स्थलों के रूप में नामित किया गया है।
CJI जस्टिस सूर्यकांत ने राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं से मिलने की मांग ठुकराई, मल्लिकार्जुन खरगे ने पत्र लिखकर मांगा था मिलने का समय, CEC के इस्तीफे की मांग!
दरअसल, CJI सूर्यकांत ने रविवार को INDIA ब्लॉक के नेताओं से मिलने से इनकार कर दिया। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक CJI ने ईमेल के जरिए भेजे जवाब में मुलाकात से इनकार करने के कारण भी बताए हैं।
दरअसल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दिन में कहा था कि विपक्ष ने सोमवार शाम 4 से 5 बजे के बीच CJI से मिलने का समय मांगा था।
विपक्षी नेता चीफ जस्टिस से मिलकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करने वाले थे। इससे पहले 9 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों को डेलीगेशन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिला था।
इससे पहले विपक्षी सांसदों ने 6, 7, 8 और 9 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR के विरोध में प्रदर्शन किया था। इस दौरान तीन बार राहुल और प्रियंका गांधी को पुलिस ने हिरासत में भी लिया।
मुरादाबाद में भाजपा विधायक सुशांत सिंह के टॉर्चर का शिकार रामू कश्यप उत्तराखंड के काशीपुर हॉस्पिटल में मौत से जंग लड़ रहा है। उसकी हालत क्रिटिकल है। लेकिन मामले को दबाए रखने के लिए उसे दिल्ली के किसी बड़े हॉस्पिटल में भेजने से परहेज किया जा रहा है, क्योंकि विधायक को डर है कि दिल्ली जाने पर मामला उनकी पकड़ से दूर निकल सकता है।
दूसरी ओर सत्ताधारी दल के विधायक को बचाने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह बैकफुट पर नजर आ रहा है। घटना को 4 दिन बीतने के बाद भी पीड़ित परिवार की तहरीर पर आरोपी विधायक और उसके गुर्गों के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर तक दर्ज नहीं की है।
रामनगर में विधायक के महल से बमुश्किल 15 किमी की दूरी पर जिस प्राइवेट हॉस्पिटल में रामू का इलाज चल रहा है, उसे भी विधायक के गुर्गों ने कवर कर रखा है। हॉस्पिटल में रामू के आसपास हर किसी को एंट्री नहीं है। दूसरी ओर पीड़ित रामू के गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार विधायक की बेहरम पिटाई से रामू की हालत इस कदर बिगड़ चुकी है कि 4 दिन में चौथी बार उसका डायलसिस करना पड़ा है। उसे यूरिन नहीं आने की दिक्कत है। जिससे उसकी हालत को लेकर डॉक्टर भी गंभीर हैं। उसे हॉस्पिटल आईसीयू में रखा गया है।
रामू के परिवार का आरोप है कि रामू को उल्टा लटाकर बेल्ट और डंडों से पीटने के बाद भाजपा विधायक सुशांत सिंह ने उसके जख्मों पर नमक रगड़ा और उसके प्राइवेट पार्ट पर 10 से ज्यादा बार करंट दिया गया। जिसकी वजह से उसकी किडनी डैमेज हो गईं। पीड़ित परिवार का कहना है कि भाजपा विधायक सुशांत ने अपने रतूपुरा स्थित महल में रामू और अपने दो नौकरों को 4 दिनों तक बंधक बनाकर टॉर्चर किया।
इस दौरान पीड़ित परिवार अपने बेटों को छुड़ाने के लिए पुलिस से लेकर नेताओं की चौखट तक गुहार लगाते रहे लेकिन सत्ताधारी दल के विधायक से सवाल करने की हिम्मत कोई नहीं जुटा सका। पीड़ित परिवार ने विधायक के महल की चौखट पर भी रहम की गुहार लगाई लेकिन विधायक ने तीनों युवकों को तभी छोड़ा जब वे मरणांसन्न हालत में पहुंच गए और उनकी हालत देख पीड़ित परिवार व भीड़ बेकाबू होने लगी।
@Uppolice@moradabadpolice@myogiadityanath
सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद भी दिल्ली पुलिस की कार्रवाई जारी! पत्रकार श्याम मीरा सिंह को बेरहमी से घसीटकर बस में भरा, दिल्ली पुलिस ने आज पत्रकारों को टारगेट किया!
स्वतंत्र पत्रकार श्याम मीरा सिंह को दिल्ली पुलिस ने डिटेन कर लिया है। श्याम मीरा सिंह लगातार दिल्ली के प्रोटेस्ट साइट से रिपोर्टिंग कर रहे थे। आज कुछ समय पहले दिल्ली पुलिस ने उन्हें डिटेन किया।
इससे पहले पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा जी को भी बुरी तरह घसीटकर बस में डाल दिया गया था। कल वकीलों को भी डिटेन किया गया था। इससे पहले आज हर्ष यादव को परेशान किया गया, और PeeingHuman के रामित वर्मा को भी परेशान किया गया।ऽ
@ShyamMeeraSingh
@ayushputhiya https://t.co/A4Os391RqX ये खबर पढ़ लो...अगर ये गुंडे मार-पीट नहीं कर रहे थे तो इनको पुलिस ने क्यों अरेस्ट किया है। और उसमे साफ़ साफ़ लिखा है की मौजूद पत्रकार का दावा है....उड़ो नहीं ज़मीन पर रहो. निजाम बदलने वाला है. तुम्हारे अब्बा की भी फटी पड़ी है तो तुम्हारी फटना स्वाभाविक है.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी दिल्ली पुलिस की मनमानी! वरिष्ठ पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा के साथ बदसलूकी, सड़क पर घसीटा और जबरन उठाकर ले गई पुलिस; पत्रकारों को काम नहीं करने दिया जा रहा!
दरअसल, दिल्ली में प्रदर्शन की कवरेज के दौरान पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने और उनके साथ दुर्व्यवहार की कई रिपोर्टें सामने आई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी पत्रकारों के काम, नागरिकों की आवाजाही और हिरासत की कानूनी प्रक्रिया को लेकर निर्देश दिए हैं।
आपको बता दें, 11 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम निर्देश दिए। अदालत ने कहा कि पत्रकारों और वकीलों को अपना काम करने दिया जाए, लोगों की आवाजाही बाधित न हो और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को कानूनी प्रक्रिया के बिना हिरासत में न लिया जाए।
@PragyaLive
CM योगी के राज में प्राइवेट अस्पताल ‘दिनदहाड़े डाल रहे डकैती’! दवाई कंपनियों से भाजपा सरकार कर रही है कमीशनखोरी!
अस्पतालों में मरीजों को 74 रुपये का इंजेक्शन 4,980 रुपये में बेच रहे सफेदपोश, वसूल रहे 67 गुना ज्यादा दाम!
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साहब, यूपी में सत्य सनातनियों के रामराज में 72 रुपये का इंजेक्शन 4,980 रुपये में बेचा जा रहा है… यानी तय कीमत से 67 गुना अधिक।
मुख्यमंत्री जी, पूरे दिन माफिया औरंगजेब-बाबर करने से फुर्सत मिले तो जनता का खून चूस रही इस स्वास्थ्य व्यवस्था को भी देख लीजिए। अब्दुल को टाइट करते-करते भूल ही गए कि सनातनियों को भी इलाज की जरूरत पड़ती है… बाकी विभाग के मंत्री रबर स्टैंप हैं, बेचारे उनके हाथ में कुछ है ही नहीं, सिवाय ई-रिक्शा से रोजगार देने के।
@myogiadityanath@brajeshpathakup