काश राजस्थान में भाजपा की सरकार होती तो अभय राजपुरोहित जिंदा होता..!
काश ओटाराम देवासी विधायक या मंत्री होते तो अभय राजपुरोहित जिंदा होता..!
सिरोही जिले के कालंद्री थाने के आमलारी के अभय राजपुरोहित की हत्या इसलिए की गई क्योंकि घर के बाहर बनी नाली को पड़ोसियों ने बंद कर दिया था जिसका अभय ने विरोध किया..! आप सोचिए कि कानून व्यवस्था किस कदर चौपट हो चुकी हैं। गरीब परिवार का इकलौता कमाने वाला अभय राजपुरोहित था। जिसकी हत्या कर दी गई। संवेदनहीन पुलिस और मंत्री @otaramjidewasi ने हत्या की पैसों में बोलियां लगाई जो बेहद शर्मिदा करने वाला है। आखिर जिम्मेदार लोग इतने बेशरम कैसे हो सकते हैं। पूरे राजपुरोहित समाज में रोष व्याप्त हैं। आखिर कब तक इस तरह और कितने अभय की जान ली जाती रहेगी। स्थानीय ग्राम पंचायत और जिम्मेदार अधिकारियों के कार्यशैली संदेह के घेरे में हैं यदि समय रहते उचित कदम उठाते तो अभय राजपुरोहित के साथ अनहोनी घटना घटित नहीं होती।
माननीय मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी पूरे मामले की गहन जांच कर आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करवाएं और पीड़ित परिवार को पात्रता की दृष्टी से आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाएं। @SirohiPolice@RajPoliceHelp@arvindchotia@8PMnoCM@khurpenchh@lkantbhardwaj@hanumanbeniwal@DoliThansingh@PoliceRajasthan@Dmsirohi
राजस्थानी भाषा का विरोध मूल राजस्थानी लोग नहीं कर रहे हैं। राजस्थानी भाषा का विरोध वो ही लोग कर रहे हैं जो राजस्थान से बाहर से आकर बसे हुए हैं।
इन बाहरी लोगों ने भाषा के नाम पर नफरत फैलाना शुरू कर दिया है। राजस्थान के सभी लोगों से अनुरोध है कि इन बाहरी लोगों पर भरोसा नहीं करे।
@arvindchotia@RSRajput08 अंग्रेज 200 साल रहकर गए तब ये अंग्रेज नहीं बन पाए अब राजस्थानी भाषा पढ़ाने से इनके बच्चों के क्या नुकसान हो जाएगा जो इतने दुखी हुए बैठे है
@GOGARAMSAHARAN दिमाग में तो इतनी गालियां आती है ऐसे नमूनों के लिए कि क्या ही कहूं ।
कल मर जाएंगे लेकिन आपस में बिना बात के रोना धोना करना नहीं छोड़ेंगे ।
अधेड़ उम्र के जिनका अब पढ़ाई लिखाई से रत्ती भर का काम नहीं वो rr कर रहे है भाषा थोपने का ।अंग्रेज 200 साल रह गए पर कितनों को अंग्रेजी सिखा गए
@Honest_Cric_fan किसने बोला सीखने का ।
स्कूलों में संस्कृत , उर्दू , सिंधी , पंजाबी , गुजराती सब पढ़ाई जा रही है जिसका मन होगा पढ़ लेगा , जिसका नहीं होगा वो नहीं पढ़ेगा ।
अंग्रेजी और हिंदी स्कूल में पढ़ाई ही जाती है न कौनसा आप उसे अपने घर में माता पिता और बच्चों के साथ बोल रहे हो।
Logic lgao yr
@Siya7232 नहीं उन्होंने मसाला दिया है थोड़ा लोगो को टाइमपास करने के लिए ।
क्योंकि पिछली दो भर्तियों पर ज्यादा हाइप नहीं बनी थी। तो इसमें कुछ स्पेशल होना चाहिए था ।बाकी उनके पत्नी के साथ निजी संबंध के बारे में वे स्वयं ही बेहतर जानते है।
उनकी पत्नी से ज्यादा समस्या दूसरों को क्यों हो रही
फिर हम ही शिकायत करते है कि देश बहुत पीछे जा रहा है , भ्रष्टाचार बढ़ रहा है ।
हर किसी को सिर्फ इस आधार पर डिफेंड करोगे कि वह तुम्हारे वर्ग का है तो फिर आप इस देश के साथ हो रहे खिलवाड़ में सहयोगी ही लगोगे
राजस्थान की भाजपा सरकार द्वारा अनुसूचित जनजाति से सम्बन्ध रखने वालीं RAS अधिकारी सुश्री काजल मीणा को निलम्बित किया गया है।
RAS अधिकारी सुश्री काजल मीणा RAS 2024 में अनुसूचित जनजाति वर्ग में टॉपर थीं।
वर्तमान में RAS अधिकारी सुश्री काजल मीणा करौली एसडीएम के रूप में तैनात थीं और कुछ दिन पहले ही इनके ऊपर घूस लेने का आरोप लगा था।
कहीं ऐसा तो नहीं है कि अनुसूचित जनजाति वर्ग की RAS अधिकारी सुश्री काजल मीणा को फंसाने के लिए षणयंत्र रचा गया हो?