कोई आड़ में कुछ नहीं कर रहा है। मैं कर रहा हूँ, मेरे जैसे लाखों लोग कर रहे हैं। आपको जितने वोट मिलते हैं उससे कई गुणा अधिक लोग। आरक्षण जिस रूप में है, उसको जाना ही होगा। वरना @narendramodi के ‘विकसित भारत’ की योजना केवल ‘दिवास्वप्न’ रह जाएगा।
आख़िर BJP को क्या हो गया है?
बिहार में हमारे छात्रों पर AK-47 से गोलियाँ चलाई गईं। क्या ये छात्र आतंकवादी हैं?
मैं मोदी-सम्राट को याद दिलाना चाहता हूँ- लोकनायक जयप्र���ाश नारायण के नेतृत्व में बिहार की धरती से नारा लगा था -
“सिंहासन ख़ाली करो की जनता आती है”
कृपया छात्रों से पंगा न लें।
आरक्षण पर चर्चा किसी भी पार्टी को असहज करेगी, और अब वही करना पड़ेगा। पटरी उखाड़ कर आरक्षित हो जाना, सामाजिक न्याय नहीं, राजनैतिक गिरोहबाज़ी है। अब जबकि प्रताड़ित वर्ग इस पर लामबंद हो रहा है, तो सत्ता के चाटुकारों को समस्या होने लगी है कि ये 'मूर्खता' है।
UGC, NEET, CBSE पर बोलना भी सबको मूर्खता और षड्यंत्र ही लग रहा ��ा, फिर एक भीड़ आई, आप पर थूका और आपको चाटना पड़ा। अंततः, हुआ वही जो हम आपको बता रहे थे।
अब आरक्षण पर भी एक संगठित, सघन और गंभीर चर्चा होगी। इसके चक्कर में चुनावों पर असर पड़ना चाहिए कि कौन इन विषयों पर चर्चा से भाग रहे हैं, कौन इसे नकार रहे हैं, और कौन एक ही श्वास में 'विकसित भारत' और निजी क्षेत्र में आरक्षण ढूँढ रहे हैं।
अब मुझे यह मैटर नहीं करता कि कौन सत्ता में है और किसको होना चाहिए, मैंने पिछले 7 महीनों में जो देखा और फिर गत शनिवार को जो हुआ, उस से में आश्वस्त हूँ कि बिखरा हुआ, बिका हुआ नैरेटिव काम नहीं आता। सत्ता में रहने या निकाले जाने की चिंता राजनैतिक दलों को होनी चाहिए, आम नागरिक को नहीं।
आरक्षण की पूर्ण समाप्ति लक्ष्य है, जो की संविधान का भी लक्ष्य है, तो हम तो वही कर रहे हैं जो संविधान निर्माताओं ने सोचा था। ठीक है, समय सीमा नहीं थी, पर OBC आरक्षण भी तो नहीं था? उस समय के वंचित-पीड़ित-शोषित यदि आज भी वंचित-पीड़ित-शोषित ही हैं, तो इस पर सर्वेक्षण होना चाहिए कि तथाकथित सामाजिक न्याय तक पहुँचने के लिए कोई और मार्ग है क्या?
मेरा उद्देश्य प्रथम चरण में चर्चा का है, सरकार से इस पर संसद में आँकड़े रखवाने का है कि किस जाति समूह कि किन जातियों ��ें कितनों को आरक्षण मिला, उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति क्या है, उन्हीं जाति समूहों में कौन ऐसे लोग हैं जो अभी तक घिसट कर जीने को विवश हैं?
सामान्य वर्ग के लोगों में कितने लोग आर्थिक रूप से विपन्न हैं, उनके लिए सरकार की क्या नीतियाँ हैं, उन्हें फॉर्म भरने से ले कर हॉस्टल और कोर्स की फीस में छूट क्यों नहीं है? यदि आरक्षण EWS से दिया है तो यह इतना घटिया रूप में क्यों है कि निर्धन सामान्य वर्ग का विद्यार्थी लोन चुकाने में ही जवानी खपा देता है?
इसके बाद, हर राजनैतिक व्यक्ति को, दल को हम चुनावों के समय पूछेंगे कि उन्हें सामान्य वर्ग वोट क्यों दे? उनका मेरिट को ले कर क्या स्टैंड है, विकसित भारत में मेरिट की कितनी जगह है और शिक्षा व्यवस्था में आरक्षण के कारण राष्ट्र को कब तक नकारात्मक दिशा में ले जाया जाता रहेगा?
यही आरम्भ है, और यदि आवश्यकता पड़ी तो हम और भी विकल्प देखेंगे। हमें इस से अब मतलब नहीं है कि कौन आ जाएगा तो क्या हो जाएगा, उसका लोड वो लें जिनकी विधायकी और सांसदी जाएगी। हमें अपने बच्चों और इस समाज की चिंता हैं। हम बस अपने हिस्से की चिंता कर रहे हैं।
Got 2nd rank among class , GATE rank 53 still missed by dream of getting into IIT MADRAS just due to General Category .
- IIT Kharagpur Alumini
#EndReservation
Finally Reservation topic is gaining momentum.
Time to demand some changes-
1. One Family One Reservation
2. One Time Reservation- use either for studies or jobs
3. Sunset Clause- Reservation should end after specific period
रेलवे ALP रिजल्ट 🔥🔥
मुकेश मीणा(ST)- 29 पास
मुकेश जाटव(SC)- 37 पास
मुकेश यादव (ओबीसी)- 30 पास
मुकेश तिवारी(जनरल) - 69 फैल
क्या यही है सामाजिक न्याय क्या इस तरह बनेगा हमारा देश विश्वगुरु?
TRAGIC & SHOCKING:
13-year-old Akshat Keshri was sent to a Rehab Center (Nasha Mukti Kendra) in Dabargram, Jasidih (Deoghar, Jharkhand) on July 17 after falling into bad company.
His family sought help to save his future, they promised a 3-month recovery course.
Just few days later (July 23), Akshat was found DEAD.
His body was covered in severe torture marks, brutal bruises, and electric shock injuries.
His family alleges he uncovered an illegal racket operating inside the facility and was silenced to keep him quiet.
When the family arrived, they found Akshat's body lying on the floor while local police were allegedly sitting and drinking tea with the center’s operator, Krishna Mukherjee.
The family demands an immediate CBI probe into the facility and the local administration!
Today it’s Akshat; tomorrow it could be someone else's child.
We demand immediate arrest, cancellation of the center’s license, and a fair investigation!
@HemantSorenJMM@DCDeoghar@DeogharPolice@JharkhandPolice@CBICentral@NCPCR_@NHRCIndia